कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 9: पदार्थ की परमाणविक नींव - विस्तृत नोट्स और समाधान | Class 9 Science Chapter 9

कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 9 "पदार्थ की परमाणविक नींव" के विस्तृत नोट्स। इसमें द्रव्यमान संरक्षण का नियम, स्थिर अनुपात का नियम, डाल्टन का परमाणु सिद्धांत, सहसंयोजक एवं आयनिक बंध और रासायनिक सूत्र लिखने की विधि को उदाहरणों और प्रश्नों के साथ आसान भाषा में समझाया गया है।

May 28, 2026 - 23:34
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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 9: पदार्थ की परमाणविक नींव - विस्तृत नोट्स और समाधान | Class 9 Science Chapter 9
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अध्याय 9: पदार्थ की परमाणविक नींव – परिचय

अध्याय 8 में हमने परमाणु की संरचना, उप-परमाणु कण (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन), परमाणु मॉडल और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का अध्ययन किया। हमने जाना कि जिन परमाणुओं के संयोजकता कोश में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं, वे स्थिर होते हैं। परमाणु इलेक्ट्रॉन खोकर, पाकर या साझा करके यह अष्टक पूरा करते हैं।

इस अध्याय में हम समझेंगे कि परमाणु मिलकर यौगिक (Compounds) कैसे बनाते हैं। जब हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिलते हैं तो जल (Water) बनता है — जो न जलता है, न जलने में मदद करता है, बल्कि आग बुझाता है! लेकिन क्या इस रासायनिक बदलाव में द्रव्यमान बदलता है? क्या यौगिकों में तत्व हमेशा एक निश्चित अनुपात में होते हैं? इन्हीं प्रश्नों की खोज में वैज्ञानिकों ने दो महत्वपूर्ण नियम और डाल्टन का परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया।

NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तक देखें: NCERT Exploration Class 9 Science Chapter 9

9.1 द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)

क्रियाकलाप 9.1 – भौतिक परिवर्तन में द्रव्यमान

जब 50 mL जल में नमक घोला जाता है, तो विलयन का द्रव्यमान = जल का द्रव्यमान + नमक का द्रव्यमान। तुला की रीडिंग बदलती नहीं। यह सिद्ध करता है कि भौतिक परिवर्तन में द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।

क्रियाकलाप 9.2 – रासायनिक परिवर्तन में द्रव्यमान

बेकिंग सोडा और सिरके की क्रिया से CO2 गैस बनती है:

सिरका + बेकिंग सोडा (NaHCO3) → कार्बन डाइऑक्साइड + अन्य पदार्थ

  • प्रयोग व्यवस्था 1 (खुली): बेकिंग सोडा को तुला पर रखी शंक्वाकार फ्लास्क में सिरके के साथ मिलाने पर अंतिम रीडिंग प्रारंभिक से कम आती है — क्योंकि बनी CO2 गैस वायुमंडल में चली जाती है।
  • प्रयोग व्यवस्था 2 (बंद, गुब्बारा बाँधकर): बेकिंग सोडा को गुब्बारे में भरकर फ्लास्क के मुँह से बाँधा। क्रिया के बाद गुब्बारा फूल गया (CO2 उसमें बंद रही)। अब प्रारंभिक और अंतिम रीडिंग समान।

निष्कर्ष: रासायनिक क्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है। यही द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) है।

एंटुआन लैवोइज़ियर (Antoine Lavoisier) – 1789

"आधुनिक रसायन विज्ञान के जनक" लैवोइज़ियर ने 1789 में यह नियम प्रस्तावित किया। उनके शब्दों में: "प्रत्येक क्रिया में उतना ही पदार्थ क्रिया से पहले और बाद में भी विद्यमान रहता है।"

क्रियाकलाप 9.3 – नियम की पुष्टि (Group Activity)

सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड विलयनों को मिलाने पर सफेद अवक्षेप बनता है:

Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 (सफेद अवक्षेप) + 2NaCl

इस क्रिया में कोई गैस नहीं बनती (खुला तंत्र)। तुला की रीडिंग मिलाने से पहले और बाद में समान रहती है।

नोट: यह क्रिया खुले तंत्र में की जा सकती है क्योंकि कोई गैस नहीं बनती।

उदाहरण 9.1
4.0 g कैल्शियम कार्बोनेट + 2.92 g हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → 1.76 g CO2 + 0.72 g जल + 4.44 g कैल्शियम क्लोराइड
अभिकारकों का कुल द्रव्यमान: 4.0 + 2.92 = 6.92 g
उत्पादों का कुल द्रव्यमान: 1.76 + 0.72 + 4.44 = 6.92 g
अभिकारक द्रव्यमान = उत्पाद द्रव्यमान → द्रव्यमान संरक्षण का नियम मान्य।

उदाहरण 9.2
12 g कार्बन + 32 g ऑक्सीजन → 44 g CO2
2.4 g कार्बन से कितनी CO2 बनेगी?
1 g कार्बन से = 44/12 g CO2
2.4 g कार्बन से = (44/12) × 2.4 = 8.8 g CO2

Pause and Ponder – प्रश्न 1 व 2 के उत्तर
प्र. 1: एक छात्र 10 g एथेनॉल खुले बीकर में जलाता है। जलने के बाद कोई अवशेष नहीं बचता। क्या द्रव्यमान संरक्षण का नियम टूटा?
उत्तर: नहीं, नियम नहीं टूटा। एथेनॉल जलने पर CO2 और H2O वायु में मिल जाते हैं। यदि बंद तंत्र में प्रयोग करें और सभी उत्पादों को तोलें तो द्रव्यमान बराबर मिलेगा। खुले तंत्र में गैसें उड़ जाती हैं इसलिए बीकर में कुछ नहीं बचता।

प्र. 2: 20 g हाइड्रोजन, 160 g ऑक्सीजन से क्रिया करे तो कितना जल बनेगा?
उत्तर: द्रव्यमान संरक्षण के अनुसार: उत्पाद का द्रव्यमान = अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = 20 + 160 = 180 g जल।

9.2 स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions)

नियम क्या कहता है?

