Class 10 Science Chapter 2 Notes: Amla Kshaarak Evam Lavan (Acids, Bases and Salts)

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 के आसान हिंदी नोट्स — अम्ल-क्षारक की अभिक्रियाएँ, pH स्केल, उदासीनीकरण, लवण के प्रकार व उपयोग की पूरी परिभाषा, असली किताब के चित्रों और सभी प्रश्नों के हल के साथ।

Sep 03, 2026 - 05:56
Updated: 19 hours ago
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यह इमेज NCERT कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 "अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)" के हिंदी नोट्स का फीचर्ड इमेज है, जिसे Bhanu Classes, Bhogpur द्वारा तैयार किया गया है। इसमें pH स्केल, परखनली, लिटमस परीक्षण और उदासीनीकरण अभिक्रिया से जुड़े विषयों को दर्शाया गया है।

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 नोट्स — अम्ल, क्षारक एवं लवण (बोर्ड परीक्षा हेतु विस्तृत नोट्स)

NCERT कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 "अम्ल, क्षारक एवं लवण" के बोर्ड परीक्षा (UP Board) पैटर्न के अनुसार विस्तृत नोट्स — सभी परिभाषाएँ, समीकरण, वास्तविक पाठ्यपुस्तक के चित्र, तथा पाठ्य-प्रश्नों व अभ्यास के पूरे हल सहित।

भोजन का खट्टा स्वाद उसमें उपस्थित अम्ल के कारण तथा कड़वा स्वाद क्षारक के कारण होता है। अम्ल एवं क्षारक जब आपस में मिलते हैं तो एक-दूसरे के गुणों को समाप्त कर लवण नामक नया यौगिक बनाते हैं। इस अध्याय में हम इनके रासायनिक गुणधर्म, इनकी शक्ति मापने की विधि (pH स्केल) तथा लवणों के निर्माण व उपयोग का अध्ययन करेंगे।

1. सूचक (Indicators)

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परिभाषा: वे पदार्थ जो अपने रंग, गंध अथवा किसी अन्य भौतिक गुण में परिवर्तन दिखाकर यह सूचित करते हैं कि दिया गया विलयन अम्लीय, क्षारकीय अथवा उदासीन है, सूचक कहलाते हैं। ये अम्ल-क्षारक की उपस्थिति को बिना स्वाद चखे पहचानने में सहायता करते हैं, क्योंकि प्रयोगशाला अम्ल-क्षारक संक्षारक होने से चखना खतरनाक होता है।
प्राकृतिक सूचक
लिटमस — लिचेन पौधे से प्राप्त बैंगनी रंजक (उदासीन होने पर बैंगनी रहता है)
हल्दी — क्षारक में पीले से भूरा-लाल हो जाता है
लाल पत्ता गोभी, हाइड्रेंजिया, पिटूनिया, जेरानियम की पंखुड़ियाँ
संश्लेषित सूचक
मेथिल ऑरेंज, फीनॉल्फथेलिन — अम्ल-क्षारक अनुमापन में प्रयुक्त
गंधीय सूचक
वैनिला एसेंस, लौंग का तेल — क्षारक में गंध लुप्त हो जाती है (दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए उपयोगी)
लाल लिटमस
अम्ल में: कोई परिवर्तन नहीं
क्षारक में: नीला
नीला लिटमस
अम्ल में: लाल
क्षारक में: कोई परिवर्तन नहीं
फीनॉल्फथेलिन
अम्ल में: रंगहीन
क्षारक में: गुलाबी
मेथिल ऑरेंज
अम्ल में: गुलाबी/लाल
क्षारक में: पीला

2. अम्ल एवं क्षारक की धातु से अभिक्रिया

?
जब अम्ल किसी सक्रिय धातु (जिंक, मैग्नीशियम, लोहा, एल्युमिनियम) से अभिक्रिया करता है, तो धातु अम्ल में उपस्थित हाइड्रोजन परमाणुओं को विस्थापित कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती है और लवण बनता है। ताँबा (Cu), चाँदी (Ag) जैसी धातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करतीं।
अम्ल + धातु ➜ लवण + हाइड्रोजन गैस
उदाहरण: Zn + H₂SO₄ ➜ ZnSO₄ + H₂↑
जाँच: गैस को साबुन विलयन में प्रवाहित कर बुलबुले बनते हैं; जलती मोमबत्ती लाने पर फट-फट ध्वनि के साथ जलना — यही हाइड्रोजन गैस की पहचान है।
चित्र 2.1 — दानेदार जिंक व तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया एवं हाइड्रोजन गैस की जाँच (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.1 — दानेदार जिंक व तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया एवं हाइड्रोजन गैस की जाँच (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

