कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 — रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण | हस्तलिखित नोट्स

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 "रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण" के हस्तलिखित नोट्स — सभी परिभाषाएँ, क्रियाकलाप, चित्र, संतुलित समीकरण, NCERT प्रश्न-उत्तर और पिछले वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्न एक ही जगह।

Jul 14, 2026 - 11:59
Updated: 13 hours ago
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यह छवि कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 "रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण" के हस्तलिखित नोटबुक-शैली नोट्स की फीचर्ड इमेज है, जिसमें अध्याय शीर्षक, संतुलित रासायनिक समीकरण का उदाहरण (3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂) और प्रयोगशाला उपकरणों (फ्लास्क, परखनली) के चित्र शामिल हैं।

? विज्ञान — कक्षा 10

अध्याय 1

रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

(Chemical Reactions and Equations)
? इस नोटबुक में शामिल है —
✔ सभी टॉपिक व परिभाषाएँ  ✔ सभी क्रियाकलाप व अवलोकन  ✔ चित्र/डायग्राम
✔ पाठ्यपुस्तक के अंदर के प्रश्न (हल सहित)  ✔ अभ्यास के सभी प्रश्न (हल सहित)
✔ बोर्ड परीक्षा में वर्षवार पूछे गए प्रश्न  ✔ आगामी परीक्षा हेतु संभावित प्रश्न

1. परिचय — रासायनिक अभिक्रिया क्या है?

जब हम अपने दैनिक जीवन को ध्यान से देखते हैं तो पाते हैं कि बहुत-सी चीज़ें बदलती रहती हैं — जैसे दूध का खट्टा होना, लोहे पर जंग लगना, अंगूर का किण्वन, भोजन का पकना, भोजन का पाचन और श्वसन। इन सभी में पदार्थ की प्रकृति एवं पहचान बदल जाती है।

? परिभाषा — रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction)
जब किसी पदार्थ में रासायनिक परिवर्तन होता है अर्थात उसके अणुओं की आंतरिक संरचना बदलकर नए पदार्थ का निर्माण होता है, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।

दैनिक जीवन में रासायनिक अभिक्रियाओं के उदाहरण

  • गर्मियों में कमरे के ताप पर दूध का खुला रखने पर खट्टा होना।
  • लोहे के तवे/कील का आर्द्र वायुमंडल में खुला रहने पर जंग लगना।
  • अंगूर का किण्वन (Fermentation) होना।
  • भोजन का पकाया जाना।
  • हमारे शरीर द्वारा भोजन का पाचन।
  • हमारा साँस लेना (श्वसन)।

रासायनिक अभिक्रिया होने के प्रमुख संकेत (कैसे पहचानें?)

क्रियाकलाप 1.1, 1.2 व 1.3 के आधार पर निम्नलिखित प्रेक्षणों से पता चलता है कि रासायनिक अभिक्रिया हुई है —

① अवस्था में परिवर्तन (Change in state)
② रंग में परिवर्तन (Change in colour)
③ गैस का निकास अथवा उत्सर्जन (Evolution of gas)
④ तापमान में परिवर्तन (Change in temperature)

