NCERT Class 9 Science Exploration Chapter 6 – बल और गति | न्यूटन के तीनों नियम हिंदी में | सम्पूर्ण व्याख्या
NCERT Class 9 Science Exploration Chapter 6 की पूरी हिंदी व्याख्या — बल, घर्षण बल, न्यूटन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय नियम, F=ma, जड़त्व, सभी उदाहरण और Exercise उत्तर।
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Chapter 6 का परिचय — गति का कारण क्या है?
अध्याय 4 में आपने सीखा कि गति को स्थिति, वेग और त्वरण के संदर्भ में कैसे वर्णित किया जाए। लेकिन गति का कारण क्या है? क्या किसी वस्तु की स्थिति और वेग में परिवर्तन का कोई मूल कारण है? क्या सभी गतियों के लिए कारण की ज़रूरत होती है? इस अध्याय में हम इन्हीं प्रश्नों का उत्तर खोजेंगे — न्यूटन के तीनों गति के नियम समझेंगे और उन्हें व्यावहारिक उदाहरणों पर लागू करेंगे।
6.1 बल की अवधारणा (The Concept of Force)
बल वह भौतिक कारण है जो किसी विरामावस्था की वस्तु को गतिमान कर सकता है, गतिमान वस्तु की चाल या दिशा बदल सकता है, और किसी वस्तु का आकार भी बदल सकता है। उदाहरण — विरामावस्था की गेंद को लात मारने पर वह चलने लगती है, क्रिकेट बल्ले से गेंद की दिशा बदलती है, और नींबू को उंगलियों से दबाने पर उसका आकार बदलता है।
बल एक सदिश राशि (Vector Quantity) है — इसके लिए परिमाण (magnitude) और दिशा (direction) दोनों बताना ज़रूरी है। बल की SI इकाई न्यूटन (N) है — जिसे छोटे 'n' से लिखते हैं पर प्रतीक N (बड़े N) से। यदि बल का परिमाण या दिशा, या दोनों बदलें — तो बल का प्रभाव भी बदल जाता है।
बल का मापन — स्प्रिंग तुला (Spring Balance)
बल के परिमाण को स्प्रिंग तुला से मापा जाता है। भार (weight) वह गुरुत्वीय बल है जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है — इसे भी स्प्रिंग तुला से मापा जाता है। रोज़मर्रा में हम जो सबसे छोटा बल सीधे महसूस कर सकते हैं वह मिलीन्यूटन (10⁻³ N) के क्रम का है — जैसे हल्का स्पर्श।
6.2 संतुलित और असंतुलित बल (Balanced and Unbalanced Forces)
वास्तविक जीवन में किसी वस्तु पर एक से अधिक बल एक साथ लगते हैं। जैसे — बॉक्स को धकेलते समय आगे की ओर लगाया बल + पीछे की ओर घर्षण बल। पानी में तैरती गेंद पर — नीचे गुरुत्वीय बल + ऊपर उत्प्लावन बल।
संतुलित बल (Balanced Forces)
जब दो बल परिमाण में समान और दिशा में विपरीत हों — वे संतुलित बल हैं। रस्साकशी में यदि दोनों टीम समान बल लगाएँ → रस्सी नहीं हिलती। संतुलित बल में परिणामी बल (Net Force) = 0।
असंतुलित बल (Unbalanced Forces)
यदि एक टीम अधिक बल लगाए → रस्सी अधिक बल की दिशा में खिंचती है → यह असंतुलित बल है। परिणामी बल ≠ 0 → वस्तु में त्वरण होता है।
- विपरीत दिशाओं में: Net Force = F₁ – F₂ (बड़े बल की दिशा में)
