गणित मंजरी कक्षा 9 अध्याय 7 — प्रायिकता सम्पूर्ण हल

गणित मंजरी कक्षा 9 अध्याय 7 प्रायिकता के सभी अभ्यासों का सम्पूर्ण हल — यादृच्छिकता, प्रायोगिक व सैद्धांतिक प्रायिकता, प्रतिदर्श समष्टि, वृक्ष आरेख और Gambler's Fallacy सहित। SCERT Uttarakhand Class 9 Maths Chapter 7.

May 7, 2026 - 22:34
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गणित मंजरी कक्षा 9 अध्याय 7 — प्रायिकता सम्पूर्ण हल
Probability Chapter 7 feature image – Class 9 Ganit Manjari showing probability scale, formula P(A)=n(A)/n(S), and key concepts.

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गणित मंजरी कक्षा 9 — अध्याय 7
शायद का गणित: प्रायिकता का परिचय
यादृच्छिकता, प्रायिकता पैमाना, प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक प्रायिकता, प्रतिदर्श समष्टि, घटनाएं, वृक्ष आरेख, जुआरी की भूल (Gambler's Fallacy)

इस अध्याय को कैसे पढ़ें? प्रायिकता का यह अध्याय रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है। पहले Section 7.1 से 7.2 पढ़ें — अवधारणा समझें। फिर अभ्यास सेट हल करें। वृक्ष आरेख वाले प्रश्न थोड़े कठिन लग सकते हैं — उन्हें कागज पर खींचकर करें। कोई प्रश्न न समझे तो नीचे Comment में पूछें।

7.1 प्रायिकता क्या है? — अनिश्चितता का विज्ञान

प्रायिकता (Probability) एक प्रकार का मापन है — ठीक वैसे जैसे हम लंबाई, क्षेत्रफल या आयतन मापते हैं। लेकिन यहाँ हम भौतिक राशियों के बजाय घटनाओं की संभावना मापते हैं। यह बताता है कि हम किसी घटना के घटित होने के बारे में कितने आश्वस्त हैं।

उदाहरण के लिए, आप अपने मित्र से पूछ सकते हैं: क्या आज बारिश होगी? क्या हमारा विद्यालय कल अंतर-विद्यालय हॉकी मैच जीतेगा? क्या मुझे मासिक लकी ड्रॉ में चुना जाएगा?

ये सभी यादृच्छिक घटनाएं (Random Events) हैं। हम संभावित परिणाम जानते हैं, परंतु पहले से नहीं जानते कि कौन सा परिणाम निश्चित रूप से होगा। इसमें संयोग (chance) या यादृच्छिकता (randomness) का तत्व होता है।

इन प्रश्नों का उत्तर असंभव या निश्चित, या कम संभावना, अधिक संभावना, समान संभावना जैसे शब्दों से दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक मित्र कहे — "धूप तेज है, इसलिए बारिश की संभावना कम है" — यह व्यक्तिपरक प्रायिकता (Subjective Probability) है।

मुख्य विचार: प्रायिकता अनिश्चितता से संबंधित है। हमारे जटिल समाज में ऐसे अनेक प्रश्न हैं जिनका कोई निश्चित उत्तर नहीं बल्कि एक या अधिक संभावनाएं होती हैं। इसलिए घटनाओं की प्रायिकता का वस्तुनिष्ठ (objective) अनुमान लगाना जीवन के अनेक पहलुओं में महत्वपूर्ण है।

7.1.1 यादृच्छिकता क्या है? (What is Randomness?)

यादृच्छिकता (Randomness) एक ऐसी स्थिति या क्रिया को कहते हैं (जैसे सिक्का उछालना या पासा फेंकना) जिसमें आप ठीक-ठीक नहीं बता सकते कि क्या होगा। यद्यपि आप सभी संभावित परिणाम जानते हैं, फिर भी आप नहीं जानते कि कौन सा निश्चित रूप से आएगा।

यादृच्छिकता के उदाहरण:
सिक्का उछालना: आप जानते हैं कि चित (Heads) या पट (Tails) आ सकता है, लेकिन एकल उछाल में निश्चित नहीं जानते।
पासा फेंकना: आप जानते हैं कि 1, 2, 3, 4, 5 या 6 आ सकता है, लेकिन किसी विशेष फेंक में कौन सा आएगा, नहीं जानते।
लकी ड्रॉ: हर विद्यार्थी को समान अवसर है, परंतु परिणाम पहले से नहीं जाना जा सकता।