लैवोइज़ियर के बाद जोसेफ प्रूस्ट (Joseph Proust) ने प्रस्तावित किया — किसी भी यौगिक में तत्व सदा एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में संयुक्त होते हैं, चाहे वह यौगिक कहीं से भी प्राप्त हो।

उदाहरण: जल (Water)

नदी, नलकूप, समुद्र — किसी भी स्रोत से शुद्ध जल लें और उसे अपघटित करें:

  • हाइड्रोजन : ऑक्सीजन = 1 : 8 (द्रव्यमान अनुपात)
  • 9 g शुद्ध जल अपघटित करने पर: 1 g H2 और 8 g O2 सदा मिलेंगे।

इसे स्थिर अनुपात का नियम, निश्चित अनुपात का नियम या प्रूस्ट का नियम (Proust's Law) भी कहते हैं।

जोसेफ लुई प्रूस्ट (Joseph Louis Proust)

प्रमुख फ्रांसीसी रसायनज्ञ जिन्होंने ताँबे के कार्बोनेट (Copper Carbonate) का अध्ययन करके सिद्ध किया कि उसमें Cu, C और O हमेशा समान द्रव्यमान अनुपात में होते हैं — चाहे वह कैसे भी बना हो या कहाँ से भी मिला हो।

जिज्ञासा की धाराएँ (Threads of Curiosity): सिंदूर (Cinnabar)

प्राचीन सभ्यताओं में सिंदूर (Cinnabar) — जिसे भारत में हिंगुला कहते थे — लाल रंजक के रूप में प्रयोग होता था। सिंदूर को गर्म करने पर हमेशा पारा (Mercury) और सल्फर (Sulfur) 86.22% और 13.78% के अनुपात में मिलते हैं। यही स्थिर अनुपात का जीवंत उदाहरण है।

उदाहरण 9.3
NaCl में Na : Cl = 23 : 35.5
यदि 46 g सोडियम पूर्णतः क्रिया करे तो कितना Cl चाहिए?
Cl = (35.5 ÷ 23) × 46 = 71 g

Pause and Ponder – प्रश्न 3 से 6 के उत्तर
प्र. 3: एक यौगिक में 40% सल्फर और 60% ऑक्सीजन। 20 g सल्फर के साथ कितना ऑक्सीजन होगा?
उत्तर: S : O = 40 : 60 = 2 : 3
20 g S के साथ O = (60/40) × 20 = 30 g ऑक्सीजन।

प्र. 4: CO में C : O = 3 : 4। 9 g C से बनने के लिए कितना O?
उत्तर: O = (4/3) × 9 = 12 g ऑक्सीजन।

प्र. 5: निश्चित अनुपात का नियम यौगिकों पर लागू होता है, मिश्रणों पर क्यों नहीं?
उत्तर: यौगिक में तत्व रासायनिक बंध द्वारा निश्चित द्रव्यमान अनुपात में जुड़े होते हैं। मिश्रण में घटक किसी भी अनुपात में मिल सकते हैं — जैसे चीनी-नमक का मिश्रण किसी भी मात्रा में बना सकते हैं। इसलिए मिश्रणों पर यह नियम लागू नहीं होता।

प्र. 6: X ने Cu और O को 4:1 में, Y ने 8:2 में मिलाया। क्या नियम की पुष्टि होती है?
उत्तर: 4:1 और 8:2 दोनों को सरल करने पर 4:1 = 4:1 — दोनों समान अनुपात हैं। हाँ, स्थिर अनुपात का नियम सिद्ध होता है।

9.3 डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory)

उपरोक्त दोनों नियमों को समझाने के लिए जॉन डाल्टन ने 1808 में परमाणु सिद्धांत (Atomic Theory) प्रस्तावित किया। एक अभिगृहीत (Postulate) एक मौलिक मान्यता है जिसे प्रमाण के बिना सत्य मानकर आगे के विचार बनाए जाते हैं।

डाल्टन के अभिगृहीत (Postulates)

  • सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों — परमाणुओं (Atoms) — से बने हैं जो रासायनिक क्रियाओं में भाग लेते हैं।
  • परमाणु अविभाज्य (Indivisible) हैं — रासायनिक क्रिया में न बनाए जा सकते हैं, न नष्ट किए जा सकते हैं।
  • एक ही तत्व के सभी परमाणु द्रव्यमान और रासायनिक गुणों में समान होते हैं।
  • अलग-अलग तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
  • परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयुक्त होकर यौगिक बनाते हैं।
  • किसी दिए गए यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या और प्रकार स्थिर रहते हैं।

नियमों से सम्बन्ध

  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम → परमाणु न बनते हैं न नष्ट होते हैं, केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं।
  • स्थिर अनुपात का नियम → परमाणु निश्चित पूर्णांक अनुपात में जुड़ते हैं।

जॉन डाल्टन (John Dalton)

इंग्लैंड में जन्मे डाल्टन 1793 में मैनचेस्टर चले गए जहाँ उन्होंने गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान पढ़ाया। 1808 में उन्होंने परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया जो पदार्थ के अध्ययन में एक मील का पत्थर बना।

Pause and Ponder – प्रश्न 7 का उत्तर
प्र. 7: Assertion (A): 2 g हाइड्रोजन, 16 g ऑक्सीजन से मिलकर 18 g जल बनाता है।
Reason (R): डाल्टन के अनुसार परमाणु द्रव्यमान के सरल पूर्णांक अनुपात में संयुक्त होते हैं।
उत्तर: (ii) दोनों A और R सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
A सत्य है — यह द्रव्यमान संरक्षण का नियम है। R भी सत्य है, लेकिन R द्रव्यमान संरक्षण का कारण नहीं — वह स्थिर अनुपात के नियम से सम्बंधित है।

9.4 परमाणु कैसे जुड़ते हैं? (How Atoms Combine?)

