PRAYAAS 2026-27: NCERT रिसर्च स्कीम (₹50,000 ग्रांट) की पूरी गाइड, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

NCERT की PRAYAAS 2026-27 योजना कक्षा 8 से 11 के छात्रों को उच्च शिक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर असली रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करने का सुनहरा अवसर देती है। इस योजना के तहत चयनित प्रोजेक्ट्स को ₹50,000 का अनुदान (Grant) दिया जाता है। इस लेख में जानें प्रयास स्कीम की पात्रता, लाभ, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका।

Aug 07, 2026 - 00:30
Updated: 10 hours ago
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विद्यालय प्रांगण में अपने विज्ञान मॉडल और PRAYAAS प्रोजेक्ट के साथ खड़े मुस्कुराते हुए छात्र
यह NCERT की PRAYAAS 2026-27 योजना का पोस्टर है। इसमें कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए ₹50,000 के रिसर्च ग्रांट की जानकारी दी गई है। चित्र में तीन विद्यार्थी प्रयोगशाला में उपकरणों के साथ वैज्ञानिक प्रयोग करते दिख रहे हैं।

PRAYAAS 2026-27: NCERT रिसर्च स्कीम की पूरी गाइड

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अगर आपका बच्चा कक्षा 8वीं से 11वीं में पढ़ता है और विज्ञान में कुछ नया करने की जिज्ञासा रखता है, तो PRAYAAS 2026-27 उसके लिए एक सुनहरा मौका बनकर आया है। NCERT की इस योजना के तहत स्कूली छात्र किसी उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) के विशेषज्ञ और अपने स्कूल के शिक्षक के मार्गदर्शन में असली रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं, वो भी वित्तीय सहायता के साथ। यह सिर्फ एक स्कीम नहीं, बल्कि छोटी उम्र में वैज्ञानिक सोच जगाने की एक पूरी प्रक्रिया है। इस लेख में हम PRAYAAS Scheme 2026 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में समझेंगे।

PRAYAAS 2026-27 क्या है?

PRAYAAS यानी "Promotion of Research Attitude in Young And Aspiring Students" NCERT के विज्ञान एवं गणित शिक्षा विभाग (DESM) द्वारा चलाई जा रही एक अनूठी पहल है। इसका मकसद स्कूली छात्रों को वैज्ञानिक पद्धति से परिचित कराना और उन्हें असली रिसर्च करने का अवसर देना है।

इस योजना की खासियत यह है कि छात्र अकेले काम नहीं करते। उन्हें एक स्कूल शिक्षक और किसी विश्वविद्यालय, कॉलेज या रिसर्च लैब के विशेषज्ञ का साथ मिलता है। इससे स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के बीच एक पुल बनता है, जो नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के भी अनुरूप है।

इस योजना का उद्देश्य

PRAYAAS का लक्ष्य सिर्फ प्रोजेक्ट पूरा कराना नहीं, बल्कि छात्रों में एक वैज्ञानिक नजरिया विकसित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • छात्रों को विज्ञान प्रक्रिया कौशल में उन्मुख करना
  • साक्ष्य-आधारित सोच, नवीनता और रचनात्मकता को बढ़ावा देना
  • व्यक्तिगत या समूह में अनुसंधान करने की क्षमता विकसित करना
  • छात्रों को सामाजिक समस्याओं के समाधानकर्ता के रूप में तैयार करना
  • स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सीखने-सिखाने का संबंध मजबूत करना

ज़रूरी जानकारी

PRAYAAS के तहत प्रस्तावित प्रोजेक्ट पूरी तरह मौलिक होना चाहिए और यह किसी अन्य फंडिंग एजेंसी की योजना के तहत पहले से समर्थित नहीं होना चाहिए।

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छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?