यादृच्छिक प्रयोग की परिभाषा: एक यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment) वह है जिसे आप दोहरा सकते हैं (जैसे सिक्का उछालना), जहाँ हर बार परिणाम भिन्न हो सकता है और परिणाम पहले से नहीं जाना जा सकता।

सोचें और विचार करें — क्रिकेट में टॉस: क्रिकेट मैच में यह तय करने के लिए कि कौन सी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, सिक्का उछाला जाता है। यह एक उचित (fair) तरीका क्यों माना जाता है? क्योंकि सिक्के के दोनों ओर आने की प्रायिकता बराबर (1/2) होती है। कोई भी पक्ष दूसरे से अधिक अनुकूल नहीं है — इसीलिए यह पूर्णतः निष्पक्ष विधि है।

बारिश यादृच्छिक क्यों है? बारिश अनेक जटिल वायुमंडलीय कारकों (तापमान, आर्द्रता, वायुदाब, पवन प्रतिरूप) पर निर्भर करती है और इन कारकों के प्रति इतनी संवेदनशील है कि इसे पूर्ण निश्चितता से नहीं बताया जा सकता। हालांकि, आँकड़ों के आधार पर विभिन्न स्थानों में बारिश की संभावना का अनुमान लगाया जा सकता है।

7.1.2 प्रायिकता पैमाना (The Probability Scale)

प्रायिकता को 0 से 1 के पैमाने पर मापा जाता है ताकि किसी घटना के घटित होने की संभावना व्यक्त की जा सके।

प्रायिकता पैमाने की व्याख्या:
P = 0 (असंभव): घटना कभी घटित नहीं हो सकती। जैसे — बिना खेले जीतना।
P = 0.25 (कम संभावना): घटना घटित हो सकती है लेकिन इसकी संभावना कम है।
P = 0.5 (समान संभावना): घटना के घटित होने और न होने की संभावना बराबर है। जैसे — सिक्का उछालने पर चित आना।
P = 0.75 (अधिक संभावना): घटना के घटित होने की संभावना अधिक है।
P = 1 (निश्चित): घटना अवश्य घटित होगी। जैसे — सूरज का पूर्व में उगना।

6 कार्डों का उदाहरण — बैंगनी और हरे कार्ड:
6 कार्डों की गड्डी में बैंगनी और हरे कार्ड हैं। बैंगनी कार्ड चुनने की प्रायिकता:
• 0 बैंगनी कार्ड → P = 0/6 = 0 (असंभव)
• 2 बैंगनी कार्ड → P = 2/6 = 1/3 ≈ 0.33 (कम संभावना)
• 3 बैंगनी कार्ड → P = 3/6 = 1/2 = 0.5 (समान संभावना)
• 5 बैंगनी कार्ड → P = 5/6 ≈ 0.83 (अधिक संभावना)
• 6 बैंगनी कार्ड → P = 6/6 = 1 (निश्चित)

घटना अर्थ प्रायिकता
पासे पर 6 से अधिक संख्या असंभव: पासे पर 1-6 ही होते हैं 0
पासे पर 3 आना कम संभावना: 1 फलक पर 3 है 1/6 ≈ 0.17
सिक्के पर चित आना समान संभावना: चित और पट बराबर 1/2 = 0.5
52 पत्तों में से 2-10 वाला पत्ता अधिक संभावना: 36 पत्तों पर 2-10 हैं 36/52 ≈ 0.69
सभी लाल मिठाइयों में से लाल चुनना निश्चित: सभी मिठाइयाँ लाल हैं 1

अभ्यास सेट 7.1 — हल सहित

प्र. 1: निम्नलिखित घटनाओं को 0 (असंभव) से 1 (निश्चित) के पैमाने पर रखें:

(i) अगला सोमवार रविवार के बाद आएगा।
प्रायिकता = 1 (निश्चित) — यह कैलेंडर का नियम है, सदा सत्य।

(ii) जुलाई में मुंबई में बर्फ गिरेगी।
प्रायिकता = 0 (असंभव) — मुंबई उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में है; यहाँ कभी बर्फ नहीं गिरती।

(iii) आज एक हाथी आपकी कक्षा में चलकर आएगा।
प्रायिकता ≈ 0 (असंभव के निकट) — यह सैद्धांतिक रूप से असंभव नहीं, किंतु व्यावहारिक रूप से अत्यंत असंभावित।