2. सभी क्रियाकलाप (Activities) — एक नज़र में

क्रि.सं. प्रयोग प्रेक्षण (Observation) अभिक्रिया का प्रकार
1.1 मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से साफ़ कर वायु में जलाना। चमकदार श्वेत लौ के साथ जलता है और श्वेत चूर्ण (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनता है। संयोजन + ऊष्माक्षेपी + उपचयन अभिक्रिया
1.2 लेड नाइट्रेट के घोल में पोटैशियम आयोडाइड का घोल मिलाना। पीले रंग का अवक्षेप (लेड आयोडाइड) बनता है। द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया
1.3 दानेदार जिंक में तनु HCl/H₂SO₄ मिलाना। जिंक के दानों के पास बुलबुले (गैस) बनते हैं, फ्लास्क गर्म हो जाता है। विस्थापन + ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
1.4 कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) में जल मिलाना। बीकर गर्म हो जाता है, बुझा हुआ चूना Ca(OH)₂ बनता है। संयोजन + ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
1.5 फेरस सल्फेट क्रिस्टल को क्वथन नली में गर्म करना। हरा रंग बदल जाता है, गंध आती है — Fe₂O₃, SO₂, SO₃ बनते हैं। वियोजन (ऊष्मीय) अभिक्रिया
1.6 लेड नाइट्रेट के चूर्ण को गर्म करना। भूरे रंग का धुआँ (NO₂) निकलता है, पीला अवशेष (PbO) बचता है। वियोजन (ऊष्मीय) अभिक्रिया
1.7 जल का वैद्युत अपघटन (6V बैटरी, कार्बन इलेक्ट्रोड)। दोनों इलेक्ट्रोड पर बुलबुले; एक परखनली में गैस दूसरी से दोगुनी (H₂:O₂ = 2:1)। वियोजन (विद्युत अपघटनी) अभिक्रिया
1.8 सिल्वर क्लोराइड को सूर्य के प्रकाश में रखना। श्वेत रंग का AgCl धूसर (सिल्वर) रंग में बदल जाता है। वियोजन (प्रकाशीय) अभिक्रिया
1.9 लोहे की कील को कॉपर सल्फेट विलयन में डुबोना। कील पर भूरी परत (Cu) जमती है, नीला रंग हल्का पड़ जाता है। विस्थापन (रेडॉक्स) अभिक्रिया
1.10 सोडियम सल्फेट व बेरियम क्लोराइड विलयन मिलाना। श्वेत रंग का अवक्षेप (BaSO₄) बनता है। द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया
1.11 कॉपर चूर्ण को चायना डिश में गर्म करना। सतह पर काली परत (CuO) चढ़ जाती है; H₂ प्रवाहित करने पर वापस भूरा हो जाता है। उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया

चित्र — कुछ महत्वपूर्ण क्रियाकलाप

मैग्नीशियम रिबन का वायु में दहन — श्वेत चमकदार लौ
लोहे की कील व कॉपर सल्फेट विलयन — विस्थापन अभिक्रिया
लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड — पीला अवक्षेप बनना
जल का वैद्युत अपघटन — H₂ व O₂ गैस का पृथक्करण (2:1)

3. रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)

किसी रासायनिक अभिक्रिया का विवरण वाक्य में लिखना लंबा होता है, इसलिए इसे संक्षिप्त रूप में लिखा जाता है।

(अ) शब्द-समीकरण (Word Equation)

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड

यहाँ बाईं ओर (LHS) अभिकारक (Reactants) व दाईं ओर (RHS) उत्पाद (Products) लिखे जाते हैं। तीर (→) का सिरा उत्पाद की ओर होता है और अभिक्रिया की दिशा दर्शाता है।

(ब) रासायनिक समीकरण (संक्षिप्त सूत्र रूप)

Mg + O2 → MgO

? परिभाषा — अभिकारक (Reactants)
वे पदार्थ जो अभिक्रिया में भाग लेकर रासायनिक परिवर्तन से गुजरते हैं (समीकरण के LHS पर)।
? परिभाषा — उत्पाद (Products)
अभिक्रिया के फलस्वरूप बनने वाले नए पदार्थ (समीकरण के RHS पर)।
? परिभाषा — कंकाली समीकरण (Skeletal Equation)
किसी अभिक्रिया का वह रासायनिक समीकरण जो असंतुलित होता है, कंकाली समीकरण कहलाता है।

संतुलित एवं असंतुलित समीकरण

? परिभाषा — द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)
किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है, न ही विनाश — अर्थात उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।

इसी नियम के अनुसार अभिक्रिया के पहले व बाद में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान रहनी चाहिए — इसे ही समीकरण का संतुलित होना कहते हैं।

