School Students Participate in Vrihad Swachhta Abhiyan in Haridwar

Students and teachers of Gyan Ganga Vidya Mandir, Bhogpur organized a Vrihad Swachhta Abhiyan under the Swachh Bharat Mission, promoting cleanliness awareness and community participation in Haridwar.

Feb 7, 2026 - 16:02
Mar 12, 2026 - 10:39
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School Students Participate in Vrihad Swachhta Abhiyan in Haridwar
Students and teachers of Gyan Ganga Vidya Mandir, Bhogpur organized a Vrihad Swachhta Abhiyan under the Swachh Bharat Mission, promoting cleanliness awareness and community participation in Haridwar.
Special Educational Report

हरिद्वार स्वच्छ हो अपना: ज्ञान गंगा विद्या मंदिर भोगपुर में मेगा स्वच्छता अभियान का सफल क्रियान्वयन

स्थान: भोगपुर, हरिद्वार | दिनांक: फरवरी 2026 | विषय: सामाजिक उत्तरदायित्व एवं शिक्षा

स्वच्छता केवल एक कार्य नहीं, बल्कि एक संस्कार है। भारत सरकार के 'स्वच्छ भारत मिशन' को नई ऊर्जा देते हुए उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री के विजन "हरिद्वार स्वच्छ हो अपना" के तहत राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हरिद्वार जनपद के भोगपुर स्थित ज्ञान गंगा विद्या मंदिर ने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। विद्यालय में आयोजित "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" मेगा स्वच्छता कार्यक्रम ने न केवल विद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाया, बल्कि छात्रों के भीतर नागरिक कर्तव्यों की एक नई चेतना जागृत की है।

साक्ष्य: स्वच्छता अभियान के दौरान संकलित जीपीएस मैप कैमरा रिपोर्ट (Field Activity Verification)

1. मेगा स्वच्छता अभियान का विस्तृत विवरण

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:00 बजे विद्यालय की प्रार्थना सभा के साथ हुआ। प्रधानाचार्य और वरिष्ठ शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि स्वच्छता का संबंध केवल गंदगी हटाने से नहीं, बल्कि मानसिक स्पष्टता और स्वस्थ जीवनशैली से है। मुख्यमंत्री जी के सपने को धरातल पर उतारने के लिए विद्यालय प्रशासन ने सूक्ष्म योजना (Micro-planning) तैयार की थी।

पूरे विद्यालय को चार जोन में विभाजित किया गया था। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ शिक्षक और छात्र-नेताओं (School Prefects) को सौंपी गई। जोन-1 में कक्षा 9 और 10 के छात्रों को मुख्य द्वार और बाहरी सड़क की सफाई का जिम्मा दिया गया, जबकि जोन-2 में विद्यालय के खेल मैदान और उद्यान क्षेत्र को कवर किया गया। जोन-3 और जोन-4 में आंतरिक गलियारों और कक्षाओं के गहन शुद्धिकरण का कार्य किया गया।

2. शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वय (NEP 2020)

नई शिक्षा नीति (NEP 2020) में छात्रों के 'करैक्टर बिल्डिंग' (Character Building) और 'सोशल वर्क' (Social Work) पर विशेष जोर दिया गया है। ज्ञान गंगा विद्या मंदिर का यह प्रयास इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। शिक्षकों का मानना है कि जब छात्र स्वयं अपने हाथों में झाड़ू थामकर अपने परिवेश को साफ करते हैं, तो उनके भीतर श्रम के प्रति सम्मान (Dignity of Labour) पैदा होता है।

इस एक घंटे के श्रमदान में छात्रों ने सीखा कि कचरा प्रबंधन (Waste Management) की प्रक्रिया क्या होती है। उन्होंने सूखे और गीले कचरे को अलग करना सीखा। प्लास्टिक कचरे को एकत्रित कर उसे रिसाइक्लिंग के लिए अलग बैग्स में रखा गया। यह व्यावहारिक ज्ञान किसी भी थ्योरी क्लास से कहीं अधिक प्रभावी साबित हुआ।

? अभियान के मुख्य बिंदु:

  • सहभागिता: 300 से अधिक छात्र-छात्राएं और 20 शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी।
  • कचरा निस्तारण: लगभग 50 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से एकत्रीकरण।
  • जागरूकता: "स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत" के नारों के साथ स्थानीय ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।
  • स्थायित्व: विद्यालय ने प्रत्येक शनिवार को 'स्वच्छता घंटा' मनाने का संकल्प लिया।

3. हरिद्वार की पारिस्थितिकी (Ecology) पर प्रभाव

हरिद्वार एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ गंगा के किनारे बसा एक संवेदनशील क्षेत्र है। भोगपुर जैसे ग्रामीण और उप-शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाना गंगा की शुद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। नालियों और सड़कों पर जमा प्लास्टिक अंततः नदियों में पहुंचता है। ज्ञान गंगा विद्या मंदिर के छात्रों ने जिस उत्साह से सफाई की, वह गंगा संरक्षण (Namami Gange) के व्यापक उद्देश्य में भी अपना योगदान देता है।

स्थानीय निवासियों ने भी छात्रों के इस कार्य की सराहना की। कई दुकानदारों ने छात्रों को देखकर अपनी दुकानों के सामने स्वयं सफाई शुरू कर दी। यह इस बात का प्रमाण है कि बच्चों के माध्यम से समाज में बदलाव लाना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।

4. चुनौतियाँ और भविष्य की योजना

अभियान के दौरान यह देखा गया कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक (Single-use Plastic) अभी भी एक बड़ी चुनौती है। सड़कों के किनारे चिप्स के पैकेट और प्लास्टिक की बोतलें भारी मात्रा में मिलीं। विद्यालय ने अब यह तय किया है कि परिसर को 'जीरो प्लास्टिक जोन' (Zero Plastic Zone) बनाया जाएगा। छात्रों को घर से कपड़े के थैले लाने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने का टास्क दिया गया है।

निष्कर्ष: एक साझा भविष्य की ओर

ज्ञान गंगा विद्या मंदिर भोगपुर का यह मेगा स्वच्छता कार्यक्रम केवल एक दिन की गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के महायज्ञ में एक आहुति थी। जब हमारे देश का युवा जागरूक होगा, तभी राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल और स्वस्थ होगा। "स्वच्छता ही सेवा है" के मंत्र को आत्मसात कर इन छात्रों ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है।

विशेष रिपोर्ट: आपबीती न्यूज़ एजुकेशन डेस्क | वीडियो सौजन्य: ज्ञान गंगा विद्या मंदिर, हरिद्वार

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Shakti Rao Mani Shakti Rao Mani शिक्षा नीति, सरकारी योजनाओं और उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा तंत्र पर विशेष रूप से लिखते हैं। Aapbiti के Education Unit से जुड़े हैं और अभिभावकों व छात्रों तक सटीक एवं उपयोगी जानकारी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।