SPS पब्लिक स्कूल भोगपुर का शानदार CBSE 10वीं परिणाम 2026: एकता शर्मा ने 96% के साथ किया टॉप
हरिद्वार के SPS पब्लिक स्कूल भोगपुर ने CBSE कक्षा 10 बोर्ड परिणाम 2026 में शानदार परचम लहराया है। एकता शर्मा ने 96% और श्वेता ने 91% अंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। सभी छात्रों का पूरा रिजल्ट यहाँ देखें।
उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस ज़रूरत है तो सही मार्गदर्शन और एक मज़बूत मंच की। कुछ ख़बरें ऐसी होती हैं जो केवल समाचार के पन्नों तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे एक पूरे गाँव की अथक मेहनत और एक विद्यालय की सच्ची लगन की जीवंत कहानी होती हैं। हरिद्वार जिले के भोगपुर क्षेत्र में स्थित एसपीएस पब्लिक स्कूल (SPS Public School) ने इस बार सीबीएसई (CBSE) कक्षा 10 के बोर्ड परिणामों में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है।
जब बोर्ड के नतीजे घोषित हुए, तो भोगपुर क्षेत्र में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय के मेधावी छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत हो, तो ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपनी चमक बिखेर सकते हैं। इस लेख में हम न केवल स्कूल के टॉपर्स की बात करेंगे, बल्कि उस सफलता के मंत्र (Success Formula) पर भी चर्चा करेंगे जिसने इन बच्चों को इस मुकाम तक पहुँचाया।
एकता शर्मा — 96% अंकों के साथ पूरे क्षेत्र में लहराया परचम
इस वर्ष की सफलता की सूची में सबसे पहला और सबसे चमकदार नाम एकता शर्मा का है। श्री मुकेश शर्मा की सुपुत्री और टांडा भागमल की निवासी एकता ने कक्षा 10 की परीक्षा में 96% अंक प्राप्त कर न केवल अपने स्कूल, बल्कि पूरे हरिद्वार जनपद का नाम रोशन किया है।

एकता की यह सफलता उन सभी लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं। टांडा भागमल जैसे छोटे से गाँव से निकलकर 96% का आंकड़ा पार करना यह दर्शाता है कि आधुनिक शिक्षा अब गाँव की दहलीज तक पहुँच चुकी है। उनके पिता श्री मुकेश शर्मा जी ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का फल बताया है।
श्वेता — 91% अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया
सफलता के इस क्रम में दूसरे स्थान पर कुमारी श्वेता रहीं, जो शाहपुर शीतल खेड़ा की निवासी और श्री राजेश जी की सुपुत्री हैं। श्वेता ने अपनी कुशाग्र बुद्धि का परिचय देते हुए 91% अंक अर्जित किए।

श्वेता की सफलता यह प्रमाणित करती है कि एसपीएस पब्लिक स्कूल में बच्चों के बीच एक स्वस्थ और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल है। पहले और दूसरे स्थान के बीच का मामूली अंतर विद्यालय में शिक्षण की उच्च गुणवत्ता को दर्शाता है।
अभिभावकों के लिए उपयोगी: यदि आप भी अपने बच्चे को उत्कृष्ट निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश दिलाना चाहते हैं, तो उत्तराखंड सरकार की इस योजना को पढ़ें — RTE लॉटरी रिज़ल्ट 2026-27: एडमिशन की पूरी प्रक्रिया
सफल विद्यार्थियों की पूर्ण सूची (Result Table)
नीचे दी गई तालिका में विद्यालय के उन सात प्रमुख सितारों का विवरण है जिन्होंने उत्कृष्ट ग्रेड प्राप्त किए हैं:
| क्रम | विद्यार्थी का नाम | प्राप्तांक | स्थान / गाँव |
|---|---|---|---|
| 1 | एकता शर्मा | 96% | टांडा भागमल |
| 2 | कुमारी श्वेता | 91% | शाहपुर शीतल खेड़ा |
| 3 | लवजीत | 83.6% | भोगपुर क्षेत्र |
| 4 | हर्षित सैनी | 83.6% | भोगपुर क्षेत्र |
| 5 | गगन प्रीत कौर | 72% | भोगपुर क्षेत्र |
| 6 | निशिता | 70.8% | भोगपुर क्षेत्र |
| 7 | मनमीत सिंह | 63% | भोगपुर क्षेत्र |
लवजीत और हर्षित — तीसरे स्थान पर जमाया कब्ज़ा
विद्यालय की मेधावी सूची में तीसरे स्थान पर दो नाम एक साथ दर्ज हैं — लवजीत और हर्षित सैनी। इन दोनों ही होनहार छात्रों ने समान रूप से 83.6% अंक प्राप्त किए हैं।