4. रासायनिक समीकरण को संतुलित करना — हिट एंड ट्रायल विधि

उदाहरण: Fe + H2O → Fe3O4 + H2 को संतुलित करें

चरण 1
प्रत्येक सूत्र के चारों ओर बॉक्स बनाइए (बॉक्स के अंदर परिवर्तन न करें)
[Fe] + [H2O] → [Fe3O4] + [H2]
चरण 3
सबसे अधिक परमाणु वाले यौगिक (Fe3O4) से शुरू करें — पहले ऑक्सीजन संतुलित करें। बाईं ओर O केवल 1 (H2O में) है, दाईं ओर 4 (Fe3O4 में)। अतः H2O के आगे 4 गुणांक लगाएँ।
Fe + 4H2O → Fe3O4 + H2 (आंशिक रूप से संतुलित)
चरण 4
अब हाइड्रोजन को संतुलित करें। बाईं ओर H = 8 (4H2O में), अतः दाईं ओर H2 के आगे 4 गुणांक लगाएँ।
Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 (आंशिक रूप से संतुलित)
चरण 5
शेष तत्व (Fe) को संतुलित करें। दाईं ओर Fe = 3 (Fe3O4 में), अतः बाईं ओर Fe के आगे 3 गुणांक लगाएँ।
3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2

चरण 2 व चरण 6: परमाणुओं की गिनती (जाँच)

संतुलन से पहले
तत्व LHS RHS
Fe 1 3
H 2 2
O 1 4
संतुलन के बाद (जाँच)
तत्व LHS RHS
Fe 3 3
H 8 8
O 4 4
✅ अंतिम संतुलित समीकरण: 3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)

चरण 7: भौतिक अवस्थाओं के संकेत लिखना

समीकरण को अधिक सूचनापूर्ण बनाने के लिए अभिकारकों व उत्पादों की भौतिक अवस्था दर्शाई जाती है।

संकेत अर्थ उदाहरण
(s) ठोस (Solid) CaCO3(s)
(l) द्रव (Liquid) H2O(l)
(g) गैस (Gas) CO2(g)
(aq) जलीय विलयन (Aqueous) NaCl(aq)

नोट: कभी-कभी अभिक्रिया की परिस्थितियाँ (ताप, दाब, उत्प्रेरक, सूर्य-प्रकाश आदि) तीर के ऊपर/नीचे लिखी जाती हैं। जैसे —

CaCO3(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g)

संतुलित रासायनिक समीकरण का महत्व

  • यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम को संतुष्ट करता है।
  • यह बताता है कि कितनी मात्रा में अभिकारकों से कितनी मात्रा में उत्पाद बनेगा (मात्रात्मक अध्ययन में सहायक)।

5. रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

कक्षा 9 में हमने पढ़ा कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं के आपसी आबंध टूटने व जुड़ने से नए पदार्थ बनते हैं। रासायनिक अभिक्रियाओं को मुख्यतः निम्न प्रकारों में बाँटा जाता है:

  • 1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
  • 2. वियोजन/अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)
  • 3. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
  • 4. द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)
  • 5. उपचयन-अपचयन/रेडॉक्स अभिक्रिया (Oxidation-Reduction / Redox Reaction)

5.1 संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)

? परिभाषा — संयोजन अभिक्रिया
जब दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व अथवा यौगिक) संयोग करके एक ही नए पदार्थ (एकल उत्पाद) का निर्माण करते हैं, तो उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
A + B → AB

CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (बुझा चूना बनना)

C(s) + O2(g) → CO2(g) (कोयले का दहन)

2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) (जल का निर्माण)

विशेष: यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी भी है क्योंकि ऊष्मा उत्पन्न होती है।

5.2 वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

? परिभाषा — वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया
जब कोई एकल पदार्थ (अभिकारक) टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थ (उत्पाद) बनाता है, तो उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं। यह संयोजन अभिक्रिया के बिल्कुल विपरीत होती है।
AB → A + B

2FeSO4(s) —ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)

CaCO3(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (चूना पत्थर का अपघटन)

2Pb(NO3)2(s) —तापन→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g)

वियोजन अभिक्रिया के तीन प्रकार (ऊर्जा स्रोत के आधार पर)