एक ही तत्व के परमाणु मिलकर उस तत्व का अणु (Molecule) बनाते हैं। जैसे H2 में दो H परमाणु। अलग-अलग तत्वों के परमाणु मिलकर यौगिक का अणु बनाते हैं। जैसे HCl में एक H और एक Cl।

अणु की परिभाषा: विद्युत रूप से उदासीन (Electrically Neutral) इकाई जिसमें एक से अधिक परमाणु हों, जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सके और उस पदार्थ के सभी गुण दर्शाए।

नोट: हीलियम (He) जैसे तत्व अकेले परमाणु के रूप में रहते हैं क्योंकि उनका बाहरी कोश पहले से पूर्ण है।

जब परमाणु जुड़ते हैं, तंत्र की कुल ऊर्जा अलग-अलग परमाणुओं की ऊर्जाओं के योग से कम हो जाती है — अर्थात् व्यवस्था अधिक स्थिर हो जाती है। परमाणुओं को एक-दूसरे से जोड़ने वाले बल को रासायनिक बंध (Chemical Bond) कहते हैं।

परमाणु दो तरीकों से जुड़ते हैं:

  • इलेक्ट्रॉनों का साझा करना (Sharing of Electrons) — सहसंयोजक बंध
  • इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण (Transfer of Electrons) — आयनिक बंध

9.4.1 इलेक्ट्रॉन साझा करने द्वारा बंध — सहसंयोजक बंध (Covalent Bond)

A. तत्वों के अणु (Molecules of Elements)

हाइड्रोजन अणु (H2)

  • H का परमाणु क्रमांक = 1 → K कोश में 1 इलेक्ट्रॉन
  • K कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होने पर स्थिरता आती है — 1 और चाहिए
  • दो H परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं → H—H (एकल बंध)
  • साझा इलेक्ट्रॉन जोड़ी दोनों नाभिकों को आकर्षित करती है → अणु स्थिर होता है

यह इलेक्ट्रॉन साझाकरण द्वारा बंध = सहसंयोजक बंध (Covalent Bond)। एक इलेक्ट्रॉन जोड़ी साझा = एकल बंध (Single Bond)

क्लोरीन अणु (Cl2)

  • Cl का Z = 17 → विन्यास 2, 8, 7 → संयोजकता कोश में 7 इलेक्ट्रॉन
  • अष्टक पूरा करने के लिए 1 और चाहिए
  • दो Cl परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं → Cl—Cl (एकल बंध)

ऑक्सीजन अणु (O2)

  • O का Z = 8 → विन्यास 2, 6 → बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन
  • अष्टक पूरा करने के लिए 2 और चाहिए
  • दो O परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं → O=O (द्विबंध/Double Bond)

B. यौगिकों के अणु (Molecules of Compounds)

हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl)

  • H को 1 और इलेक्ट्रॉन चाहिए; Cl को भी 1 और चाहिए
  • दोनों एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं → H—Cl (एकल बंध)
  • यह सहसंयोजक यौगिक (Covalent Compound) है

जल (H2O)

  • O को 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए; H को 1-1 चाहिए
  • दो H परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन O से साझा करते हैं → H—O—H
  • सूत्र: H2O

C. सहसंयोजक यौगिकों का नामकरण (Naming Covalent Compounds)

नियम:

  • पहला तत्व अपना नाम रखता है; दूसरे तत्व के नाम के अंत में -आइड (-ide) लगता है।
  • परमाणुओं की संख्या उपसर्ग (Prefix) से बताते हैं: mono-(1), di-(2), tri-(3), tetra-(4), penta-(5), hexa-(6)
  • पहले तत्व के लिए mono- नहीं लगाते; यदि उपसर्ग 'o' या 'a' पर खत्म हो और तत्व स्वर से शुरू हो तो अंतिम स्वर हटाएँ (जैसे monoxide, pentoxide)।
सूत्र नाम
CO कार्बन मोनोऑक्साइड
CO2 कार्बन डाइऑक्साइड
CS2 कार्बन डाइसल्फाइड
PCl3 फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड
SF6 सल्फर हेक्साफ्लोराइड
N2O4 डाइनाइट्रोजन टेट्रोक्साइड
N2O5 डाइनाइट्रोजन पेंटोक्साइड

विशेष: जब H पहला तत्व हो, तो H से पहले कोई उपसर्ग नहीं लगाते — जैसे H2S = हाइड्रोजन सल्फाइड।
H2O का सामान्य नाम जल (Water), NH3 का नाम अमोनिया है।

Pause and Ponder – प्रश्न 8 से 11 के उत्तर
प्र. 8: नाइट्रोजन में 5 संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं। N2 की संरचना बनाइए।
उत्तर: N का Z=7, विन्यास 2,5 → बाहरी कोश में 5 → अष्टक पूरा करने के लिए 3 चाहिए। दो N परमाणु तीन-तीन इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं → N≡N (त्रिबंध/Triple Bond)

प्र. 9: F (Z=9) का F2 बनाना समझाइए।
उत्तर: F का विन्यास 2,7 → बाहरी कोश में 7 → 1 और चाहिए। दो F परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं → F—F (एकल बंध)

प्र. 10: निम्नलिखित अणुओं की संरचना बनाइए:
(i) CO2: C को 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए, O को 2-2। एक C दो O परमाणुओं से दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करता है → O=C=O (दो द्विबंध)
(ii) H2S: S का Z=16, विन्यास 2,8,6 → 2 और चाहिए। दो H एक-एक इलेक्ट्रॉन S से साझा करते हैं → H—S—H (दो एकल बंध)
(iii) NH3: N को 3 चाहिए। तीन H एक-एक इलेक्ट्रॉन N से साझा करते हैं → H3N (तीन एकल बंध, पिरामिडनुमा संरचना)