क्षारक + धातु: जिंक जैसी उभयधर्मी धातु क्षारक से भी हाइड्रोजन गैस देती है —
2NaOH + Zn ➜ Na₂ZnO₂ (सोडियम जिंकेट) + H₂↑

3. धातु कार्बोनेट/हाइड्रोजनकार्बोनेट की अम्ल से अभिक्रिया

धातु कार्बोनेट/हाइड्रोजनकार्बोनेट + अम्ल ➜ लवण + CO₂ + जल
Na₂CO₃ + 2HCl ➜ 2NaCl + H₂O + CO₂↑
NaHCO₃ + HCl ➜ NaCl + H₂O + CO₂↑
उत्पन्न CO₂ को चूने के पानी से प्रवाहित करने पर वह दूधिया हो जाता है:
Ca(OH)₂ + CO₂ ➜ CaCO₃↓ (श्वेत अवक्षेप) + H₂O
अत्यधिक CO₂ पर: CaCO₃ + H₂O + CO₂ ➜ Ca(HCO₃)₂ (जल में विलेय)
चित्र 2.2 — कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड में से कार्बन डाइऑक्साइड गैस को गुज़ारना (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.2 — कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड में से कार्बन डाइऑक्साइड गैस को गुज़ारना (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

4. उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization)

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अम्ल एवं क्षारक की परस्पर अभिक्रिया से लवण एवं जल बनते हैं — यह उदासीनीकरण अभिक्रिया है। यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
क्षारक + अम्ल ➜ लवण + जल
NaOH(aq) + HCl(aq) ➜ NaCl(aq) + H₂O(l)

दैनिक जीवन में उदाहरण: पेट में अम्ल की अधिकता पर एेन्टैसिड, अम्लीय मिट्टी में बुझा चूना मिलाना, मधुमक्खी के डंक पर बेकिंग सोडा लगाना।

5. धात्विक व अधात्विक ऑक्साइड की अभिक्रियाएँ

अम्ल की धात्विक ऑक्साइड से अभिक्रिया
धातु ऑक्साइड + अम्ल ➜ लवण + जल
CuO + 2HCl ➜ CuCl₂ (नील-हरित) + H₂O
इसलिए धात्विक ऑक्साइड को क्षारकीय ऑक्साइड कहते हैं
क्षारक की अधात्विक ऑक्साइड से अभिक्रिया
अधात्विक ऑक्साइड + क्षारक ➜ लवण + जल
CO₂ + Ca(OH)₂ ➜ CaCO₃ + H₂O
इसलिए अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं

6. सभी अम्लों एवं क्षारकों में समानता — H⁺ व OH⁻ आयन सिद्धांत

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धातु के साथ अभिक्रिया में सभी अम्ल हाइड्रोजन गैस देते हैं — अर्थात सभी अम्लों में हाइड्रोजन होता है। परंतु ग्लूकोज़, एल्कोहल में हाइड्रोजन होते हुए भी वे विद्युत का चालन नहीं करते — क्योंकि अम्लीय गुण के लिए जलीय विलयन में मुक्त H⁺ आयन बनना आवश्यक है।
चित्र 2.3 — जल में अम्ल का विलयन विद्युत चालन करता है (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.3 — जल में अम्ल का विलयन विद्युत चालन करता है (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

जलीय विलयन में आयनन: HCl + H₂O ➜ H₃O⁺ + Cl⁻ — जल की अनुपस्थिति में HCl अणुओं से H⁺ पृथक नहीं होते, इसीलिए शुष्क HCl गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती।

चित्र 2.4 — HCl गैस का निर्माण एवं आर्द्र/शुष्क लिटमस पत्र से परीक्षण (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.4 — HCl गैस का निर्माण एवं आर्द्र/शुष्क लिटमस पत्र से परीक्षण (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

NaOH(s) —H₂O→ Na⁺(aq) + OH⁻(aq)। सभी क्षारक जल में OH⁻ आयन उत्पन्न करते हैं। जल में घुलनशील क्षारक को क्षार (Alkali) कहते हैं।

H⁺(aq) + OH⁻(aq) ➜ H₂O(l)

7. तनुकरण (Dilution)