(iv) आप कल विद्यालय में कम से कम एक मित्र से मिलेंगे।
प्रायिकता = 1 के निकट (निश्चित के निकट)।

7.2 प्रायिकता को वस्तुनिष्ठ रूप से मापना

प्रायिकता का वस्तुनिष्ठ अनुमान लगाने के दो प्रमुख तरीके हैं:

1. प्रायोगिक प्रायिकता (Experimental Probability): प्रयोग को अनेक बार करके या पिछले अवलोकनों के सांख्यिकीय आँकड़ों का विश्लेषण करके।

2. सैद्धांतिक प्रायिकता (Theoretical Probability): यह मानते हुए कि सभी संभावित परिणाम समान रूप से संभावित (equally likely) हैं।

7.2.1 प्रायोगिक प्रायिकता — प्रयोग करके

किसी प्रयोग में परिणाम को आउटकम (Outcome) कहते हैं। किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों के समुच्चय को प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) कहते हैं।

प्रायोगिक प्रायिकता का सूत्र:
प्रायोगिक प्रायिकता = घटना घटित होने की संख्या / कुल परीक्षणों की संख्या

उदाहरण 1: प्रतिदर्श समष्टि के उदाहरण:
सिक्का उछालना: S = {H, T}, n(S) = 2
पासा फेंकना: S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, n(S) = 6

उदाहरण 2: पासा 50 बार फेंकने पर 4 ठीक 8 बार आता है।
4 की प्रायोगिक प्रायिकता = 8/50 = 0.16 या 16%
सापेक्ष आवृत्ति (Relative Frequency) भी 8/50 = 0.16 है। यह वास्तविक डेटा पर आधारित प्रायिकता समझने में सहायक है।

क्या आप जानते हैं? — साँप-सीढ़ी का इतिहास: साँप-सीढ़ी का खेल प्राचीन भारत से उत्पन्न हुआ है। यह ज्ञान-चौपड़ नामक पारंपरिक पासे के खेल से विकसित हुआ। प्रत्येक सीढ़ी एक सद्गुण का और प्रत्येक साँप एक दुर्गुण का प्रतीक था। यह खेल अच्छे और बुरे व्यवहार के परिणाम सिखाता था।

7.2.2 सैद्धांतिक प्रायिकता (Theoretical Probability)

सैद्धांतिक प्रायिकता में सभी संभावित परिणामों के समान रूप से संभावित (equally likely) होने की मान्यता होती है।

सैद्धांतिक प्रायिकता का सूत्र:
P(A) = अनुकूल परिणामों की संख्या / संभावित परिणामों की कुल संख्या

उदाहरण 3: 6-फलकीय पासे पर 4 आने की प्रायिकता?
अनुकूल परिणाम = 1 (केवल 4); कुल संभावित = 6
P(4 आना) = 1/6 ≈ 0.167 या 16.7%

उदाहरण 4: 'PROBABILITY' शब्द से यादृच्छिक रूप से एक अक्षर चुना जाए। B आने की प्रायिकता?
PROBABILITY = 11 अक्षर; B की संख्या = 2
P(B) = 2/11 ≈ 0.182 या 18.2%

7.2.3 सांख्यिकीय आँकड़ों का उपयोग करके प्रायिकता

उदाहरण 5: 50 विद्यार्थियों के पसंदीदा फल — 20 आम, 15 सेब, 10 केला, 5 अंगूर।
आम की प्रायिकता: P(आम) = 20/50 = 0.4 या 40%
पूरे विद्यालय के 1500 विद्यार्थियों के लिए: आम के लिए आवश्यक संख्या = 0.4 × 1500 = 600 आम
जनसंख्या (Population): 1500 विद्यार्थी | प्रतिदर्श (Sample): 50 विद्यार्थी

आधार प्रायोगिक प्रायिकता सैद्धांतिक प्रायिकता
आधार वास्तविक प्रयोग/अवलोकन तार्किक कारण/मान्यता
मान्यता कोई विशेष मान्यता नहीं सभी परिणाम समान रूप से संभावित
उपयोग वास्तविक डेटा विश्लेषण आदर्श स्थिति में पूर्वानुमान
संबंध बड़ी संख्या के नियम (Law of Large Numbers): परीक्षण बढ़ने पर प्रायोगिक → सैद्धांतिक

जुआरी की भूल (Gambler's Fallacy): बहुत से लोग सोचते हैं कि यदि कोई यादृच्छिक घटना लगातार कई बार हो (जैसे सिक्के पर 6 बार चित), तो अगली बार विपरीत (पट) आने की संभावना अधिक है। यह गलत है!