- एक ही दिशा में: Net Force = F₁ + F₂
Example 6.1 — तीन स्थितियों में परिणामी बल
10 N और 6 N बल एक ब्लॉक पर लग रहे हैं:
(a) दोनों दाईं ओर → Net Force = 10 + 6 = 16 N, दाईं ओर
(b) 10 N दाईं, 6 N बाईं → Net Force = 10 – 6 = 4 N, दाईं ओर
(c) 6 N दाईं, 10 N बाईं → Net Force = 10 – 6 = 4 N, बाईं ओर
Pause and Ponder 1: भारोत्तोलक पर बल — (i) ऊपर वज़न उठाने वाले हाथों का बल, (ii) नीचे गुरुत्वीय बल (भार)। यदि वज़न स्थिर है → दोनों बल संतुलित हैं।
Pause and Ponder 2: Arm wrestling में भुजाएँ सामने झुकी → असंतुलित बल → R ने अधिक बल लगाया (क्योंकि गति R की दिशा में है)।
6.3 घर्षण बल — हमेशा मौजूद, अक्सर अनदेखा
जब किसी वस्तु को धकेला जाता है तो उसकी निचली सतह और फर्श के बीच घर्षण बल (Force of Friction) उत्पन्न होता है जो गति की विपरीत दिशा में लगता है। वस्तु तभी चलेगी जब लगाया बल घर्षण बल से बड़ा हो ताकि परिणामी बल शून्य न रहे।
एक बार चलती वस्तु से बल हटा लें — घर्षण बल वस्तु को धीमा कर रोक देता है। इसीलिए साइकिल रोकने पर धीरे-धीरे रुकती है।
घर्षण बल किस पर निर्भर है?
Activity 6.1 और 6.2 से निष्कर्ष: घर्षण बल संपर्क में आने वाली सतहों की प्रकृति पर निर्भर करता है। चिकनी सतह → कम घर्षण → वस्तु अधिक दूर जाती है। खुरदुरी सतह → अधिक घर्षण → वस्तु जल्दी रुकती है।
एक धकेली वस्तु पर चार बल लगते हैं:
- लगाया बल (आगे)
- घर्षण बल (पीछे)
- गुरुत्वीय बल / भार (नीचे)
- अभिलंब बल / Normal Force (ऊपर) — ये दोनों संतुलित होते हैं।
विचार प्रयोग (Thought Experiment — Galileo)
यदि घर्षण बल शून्य हो तो? — एक बार चलाई वस्तु कभी नहीं रुकेगी! गैलीलियो गैलीली ने 17वीं सदी में यही तर्क दिया था — यदि किसी क्षैतिज तल पर सभी अवरोध हटा दिए जाएँ तो वस्तु हमेशा चलती रहेगी। यह प्राचीन मान्यता के विरुद्ध था जो कहती थी कि गति बनाए रखने के लिए हमेशा बल चाहिए।
6.4 न्यूटन का प्रथम नियम (Newton's First Law of Motion)
न्यूटन का प्रथम नियम: विरामावस्था की वस्तु विरामावस्था में रहती है और गतिमान वस्तु एकसमान वेग से चलती रहती है — जब तक उस पर कोई परिणामी बल नहीं लगता।
सरल शब्दों में: यदि Net Force = 0 → वस्तु अपनी वर्तमान अवस्था (विराम या एकसमान गति) नहीं बदलती।
यह नियम वस्तु की एक मूल प्रवृत्ति बताता है — जड़त्व (Inertia) — अपनी अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करना। Isaac Newton ने 1687 में तीनों गति नियम प्रस्तुत किए।
जड़त्व के उदाहरण
- बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे झुकते हैं — जड़त्व के कारण।
- बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे झुकते हैं।
- पेड़ को हिलाने पर फल नीचे गिरते हैं — टहनियाँ हिलती हैं पर फलों का जड़त्व उन्हें जगह पर रखता है।