जल में अम्ल/क्षारक मिलाने पर आयनों की सांद्रता प्रति इकाई आयतन घट जाती है — इसे तनुकरण कहते हैं। यह प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी है, इसलिए अम्ल को सदैव धीरे-धीरे जल में मिलाना चाहिए (जल को अम्ल में नहीं), वरना मिश्रण छिटककर जलन व काँच पात्र टूटने का खतरा रहता है।
चित्र 2.5 — सांद्र अम्ल तथा क्षारक वाले बर्तनों में लगे चेतावनी के चिह्न (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.5 — सांद्र अम्ल तथा क्षारक वाले बर्तनों में लगे चेतावनी के चिह्न (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

8. pH स्केल — अम्ल-क्षारक की प्रबलता

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pH स्केल किसी विलयन में H⁺ आयन की सांद्रता मापने व अम्लीयता/क्षारीयता व्यक्त करने का स्केल है। "p" जर्मन शब्द 'पुसांस' (Potenz = शक्ति) से बना है। परिसर 0 से 14 तक होता है — 0 सर्वाधिक अम्लीय, 14 सर्वाधिक क्षारीय। सार्वत्रिक सूचक द्वारा मापा जाता है।
चित्र 2.6 — H⁺(aq) एवं OH⁻(aq) की सांद्रता परिवर्तन के साथ pH की विभिन्नता (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.6 — H⁺(aq) एवं OH⁻(aq) की सांद्रता परिवर्तन के साथ pH की विभिन्नता (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.7 — कुछ सामान्य पदार्थों का pH स्केल पर प्रदर्शन (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.7 — कुछ सामान्य पदार्थों का pH स्केल पर प्रदर्शन (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

pH = 7
उदासीन
pH < 7
अम्लीय (कम = अधिक प्रबल)
pH > 7
क्षारकीय (अधिक = अधिक प्रबल)

दैनिक जीवन में pH का महत्व

शरीर: 7.0–7.8 pH परास में कार्य करता है
अम्लीय वर्षा: वर्षा जल का pH 5.6 से कम
पाचन तंत्र: उदर का HCl, अपच में एेन्टैसिड से राहत
दंत-क्षय: मुँह का pH 5.5 से कम होने पर इनेमल क्षय
मृदा pH: पौधों की वृद्धि हेतु उचित pH आवश्यक
आत्मरक्षा: मधुमक्खी डंक (अम्लीय), नेटल पौधा (मेथैनॉइक अम्ल)
सिरका
ऐसीटिक अम्ल
खट्टा दूध
लैक्टिक अम्ल
नींबू/संतरा
सिट्रिक अम्ल
इमली
टार्टरिक अम्ल
टमाटर
ऑक्सैलिक अम्ल
चींटी/नेटल का डंक
मेथैनॉइक अम्ल

9. लवण (Salts)

9.1 लवण परिवार: समान धनायन/ऋणायन वाले लवण एक परिवार के — जैसे NaCl व Na₂SO₄ (सोडियम परिवार), NaCl व KCl (क्लोराइड परिवार)।

प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक
उदासीन लवण (pH=7)
उदा: NaCl
प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक
अम्लीय लवण (pH<7)
उदा: NH₄Cl
प्रबल क्षारक + दुर्बल अम्ल
क्षारकीय लवण (pH>7)
उदा: Na₂CO₃, NaHCO₃

साधारण नमक (NaCl) से प्राप्त रसायन

(क) सोडियम हाइड्रॉक्साइड — क्लोर-क्षार प्रक्रिया:
2NaCl(aq) + 2H₂O(l) —विद्युत→ 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
क्लोरीन ऐनोड पर, हाइड्रोजन कैथोड पर मुक्त होती है। उपयोग: क्लोरीन (जल शुद्धिकरण, PVC, कीटनाशक), हाइड्रोजन (ईंधन, मार्गरीन), NaOH (साबुन, कागज़)।
चित्र 2.8 — क्लोर-क्षार प्रक्रिया के महत्वपूर्ण उत्पाद (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.8 — क्लोर-क्षार प्रक्रिया के महत्वपूर्ण उत्पाद (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

(ख) विरंजक चूर्ण: Ca(OH)₂ + Cl₂ ➜ CaOCl₂ (विरंजक चूर्ण) + H₂O
उपयोग: वस्त्र/कागज़ विरंजन, उपचायक, पेयजल जीवाणुरहित करना।
(ग) बेकिंग सोडा (NaHCO₃): NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ ➜ NH₄Cl + NaHCO₃
गर्म करने पर: 2NaHCO₃ —ऊष्मा→ Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
उपयोग: बेकिंग (खमीर उठाना), एेन्टैसिड, सोडा-अम्ल अग्निशामक।
(घ) धोने का सोडा (Na₂CO₃·10H₂O): Na₂CO₃ + 10H₂O ➜ Na₂CO₃·10H₂O
उपयोग: काँच/साबुन/कागज़ उद्योग, जल की स्थायी कठोरता दूर करना।