सिक्के को याद नहीं रहता कि पहले क्या हुआ। हर बार चित या पट की प्रायिकता 1/2 ही रहती है — चाहे पहले कितनी भी बार चित आया हो। इसी भूल को Gambler's Fallacy कहते हैं।

उदाहरण 6 (साँप-सीढ़ी): यदि आपने पासे पर लगातार तीन बार 6 पाया और सोचते हैं कि अब 6 नहीं आएगा — यह Gambler's Fallacy है। P(6) = 1/6 ≈ 0.166 हमेशा।

मुख्य विचार: यादृच्छिकता की कोई स्मृति नहीं होती (Randomness has no memory)।

निष्पक्ष और अनभिनत (Fair and Unbiased): जब हम सिक्के की बात करते हैं, हम मानते हैं कि वह 'निष्पक्ष (fair)' है — अर्थात् यह सममित है और किसी एक ओर अधिक झुकता नहीं। इसे 'अनभिनत (unbiased)' कहते हैं।

अभ्यास सेट 7.2 — विस्तृत हल

प्र. 1: एक थैले में 30 मिठाइयों का नमूना — 10 लाल, 8 हरी, 7 पीली, 5 नीली
(i) हरी मिठाई की प्रायिकता: P(हरी) = 8/30 = 4/15 ≈ 0.267 या 26.7%
(ii) 600 मिठाइयों में पीली का अनुमान: P(पीली) = 7/30 → 7/30 × 600 = 140 पीली मिठाइयाँ

प्र. 2: 40 विद्यार्थियों का सर्वेक्षण — 14 विज्ञान, 11 कला, 9 खेल, 6 वाद-विवाद
(i) कला क्लब की प्रायिकता: P(कला) = 11/40 = 0.275 या 27.5%
(ii) 800 विद्यार्थियों में खेल क्लब: 9/40 × 800 = 180 विद्यार्थी

प्र. 3: सिक्का 20 बार उछालना:
(i) प्रायोगिक P(चित) = (चित की संख्या)/20 — यह प्रत्येक बार भिन्न होगा
(ii) सैद्धांतिक P(पट) = 1/2 = 0.5 — यह हमेशा 1/2 रहता है, चाहे पहले क्या भी हुआ हो।

प्र. 4: कागज का कप 100 बार उछालना (मान लें: नीचे = 45, ऊपर = 20, किनारे = 35):
P(नीचे) = 0.45; P(ऊपर) = 0.20; P(किनारे) = 0.35
जाँच: 0.45 + 0.20 + 0.35 = 1.00 ✓

प्र. 5: 6-फलकीय पासे पर सम संख्या:
सम = {2, 4, 6} → P(सम) = 3/6 = 1/2 = 0.5 या 50%

प्र. 6: पासा 12 बार फेंकने पर '3' तीन बार आया।
(i) प्रायोगिक P(3) = 3/12 = 1/4 = 0.25 या 25%
(ii) सैद्धांतिक P(3) = 1/6 ≈ 0.167 या 16.7%
(iii) ये भिन्न हैं क्योंकि परीक्षणों की संख्या कम है। परीक्षण बढ़ने पर:
• 60 बार → P ≈ 10/60 = 1/6
• 600 बार → P ≈ 100/600 = 1/6
• 6000 बार → P लगभग बिल्कुल 1/6 → बड़ी संख्या का नियम!

7.3 प्रायिकता के तत्व: प्रतिदर्श समष्टि और घटनाएं

7.3.1 प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space)

प्रतिदर्श समष्टि (S): यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों की सूची।
• S में हर संभावित परिणाम होना चाहिए (कोई छूटे नहीं)।
• कोई परिणाम एक से अधिक बार न हो।
• S के तत्वों की संख्या को प्रतिदर्श आकार n(S) कहते हैं।

प्रतिदर्श समष्टि के उदाहरण:
1. बारिश: S = {बारिश, बारिश नहीं}, n(S) = 2
2. मैच परिणाम: S = {जीत, हार, बराबरी}, n(S) = 3
3. सिक्का उछालना: S = {H, T}, n(S) = 2
4. पासा फेंकना: S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, n(S) = 6
5. दो सिक्के एक साथ: S = {HH, HT, TH, TT}, n(S) = 4