इस योजना से जुड़कर छात्रों को कई स्तर पर फायदा होता है। सबसे पहले, उन्हें असली प्रयोगशाला में काम करने और वैज्ञानिक उपकरणों का इस्तेमाल सीखने का मौका मिलता है। इसके अलावा उन्हें वित्तीय सहायता, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और योग्यता प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।

प्रोजेक्ट के सफल पूरा होने पर छात्रों का काम NCERT की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जा सकता है, और उपयुक्त होने पर राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी जैसे मंचों पर भी प्रदर्शित किया जा सकता है। यह अनुभव आगे चलकर उच्च शिक्षा और करियर में भी काम आता है।

कौन आवेदन कर सकता है?

PRAYAAS 2026-27 के लिए आवेदन एक टीम के रूप में करना होता है, जिसमें एक या अधिकतम दो छात्र, एक गाइड शिक्षक और एक HEI विशेषज्ञ शामिल होते हैं। स्कूल प्रमुख को केवल एक ही प्रोजेक्ट प्रस्ताव आगे भेजना होता है, अगर एक से अधिक भेजे गए तो सभी निरस्त कर दिए जाएंगे।

पात्रता (Students, Teachers, HEI Experts)

श्रेणी पात्रता शर्तें
छात्र कक्षा 8 से 11 में अध्ययनरत, अधिकतम दो छात्रों का समूह (अलग-अलग कक्षाओं से)
शिक्षक PGT/TGT, कक्षा 8 से 11 तक विज्ञान/भौतिक/रसायन/गणित/जीव विज्ञान पढ़ाने वाले
HEI विशेषज्ञ विश्वविद्यालय, कॉलेज, PSU या सरकारी/गैर-सरकारी अनुसंधान प्रयोगशाला में कार्यरत विज्ञान/तकनीकी विषय के संकाय सदस्य

रिसर्च प्रोजेक्ट किन विषयों पर बनाया जा सकता है?

PRAYAAS मूल वैज्ञानिक विचारों पर आधारित प्रोजेक्ट आमंत्रित करता है। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • किसी स्थानीय समस्या की पहचान और उसका अध्ययन
  • स्थानीय समस्या के पीछे वैज्ञानिक कारण की जांच
  • किसी समस्या का वैज्ञानिक समाधान खोजना
  • ऐसा कोई विचार या कल्पना जो नया वैज्ञानिक ज्ञान उत्पन्न कर सके

Featured Image Suggestion: छात्र स्कूल की प्रयोगशाला में शिक्षक और विशेषज्ञ के साथ किसी वैज्ञानिक प्रयोग पर चर्चा करते हुए।

आवेदन प्रक्रिया Step-by-Step

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे सावधानी से पूरा करना जरूरी है।

आवेदन के मुख्य चरण

  • निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र और प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करें
  • अनापत्ति प्रमाण पत्र (स्कूल और HEI दोनों से) स्कैन करके अपलोड करें
  • अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित सहमति पत्र भी साथ जमा करें
  • पूरा भरा हुआ फॉर्म prayaas2526@gmail.com पर ईमेल करें

आवेदन में शोध का लक्ष्य, वैज्ञानिक सिद्धांत, आवश्यक सामग्री, अपनाई जाने वाली पद्धति और अपेक्षित परिणाम स्पष्ट रूप से लिखना जरूरी है।

चयन प्रक्रिया

सभी आवेदनों की जांच विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा की जाती है। चयन प्रक्रिया दो चरणों में होती है — पहले प्रविष्टियों की स्क्रीनिंग, फिर शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों का ऑनलाइन साक्षात्कार सह प्रस्तुतिकरण।

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मूल्यांकन के मापदंड

मापदंड वेटेज
प्रस्ताव की मौलिकता 20%
वैज्ञानिक सिद्धांत की स्पष्टता 10%
अपनाई गई शोध पद्धति 10%
समाज के लिए प्रासंगिकता 20%
पर्यावरणीय प्रभावकारिता 20%
लेखन और मौखिक प्रस्तुति की स्पष्टता 20%

शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को पांच से सात मिनट में अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना होता है, जिसके बाद जूरी मौखिक चर्चा करती है।