प्रकार ऊर्जा स्रोत उदाहरण
ऊष्मीय वियोजन (Thermal) ऊष्मा CaCO3(s) →(ऊष्मा) CaO(s) + CO2(g)
विद्युत अपघटनी वियोजन (Electrolytic) विद्युत धारा 2H2O(l) →(विद्युत) 2H2(g) + O2(g)
प्रकाशीय वियोजन (Photolytic) सूर्य का प्रकाश 2AgCl(s) →(सूर्य प्रकाश) 2Ag(s) + Cl2(g)

नोट: वियोजन अभिक्रिया में ऊर्जा अवशोषित होती है, अतः ये ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ हैं। AgCl व AgBr वियोजन अभिक्रिया का उपयोग श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफी में किया जाता है; इसलिए इन्हें गहरे रंग की (dark coloured) बोतलों में रखा जाता है।

ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया

? परिभाषा — ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)
जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं। उदा. — कोयले का दहन, प्राकृतिक गैस का दहन, श्वसन, कंपोस्ट बनना, CaO+H2O।
? परिभाषा — ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)
जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा (ऊष्मा) अवशोषित होती है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं। उदा. — CaCO3 का अपघटन, वियोजन अभिक्रियाएँ, बेरियम हाइड्रॉक्साइड + अमोनियम क्लोराइड।
C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा (श्वसन — ऊष्माक्षेपी)

5.3 विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

? परिभाषा — विस्थापन अभिक्रिया
जब कोई एक अधिक क्रियाशील तत्व दूसरे कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक (लवण के विलयन) से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेता है, तो इसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
A + BC → AC + B

Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)

Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)

Pb(s) + CuCl2(aq) → PbCl2(aq) + Cu(s)

जिंक व लेड, कॉपर की अपेक्षा अधिक क्रियाशील हैं, इसलिए वे कॉपर को उसके यौगिक से विस्थापित कर देते हैं।

5.4 द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)

? परिभाषा — द्विविस्थापन अभिक्रिया
वे अभिक्रियाएँ, जिनमें दो भिन्न-भिन्न अभिकारकों के बीच आयनों (परमाणुओं के समूह) का आपस में आदान-प्रदान होता है और नए यौगिक बनते हैं, द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
AB + CD → AD + CB

Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) ↓ + 2NaCl(aq)

जब अभिक्रिया में कोई अविलेय ठोस पदार्थ (अवक्षेप) बनता है तो उसे अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) भी कहते हैं।

? परिभाषा — अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction)
जिस अभिक्रिया में जल में अविलेय ठोस पदार्थ (अवक्षेप) का निर्माण होता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।

5.5 उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया (Oxidation-Reduction (Redox) Reaction)

? परिभाषा — उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया
किसी अभिक्रिया में जब एक अभिकारक का उपचयन (Oxidation) और दूसरे अभिकारक का अपचयन (Reduction) एक साथ होता है, तो उसे रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
CuO + H2 →(तापन) Cu + H2O

ZnO + C → Zn + CO

MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2

? परिभाषा — उपचयन (Oxidation)
जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है अथवा हाइड्रोजन का ह्रास होता है, तो उसका उपचयन हुआ कहलाता है।
? परिभाषा — अपचयन (Reduction)
जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास होता है अथवा हाइड्रोजन की वृद्धि होती है, तो उसका अपचयन हुआ कहलाता है।

उदाहरण: CuO + H2 → Cu + H2O में — CuO का अपचयन (ऑक्सीजन ह्रास) होकर Cu बनता है, तथा H2 का उपचयन (ऑक्सीजन वृद्धि) होकर H2O बनता है।

6. दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं के प्रभाव

6.1 संक्षारण (Corrosion)

? परिभाषा — संक्षारण
जब कोई धातु अपने आस-पास उपस्थित अम्ल, आर्द्रता (नमी) आदि के संपर्क में आकर संक्षारित (क्षतिग्रस्त) होती है, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।
  • लोहे पर जंग (लालिमायुक्त भूरे रंग की परत — Fe2O3) लगना।
  • चाँदी के ऊपर काली परत (Ag2S) चढ़ना।
  • ताँबे के ऊपर हरी परत (कॉपर कार्बोनेट) चढ़ना।

