RTE स्कूल लॉगिन 2026 – लॉटरी के बाद स्कूलों को क्या करना है, पूरी जानकारी

उत्तराखंड RTE लॉटरी परिणाम के बाद स्कूल लॉगिन 30 अप्रैल तक खुला है। जानें स्कूलों को allotment कैसे करना है, दस्तावेज़ न मिलने पर क्या करें, फीस की सीमा और reimbursement की पूरी प्रक्रिया।

Apr 22, 2026 - 11:57
Apr 22, 2026 - 12:08
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RTE स्कूल लॉगिन 2026 – लॉटरी के बाद स्कूलों को क्या करना है, पूरी जानकारी
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शिक्षा | उत्तराखंड RTE 2026-27

RTE स्कूल लॉगिन 2026 – लॉटरी के बाद स्कूलों को क्या करना है, पूरी जानकारी

Allotment से लेकर reimbursement तक — हर स्कूल के लिए ज़रूरी चरण-दर-चरण मार्गदर्शन

Shakti Rao Mani, Education Unit, Aapbiti  |  अप्रैल 2026

उत्तराखंड में शिक्षा का अधिकार (RTE) 2026-27 के अंतर्गत लॉटरी परिणाम घोषित हो चुके हैं। अब सरकार ने स्कूल लॉगिन पोर्टल खोल दिया है जो 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगा। यह समय सीमा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में स्कूलों को अपने allotted बच्चों की प्रविष्टि पोर्टल पर करनी होगी। जो स्कूल इस प्रक्रिया में देरी करेंगे, उन्हें बाद में reimbursement और अन्य प्रक्रियाओं में परेशानी हो सकती है।

लॉटरी के बाद कुछ बच्चों को स्कूल क्यों नहीं मिला — दो मुख्य कारण

लॉटरी परिणाम आने के बाद अनेक अभिभावकों ने यह शिकायत की है कि उनके बच्चे का किसी स्कूल में allotment नहीं हुआ। इसके पीछे मुख्यतः दो कारण सामने आ रहे हैं:

1. चुने गए स्कूल की सीटें पहले ही भर गई थीं: RTE के अंतर्गत प्रत्येक निजी विद्यालय में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। जब एक ही स्कूल के लिए बहुत अधिक आवेदन आते हैं और लॉटरी में वरीयता मिलने पर सीटें भर जाती हैं, तो शेष बच्चों का allotment उस विद्यालय में संभव नहीं होता।

2. गलत विद्यालय या गलत range का चयन: कुछ अभिभावकों ने आवेदन के समय अपने निवास क्षेत्र से बाहर के स्कूलों का चयन किया या RTE के निर्धारित दायरे (range) को ध्यान में नहीं रखा। ऐसे मामलों में सिस्टम allotment करने में असमर्थ रहता है।

एक रोचक और महत्वपूर्ण विरोधाभास यह भी सामने आया है कि कई स्कूलों का कहना है कि उनकी RTE सीटें अभी भी खाली हैं, फिर भी उन क्षेत्रों के बच्चों का allotment नहीं हुआ। यह स्थिति मुख्यतः आवेदकों द्वारा उन विशेष स्कूलों को प्राथमिकता न दिए जाने के कारण उत्पन्न होती है। लॉटरी प्रणाली आवेदन के समय दिए गए विकल्पों के आधार पर ही कार्य करती है।

घबराएं नहीं — यह एक लॉटरी व्यवस्था है

जिन अभिभावकों के बच्चों को इस चक्र में allotment नहीं मिला, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। RTE की यह एक लॉटरी आधारित प्रणाली है जिसमें सभी को एक समान अवसर मिलता है। यदि कोई स्थिति अस्पष्ट लगे या अधिक जानकारी चाहिए तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। वे RTE प्रक्रिया के जानकार होते हैं और उचित मार्गदर्शन दे सकते हैं।

स्कूलों को अभी क्या करना है — चरण-दर-चरण प्रक्रिया

30 अप्रैल की समय सीमा को देखते हुए सभी निजी विद्यालयों को तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