क्रिस्टलन का जल (Water of Crystallization)

लवण की एक सूत्र इकाई में उपस्थित जल के निश्चित अणुओं की संख्या — जैसे CuSO₄·5H₂O (नीला, गर्म करने पर श्वेत), जिप्सम CaSO₄·2H₂O।

चित्र 2.9 — क्रिस्टलन का जल हटाना (कॉपर सल्फेट को गर्म करना) (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

चित्र 2.9 — क्रिस्टलन का जल हटाना (कॉपर सल्फेट को गर्म करना) (NCERT पाठ्यपुस्तक से)

प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP): CaSO₄·2H₂O —373K→ CaSO₄·½H₂O (POP) + 1½H₂O
जल मिलाने पर पुनः जिप्सम बनकर कठोर होता है, इसीलिए नमी-रोधी बर्तन में रखा जाता है। उपयोग: टूटी हड्डी को स्थिर रखना, खिलौने बनाना।
✨ याद रखें: "अम्ल = H⁺ दाता, क्षारक = OH⁻ दाता, उदासीनीकरण = लवण + जल"

पाठ्य-प्रश्न हल (अध्याय के बीच में आए प्रश्न)

सेट 1 — तीन परखनलियाँ (आसवित जल, अम्लीय, क्षारीय) केवल लाल लिटमस से पहचान?

उत्तर: जिसमें लाल लिटमस नीला हो — क्षारीय। शेष दो में नीला लिटमस डुबोएँ — जो पुनः लाल हो वह अम्लीय, जिसमें परिवर्तन न हो वह आसवित जल।

सेट 2 (धातु अभिक्रिया) —

1. पीतल/ताँबे में दही क्यों नहीं? उत्तर: अम्ल धातु से अभिक्रिया कर हानिकारक लवण बना सकता है।

2. धातु+अम्ल में कौन सी गैस? उत्तर: हाइड्रोजन (फट-फट ध्वनि से जाँच)।

3. यौगिक 'A' + HCl से बुदबुदाहट, गैस मोमबत्ती बुझाए, उत्पाद में CaCl₂। उत्तर: CaCO₃ + 2HCl ➜ CaCl₂ + H₂O + CO₂↑

सेट 3 (आयनन) —

1. HCl अम्लीय पर एल्कोहल नहीं? उत्तर: HCl जल में H⁺ बनाता है, एल्कोहल नहीं।

2. अम्ल जलीय विलयन विद्युत क्यों चालन करता? उत्तर: आयन (H⁺, ऋणायन) बनने से।

3. शुष्क HCl लिटमस क्यों नहीं बदलती? उत्तर: जल बिना H⁺ नहीं बनता।

4. अम्ल जल में ही क्यों मिलाएँ? उत्तर: उल्टा करने पर ऊष्मा से मिश्रण छिटक सकता है।

5. तनुकरण से H₃O⁺? उत्तर: घट जाती है।

6. आधिक्य क्षारक से OH⁻? उत्तर: बढ़ जाती है।

सेट 4 (pH) —

1. A(pH6), B(pH8) — कौन अम्लीय? उत्तर: A अम्लीय (H⁺ अधिक), B क्षारकीय।

2. H⁺ सांद्रता व प्रकृति? उत्तर: H⁺ अधिक = अधिक अम्लीय।

3. क्षारकीय विलयन में H⁺? उत्तर: हाँ होते हैं, पर OH⁻ अधिक होने से क्षारकीय।

4. किसान कब CaO/Ca(OH)₂ प्रयोग करे? उत्तर: मिट्टी अम्लीय होने पर।

सेट 5 (लवण) —

1. Ca(ClO)₂ का नाम? उत्तर: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर)।

2. क्लोरीन से क्रिया कर विरंजक चूर्ण बनाने वाला? उत्तर: बुझा हुआ चूना।

3. कठोर जल मृदु करने हेतु? उत्तर: धोने का सोडा।

4. NaHCO₃ गर्म करने पर? उत्तर: 2NaHCO₃ ➜ Na₂CO₃ + H₂O + CO₂

5. POP + जल? उत्तर: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O ➜ CaSO₄·2H₂O

अभ्यास हल (सभी 15 प्रश्न)

प्र.1 — लाल लिटमस को नीला करने वाले विलयन का pH? (a)1 (b)4 (c)5 (d)10

उत्तर: (d) 10 — क्षारकीय गुण, pH>7

प्र.2 — अंडे के कवच से गैस बनाकर चूने का पानी दूधिया करने वाला विलयन? (a)NaCl (b)HCl (c)LiCl (d)KCl

उत्तर: (b) HCl

प्र.3 — NaOH 10mL = HCl 8mL उदासीन। NaOH 20mL के लिए HCl?