प्र. 11: नियॉन (Ne, Z=10) न तो इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित करता है, न साझा — क्यों?
उत्तर: Ne का विन्यास 2,8 — बाहरी कोश में पहले से 8 इलेक्ट्रॉन (पूर्ण अष्टक)। संयोजकता = 0। कोई भी आवश्यकता नहीं कि इलेक्ट्रॉन खोए, पाए या साझा करे। इसलिए यह अक्रियाशील (Noble Gas) है।

9.4.2 इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा बंध — आयनिक बंध (Ionic Bond)

सोडियम क्लोराइड (NaCl) का उदाहरण

सोडियम (Na, Z=11):

  • विन्यास: 2, 8, 1 → बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन
  • 1 इलेक्ट्रॉन खोकर अष्टक पूरा करना आसान है
  • 1 इलेक्ट्रॉन खोने पर: 11 प्रोटॉन, 10 इलेक्ट्रॉन → Na+ (धनायन / Cation)

क्लोरीन (Cl, Z=17):

  • विन्यास: 2, 8, 7 → बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन
  • 1 इलेक्ट्रॉन लेकर अष्टक पूरा करना आसान है
  • 1 इलेक्ट्रॉन लेने पर: 17 प्रोटॉन, 18 इलेक्ट्रॉन → Cl (ऋणायन / Anion)

Na+ और Cl विद्युत स्थैतिक आकर्षण बल द्वारा एक-दूसरे से जुड़ते हैं → यही आयनिक बंध (Ionic Bond) है।

Na + Cl → Na+ + Cl → NaCl

आयनिक यौगिकों की त्रि-आयामी संरचना

NaCl में आयन एकल इकाइयों के रूप में नहीं रहते। वे एक त्रि-आयामी क्रिस्टल (Crystal) बनाते हैं जिसमें प्रत्येक Na+ को 6 Cl और प्रत्येक Cl को 6 Na+ घेरे रहते हैं। इस नियमित पुनरावर्ती व्यवस्था को क्रिस्टल जालक (Crystal Lattice) कहते हैं।

धनायन और ऋणायन

धनायन (Cations) और ऋणायन (Anions) को सामूहिक रूप से आयन (Ions) कहते हैं।

कुछ तत्व जैसे सल्फर (S): S का Z=16, विन्यास 2,8,6 → 2 इलेक्ट्रॉन लेकर → S2−

Pause and Ponder – प्रश्न 12 से 15 के उत्तर
प्र. 12: ऑक्सीजन (O) किस प्रकार का आयन बनाएगा?
उत्तर: O का Z=8, विन्यास 2,6 → 2 इलेक्ट्रॉन लेकर अष्टक पूरा करेगा → O2− (ऑक्साइड आयन), एक ऋणायन।

प्र. 13: रिक्त स्थान भरिए — Mg और Cl में:
Mg (Z=12, विन्यास 2,8,2) → 2 इलेक्ट्रॉन खोकर Mg2+
Cl → 1 इलेक्ट्रॉन लेकर Cl
1 Mg2+ + 2 Cl → MgCl2
अतः: क्लोरीन Cl बनाएगा। मैग्नीशियम का एक आयन और क्लोरीन के दो आयन मिलकर मैग्नीशियम क्लोराइड देते हैं।

प्र. 14: K (Z=19) और Ca (Z=20) के धनायन और उनके क्लोराइड:
- K: विन्यास 2,8,8,1 → 1 इलेक्ट्रॉन खोकर K+ → K+ + ClKCl
- Ca: विन्यास 2,8,8,2 → 2 इलेक्ट्रॉन खोकर Ca2+ → Ca2+ + 2ClCaCl2

प्र. 15: सोडियम सल्फाइड (Na2S) का निर्माण:
Na (Z=11) → Na+ (1 इलेक्ट्रॉन खोकर); S (Z=16) → S2− (2 इलेक्ट्रॉन लेकर)
S2− को 2 इकाई धनावेश चाहिए → 2 Na+ आयन चाहिए → Na2S

9.4.2A आयनिक यौगिकों का नामकरण (Naming Ionic Compounds)

नियम: धनायन का नाम पहले, फिर ऋणायन का नाम। सरल ऋणायनों के नाम के अंत में -आइड (-ide) आता है।

सामान्य एकपरमाणविक आयन (Monoatomic Ions) — तालिका 9.1(a)

आयन का नाम सूत्र संयोजकता
सोडियम Na+ 1
लिथियम Li+ 1
पोटैशियम K+ 1
सिल्वर Ag+ 1
कैल्शियम Ca2+ 2
बेरियम Ba2+ 2
आयरन (फेरस) Fe2+ 2
आयरन (फेरिक) Fe3+ 3
कॉपर (क्यूप्रस) Cu+ 1
कॉपर (क्यूप्रिक) Cu2+ 2
मैग्नीशियम Mg2+ 2
जिंक Zn2+ 2
एल्युमिनियम Al3+ 3
फ्लोराइड F 1
क्लोराइड Cl 1
ब्रोमाइड Br 1
आयोडाइड I 1
ऑक्साइड O2− 2
सल्फाइड S2− 2

बहुपरमाणविक आयन (Polyatomic Ions) — तालिका 9.1(b)

आयन का नाम सूत्र संयोजकता
हाइड्रॉक्साइड OH 1
नाइट्रेट NO3 1
हाइड्रोजनकार्बोनेट HCO3 1
कार्बोनेट CO32− 2
सल्फेट SO42− 2
अमोनियम NH4+ 1

नोट: बहुपरमाणविक आयनों के नाम सामान्यतः -ide से नहीं बनते।

9.5 रासायनिक सूत्र लिखना (Writing Chemical Formulae)

9.5.1 सहसंयोजक यौगिकों के सूत्र

विधि: क्रॉस-ओवर विधि (Criss-Cross Method)