चरण 1 — RTE पोर्टल पर School Login करें

सर्वप्रथम rteonline.uk.gov.in/uttarakhand/school-signin पर जाकर अपने विद्यालय की साख (credentials) से लॉगिन करें। यदि पासवर्ड याद नहीं है तो पोर्टल पर उपलब्ध "Forgot Password" विकल्प का उपयोग करें या BEO कार्यालय से सहायता लें।

चरण 2 — Dashboard में Allotted बच्चों की सूची देखें

लॉगिन के बाद आपको Dashboard पर वे सभी बच्चे दिखेंगे जिन्हें इस सत्र (2026-27) के लिए आपके विद्यालय में allot किया गया है। इन बच्चों को स्वीकार (Accept) करना और पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है। जब तक स्कूल पोर्टल पर allotment confirm नहीं करता, बच्चे को आधिकारिक रूप से आपके विद्यालय का छात्र नहीं माना जाएगा और reimbursement भी नहीं मिलेगा।

चरण 3 — जिन बच्चों के दस्तावेज़ नहीं आए, उनसे संपर्क करें

कुछ बच्चे ऐसे होंगे जिनका allotment आपके विद्यालय में हुआ है परंतु उनके माता-पिता अभी तक दस्तावेज़ लेकर नहीं आए। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं, निम्नलिखित तरीके से उनसे संपर्क करें:

Dashboard से सीधे संपर्क: Dashboard में उस बच्चे के नाम पर क्लिक करें। वहाँ माता-पिता का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध होगा। उन्हें कॉल करके जल्द दस्तावेज़ जमा करने को कहें।

यदि संपर्क विवरण न मिले: उस बच्चे की पंजीकरण संख्या (Registration Number) Dashboard से नोट करें। इसके बाद RTE पोर्टल पर जाकर उसकी lottery result registration slip डाउनलोड करें। उस slip में माता-पिता की समस्त जानकारी होती है। इस जानकारी के आधार पर संपर्क करें, दस्तावेज़ मँगवाएं और तत्पश्चात allotment confirm करें।

चरण 4 — अभिभावकों को बच्चे का बैंक खाता खुलवाने की सलाह दें

जब भी माता-पिता दस्तावेज़ जमा करने आएं, उन्हें यह महत्वपूर्ण सलाह अवश्य दें: आने वाले कुछ महीनों में बच्चे के नाम पर एक बैंक खाता अवश्य खुलवाएं और उसकी एक प्रति विद्यालय को भी दें। RTE reimbursement की राशि सीधे बच्चे के खाते में भेजी जाती है। बिना बैंक खाते के यह भुगतान संभव नहीं होगा और परिवार को बाद में परेशानी उठानी पड़ सकती है।

उत्तराखंड में RTE फीस की अधिकतम सीमा — ₹1,893 प्रति बच्चा

उत्तराखंड सरकार ने RTE के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे के लिए प्रतिवर्ष अधिकतम ₹1,893 की फीस सीमा निर्धारित की है। इसका अर्थ है कि चाहे आपके विद्यालय की नियमित फीस कितनी भी हो, RTE बच्चों से इस सीमा से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकता। विद्यालयों को चाहिए कि वे अपना fee structure इसी सीमा को ध्यान में रखकर तैयार करें और पोर्टल पर प्रत्येक RTE छात्र का लेखा-जोखा सही तरीके से अपडेट करें।

महत्वपूर्ण: स्कूल login में प्रत्येक RTE बच्चे के लिए उपस्थिति (Attendance) और फीस विवरण (Fee Detail) का रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट करना अनिवार्य है। यह रिकॉर्ड reimbursement के लिए आवश्यक है। किसी भी चूक की स्थिति में reimbursement में देरी या अस्वीकृति हो सकती है।

Reimbursement की प्रक्रिया — BEO द्वारा 6-6 महीने के चक्र में भुगतान

RTE के अंतर्गत विद्यालय को जो फीस प्रतिपूर्ति (reimbursement) मिलती है, वह सरकार द्वारा निर्धारित चक्र के अनुसार दी जाती है। यह प्रक्रिया इस प्रकार कार्य करती है:

चक्र अवधि आवेदन का समय
प्रथम किश्त अप्रैल से सितंबर अक्टूबर के बाद
द्वितीय किश्त अक्टूबर से मार्च अप्रैल के बाद