- क्रिकेट गेंद — बल्ले से लगने के बाद दिशा बदलती है।
Example 6.2 — बल बराबर घर्षण
आगे लगाया बल = पीछे घर्षण बल → Net Force = 0 → न्यूटन प्रथम नियम से → बॉक्स एकसमान वेग से चलता रहेगा।
Example 6.3 — ग्राफ जब Net Force = 0
विराम में: स्थिति-समय ग्राफ = X-अक्ष के समानांतर सरल रेखा; वेग-समय ग्राफ = X-अक्ष पर ही (v=0)।
एकसमान वेग से गतिमान: स्थिति-समय ग्राफ = ढलानदार सरल रेखा; वेग-समय ग्राफ = X-अक्ष के समानांतर सरल रेखा।
Pause and Ponder 3:
एकसमान वेग → वेग में परिवर्तन नहीं → Net Force = शून्य।
Pause and Ponder 4:
Net Force = 0 पर संभव स्थितियाँ: (i) और (ii) दोनों संभव हैं। (iii) संभव नहीं — स्थिर त्वरण के लिए Net Force ≠ 0 चाहिए।
Pause and Ponder 5:
उदाहरण — पानी में तैरती गेंद पर गुरुत्वीय बल (नीचे) और उत्प्लावन बल (ऊपर) बराबर हैं → Net Force = 0 → गेंद विराम में रहती है।
6.5 न्यूटन का द्वितीय नियम (Newton's Second Law of Motion)
प्रथम नियम बताता है कि Net Force = 0 पर क्या होता है। द्वितीय नियम बताता है कि Net Force ≠ 0 पर क्या होता है।
न्यूटन का द्वितीय नियम: जब किसी वस्तु पर परिणामी बल लगता है, तो वस्तु उसी दिशा में त्वरित होती है। त्वरण का परिमाण बल के परिमाण के अनुक्रमानुपाती और वस्तु के द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
गणितीय रूप: F = ma
जहाँ F = Net Force (N), m = mass (kg), a = acceleration (m s⁻²)
इससे: a = F/m
1 Newton की परिभाषा: वह बल जो 1 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 1 m s⁻² का त्वरण उत्पन्न करे।
F = 1 kg × 1 m s⁻² = 1 N
गुरुत्वीय त्वरण और भार
पृथ्वी की सतह के पास गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m s⁻² (अनुमान के लिए g = 10 m s⁻²)। द्रव्यमान m की वस्तु का भार (Weight) = mg। g का मान वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता।
द्वितीय नियम के महत्वपूर्ण निष्कर्ष
| स्थिति | परिणाम |
|---|---|
| समान द्रव्यमान, अधिक बल | अधिक त्वरण |
| समान बल, अधिक द्रव्यमान | कम त्वरण |
| बल शून्य | त्वरण शून्य (प्रथम नियम) |
क्रिकेट गेंद पकड़ना — द्वितीय नियम का उपयोग
क्षेत्ररक्षक गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचता है → समय अंतराल बढ़ता है → त्वरण (deceleration) कम होता है → बल कम लगता है → चोट कम लगती है। F = Δv/t — समय बढ़ने से बल घटता है।
Airbag — द्वितीय नियम का अनुप्रयोग
टक्कर में Airbag फुल जाती है → यात्री का सिर/छाती Airbag में धँसती है → रुकने का समय बढ़ता है → बल कम होता है → गंभीर चोट से बचाव।
नारियल फोड़ना — द्वितीय नियम
नारियल को बहुत तेज़ वेग से ज़मीन पर मारते हैं → बहुत कम समय में वेग शून्य होता है → ज़मीन को बहुत बड़ा बल लगाना पड़ता है → खोल टूट जाती है।