एक ही विद्यालय की एक ही कक्षा से दो छात्रों का बिल्कुल समान अंक लाना यह दर्शाता है कि विद्यालय में समूह अध्ययन (Group Study) और एक-दूसरे की मदद करने की संस्कृति कितनी प्रबल है। गगन प्रीत कौर (72%), निशिता (70.8%) और मनमीत सिंह (63%) ने भी शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।

सफलता के पीछे का रहस्य: एसपीएस स्कूल की कार्यप्रणाली
एसपीएस पब्लिक स्कूल भोगपुर आज शिक्षा के क्षेत्र में एक उभरती हुई उम्मीद बन चुका है। विद्यालय के संचालक श्री प्रशांत कुमार जी के कुशल नेतृत्व में स्कूल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विद्यालय की कुछ प्रमुख विशेषताएं जो इस सफलता का आधार बनीं:
- व्यक्तिगत ध्यान (Personal Attention): यहाँ प्रत्येक छात्र की कमजोरियों को पहचान कर उन पर अलग से कार्य किया जाता है।
- अनुशासन और संस्कार: विद्यालय केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि बच्चों को अनुशासन और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी प्रदान करता है।
- योग्य शिक्षक: स्कूल के शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज और डाउट क्लियरिंग सेशन्स के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाया।
आगामी छात्रों के लिए टिप: बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक अंक लाने के लिए छात्र हमारे मॉडल पेपर और प्रश्न बैंक का नियमित अभ्यास जरूर करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की चुनौतियाँ और समाधान
अक्सर माना जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी होती है, लेकिन एसपीएस पब्लिक स्कूल ने डिजिटल लर्निंग और स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से इस धारणा को तोड़ दिया है। विद्यालय ने ग्रामीण परिवेश के बच्चों को वह एक्सपोजर दिया जो आमतौर पर बड़े शहरों के कॉन्वेंट स्कूलों में मिलता है। अभिभावकों का सहयोग और शिक्षकों का समर्पण ही इस सफलता का असली इंजन रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: एसपीएस पब्लिक स्कूल किस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है?
उत्तर: यह विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), नई दिल्ली से संबद्ध है।
प्रश्न 2: इस वर्ष स्कूल का टॉपर कौन रहा?
उत्तर: एकता शर्मा 96% अंकों के साथ विद्यालय की टॉपर रहीं।
प्रश्न 3: क्या विद्यालय में गरीब बच्चों के लिए कोई योजना है?
उत्तर: हाँ, विद्यालय आरटीई (RTE) के तहत पात्र छात्रों को निःशुल्क प्रवेश और शिक्षा प्रदान करता है।
प्रश्न 4: बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूल क्या विशेष सुविधा देता है?
उत्तर: स्कूल में अनुभवी शिक्षकों द्वारा एक्स्ट्रा कोचिंग, समय-समय पर मॉक टेस्ट और करियर काउंसलिंग की सुविधा दी जाती है।
निष्कर्ष
एसपीएस पब्लिक स्कूल भोगपुर का यह परिणाम केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह उन सपनों की उड़ान है जो हरिद्वार की गलियों से निकलकर पूरे देश में नाम रोशन करना चाहते हैं। एकता, श्वेता और अन्य सभी सफल छात्रों को 'आपबीती न्यूज़' की ओर से हार्दिक बधाई। हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह स्कूल सफलता की और भी बड़ी इबारत लिखेगा।
सूचना का स्रोत: विद्यालय प्रबंधन समिति (SPS Public School) | रिपोर्ट: आपबीती न्यूज़ एजुकेशन डेस्क
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