प्रत्येक चक्र के अंत में BEO (खंड शिक्षा अधिकारी) कार्यालय द्वारा विद्यालयों को निर्धारित प्रपत्र (forms/prarup) उपलब्ध कराए जाते हैं। इन प्रपत्रों को भरकर BEO को जमा करना होता है। सत्यापन के उपरांत बच्चे के बैंक खाते और विद्यालय के खाते — दोनों में राशि अंतरित की जाती है। इसीलिए यह आवश्यक है कि पोर्टल पर प्रत्येक बच्चे का attendance और fee record हमेशा अद्यतन (updated) रखा जाए।

BEO कार्यालय इस पूरी प्रक्रिया में विद्यालयों का मार्गदर्शन करता है। यदि किसी प्रपत्र को भरने में कोई संशय हो तो BEO से तत्काल संपर्क करें।

स्कूलों के लिए संक्षिप्त कार्यसूची

1. 30 अप्रैल से पहले RTE portal पर school login करें।
2. Dashboard में allotted बच्चों को स्वीकार कर अपडेट करें।
3. जिनके दस्तावेज़ नहीं आए, उनसे Dashboard या registration slip के ज़रिए संपर्क करें।
4. अभिभावकों को बच्चे का बैंक खाता खुलवाने की सलाह दें, एक प्रति स्कूल रिकॉर्ड में रखें।
5. फीस ₹1,893 की सीमा से अधिक न लें। Fee structure पोर्टल पर सही दर्ज करें।
6. प्रत्येक बच्चे की attendance और fee detail नियमित रूप से portal पर अपडेट करते रहें।
7. Reimbursement के लिए BEO द्वारा दिए गए प्रपत्र समय पर भरकर जमा करें — अप्रैल-सितंबर और अक्टूबर-मार्च, दो किश्तों में।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या 30 अप्रैल के बाद school login में कोई बदलाव किया जा सकता है?

30 अप्रैल के बाद portal बंद हो सकता है। इसलिए सभी allotments और अपडेट इसी अवधि में पूर्ण कर लें। किसी भी असाधारण स्थिति में BEO से संपर्क करें।

यदि अभिभावक दस्तावेज़ लेकर नहीं आता तो allotment रद्द हो जाएगा?

स्कूल को सक्रियता से अभिभावक से संपर्क करना चाहिए। portal पर registration slip के माध्यम से सम्पर्क विवरण मिल सकता है। यदि फिर भी कोई प्रतिसाद न मिले तो BEO को सूचित करें।

RTE बच्चे की attendance अलग से रखनी होगी?

हाँ, पोर्टल पर RTE बच्चों की attendance और fee detail अलग से दर्ज करनी होती है। यह reimbursement की पात्रता के लिए अनिवार्य है।

क्या RTE बच्चे से ₹1,893 से अधिक फीस ली जा सकती है?

नहीं। उत्तराखंड में RTE के अंतर्गत किसी भी बच्चे से प्रतिवर्ष ₹1,893 से अधिक फीस नहीं ली जा सकती। ऐसा करना RTE अधिनियम का उल्लंघन है।

Reimbursement कितने समय में मिलता है?

यह सरकारी प्रक्रिया है अतः समय निश्चित नहीं है। प्रपत्र सही समय पर जमा करने पर एवं BEO सत्यापन के उपरांत राशि 6-महीने के चक्र के अनुसार भेजी जाती है। देरी की स्थिति में BEO कार्यालय से फॉलो-अप करें।

RTE एक ऐतिहासिक कानून है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार देता है। विद्यालय इस योजना में सहभागी बनकर न केवल एक कानूनी दायित्व निभाते हैं बल्कि समाज के निर्माण में भी योगदान देते हैं। पोर्टल की समय सीमा का पालन करें, रिकॉर्ड सही रखें और किसी भी संदेह की स्थिति में BEO से संवाद बनाए रखें।

Shakti Rao Mani Shakti Rao Mani शिक्षा नीति, सरकारी योजनाओं और उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा तंत्र पर विशेष रूप से लिखते हैं। Aapbiti के Education Unit से जुड़े हैं और अभिभावकों व छात्रों तक सटीक एवं उपयोगी जानकारी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।