विशेष ध्यान: HT और TH अलग-अलग परिणाम हैं! पहले सिक्के पर H + दूसरे पर T ≠ पहले पर T + दूसरे पर H।

सोचें और विचार करें: जब हमने {बारिश, बारिश नहीं} लिया, तो हमने केवल यह जानना चाहा कि बारिश होगी या नहीं। लेकिन यदि हम बारिश की मात्रा जानना चाहें, तो S = {बारिश नहीं, बूंदाबांदी, हल्की बारिश, भारी बारिश} होगा। प्रतिदर्श समष्टि प्रश्न के अनुसार पर्याप्त विस्तृत होनी चाहिए।

7.3.2 घटनाएं (Events)

एक घटना (Event) प्रतिदर्श समष्टि का कोई उपसमुच्चय (subset) है — अर्थात् यह एक या अधिक परिणामों का समूह है।

प्रतिदर्श समष्टि और घटनाओं के उदाहरण:

1. दो सिक्के उछालना: S = {HH, HT, TH, TT}; n(S) = 4
घटना E: 'कम से कम एक चित' = {HH, HT, TH}; P(E) = 3/4

2. 6-फलकीय पासा: S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}; n(S) = 6
घटना E: '4 से बड़ी संख्या' = {5, 6}; P(E) = 2/6 = 1/3

3. टोकरी से फल चुनना: S = {सेब, केला, संतरा}; n(S) = 3
घटना E: 'पीला फल' = {केला}; P(E) = 1/3

अभ्यास सेट 7.3 — विस्तृत हल

प्र. 1: एक 6-फलकीय पासा फेंकने पर प्रतिदर्श समष्टि में परिणामों की कुल संख्या?
S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} → n(S) = 6

प्र. 2: निम्नलिखित प्रयोगों के लिए प्रतिदर्श समष्टि S लिखें:

(i) पासा फेंकना और सिक्का उछालना एक साथ:
S = {(1,H), (1,T), (2,H), (2,T), (3,H), (3,T), (4,H), (4,T), (5,H), (5,T), (6,H), (6,T)}
n(S) = 12

(ii) –5 और +5 के बीच यादृच्छिक पूर्णांक:
S = {–5, –4, –3, –2, –1, 0, 1, 2, 3, 4, 5}; n(S) = 11

(iii) 5 हरी और 7 लाल गेंदों से एक गेंद निकालना:
S = {हरी, लाल}; P(हरी) = 5/12; P(लाल) = 7/12

प्र. 3: ग्राम मेले में — 3 खाद्य पदार्थ (समोसा, पकोड़ा, भजी) और 2 पेय (चाय, लस्सी)।
(i) S = {(समोसा,चाय), (समोसा,लस्सी), (पकोड़ा,चाय), (पकोड़ा,लस्सी), (भजी,चाय), (भजी,लस्सी)}; n(S) = 6
(ii) P(समोसा) = 2/6 = 1/3 ≈ 0.33

7.4 वृक्ष आरेख (Tree Diagrams)

एक वृक्ष आरेख (Tree Diagram) बहु-चरण प्रयोग के सभी संभावित परिणामों को सूचीबद्ध करने का दृश्यात्मक तरीका है। बहु-चरण प्रयोग में स्वतंत्र परीक्षणों की एक श्रृंखला होती है — जैसे सिक्का दो बार उछालना, पासा तीन बार फेंकना।

वृक्ष आरेख के उपयोग:
• बहु-चरण प्रयोगों को दृश्यात्मक रूप से समझना
• प्रतिदर्श समष्टि के सभी परिणाम सूचीबद्ध करना
• प्रत्येक शाखा पर प्रायिकता लिखना और संयुक्त प्रायिकता ज्ञात करना

उदाहरण 7: सिक्का दो बार उछालना
पहला उछाल H (1/2) → दूसरा H (1/2) → HH [P = 1/4]
पहला उछाल H (1/2) → दूसरा T (1/2) → HT [P = 1/4]
पहला उछाल T (1/2) → दूसरा H (1/2) → TH [P = 1/4]
पहला उछाल T (1/2) → दूसरा T (1/2) → TT [P = 1/4]

S = {HH, HT, TH, TT}, n(S) = 4
P(एक चित और एक पट) = P(HT) + P(TH) = 1/4 + 1/4 = 2/4 = 1/2 = 50%