  1. तत्वों के प्रतीक लिखो।
  2. संयोजकताएँ लिखो।
  3. संयोजकताओं को क्रॉस-ओवर करके अनुस्वर (Subscript) के रूप में लिखो।
यौगिक क्रॉस-ओवर सूत्र
हाइड्रोजन क्लोराइड (H-1, Cl-1) 1→Cl, 1→H HCl
हाइड्रोजन सल्फाइड (H-1, S-2) 2→H, 1→S H2S
कार्बन टेट्राक्लोराइड (C-4, Cl-1) 1→C, 4→Cl CCl4

नोट: यदि क्रॉस-ओवर के बाद अनुस्वर 1 आए, तो नहीं लिखते।

9.5.2 आयनिक यौगिकों के सूत्र

  1. धनायन का प्रतीक पहले, ऋणायन बाद में।
  2. आवेश (चिह्न हटाकर केवल संख्या) क्रॉस-ओवर करो।
  3. यदि अनुस्वर में साझा गुणनखंड हो तो सरल करो।
  4. बहुपरमाणविक आयन के 2+ इकाइयाँ हों तो कोष्ठक () लगाओ।
यौगिक आयन और आवेश सूत्र
कैल्शियम क्लोराइड Ca2+, Cl CaCl2
एल्युमिनियम ऑक्साइड Al3+, O2− Al2O3
मैग्नीशियम ऑक्साइड Mg2+, O2− MgO (Mg2O2 → सरल करने पर)
मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड Mg2+, OH Mg(OH)2
कैल्शियम कार्बोनेट Ca2+, CO32− CaCO3
एल्युमिनियम हाइड्रॉक्साइड Al3+, OH Al(OH)3
एल्युमिनियम सल्फेट Al3+, SO42− Al2(SO4)3

नोट: यौगिक के सूत्र में आयनों के आवेश नहीं लिखते।

Pause and Ponder – प्रश्न 16 से 18 के उत्तर
प्र. 16: नाम दीजिए:
(i) CO2कार्बन डाइऑक्साइड
(ii) NO2नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
(iii) SF6सल्फर हेक्साफ्लोराइड
(iv) PCl3फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड

प्र. 17: सूत्र लिखिए:
(i) सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट → Na+ + HCO3NaHCO3
(ii) सल्फर डाइऑक्साइड → S(4), O(2) → SO2
(iii) फेरिक क्लोराइड → Fe3+ + ClFeCl3
(iv) क्यूप्रस ऑक्साइड → Cu+ + O2−Cu2O

प्र. 18: आयन युग्मों के सूत्र:
(i) Fe3+ और OH → Fe3+(1), OH(3) → Fe(OH)3
(ii) K+ और CO32− → K+(2), CO32−(1) → K2CO3

9.6 आयनिक और सहसंयोजक यौगिकों के गुण (Properties of Ionic and Covalent Compounds)

क्रियाकलाप 9.4 – प्रयोगशाला में परीक्षण

यौगिक जल में घुलनशीलता मिट्टी के तेल में पेट्रोल में ठोस अवस्था में विद्युत चालकता जलीय विलयन में चालकता
कपूर नहीं हाँ हाँ नहीं नहीं
NaCl हाँ नहीं नहीं नहीं हाँ
CuSO4 हाँ नहीं नहीं नहीं हाँ
शक्कर (Sugar) हाँ नहीं नहीं नहीं नहीं
नेफ्थेलीन नहीं हाँ हाँ नहीं नहीं

तुलनात्मक गुण-धर्म

आयनिक यौगिक:

  • जल में घुलनशील, मिट्टी के तेल/पेट्रोल में अघुलनशील।
  • ठोस अवस्था में विद्युत का कुचालक — आयन निश्चित स्थान पर बँधे रहते हैं।
  • जल में घोलने पर आयन मुक्त होते हैं → विद्युत का सुचालक।
  • उच्च गलनांक और क्वथनांक — प्रबल आयनी आकर्षण के कारण।

सहसंयोजक यौगिक:

  • अधिकांश जल में अघुलनशील, मिट्टी के तेल/पेट्रोल में घुलनशील।
  • विद्युत का कुचालक — आयन नहीं बनते।
  • शक्कर जल में घुलती है लेकिन आयन नहीं बनाती → विद्युत नहीं चलाती।
  • सामान्यतः कम गलनांक और क्वथनांक।

प्रश्न: पिघली (Molten) अवस्था में विद्युत चालकता का क्या होगा? → आयनिक यौगिक पिघलने पर आयन मुक्त होते हैं → विद्युत चालक। सहसंयोजक यौगिक पिघलने पर भी आयन नहीं बनाते → कुचालक।

Pause and Ponder – प्रश्न 19 व 20 के उत्तर
प्र. 19: कौन-सा बंध ऐसे ठोस में है जो ठोस में विद्युत नहीं चलाता लेकिन जल में घोलने पर चलाता है?
उत्तर: आयनिक बंध (Ionic Bond)। ठोस अवस्था में आयन जालक में बँधे होते हैं; जलीय विलयन में मुक्त होकर विद्युत चालन करते हैं।

प्र. 20: धातु M (M कोश में 2 इलेक्ट्रॉन) ऑक्सीजन से क्रिया करके थोड़ा घुलनशील यौगिक बनाती है।
(i) सूत्र: M की संयोजकता = 2, O2− की संयोजकता = 2 → MO
(ii) बंध का प्रकार: M धातु है, O अधातु → आयनिक बंध
(iii) जलीय विलयन की विद्युत चालकता: थोड़ा घुलनशील है, आयन बनते हैं → कुछ मात्रा में विद्युत चालकता होगी।

9.7 सहसंयोजक यौगिकों का आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass of Covalent Compounds)

आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass) = अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग।

उदाहरण 9.4: जल (H2O)
H = 1 u; O = 16 u
H2O का आण्विक द्रव्यमान = (1 × 2) + (16 × 1) = 2 + 16 = 18 u