प्रोजेक्ट की अवधि

चयनित प्रोजेक्ट की अवधि एक वर्ष होती है। PRAYAAS 2026-27 के लिए यह अवधि अस्थायी रूप से 1 सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2027 तक तय की गई है। कुछ खास भौगोलिक परिस्थितियों में स्कूल की स्थिति देखकर अवधि छह महीने तक बढ़ाई जा सकती है, हालांकि इसके लिए कोई अतिरिक्त अनुदान नहीं मिलेगा।

प्रोजेक्ट अवधि की समय-सीमा

चरण तिथि
आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026
परिणामों की घोषणा 31 अगस्त 2026
प्रोजेक्ट का प्रारंभ 5 सितंबर 2026
प्रोजेक्ट की समाप्ति 31 अगस्त 2027
अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करना 15 सितंबर 2027

₹50,000 रिसर्च ग्रांट का पूरा विवरण

हर चयनित प्रोजेक्ट को कुल ₹50,000 का उत्प्रेरक अनुदान दिया जाता है। यह राशि तीन हिस्सों में बंटती है, ताकि छात्र, स्कूल और HEI तीनों को शोध कार्य में सहूलियत मिल सके।

प्राप्तकर्ता राशि प्रतिशत
छात्र (संकट निधि) ₹10,0009 (दो छात्र होने पर ₹5,000 प्रत्येक) 20%
स्कूल ₹20,000 40%
HEI विशेषज्ञ ₹20,000 40%

यह अनुदान दो किस्तों में जारी होता है। पहली किस्त परिणाम घोषित होने के एक महीने के भीतर सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जबकि दूसरी किस्त छह महीने बाद संतोषजनक प्रगति रिपोर्ट जमा करने पर मिलती है। उपयोगिता प्रमाण पत्र अनुदान मिलने के 15 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य है।

छात्र, शिक्षक और HEI Expert की भूमिका

PRAYAAS की सफलता तीनों की सामूहिक भागीदारी पर टिकी है।

  • छात्र: प्रयोगों की योजना बनाना, डेटा एकत्र करना, अवलोकन दर्ज करना और निष्कर्ष निकालना
  • गाइड शिक्षक: पूरे कार्यकाल में छात्र के शोध की निगरानी और मार्गदर्शन करना, उपस्थिति रजिस्टर बनाए रखना
  • HEI विशेषज्ञ: तकनीकी और प्रायोगिक मार्गदर्शन देना, प्रयोगशाला सुविधा उपलब्ध कराना, और कार्यकाल में कम से कम तीन मार्गदर्शन सत्र आयोजित करना

Featured Image Suggestion: एक विज्ञान शिक्षक विद्यार्थी को माइक्रोस्कोप के इस्तेमाल का तरीका समझाते हुए।

किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?

आवेदन के समय और उसके बाद कई दस्तावेज तैयार रखने होते हैं, जैसे:

  • भरा हुआ आवेदन प्रारूप और प्रोजेक्ट प्रस्ताव
  • अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित सहमति पत्र
  • स्कूल प्रमुख और HEI प्रमुख से अनुमोदन/अनापत्ति प्रमाण पत्र
  • मौलिकता प्रमाणपत्र
  • प्रगति रिपोर्ट और अंतिम शोध रिपोर्ट का निर्धारित प्रारूप
  • उपयोगिता प्रमाण पत्र (GFR-12A प्रारूप में)

आवेदन करते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

ज़रूरी जानकारी

अंतिम तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए समय रहते सभी दस्तावेज तैयार कर लें।

प्रोजेक्ट प्रस्ताव पूरी तरह मौलिक होना चाहिए और किसी अन्य योजना के तहत पहले से प्रस्तुत नहीं होना चाहिए। दो छात्रों के समूह में भाग लेने पर दोनों के लिए अलग-अलग सहमति और अनापत्ति फॉर्म भरने होंगे। साथ ही, HEI विशेषज्ञ को अपने संस्थान के प्राचार्य से हस्ताक्षरित अनापत्ति प्रमाण पत्र जरूर लेना होगा।