संक्षारण के कारण कार, पुल, रेलिंग, जहाज़ तथा धातु से बनी वस्तुओं की भारी क्षति होती है — इसलिए लोहे की वस्तुओं पर पेंट किया जाता है ताकि वे नमी/ऑक्सीजन के संपर्क में न आएँ।

6.2 विकृतगंधिता (Rancidity)

? परिभाषा — विकृतगंधिता
जब वसायुक्त अथवा तैलीय खाद्य पदार्थ लंबे समय तक रखे रहते हैं तो उनका उपचयन होकर स्वाद व गंध बदल जाती है — इसे विकृतगंधिता कहते हैं।
  • तैलीय खाद्य सामग्री में उपचयन रोकने हेतु प्रति-ऑक्सीकारक (antioxidants) मिलाए जाते हैं।
  • वायुरोधी बर्तनों में रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है।
  • चिप्स की थैली में ऑक्सीजन के स्थान पर नाइट्रोजन गैस भरी जाती है ताकि चिप्स विकृतगंधी न हों।

7. पाठ्यपुस्तक के अंदर के प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न: वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?पृष्ठ 6
मैग्नीशियम की सतह पर वायु में उपस्थित नमी/ऑक्सीजन के कारण मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की एक निष्क्रिय परत जम जाती है, जो रिबन को वायु में जलने से रोकती है। इस परत को हटाने तथा शुद्ध धातु को अभिक्रिया हेतु उपलब्ध कराने के लिए रिबन को रेगमाल से रगड़कर साफ़ किया जाता है।
प्रश्न: निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए —
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड  →  H2 + Cl2 → 2HCl
(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड  →  3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3
(iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन  →  2Na + 2H2O → 2NaOH + H2
प्रश्न: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए अवस्था-संकेतों सहित संतुलित समीकरण लिखिए —
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट की अभिक्रिया से सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनता है।
BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)

(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (जल में) की हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (जल में) के साथ अभिक्रिया से सोडियम क्लोराइड का विलयन व जल बनता है।
NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)
प्रश्न: किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफ़ेदी करने के लिए होता है — (i) X का नाम व सूत्र, (ii) X की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।पृष्ठ 11
पदार्थ 'X' = कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना), सूत्र — CaO
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
प्रश्न: क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
जल के वैद्युत अपघटन से हाइड्रोजन व ऑक्सीजन गैस 2:1 के आयतन अनुपात में बनती हैं (क्योंकि H2O में H:O परमाणु अनुपात 2:1 है)। जिस परखनली में गैस की मात्रा दोगुनी है, वह हाइड्रोजन गैस है।
प्रश्न: जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?पृष्ठ 14-15
लोहा, कॉपर से अधिक क्रियाशील है, अतः यह कॉपर सल्फेट के विलयन में से कॉपर को विस्थापित कर देता है और फेरस सल्फेट बनाता है, जिसका रंग हल्का हरा होता है — इसीलिए नीले रंग की तीव्रता कम हो जाती है।
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
प्रश्न: क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) ↓ (पीला अवक्षेप) + 2KNO3(aq)
प्रश्न: निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:
(i) 4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s) — यहाँ Na का उपचयन (ऑक्सीजन वृद्धि) व O2 का अपचयन होता है।
(ii) CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l) — यहाँ CuO का अपचयन (ऑक्सीजन ह्रास) व H2 का उपचयन (ऑक्सीजन वृद्धि) होता है।