उदाहरण 9.5: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
C = 12 u; O = 16 u
CO2 का आण्विक द्रव्यमान = (12 × 1) + (16 × 2) = 12 + 32 = 44 u

नोट: आयनिक यौगिक अणु नहीं बनाते — वे 3-D क्रिस्टल बनाते हैं — इसलिए उनका आण्विक द्रव्यमान नहीं होता।

Pause and Ponder – प्रश्न 21 व 22 के उत्तर
प्र. 21: HNO3 का आण्विक द्रव्यमान (H=1, N=14, O=16)
HNO3 = (1×1) + (14×1) + (16×3) = 1 + 14 + 48 = 63 u

प्र. 22: CH4 का आण्विक द्रव्यमान (C=12, H=1)
CH4 = (12×1) + (1×4) = 12 + 4 = 16 u

9.8 आयनिक यौगिकों का सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass of Ionic Compounds)

आयनिक यौगिकों में आयनों की सरलतम पूर्णांक अनुपात वाली इकाई को सूत्र इकाई (Formula Unit) कहते हैं। इसके द्रव्यमान को सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass) कहते हैं।

उदाहरण 9.6: Na2O
Na = 23 u; O = 16 u
Na2O = (23 × 2) + (16 × 1) = 46 + 16 = 62 u

उदाहरण 9.7: Ca(NO3)2
Ca = 40 u; N = 14 u; O = 16 u
Ca(NO3)2 = (40×1) + {(14×1) + (16×3)} × 2 = 40 + (14+48)×2 = 40 + 124 = 164 u

Pause and Ponder – प्रश्न 23 व 24 के उत्तर
प्र. 23: KCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान (K=39, Cl=35.5)
KCl = 39 + 35.5 = 74.5 u

प्र. 24: Mg(OH)2 का सूत्र इकाई द्रव्यमान (Mg=24, O=16, H=1)
Mg(OH)2 = 24 + (16+1)×2 = 24 + 34 = 58 u

Revise, Reflect, Refine — सभी प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1: तत्व A (तृतीय कोश में 1e) और तत्व B (द्वितीय कोश में 6e)
(i) A कितने इलेक्ट्रॉन देगा/लेगा? → उत्तर: A का विन्यास 2,8,1 → 1 इलेक्ट्रॉन देगा।
(ii) A किस आयन का निर्माण करेगा? → उत्तर: A+ (धनायन/Cation)
(iii) B कितने इलेक्ट्रॉन लेगा/देगा? → उत्तर: B का विन्यास 2,6 → अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन लेगा।
(iv) B किस आयन का निर्माण करेगा? → उत्तर: B2− (ऋणायन/Anion)
(v) A और B के बीच कौन-सा बंध बनेगा? → उत्तर: A धातु → धनायन; B अधातु → ऋणायन → आयनिक बंध (Ionic Bond)
(vi) यौगिक का सूत्र? → उत्तर: A+ (1+) और B2− (2−) → क्रॉस-ओवर → A2B

प्रश्न 2: तत्व X (बाहरी कोश में 6e) द्विपरमाणुक अणु बनाता है
(i) द्विपरमाणुक क्यों? → उत्तर: X को अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो X परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करके द्विबंध बनाते हैं और दोनों का अष्टक पूर्ण होता है। यही X2 अणु है — जैसे O2
(ii) कौन-सा बंध? → उत्तर: सहसंयोजक बंध (Covalent Bond) — विशेषतः द्विबंध (Double Bond)।
(iii) X2 की संरचना: → उत्तर: X=X (दो X परमाणु, दो साझा इलेक्ट्रॉन जोड़ियाँ) — O=O जैसी संरचना।
(iv) Y (द्वितीय कोश में 2e) के साथ X का अणु: → उत्तर: Y का विन्यास 2,2 → K पूर्ण, L में 2 → L कोश में 8 पूरे करने के लिए 6 चाहिए। X को 2 चाहिए। X (जैसे O) के साथ Y (जैसे C): C को 4 चाहिए और O को 2-2 — यह CO2 जैसी व्यवस्था होगी। O=Y=O (XYX2 या X2Y)

प्रश्न 3: कुल धनावेश 6+ और कुल ऋणावेश 6
(i) 2Al3+ = +6; 3Cl = −3 → संतुलित नहीं ✗
(ii) 3Mg2+ = +6; 1PO43− = −3 → संतुलित नहीं ✗
(iii) 2Fe3+ = +6; 3O2− = −6 → संतुलित ✓ → यही सही उत्तर है। (Fe2O3)
(iv) 3Ca2+ = +6; 2SO42− = −4 → संतुलित नहीं ✗
उत्तर: (iii)

प्रश्न 4: सही कथन चुनिए और गलत सुधारिए
(i) "तत्व अणुओं से और यौगिक परमाणुओं से बने हैं" — गलत।
सही: तत्व परमाणुओं से बने हैं; यौगिक विभिन्न तत्वों के परमाणुओं से बने अणुओं या आयनों से।
(ii) "यौगिक के अणु सदा एक ही प्रकार के 2+ परमाणुओं से बनते हैं" — गलत।
सही: तत्व के अणु में समान परमाणु होते हैं; यौगिक के अणु में अलग-अलग तत्वों के परमाणु होते हैं।
(iii) "नाइट्रोजन गैस के एक अणु में तीन N परमाणु होते हैं" — गलत।
सही: N2 अणु में दो नाइट्रोजन परमाणु होते हैं (N≡N)।
(iv) "जल दो H परमाणुओं और एक O परमाणु से सहसंयोजक बंध द्वारा बना है" — सही। ✓

प्रश्न 5: रासायनिक सूत्र लिखिए
(i) एल्युमिनियम नाइट्रेट: Al3+ + NO3Al(NO3)3
(ii) कैल्शियम ऑक्साइड: Ca2+ + O2−CaO
(iii) फेरिक ऑक्साइड: Fe3+ + O2−Fe2O3

