भारतीय भाषा समर कैंप 2026 — छुट्टियों के बाद भी चला सकते हैं स्कूल में, Aapbiti का Survey Form भरें
भारतीय भाषा समर कैंप 2026 शुरू हो चुका है। UP और उत्तराखंड में 25 मई के बाद छुट्टी, इसलिए शिक्षक इसे स्कूल गतिविधि की तरह करा सकते हैं। Aapbiti का Survey Form ज़रूर भरें।
भारतीय भाषा समर कैंप 2026 (BBSC-2026) आधिकारिक रूप से 13 मई 2026 से पूरे देश में शुरू हो चुका है। NCERT और शिक्षा मंत्रालय की इस महत्वपूर्ण पहल को लेकर हमने पहले एक विस्तृत लेख प्रकाशित किया था — भारतीय भाषा समर कैंप 2026 — पूरी जानकारी। अब इस लेख में हम बात करेंगे कि उत्तराखंड और UP के स्कूल इस कैंप को कब और कैसे करा सकते हैं, और साथ ही Aapbiti की तरफ से एक ज़रूरी Survey Form के बारे में भी बताएंगे जिसे सभी स्कूलों को ज़रूर भरना चाहिए।
UP और उत्तराखंड में गर्मी की छुट्टी — 25 मई से पड़ेगी
13 मई को कैंप की शुरुआत तो हो गई, लेकिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी 25 मई 2026 से शुरू होती है। यानी अभी लगभग दो हफ्ते स्कूल चलेंगे और इस दौरान शिक्षक चाहें तो कैंप की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन जो स्कूल अभी शुरू नहीं कर पाए, उनके लिए परेशान होने की कोई बात नहीं — क्योंकि यह कैंप छुट्टी के बाद भी उतनी ही आसानी से कराया जा सकता है।
NCERT की गाइडलाइन के अनुसार यह कैंप 7 दिन, रोज़ 2 घंटे यानी कुल 28 घंटे का है। अगर गर्मी की छुट्टी बीच में आ जाती है तो शिक्षक इसे छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर भी शुरू कर सकते हैं। इसे weekends में या स्कूल टाइम के बाद 1 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से 14 दिनों में भी पूरा किया जा सकता है। NCERT ने यह लचीलापन जानबूझकर रखा है ताकि कोई भी स्कूल इसे न छोड़े।
छुट्टी के बाद स्कूल गतिविधि की तरह कराएं यह कैंप
यह कैंप किसी बड़े आयोजन या खर्चे की मांग नहीं करता। इसे पूरी तरह एक नियमित स्कूल गतिविधि की तरह समझें — जैसे बैगलेस डे या स्पोर्ट्स डे। जब जून में स्कूल फिर खुले, तो पहले हफ्ते से ही कैंप की शुरुआत की जा सकती है। प्रधानाध्यापक किसी एक भाषा, कला या संगीत शिक्षक को नोडल जिम्मेदारी दे सकते हैं।
इस कैंप का खर्च Composite School Grant (CSG) और Samagra Shiksha के MMER मद से आता है। अलग से कोई बजट नहीं जुटाना है। बच्चों को न कोई परीक्षा देनी है, न कोई होमवर्क। सिर्फ 7 दिन — गाना, खेल, कहानी, रोलप्ले और चित्रकारी के ज़रिए एक नई भारतीय भाषा सीखनी है। और सातवें दिन NCERT की तरफ से Certificate of Participation भी मिलेगा — बच्चे और शिक्षक दोनों को।
ग्रामीण और शहरी — दोनों तरह के विद्यालय इसमें भाग ले सकते हैं। खासतौर पर ग्रामीण विद्यालयों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है क्योंकि शहरी बच्चों को तो cultural fests, language labs और co-curricular activities पहले से मिलती हैं — लेकिन गाँव के बच्चे अक्सर इस सब से वंचित रह जाते हैं। यह कैंप उस अंतर को पाटने का एक सीधा तरीका है।