Example 6.4 — भारोत्तोलक का बल
कुल द्रव्यमान = 10 + 10 + 10 = 30 kg
गुरुत्वीय बल = mg = 30 × 9.8 = 294 N नीचे
स्थिर रखने के लिए भारोत्तोलक 294 N ऊपर लगाती है।
Example 6.5 — ब्लॉक को धकेलना
m = 25 kg, घर्षण = 50 N
(i) 50 N लगाने पर: Net Force = 50 – 50 = 0 → ब्लॉक स्थिर रहेगा।
(ii) 55 N लगाने पर: Net Force = 55 – 50 = 5 N
a = F/m = 5/25 = 0.2 m s⁻²
s = ut + ½at² = 0 + ½ × 0.2 × 4 = 0.4 m
Example 6.6 — Sports Car का वेग-समय ग्राफ
m = 1500 kg
(i) 0–5 s: u=0, v=10 m s⁻¹, t=5 s → a = (10–0)/5 = 2 m s⁻² → F = 1500 × 2 = 3000 N (पूर्व दिशा में)
(ii) 5–10 s: वेग स्थिर → a = 0 → F = 0
(iii) 10–15 s: u=10, v=0, t=5 s → a = (0–10)/5 = –2 m s⁻² → F = 1500 × (–2) = –3000 N (पश्चिम दिशा में)
Pause and Ponder 6:
एकसमान वेग → Net Force = 0। Net Force = 0 N।
Pause and Ponder 7:
F = ma → समान त्वरण के लिए: अधिक द्रव्यमान वाले बच्चे के लिए अधिक बल चाहिए।
Pause and Ponder 8:
Bubble wrap/hay में काँच का सामान — टक्कर का समय बढ़ता है → बल कम → टूटने से बचाव।
6.6 न्यूटन का तृतीय नियम (Newton's Third Law of Motion)
न्यूटन का तृतीय नियम: जब भी एक वस्तु दूसरी वस्तु पर बल लगाती है, दूसरी वस्तु भी पहली पर समान परिमाण का विपरीत दिशा में बल लगाती है।
क्रिया-प्रतिक्रिया (Action-Reaction): बल हमेशा जोड़े में आते हैं। लेकिन ये दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं — इसलिए एक-दूसरे को नहीं काटते।
तृतीय नियम के उदाहरण
- चलना/दौड़ना: पैर ज़मीन को पीछे धकेलते हैं → ज़मीन घर्षण बल द्वारा पैर को आगे धकेलती है → आप आगे बढ़ते हैं।
- नाव चलाना: पतवार पानी को पीछे धकेलती है → पानी पतवार को आगे धकेलता है → नाव आगे बढ़ती है।
- रॉकेट: इंजन गैस को नीचे धकेलता है → गैस रॉकेट को ऊपर धकेलती है → रॉकेट ऊड़ता है।
- गुब्बारा: गुब्बारे की दीवार हवा को बाहर निकालती है → हवा गुब्बारे को विपरीत दिशा में धकेलती है।
- नारियल का पेड़ चढ़ना: पैर तने को नीचे धकेलते हैं → घर्षण व्यक्ति को ऊपर धकेलता है।
- Chandrayaan-3: विक्रम लैंडर का इंजन गति की दिशा में फायर → गैस विपरीत बल → वेग कम → सॉफ्ट लैंडिंग।
Activity 6.5 — कुर्सी पर बैठकर मेज़ धकेलना
मेज़ को आगे धकेला → मेज़ आपको पीछे धकेलती है → कुर्सी पीछे जाती है। मेज़ को खींचा → मेज़ आपको आगे खींचती है → कुर्सी आगे आती है। यही तृतीय नियम है।
Activity 6.6 — दो स्प्रिंग तुलाएँ
दोनों तुलाओं का पाठ्यांक हमेशा बराबर → सिद्ध होता है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बल परिमाण में समान हैं।
Example 6.7 — फल पृथ्वी की ओर गिरता है, पृथ्वी फल की ओर क्यों नहीं?