8. अध्याय के अंत के अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न: नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन सा कथन असत्य है? 2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g) (a) सीसा अपचयित हो रहा है (b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है (c) कार्बन उपचयित हो रहा है (d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है (i) a व b (ii) a व c (iii) a, b व c (iv) सभी
उत्तर: (i) a व b — सीसा (Pb) का अपचयन सही कथन है (असत्य नहीं), और CO2 का 'उपचयित होना' कहना गलत है (CO2 पहले से उपचयित रूप है, आगे उपचयित नहीं हो सकता)। अतः विकल्प (i) सही है।
प्रश्न: Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe — यह अभिक्रिया किस प्रकार की है?
उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया (यह थर्माइट अभिक्रिया भी है — यह एक रेडॉक्स/विस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें Al अधिक क्रियाशील होने के कारण Fe को उसके ऑक्साइड से विस्थापित करता है)।
प्रश्न: लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है?
उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
Fe(s) + 2HCl(aq) → FeCl2(aq) + H2(g)
प्रश्न: संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
वह रासायनिक समीकरण जिसमें तीर के निशान के दोनों ओर (LHS व RHS) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है, संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करने के लिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है — किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है न ही विनाश, इसलिए अभिकारकों व उत्पादों के द्रव्यमान बराबर होने चाहिए।
प्रश्न: निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर संतुलित कीजिए —
(a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है। → N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)
(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है। → 2H2S(g) + 3O2(g) → 2H2O(l) + 2SO2(g)
(c) ऐलुमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है। → 3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 3BaSO4(s) + 2AlCl3(aq)
(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है। → 2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g)
प्रश्न: निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए —
(a) HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O  →  2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
(b) NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O  →  2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
(c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3  →  पहले से ही संतुलित
(d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl  →  BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl
प्रश्न: निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए —
(a) कैल्शियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्शियम कार्बोनेट + जल  →  Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O
(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर  →  Zn + 2AgNO3 → Zn(NO3)2 + 2Ag
(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर  →  2Al + 3CuCl2 → 2AlCl3 + 3Cu
(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड  →  BaCl2 + K2SO4 → BaSO4 + 2KCl
प्रश्न: निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटैशियम आयोडाइड(aq) + बेरियम ब्रोमाइड(s)
2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s) — द्विविस्थापन अभिक्रिया

(b) जिंक कार्बोनेट(s) → जिंक ऑक्साइड(s) + कार्बन डाइऑक्साइड(g)
ZnCO3(s) → ZnO(s) + CO2(g) — वियोजन (ऊष्मीय) अभिक्रिया

(c) हाइड्रोजन(g) + क्लोरीन(g) → हाइड्रोजन क्लोराइड(g)
H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g) — संयोजन अभिक्रिया