Aapbiti का Summer Camp Survey Form — सभी स्कूल ज़रूर भरें
Aapbiti News की तरफ से हम यह जानना चाहते हैं कि उत्तराखंड और आसपास के स्कूलों में कितने बच्चे इस कैंप में भाग लेंगे और इस राष्ट्रीय पहल का जमीनी असर क्या रहा। इसके लिए हमने एक Survey Form तैयार किया है जो पूरी तरह सरल और स्वैच्छिक है।
यह Survey Form बच्चों का कोई निजी डेटा नहीं मांगता। इसमें सिर्फ यह दर्ज किया जाएगा कि किस स्कूल से अनुमानित कितने बच्चे इस कैंप में शामिल होंगे या हुए। यह एक कैंप सर्वे है जिसका डेटा कैंप पूरा होने के बाद सीधे aapbiti.com पर एक रिपोर्ट के रूप में प्रकाशित किया जाएगा — ताकि यह दिखाया जा सके कि NCERT की इस पहल का असली ज़मीनी प्रभाव क्या रहा।
सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से अनुरोध है कि अपने स्कूल के विद्यार्थियों से यह Form भरवाएं। यह एक मिनट का काम है और इससे हम मिलकर यह दिखा सकते हैं कि ग्रामीण उत्तराखंड और UP के बच्चे भी इस राष्ट्रीय पहल में बराबर की भागीदारी कर रहे हैं।
? यहाँ क्लिक करें और Survey Form भरें — Aapbiti BBSC 2026 Survey
यह Survey क्यों जरूरी है?
NCERT का केंद्रीय डैशबोर्ड तो स्कूल-स्तरीय डेटा दर्ज करेगा, लेकिन ग्रामीण स्कूलों का यह डेटा कई बार ठीक से सामने नहीं आ पाता। Aapbiti का यह Survey इसीलिए बनाया गया है ताकि हम खुद देख सकें और अपने पाठकों को बता सकें —
- उत्तराखंड और UP के कितने ग्रामीण स्कूलों ने इस कैंप में भाग लिया।
- अनुमानित कितने बच्चे इस पहल से जुड़े।
- NCERT की यह योजना जमीन पर कितने स्कूलों तक पहुँची।
- शिक्षकों ने इसे किस रूप में — समर कैंप के रूप में या स्कूल गतिविधि के रूप में — आयोजित किया।
यह डेटा कैंप खत्म होने के बाद एक लेख के रूप में प्रकाशित किया जाएगा जिसमें स्कूलों की भागीदारी का चित्र सामने आएगा। किसी भी बच्चे का नाम, पता या कोई व्यक्तिगत जानकारी इसमें शामिल नहीं होगी — यह पूरी तरह एक aggregate survey report होगी।
शिक्षकों से — एक छोटी सी अपील
आप जानते हैं कि गाँव के बच्चे जब बड़े होकर किसी दूसरे राज्य में जाते हैं — नौकरी के लिए, पढ़ाई के लिए या किसी काम से — तो वहाँ की भाषा न समझ पाना उनके लिए एक बड़ी दिक्कत बन जाती है। दूसरे राज्य के लोगों से संवाद न कर पाना, उनकी संस्कृति न जानना — यह एक अदृश्य सामाजिक बाधा है। भारतीय भाषा समर कैंप इसी बाधा को हटाने की कोशिश है।
7 दिन, 2 घंटे रोज़ — इतना ही काफी है। बच्चे खुश रहेंगे, कुछ नया सीखेंगे और Certificate भी मिलेगा। छुट्टी के बाद जब स्कूल खुले, तो इसे पहली school activity की तरह कराएं। और Aapbiti का Survey Form ज़रूर भरें ताकि आपके स्कूल की भागीदारी दर्ज हो और इस रिपोर्ट में आपके विद्यालय का योगदान सामने आए।
Survey Form Link — Aapbiti BBSC 2026 School Participation Survey
भारतीय भाषा समर कैंप के बारे में विस्तृत जानकारी — कैंप का पूरा 7 दिन का कार्यक्रम, बजट प्रावधान, सर्टिफिकेट प्रक्रिया और FAQ — इस लेख में पढ़ें: भारतीय भाषा समर कैंप 2026 — NCERT पूरी गाइडलाइन
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