बल दोनों पर बराबर। लेकिन पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक → a = F/m → पृथ्वी का त्वरण नगण्य → ध्यान देने योग्य नहीं।
Example 6.8 — बंदूक की पुनरावृत्ति (Recoil)
m_bullet = 0.1 kg, m_gun = 5 kg, F = 2 N (तृतीय नियम से gun पर भी 2 N)
Bullet का त्वरण = 2/0.1 = 20 m s⁻²
Gun का त्वरण = 2/5 = 0.4 m s⁻²
Pause and Ponder 9:
अग्निशामक पाइप से पानी तेज़ी से बाहर निकलता है → पानी पाइप पर विपरीत दिशा में बल लगाता है → अग्निशामक को संभालना कठिन होता है।
Pause and Ponder 10:
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नगण्य। अंतरिक्षयान वेग बदलने के लिए इंजन फायर करेगा — एक दिशा में गैस निकाले → विपरीत दिशा में बल → वेग बदलेगा।
6.7 वस्तुओं के तंत्र पर बल (Forces Acting on a System of Objects)
दो बॉक्स m₁ और m₂ को धागे से जोड़ा गया है। बाहरी बल F बॉक्स 1 पर लगाया जाए। तंत्र को एकल वस्तु मानें → तंत्र का कुल द्रव्यमान = m₁ + m₂।
a = F/(m₁ + m₂)
धागे में तनाव (Tension T) — आंतरिक बल है। तंत्र विश्लेषण में आंतरिक बलों को छोड़ा जाता है — केवल बाहरी बल गिने जाते हैं।
Chapter 6 के महत्वपूर्ण सूत्र
| सूत्र | उपयोग |
|---|---|
| F = ma | बल, द्रव्यमान और त्वरण का संबंध |
| a = F/m | त्वरण निकालना |
| F = mg | किसी वस्तु का भार |
| a = F/(m₁+m₂) | जुड़े तंत्र का त्वरण |
| Net Force = F₁–F₂ (विपरीत) | परिणामी बल |
| Net Force = F₁+F₂ (एक दिशा) | परिणामी बल |
यह भी पढ़ें
Revise, Reflect, Refine — सम्पूर्ण Exercise उत्तर (Step by Step)
प्रश्न 1: टेबल एकसमान वेग से खिसकती है — घर्षण बल कितना?
एकसमान वेग → Net Force = 0 (प्रथम नियम)
Net Force = F – f = 0 → f = F
घर्षण बल = F (लगाए गए बल के बराबर)
प्रश्न 2: घर्षणरहित सतह पर गेंद
(i) Net Force नहीं → वेग वही रहेगा (remain the same) — प्रथम नियम
(ii) गति की दिशा में Net Force → वेग बढ़ेगा (increase)
(iii) गति की विपरीत दिशा में Net Force → वेग घटेगा (decrease)
प्रश्न 3: Block P और Q
P पर: 5 N और 4 N विपरीत दिशाओं में → Net Force = 5–4 = 1 N ≠ 0 → P अनुभव करता है।
Q एकसमान वेग से चल रहा है → Net Force = 0 → Q अनुभव नहीं करता।
सही उत्तर: (i)
प्रश्न 4: Snake Boat Race — Net Force
95 नाविक पीछे रोते हैं (आगे): 95 × 200 = 19,000 N
5 नाविक आगे रोते हैं (पीछे): 5 × 200 = 1,000 N
Net Force = 19,000 – 1,000 = 18,000 N (आगे की दिशा में)
प्रश्न 5: Net Force पर त्वरण
सही उत्तर: (iv) — बल की दिशा में, बल के अनुक्रमानुपाती त्वरण।
प्रश्न 6: Position-Time Graph से Net Force
Object A: ढलानदार सरल रेखा → एकसमान वेग → Net Force = 0 ✗
Object B: X-अक्ष के समानांतर → विराम → Net Force = 0 ✗
Object C: वक्र (ऊपर उठता) → वेग बढ़ रहा → Net Force ≠ 0 ✓
Object D: वक्र (नीचे झुकता) → वेग घट रहा → Net Force ≠ 0 ✓
सही उत्तर: (iii) Object C और (iv) Object D पर Net Force लग रहा है।
प्रश्न 7: नाविक नाव से तट पर कूदा
नाविक आगे कूदता है → तृतीय नियम से नाव पर विपरीत बल → नाव पीछे की दिशा में जाएगी।
प्रश्न 8: High Jump में Landing Mat