(d) मैग्नीशियम(s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल(aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड(aq) + हाइड्रोजन(g)
Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g) — विस्थापन अभिक्रिया
प्रश्न: ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद बनने के साथ ऊष्मा भी उत्सर्जित होती है। उदा. — C(s) + O2(g) → CO2(g) + ऊष्मा।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया: जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा अवशोषित होती है। उदा. — CaCO3(s) + ऊष्मा → CaO(s) + CO2(g)।
प्रश्न: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।
श्वसन के दौरान भोजन से प्राप्त ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से क्रिया करके ऊर्जा उत्पन्न करता है, जो हमें जीवित रहने और कार्य करने में सहायता करती है। चूँकि इस अभिक्रिया में ऊर्जा उत्सर्जित (release) होती है, इसलिए यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा
प्रश्न: वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।
संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया (एकल) पदार्थ बनाते हैं, जबकि वियोजन अभिक्रिया में एक एकल पदार्थ टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थ बनाता है — अतः ये दोनों एक-दूसरे के विपरीत हैं।
संयोजन: CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq)
वियोजन: CaCO3(s) → CaO(s) + CO2(g)
प्रश्न: उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए, जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
ऊष्मा द्वारा (ऊष्मीय वियोजन): CaCO3(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g)
प्रकाश द्वारा (प्रकाशीय वियोजन): 2AgCl(s) —सूर्य प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g)
विद्युत द्वारा (विद्युत अपघटनी वियोजन): 2H2O(l) —विद्युत धारा→ 2H2(g) + O2(g)
प्रश्न: विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
विस्थापन अभिक्रिया में एक अधिक क्रियाशील तत्व दूसरे कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है (एक तरफ़ा विनिमय), जबकि द्विविस्थापन अभिक्रिया में दोनों अभिकारकों के बीच आयनों का परस्पर आदान-प्रदान होता है (दोनों दिशाओं में विनिमय)।
विस्थापन: Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)
द्विविस्थापन: Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
प्रश्न: सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)
कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील होने के कारण सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर देता है। यह एक विस्थापन (रेडॉक्स) अभिक्रिया है।
प्रश्न: अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
वह अभिक्रिया जिसमें दो विलयनों के मिश्रित होने पर जल में अविलेय ठोस पदार्थ (अवक्षेप) का निर्माण होता है, अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है।
Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) ↓ + 2NaCl(aq)
यहाँ श्वेत रंग का अविलेय बेरियम सल्फेट अवक्षेप के रूप में बनता है।
प्रश्न: ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए (दो-दो उदाहरण दीजिए)। (a) उपचयन (b) अपचयन
(a) उपचयन (Oxidation): जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है। उदा. — 2Cu + O2 → 2CuO ; C + O2 → CO2
(b) अपचयन (Reduction): जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास होता है। उदा. — CuO + H2 → Cu + H2O ; ZnO + C → Zn + CO
प्रश्न: एक भूरे रंग का चमकदार तत्व 'X' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व 'X' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।
तत्व 'X' = कॉपर (Cu); काले रंग का यौगिक = कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO)।
2Cu(s) + O2(g) —तापन→ 2CuO(s)
प्रश्न: लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?
लोहे की वस्तुओं पर पेंट करने से वे वायु में उपस्थित नमी व ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में नहीं आतीं, जिससे संक्षारण (जंग लगना) रुक जाता है और वस्तुओं का जीवनकाल बढ़ जाता है।
प्रश्न: तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित (flush) क्यों किया जाता है?
तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थ वायु में उपस्थित ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर उपचयित होकर विकृतगंधी (rancid) हो जाते हैं और उनका स्वाद व गंध बिगड़ जाता है। नाइट्रोजन एक निष्क्रिय गैस है, इसलिए पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन हट जाती है और भोजन लंबे समय तक ताज़ा बना रहता है।
प्रश्न: निम्नलिखित पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए — (a) संक्षारण (b) विकृतगंधिता
(a) संक्षारण: जब कोई धातु अपने आस-पास की नमी, अम्ल आदि के संपर्क में आकर धीरे-धीरे नष्ट होती है। उदा. — लोहे पर जंग (Fe2O3) लगना।
(b) विकृतगंधिता: तेल/वसायुक्त भोजन के उपचयित होने से उसका स्वाद व गंध बिगड़ जाना। उदा. — बहुत दिन रखे हुए तले हुए खाद्य पदार्थ (जैसे पापड़, चिप्स) का स्वाद बदल जाना।

9. सामूहिक क्रियाकलाप (Group Activity)

चार बीकर (A, B, C, D) लेकर A, B, C में 25 mL जल तथा D में कॉपर सल्फेट का विलयन लें। प्रत्येक का प्रारंभिक तापमान नोट करें। अब क्रमशः पोटैशियम सल्फेट, अमोनियम नाइट्रेट, निर्जल कॉपर सल्फेट व लोहे की छीलन को A, B, C, D में मिलाकर पुनः तापमान मापें।

? परिभाषा — निष्कर्ष
कॉपर सल्फेट (C व D) व लोहे की छीलन (D) मिलाने पर ताप बढ़ता है → ऊष्माक्षेपी। अमोनियम नाइट्रेट मिलाने पर ताप घटता है → ऊष्माशोषी। पोटैशियम सल्फेट के घुलने पर सामान्यतः बहुत कम परिवर्तन होता है।

10. बोर्ड परीक्षा में पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्न (वर्षवार)

नोट: यह सूची CBSE की विगत वर्षों (last several years) की बोर्ड परीक्षाओं व सैंपल पेपरों में इस अध्याय से पूछे गए प्रश्नों पर आधारित है। समान/मिलते-जुलते प्रश्न हर वर्ष दोहराए जाते रहे हैं, इसलिए ये अभ्यास हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