प्रश्न 6: आयन युग्मों के सूत्र
(i) Ca2+ और Br: Ca2+(1), Br(2) → CaBr2
(ii) Al3+ और CO32−: Al3+(2), CO32−(3) → Al2(CO3)3
(iii) K+ और SO42−: K+(2), SO42−(1) → K2SO4
(iv) NH4+ और Cl: NH4+(1), Cl(1) → NH4Cl

प्रश्न 7: Cl आयन का सही चित्र (Z=17)
Cl का Z=17, विन्यास 2,8,7 → Cl (1 इलेक्ट्रॉन लेने के बाद) का विन्यास 2, 8, 8
- K कोश में 2 इलेक्ट्रॉन
- L कोश में 8 इलेक्ट्रॉन
- M कोश में 8 इलेक्ट्रॉन
- कुल 18 इलेक्ट्रॉन, 3 कोश
सही चित्र वह होगा जिसमें 3 कोश हों और बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन हों।

प्रश्न 8: सूत्र इकाई द्रव्यमान
(i) NH4NO3 (N=14, H=1, O=16):
= (14+4) + 14 + (16×3) = 18 + 14 + 48 = 80 u
(ii) H3PO4 (H=1, P=31, O=16):
= (1×3) + 31 + (16×4) = 3 + 31 + 64 = 98 u
(iii) NaHCO3 (Na=23, H=1, C=12, O=16):
= 23 + 1 + 12 + (16×3) = 23 + 1 + 12 + 48 = 84 u

प्रश्न 9: तत्वों की प्रतिक्रिया से बने यौगिकों के सूत्र
(i) Mg और N: Mg2+(3), N3−(2) → Mg3N2
(ii) Li और N: Li+(3), N3−(1) → Li3N
(iii) Na और S: Na+(2), S2−(1) → Na2S
(iv) Al और O: Al3+(2), O2−(3) → Al2O3

प्रश्न 10: तालिका 9.3 पूर्ण करिए

NO3 SO42− PO43−
NH4+ NH4NO3 (NH4)2SO4 (NH4)3PO4
Li+ LiNO3 Li2SO4 Li3PO4
Al3+ Al(NO3)3 Al2(SO4)3 AlPO4
Cu2+ Cu(NO3)2 CuSO4 Cu3(PO4)2

प्रश्न 11: द्रव्यमान संरक्षण नियम की पुष्टि
5.3 g Na2CO3 + 6.0 g CH3COOH → 2.2 g CO2 + 0.9 g H2O + 8.2 g CH3COONa
अभिकारकों का योग: 5.3 + 6.0 = 11.3 g
उत्पादों का योग: 2.2 + 0.9 + 8.2 = 11.3 g
11.3 g = 11.3 g → द्रव्यमान संरक्षण का नियम मान्य।

प्रश्न 12: एक स्पीशीज में 11 प्रोटॉन, 12 न्यूट्रॉन, 10 इलेक्ट्रॉन
(i) परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या: परमाणु क्रमांक Z = प्रोटॉन = 11; द्रव्यमान संख्या A = 11 + 12 = 23
(ii) उदासीन, धनायन या ऋणायन? प्रोटॉन (11) > इलेक्ट्रॉन (10) → धनावेश → Na+ (सोडियम धनायन) — यह एक धनायन है।
(iii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 10 इलेक्ट्रॉन → 2, 8 (K=2, L=8)
(iv) स्पीशीज का नाम: Z=11 → सोडियम (Na), यह आयन Na+ है।

The Journey Beyond — प्रश्न 13 से 15

प्रश्न 13: A: 2,8,5 और B: 2,8,7
(i) अधिक क्रियाशील कौन? A के बाहरी कोश में 5 → 3 चाहिए; B के बाहरी कोश में 7 → 1 चाहिए। B को केवल 1 इलेक्ट्रॉन चाहिए — अष्टक पूरा करना B के लिए आसान है → B अधिक क्रियाशील।
(ii) A और B आयनिक या सहसंयोजक बंध बनाएँगे? A (बाहरी कोश में 5e) → 3 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके A3−; B (7e) → 1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके B। दोनों अधातु प्रवृत्ति के हैं → इलेक्ट्रॉन साझा करेंगे → सहसंयोजक बंध।
(iii) यौगिक का सूत्र: A को 3 इलेक्ट्रॉन चाहिए, B देता है 1 → A को 3 B चाहिए → AB3

प्रश्न 14: Assertion (A): कॉपर सल्फेट पिघली अवस्था में विद्युत चलाता है लेकिन ठोस अवस्था में नहीं।
Reason (R): ठोस अवस्था में Cu और सल्फेट आयन जालक में स्थिर रहते हैं; पिघली अवस्था में वे मुक्त होकर गतिमान हो सकते हैं।
उत्तर: (iii) A सत्य है, R असत्य है।
A सत्य है। लेकिन R में कारण उलटा लिखा है — ठोस अवस्था में आयन जालक में स्थिर होते हैं (चालन नहीं); पिघली अवस्था में मुक्त होकर गतिमान होते हैं (चालन होता है)। R में "solid state" और "molten state" का विवरण बदला हुआ है।

प्रश्न 15: ²⁷Al (13 प्रोटॉन), ⁸⁰Br (35 प्रोटॉन), ²⁰¹Hg2+ (80 प्रोटॉन)

स्पीशीज परमाणु क्रमांक (Z) द्रव्यमान संख्या (A) इलेक्ट्रॉन न्यूट्रॉन
²⁷Al 13 27 13 (उदासीन) 27−13 = 14
⁸⁰Br 35 80 35+1 = 36 80−35 = 45
²⁰¹Hg2+ 80 201 80−2 = 78 201−80 = 121

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्र. द्रव्यमान संरक्षण का नियम और स्थिर अनुपात का नियम में क्या अंतर है?
उत्तर: द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है कि रासायनिक क्रिया में कुल द्रव्यमान नहीं बदलता। स्थिर अनुपात का नियम कहता है कि किसी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित अनुपात में होते हैं। पहला नियम मात्रा के बारे में है, दूसरा संघटन के बारे में।