अभ्यास सेट 7.4 — विस्तृत हल

प्र. 1: टोकरी A में 1 सेब और 2 संतरे; टोकरी B में 1 केला और 1 आम।

वृक्ष आरेख:
सेब (1/3) → केला (1/2) → (सेब, केला) [P = 1/6]
सेब (1/3) → आम (1/2) → (सेब, आम) [P = 1/6]
संतरा (2/3) → केला (1/2) → (संतरा, केला) [P = 2/6]
संतरा (2/3) → आम (1/2) → (संतरा, आम) [P = 2/6]

S = {(सेब,केला), (सेब,आम), (संतरा,केला), (संतरा,आम)}, n(S) = 4
P(सेब, केला) = 1/3 × 1/2 = 1/6 ≈ 0.167 या 16.7%

प्र. 2: डिब्बे में 3 लाल, 4 काली, 2 हरी कलम। आप एक कलम लें, वापस रखें; फिर मित्र लें।
P(लाल) = 3/9 = 1/3; P(काली) = 4/9; P(हरी) = 2/9

दोनों एक ही रंग की कलम:
P(R,R) + P(B,B) + P(G,G) = (3/9)² + (4/9)² + (2/9)²
= 9/81 + 16/81 + 4/81 = 29/81 ≈ 0.358 या 35.8%

अध्याय के अंत के प्रश्न — विस्तृत हल

प्र. 1: रिक्त स्थान भरें:
(i) असंभव घटना की प्रायिकता = 0
(ii) यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों के समुच्चय को प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) कहते हैं।
(iii) निश्चित घटना की प्रायिकता = 1
(iv) निष्पक्ष सिक्के पर चित आने की प्रायिकता = 1/2

प्र. 2: 50 विद्यार्थियों में 15 फुटबॉल पसंद करते हैं।
सापेक्ष आवृत्ति = 15/50 = 3/10 = 0.3

प्र. 3: समान रूप से संभावित परिणाम वाले प्रयोग:
(i) कार स्टार्ट होना → नहीं (यांत्रिक स्थिति पर निर्भर)
(ii) निष्पक्ष सिक्का → हाँ (P = 1/2)
(iii) निष्पक्ष पासा → हाँ (P = 1/6)
(iv) 3 लाल + 7 नीली गोलियाँ → नहीं
(v) लड़का या लड़की → लगभग हाँ (P ≈ 1/2)

प्र. 4: प्रतिदर्श समष्टि और प्रायिकता:

(i) दो सिक्के — कम से कम एक चित:
S = {HH, HT, TH, TT}; E = {HH, HT, TH}; P = 3/4 = 0.75 या 75%

(ii) 1-10 अंकित कार्डों में सम संख्या:
सम = {2,4,6,8,10}; P = 5/10 = 1/2 = 50%

(iii) पासे पर 4 से बड़ी संख्या:
E = {5, 6}; P = 2/6 = 1/3 ≈ 33.3%

(iv) 3 लाल, 2 नीली, 1 हरी गेंद — लाल नहीं:
लाल नहीं = 3; P = 3/6 = 1/2 = 50%

(v) तीन सिक्के — ठीक दो चित:
S = {HHH, HHT, HTH, THH, HTT, THT, TTH, TTT}; ठीक दो चित = {HHT, HTH, THH}
P = 3/8 = 0.375 या 37.5%

प्र. 5: थैले में 3 टॉफियाँ — स्ट्रॉबेरी, नींबू, पुदीना।
P(स्ट्रॉबेरी) = 1/3 ≈ 0.333 या 33.3%

प्र. 6: 2 कमीजें (लाल, नीली) और 3 पतलूनें (जींस, खाकी, शॉर्ट्स):

कमीज पतलून संयोजन
लाल जींस लाल + जींस
लाल खाकी लाल + खाकी
लाल शॉर्ट्स लाल + शॉर्ट्स
नीली जींस नीली + जींस
नीली खाकी नीली + खाकी
नीली शॉर्ट्स नीली + शॉर्ट्स

कुल संयोजन = 2 × 3 = 6

प्र. 7: 1000 टायरों का जीवनकाल डेटा:

दूरी (किमी) <4000 4001–9000 9001–14000 >14000
केस 20 210 325 445

(i) P(<4000 किमी) = 20/1000 = 0.02 या 2%
(ii) P(4000–14000 किमी) = 535/1000 = 0.535 या 53.5%
(iii) P(>14000 किमी) = 445/1000 = 0.445 या 44.5%
जाँच: 0.02 + 0.535 + 0.445 = 1.00 ✓