Landing mat मुलायम होती है → एथलीट को रुकने में अधिक समय लगता है → F = Δmv/t → समय बढ़ने से बल घटता है → चोट से बचाव।
प्रश्न 9: भरी और खाली ठेलागाड़ी की टक्कर
तृतीय नियम से दोनों एक-दूसरे पर समान परिमाण का बल लगाते हैं।
सही उत्तर: (iv)
प्रश्न 10: Acceleration-Mass Graph से Force-Mass Graph
ग्राफ से पढ़ें: a × m = F (स्थिर) → जैसे 1 kg पर a = 10 m s⁻² → F = 10 N। 2 kg पर a = 5 → F = 10 N। हर बिंदु पर F = 10 N (स्थिर)।
Force-Mass Graph: X-अक्ष के समानांतर सरल रेखा (F = 10 N)
प्रश्न 11: Velocity-Time Graph (Fig. 6.41) — m = 10 kg
ग्राफ से: 0 से 4 s तक v = 0 से 30 m s⁻¹
a = (30–0)/4 = 7.5 m s⁻²
F = ma = 10 × 7.5 = 75 N
प्रश्न 12: गोली लकड़ी में रुकना
m = 50 g = 0.05 kg, u = 100 m s⁻¹, v = 0, s = 50 cm = 0.5 m
v² = u² + 2as → 0 = 10000 + 2 × a × 0.5 → a = –10000 m s⁻²
F = ma = 0.05 × 10000 = 500 N (विपरीत दिशा में)
प्रश्न 13: फुटबॉल किक का समय
v = 108 km h⁻¹ = 30 m s⁻¹, F = 800 N, m = 0.4 kg
F = m(v–u)/t → 800 = 0.4 × (30–0)/t → t = 12/800 = 0.015 s
प्रश्न 14: खुरदुरे क्षेत्र में वस्तु
m = 2 kg, u = 10 m s⁻¹, घर्षण = 7 N, विरोधी बल = 3 N
कुल विरोधी बल = 7 + 3 = 10 N
Net Force = –10 N (विपरीत)
a = –10/2 = –5 m s⁻²
v² = u² + 2as → 0 = 100 + 2×(–5)×s → s = 100/10 = 10 m
प्रश्न 15: ट्रेक्टर — हैरो और ट्रॉली का त्वरण
हैरो के लिए: F = m₁ × a₁ → m₁ = F/a₁
ट्रॉली के लिए: F = m₂ × a₂ → m₂ = F/a₂
दोनों साथ: a = F/(m₁+m₂) = F/(F/a₁ + F/a₂) = 1/(1/a₁ + 1/a₂)
a = a₁a₂/(a₁+a₂)
प्रश्न 16: कम्पास सुई हिलती है, चुंबक क्यों नहीं?
दोनों पर बराबर बल। लेकिन बार चुंबक का द्रव्यमान कम्पास सुई से बहुत अधिक है → a = F/m → चुंबक का त्वरण बहुत कम (नगण्य) → कम्पास सुई हल्की है → अधिक त्वरण → हिलती है।
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व का नियम क्यों कहलाता है?
यह नियम बताता है कि वस्तु अपनी अवस्था (विराम या एकसमान गति) को बदलने का विरोध करती है — इसी प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं।
Q2. F = ma में F कौन सा बल है?
F हमेशा परिणामी बल (Net Force) है — सभी बलों का सदिश योग।
Q3. क्रिया-प्रतिक्रिया बल एक-दूसरे को क्यों नहीं काटते?
क्योंकि ये दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं। संतुलित बल एक ही वस्तु पर होते हैं।
Q4. भार और द्रव्यमान में क्या अंतर है?
द्रव्यमान (Mass) — वस्तु में पदार्थ की मात्रा, हर जगह समान, इकाई kg। भार (Weight) = mg — पृथ्वी का गुरुत्वीय बल, जगह के अनुसार बदलता है, इकाई N।
Q5. घर्षण हमेशा बुरा है?
नहीं। चलना, दौड़ना, गाड़ी चलाना — सब घर्षण के बिना असंभव हैं। घर्षण से ही पकड़ होती है। हाँ, ऊर्जा की हानि भी घर्षण से होती है।
Q6. Newton का नाम छोटे 'n' से क्यों लिखते हैं?
जब किसी व्यक्ति के नाम पर इकाई रखी जाती है — इकाई का पूरा नाम छोटे अक्षर से (newton) और प्रतीक बड़े अक्षर से (N) लिखा जाता है।
Q7. Newton के नियम कहाँ काम नहीं करते?
बहुत भारी पिंडों के पास (सापेक्षता सिद्धांत), प्रकाश के वेग के पास, और परमाणु स्तर पर (क्वांटम यांत्रिकी)।
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