प्र. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की मुख्य सीमाएँ क्या थीं?
उत्तर: डाल्टन ने कहा परमाणु अविभाज्य है — लेकिन बाद में इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन की खोज हुई। उन्होंने समस्थानिकों (Isotopes) की व्याख्या नहीं की। वे नहीं जानते थे कि एक ही तत्व के परमाणुओं के द्रव्यमान भिन्न हो सकते हैं।

प्र. सहसंयोजक और आयनिक बंध में क्या मूल अंतर है?
उत्तर: सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन साझा किए जाते हैं — दोनों परमाणु इलेक्ट्रॉन जोड़ी पर समान अधिकार रखते हैं। आयनिक बंध में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित होते हैं — एक परमाणु दे देता है, दूसरा ले लेता है; फिर बने आयनों के बीच विद्युत आकर्षण ही बंध है।

प्र. एकल, द्विबंध और त्रिबंध में क्या अंतर है?
उत्तर: एकल बंध (Single Bond) में 1 इलेक्ट्रॉन जोड़ी साझा (जैसे H−H); द्विबंध (Double Bond) में 2 जोड़ियाँ (जैसे O=O); त्रिबंध (Triple Bond) में 3 जोड़ियाँ (जैसे N≡N)। अधिक इलेक्ट्रॉन जोड़ियाँ = अधिक मजबूत बंध।

प्र. आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत क्यों नहीं चलाते?
उत्तर: ठोस NaCl में Na+ और Cl आयन एक निश्चित जालक व्यवस्था में क्रिस्टल बनाते हैं — वे अपने स्थान पर बँधे रहते हैं। विद्युत चालन के लिए आवेशित कणों का गति करना आवश्यक है। जल में घोलने पर या पिघलाने पर आयन मुक्त होकर गतिमान होते हैं और विद्युत का चालन करते हैं।

प्र. सहसंयोजक यौगिक (जैसे शक्कर) जल में घुलता है फिर भी विद्युत क्यों नहीं चलाता?
उत्तर: शक्कर (C12H22O11) जल में घुलती है लेकिन आयन नहीं बनाती — अणु पूरे रहते हैं। विद्युत चालन के लिए मुक्त आयन चाहिए। चूँकि शक्कर के जलीय विलयन में कोई आयन नहीं होता, विद्युत नहीं चलती।

प्र. आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान में क्या अंतर है?
उत्तर: आण्विक द्रव्यमान सहसंयोजक यौगिकों (जो वास्तविक अणु बनाते हैं) के लिए प्रयुक्त होता है। आयनिक यौगिक अणु नहीं बनाते — वे क्रिस्टल जालक बनाते हैं — इसलिए उनके लिए सूत्र इकाई द्रव्यमान का उपयोग करते हैं।

प्र. क्रिस्टल जालक क्या है?
उत्तर: आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन एक नियमित, पुनरावर्ती त्रि-आयामी व्यवस्था में सजे होते हैं। NaCl में हर Na+ को 6 Cl घेरते हैं और हर Cl को 6 Na+। इस व्यवस्था को क्रिस्टल जालक (Crystal Lattice) कहते हैं।

प्र. परमाणविक ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा में क्या अंतर है?
उत्तर: रासायनिक ऊर्जा — परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन साझाकरण/स्थानांतरण द्वारा। परमाणविक (Nuclear) ऊर्जा — नाभिक का विखंडन (Fission) या संलयन (Fusion) करने पर। परमाणविक ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा से कई लाख गुना अधिक होती है।

प्र. भारत में परमाणु ऊर्जा का क्या योगदान है?
उत्तर: राजा रामन्ना को भारतीय परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। BARC (भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र), NPCIL के परमाणु विद्युत संयंत्र, और अंतरिक्ष अन्वेषण में परमाणु ऊर्जा का उपयोग होता है। परमाणु ऊर्जा जीवाश्म ईंधन का एक स्वच्छ विकल्प है।

एक नजर में अध्याय सारांश (At a Glance)

  • रासायनिक क्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है — यह द्रव्यमान संरक्षण का नियम है।
  • किसी यौगिक में तत्व सदा निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं — यह स्थिर अनुपात का नियम (प्रूस्ट का नियम) है।
  • अणु (Molecule): विद्युत उदासीन, स्वतंत्र अस्तित्व वाली, पदार्थ के सभी गुण दर्शाने वाली इकाई जिसमें एक से अधिक परमाणु हों।
  • परमाणु स्थिरता के लिए इलेक्ट्रॉन साझा (Sharing) या स्थानांतरित (Transfer) करते हैं।
  • सहसंयोजक बंध (Covalent Bond): इलेक्ट्रॉन साझाकरण द्वारा — एकल, द्विबंध, त्रिबंध।
  • आयनिक बंध (Ionic Bond): इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा — धनायन और ऋणायन का निर्माण, फिर विद्युत स्थैतिक आकर्षण।
  • सहसंयोजक यौगिक का रासायनिक सूत्र अणु में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दर्शाता है।
  • आयनिक यौगिक का सूत्र आयनों का सरलतम पूर्णांक अनुपात दर्शाता है।
  • आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass): अणु में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग।
  • सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass): आयनिक यौगिक की सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग।
  • डाल्टन का परमाणु सिद्धांत: सभी पदार्थ परमाणुओं से बने हैं; परमाणु अविभाज्य हैं; एक ही तत्व के परमाणु समान हैं; यौगिक में परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में होते हैं।
Shakti Rao Mani Shakti Rao Mani शिक्षा नीति, सरकारी योजनाओं और उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा तंत्र पर विशेष रूप से लिखते हैं। Aapbiti के Education Unit से जुड़े हैं और अभिभावकों व छात्रों तक सटीक एवं उपयोगी जानकारी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।