प्र. 8: 'PEACE' के अक्षर — P, E, A, C, E (5 कार्ड)
(i) P, E या C: अनुकूल = 4; P = 4/5 = 0.8 या 80%
(ii) E न होने की: {P, A, C} → 3; P = 3/5 = 0.6 या 60%

*प्र. 9: घूमने वाला तीर — 1 से 8 तक; n(S) = 8
(i) P(8) = 1/8 = 12.5%
(ii) P(विषम) = 4/8 = 1/2 = 50%
(iii) P(2 से बड़ी) = 6/8 = 3/4 = 75%
(iv) P(9 से कम) = 8/8 = 1 (निश्चित)
(v) P(3 के गुणज) = 2/8 = 1/4 = 25%

*प्र. 10: 4 लाल (R) और 5 नीली (B) गेंद — बिना वापस रखे दो।
P(R,R) = 4/9 × 3/8 = 12/72 = 1/6
P(R,B) = 4/9 × 5/8 = 20/72 = 5/18
P(B,R) = 5/9 × 4/8 = 20/72 = 5/18
P(B,B) = 5/9 × 4/8 = 20/72 = 5/18
(i) P(पहले लाल, फिर नीली) = 5/18 ≈ 27.8%
(ii) P(दोनों नीली) = 5/18 ≈ 27.8%
जाँच: 12/72 + 20/72 + 20/72 + 20/72 = 72/72 = 1 ✓

*प्र. 11: दो पासे फेंकना।
P = 0: दोनों का योग = 1 (न्यूनतम योग = 2, अतः असंभव)
P = 1: दोनों का योग 2 से 12 के बीच होगा (निश्चित)

*प्र. 12 (चुनिंदा):

(i) दो पासे — योग 5 से बड़ी अभाज्य संख्या {7, 11}:
योग 7 = 6 तरीके; योग 11 = 2 तरीके; P = 8/36 = 2/9 ≈ 22.2%

(ii) 4 लाल, 3 हरी, 2 नीली — बिना वापस रखे दो; अलग रंग:
n(S) = 72; एक ही रंग = 12+6+2 = 20; अलग = 52
P = 52/72 = 13/18 ≈ 72.2%

(iii) तीन सिक्के — पहला चित और ठीक दो चित:
{HHT, HTH} → P = 2/8 = 1/4 = 25%

(iv) 1,2,3,4 से बिना दोहराव के 4-अंकीय सम संख्या:
अंतिम अंक 2 या 4 → 6+6 = 12 सम; P = 12/24 = 1/2 = 50%

(v) 3 प्रश्न, 4 विकल्प — अनुमान से ठीक 2 सही:
P = 3 × (1/4)² × (3/4) = 9/64 ≈ 0.141 या 14.1%

*प्र. 13: 4 गेंदें (1,2,3,4) — दो बार निकालना:
(i) वापस रखकर: n(S) = 4 × 4 = 16
(ii) बिना वापस रखे: n(S) = 4 × 3 = 12

*प्र. 14: सिक्का + 1-6 कार्ड: n(S) = 2 × 6 = 12

*प्र. 15: तीन सिक्के — चितों की संख्या:
(i) {1,2,3} — अमान्य (TTT = 0 चित छूटी)
(ii) {0,1,2} — अमान्य (HHH = 3 चित छूटी)
(iii) {0,1,2,3,4} — अमान्य (4 चित असंभव)
(iv) {0,1,2,3} — ✓ सही प्रतिदर्श समष्टि!

*प्र. 16: 3m × 2m आयत में 1m व्यास का वृत्त:
आयत का क्षेत्रफल = 6 वर्ग मीटर; वृत्त = π × (0.5)² = π/4 ≈ 0.785 वर्ग मीटर
P(वृत्त के अंदर) = π/24 ≈ 0.131 या 13.1%