इस योजना की प्रमुख विशेषताएँ

  • स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सीधा जुड़ाव
  • वित्तीय सहायता के साथ व्यावहारिक शोध अनुभव
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों को समान अवसर (कुल 40 प्रोजेक्ट, 20 ग्रामीण और 20 शहरी)
  • असफलता से सीख को भी अंतिम रिपोर्ट में शामिल करने का प्रावधान, जो वास्तविक वैज्ञानिक अभ्यास को बढ़ावा देता है
  • उत्कृष्ट प्रोजेक्ट को एक और वर्ष के लिए समान अनुदान के साथ आगे बढ़ाने का प्रावधान

किन गलतियों से बचना चाहिए

  • एक स्कूल से एक से अधिक प्रोजेक्ट प्रस्ताव न भेजें, वरना सभी निरस्त हो जाएंगे
  • अधूरी या खंडित प्रगति रिपोर्ट जमा न करें, इन पर विचार नहीं किया जाता
  • अनापत्ति और सहमति प्रमाण पत्र भरना न भूलें, बिना इनके आवेदन अधूरा माना जाएगा
  • उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में देरी न करें, इससे दूसरी किस्त रुक सकती है
  • प्रोजेक्ट को बीच में बिना NCERT की अनुमति के बंद न करें

Featured Image Suggestion: विद्यालय के प्रांगण में छात्र अपने विज्ञान मॉडल के साथ खड़े मुस्कुराते हुए।

निष्कर्ष

PRAYAAS 2026-27 उन छात्रों के लिए एक शानदार मंच है जो किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर असली वैज्ञानिक सोच अपनाना चाहते हैं। सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और राष्ट्रीय पहचान के साथ यह योजना छात्रों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। अगर आप या आपका बच्चा विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो देर न करें। आधिकारिक NCERT PRAYAAS गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ें, सभी दस्तावेज तैयार करें और तय समय-सीमा के भीतर आवेदन कर दें। ऐसी ही शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए aapbiti.com की सरकारी योजनाएं एवं छात्रवृत्तियां सेक्शन पर भी नजर बनाए रखें।

Frequently Asked Questions

उत्तर: PRAYAAS (Promotion of Research Attitude in Young And Aspiring Students) NCERT द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसमें स्कूली छात्र अपने स्कूल के शिक्षक और किसी उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) के विशेषज्ञ के साथ मिलकर किसी मौलिक (original) रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करते हैं।

उत्तर: कक्षा 8 से 11वीं में पढ़ने वाले छात्र (अधिकतम 2 छात्रों की एक टीम), विज्ञान/गणित पढ़ाने वाले स्कूल शिक्षक (PGT/TGT) और किसी विश्वविद्यालय या रिसर्च लैब के HEI विशेषज्ञ मिलकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उत्तर: चयनित प्रोजेक्ट के लिए कुल ₹50,000 का उत्प्रेरक अनुदान (Catalyst Grant) मिलता है। इसमें से ₹10,000 छात्रों को (संकट निधि के रूप में), ₹20,000 स्कूल को और ₹20,000 HEI विशेषज्ञ को रिसर्च और उपकरणों के लिए दिए जाते हैं।

उत्तर: नहीं, स्कूल के प्रमुख (Principal) द्वारा केवल एक ही प्रोजेक्ट प्रस्ताव (Proposal) आगे भेजा जा सकता है। एक से अधिक प्रस्ताव भेजे जाने पर सभी आवेदन निरस्त (Reject) कर दिए जाएंगे।

उत्तर: आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। छात्रों और शिक्षकों को निर्धारित प्रारूप में अपना प्रोजेक्ट प्रस्ताव, सहमति पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) स्कैन करके अंतिम तिथि (संभावित 31 जुलाई 2026) से पहले NCERT की आधिकारिक ईमेल आईडी prayaas2526@gmail.com पर भेजना होता है।
Vivek kumar

Vivek Kumar is an Editorial Intern at Aapbiti, specializing in publishing and managing education-focused news articles. Operating under the direct mentorship and guidance of Shakti Rao Mani, the Product Owner of aapbiti.com, Vivek is dedicated to delivering accurate, timely, and engaging academic updates. His role focuses on keeping readers informed about educational trends, exams, admissions, and key academic policies.

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