उत्तर: (d) 16 mL (अनुपात 10:8=20:x)

प्र.4 — अपच के लिए औषधि?

उत्तर: (c) एेन्टैसिड

प्र.5 — समीकरण लिखिए —

(a) Zn + H₂SO₄ ➜ ZnSO₄ + H₂↑

(b) Mg + 2HCl ➜ MgCl₂ + H₂↑

(c) 2Al + 3H₂SO₄ ➜ Al₂(SO₄)₃ + 3H₂↑

(d) Fe + 2HCl ➜ FeCl₂ + H₂↑

प्र.6 — एल्कोहल-ग्लूकोज़ अम्ल नहीं, कैसे सिद्ध करें?

उत्तर: बैटरी-बल्ब परिपथ में HCl/H₂SO₄ से बल्ब जलता है, ग्लूकोज़/एल्कोहल से नहीं — अतः ये आयन नहीं बनाते, अम्ल नहीं हैं।

प्र.7 — आसवित जल चालक नहीं, वर्षा जल है क्यों?

उत्तर: वर्षा जल में CO₂ घुलकर आयन बनाती है, आसवित जल शुद्ध होने से आयन-रहित है।

प्र.8 — शुष्क HCl अम्लीय व्यवहार क्यों नहीं दिखाती?

उत्तर: जल बिना H⁺(aq) नहीं बनता, इसलिए अम्लीय गुण नहीं।

प्र.9 — A,B,C,D,E के pH 4,1,11,7,9 — उदासीन/प्रबल क्षारीय/प्रबल अम्लीय/दुर्बल अम्लीय/दुर्बल क्षारीय?

उत्तर: उदासीन=D(7), प्रबल क्षारीय=C(11), प्रबल अम्लीय=B(1), दुर्बल अम्लीय=A(4), दुर्बल क्षारीय=E(9)। H⁺ आरोही क्रम: 11,9,7,4,1

प्र.10 — Mg + HCl (A) व Mg + CH₃COOH (B) — किसमें तेज़ बुदबुदाहट?

उत्तर: A में (HCl प्रबल अम्ल, अधिक H⁺ बनाता है)

प्र.11 — दूध pH=6, दही बनने पर pH?

उत्तर: और घट जाता है (लैक्टिक अम्ल बनने से अधिक अम्लीय)

प्र.12 — दूध में बेकिंग सोडा — (a) pH क्षारीय क्यों? (b) दही में देरी क्यों?

उत्तर: (a) NaHCO₃ क्षारीय लवण, अम्लता उदासीन करता है। (b) बैक्टीरिया को अधिक लैक्टिक अम्ल बनाना पड़ता है, इसलिए देरी।

प्र.13 — POP नमी-रोधी बर्तन में क्यों?

उत्तर: नमी सोखकर पुनः जिप्सम बनकर कठोर हो जाता है, अनुपयोगी हो जाता है।

प्र.14 — उदासीनीकरण क्या है? दो उदाहरण?

उत्तर: अम्ल+क्षारक ➜ लवण+जल। उदा: NaOH+HCl➜NaCl+H₂O; KOH+HNO₃➜KNO₃+H₂O

प्र.15 — धोने के सोडा व बेकिंग सोडा के दो-दो उपयोग?

उत्तर: धोने का सोडा: काँच/साबुन उद्योग, जल कठोरता दूर करना। बेकिंग सोडा: बेकिंग में खमीर, एेन्टैसिड।

✨ बोर्ड परीक्षा टिप: दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में समीकरण, परिभाषा व उदाहरण तीनों लिखना अतिरिक्त अंक दिलाता है।

संबंधित लिंक

• कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 के नोट्स यहाँ पढ़ें: रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण — नोट्स
• और free notes, quiz व activities के लिए देखें: Bhanu Classes Bhogpur — Free Notes, Quiz & Activity
• मूल NCERT पाठ्यपुस्तक (आधिकारिक) यहाँ पढ़ें: NCERT Official Textbook Page

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