अध्याय सारांश — Chapter 7

  • प्रायिकता: घटनाओं की संभावना का मापन। 0 ≤ P(E) ≤ 1. P = 0 → असंभव; P = 1 → निश्चित।
  • यादृच्छिकता: ऐसी स्थिति जहाँ सभी संभावित परिणाम ज्ञात हों किंतु कोई एक परिणाम पहले से नहीं बताया जा सके। यादृच्छिकता की कोई स्मृति नहीं होती।
  • प्रायोगिक प्रायिकता: P = (घटना घटित संख्या)/(कुल परीक्षण)।
  • सैद्धांतिक प्रायिकता: P(A) = (अनुकूल परिणाम)/(कुल संभावित परिणाम)।
  • बड़ी संख्या का नियम: परीक्षण बढ़ने पर प्रायोगिक प्रायिकता सैद्धांतिक प्रायिकता के निकट आती है।
  • प्रतिदर्श समष्टि (S): यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समुच्चय।
  • घटना (Event): प्रतिदर्श समष्टि का उपसमुच्चय। P(E) = n(E)/n(S)।
  • वृक्ष आरेख: बहु-चरण प्रयोगों के सभी परिणाम दर्शाने की दृश्यात्मक विधि।
  • जुआरी की भूल (Gambler's Fallacy): यह गलत धारणा कि पिछले यादृच्छिक परिणाम भविष्य को प्रभावित करते हैं।

महत्वपूर्ण सूत्र — एक दृष्टि में:
प्रायोगिक P = (घटना) / (कुल परीक्षण) | सैद्धांतिक P(A) = n(A)/n(S)
दो सिक्के: n(S) = 4 | तीन सिक्के: n(S) = 8 | दो पासे: n(S) = 36
वापस रखकर दो गेंद (कुल n से): n(S) = n² | बिना वापस रखे: n(S) = n(n–1)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: प्रायोगिक और सैद्धांतिक प्रायिकता में क्या अंतर है?
उत्तर: सैद्धांतिक प्रायिकता गणित से निकाली जाती है — जैसे सिक्के पर चित = 1/2। प्रायोगिक प्रायिकता असली प्रयोग से निकलती है — 100 बार सिक्का उछालें और 48 बार चित आए तो P = 48/100 = 0.48। दोनों का अंतर तब कम होता है जब प्रयोग बहुत बार (हजारों बार) किया जाए।

प्रश्न 2: Gambler's Fallacy समझ नहीं आई।
उत्तर: मान लीजिए सिक्का 5 बार उछाला और हर बार चित आया। अब आप सोचते हैं — "अब तो पट आएगा!" लेकिन सिक्के को यह नहीं पता कि पहले क्या आया। 6वीं बार भी P(चित) = 1/2 और P(पट) = 1/2। पिछले परिणाम अगले को प्रभावित नहीं करते।

प्रश्न 3: वृक्ष आरेख में प्रायिकता कैसे गुणा करते हैं?
उत्तर: हर शाखा की प्रायिकता आगे गुणा होती है। जैसे सिक्का दो बार: P(HH) = P(H) × P(H) = 1/2 × 1/2 = 1/4। यह नियम तब लागू होता है जब दोनों घटनाएं स्वतंत्र हों — एक का परिणाम दूसरे को प्रभावित न करे।

प्रश्न 4: HT और TH को अलग क्यों मानते हैं?
उत्तर: क्योंकि दो सिक्के अलग-अलग हैं। पहला सिक्का H और दूसरा T — यह अलग स्थिति है, बजाय पहला T और दूसरा H के। यदि हम HT = TH मानें तो प्रायिकता गलत निकलती है। इसीलिए S = {HH, HT, TH, TT} = 4 परिणाम, न कि 3।

प्रश्न 5: 'वापस रखकर' और 'बिना वापस रखे' में क्या फर्क है?
उत्तर: वापस रखकर — हर बार उतने ही विकल्प होते हैं। n(S) = n × n = n²। बिना वापस रखे — एक निकालने के बाद एक कम बचती है। n(S) = n × (n–1)। जैसे 4 गेंदों से दो बार: वापस रखकर = 16 परिणाम; बिना रखे = 12 परिणाम।

कोई प्रश्न समझ नहीं आया? चाहे वृक्ष आरेख हो, Gambler's Fallacy हो, या अभ्यास सेट का कोई भी प्रश्न — नीचे Comment में लिखें, अपनी कक्षा और प्रश्न नंबर बताएं। Aapbiti पर हर सवाल का जवाब सरल भाषा में दिया जाएगा।

Shakti Rao Mani Shakti Rao Mani शिक्षा नीति, सरकारी योजनाओं और उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा तंत्र पर विशेष रूप से लिखते हैं। Aapbiti के Education Unit से जुड़े हैं और अभिभावकों व छात्रों तक सटीक एवं उपयोगी जानकारी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।