(अ) 1 अंक के प्रश्न (वर्षवार)

वर्ष अंक प्रश्न उत्तर / संकेत
2020 1 अंक द्विविस्थापन अभिक्रिया में क्या होता है — आयनों का आदान-प्रदान / अवक्षेप का बनना। उत्तर विकल्प: (B) व (D) — आयनों का आदान-प्रदान व अविलेय लवण का बनना।
2020 (C) 1 अंक CH4 + Cl2 → CH3Cl + HCl — यह किस प्रकार की अभिक्रिया है? प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution reaction)।
2021 (C) 1 अंक क्विक लाइम को जल में मिलाने पर कौन-सी अभिक्रिया होती है? संयोजन (ऊष्माक्षेपी) अभिक्रिया — CaO + H2O → Ca(OH)2 + ऊष्मा।
Term-1, 2021 1 अंक (Assertion-Reason) कथन: प्राकृतिक गैस का दहन ऊष्माशोषी प्रक्रिया है। कारण: मीथेन ऑक्सीजन से क्रिया कर CO2 व जल देती है। उत्तर: (d) कथन असत्य है — दहन सदैव ऊष्माक्षेपी होता है, कारण सत्य है।
2023 1 अंक (MCQ) पोटैशियम आयोडाइड व लेड नाइट्रेट के जलीय विलयन मिलाने पर बनने वाली अभिक्रिया का सही समीकरण चुनिए। 2KI(aq) + Pb(NO3)2(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)

(ब) 2-3 अंक के प्रश्न (वर्षवार)

वर्ष अंक प्रश्न उत्तर / संकेत
2016 2/3 अंक CaO + H2O → Ca(OH)2 ; 3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 2AlCl3 + 3BaSO4 ; 2FeSO4 → Fe2O3+SO2+SO3 — अभिक्रिया के प्रकार बताइए। क्रमशः संयोजन, द्विविस्थापन (अवक्षेपण) व ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया।
2019 (Delhi) 3 अंक 2 g सिल्वर क्लोराइड को चायना डिश में सूर्य के प्रकाश में रखा जाए तो प्रेक्षण, संतुलित समीकरण व अभिक्रिया का प्रकार बताइए। श्वेत AgCl धूसर (grey) हो जाता है — 2AgCl(s) →सूर्यप्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g); यह प्रकाशीय वियोजन (फोटोकेमिकल) अभिक्रिया है।
2021 (C) 2 अंक HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O — अभिकारकों व उत्पादों के रासायनिक नाम लिखिए। अभिकारक: नाइट्रिक अम्ल, कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड। उत्पाद: कैल्सियम नाइट्रेट, जल।
2023 3 अंक अभिक्रिया 'X' (जलीय कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) में CO2 प्रवाहित करने पर पहले दूधिया व बाद में रंगहीन क्यों होता है, समझाइए। पहले CaCO3 अवक्षेप से दूधिया रंग बनता है; अधिक CO2 डालने पर घुलनशील कैल्सियम हाइड्रोजन कार्बोनेट Ca(HCO3)2 बनने से विलयन पुनः रंगहीन/स्वच्छ हो जाता है।

(स) 5 अंक के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (वर्षवार)

वर्ष अंक प्रश्न उत्तर / संकेत
2019 (CBSE) 5 अंक लेड नाइट्रेट के वियोजन को प्रदर्शित करने हेतु क्रियाकलाप डिज़ाइन करें, चित्र बनाएँ, दो प्रेक्षण व संतुलित समीकरण लिखें। थोड़ा लेड नाइट्रेट चूर्ण क्वथन नली में लेकर गर्म करें। प्रेक्षण: (i) भूरे रंग की NO2 गैस निकलती है (ii) श्वेत रंग का लेड नाइट्रेट पीले रंग के लेड ऑक्साइड में बदल जाता है। समीकरण: 2Pb(NO3)2(s) →तापन→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g)।
2024 5 अंक 2AgCl → 2Ag + Cl2 अभिक्रिया हेतु आवश्यक परिस्थिति व प्रकार बताएँ; समीकरण पूर्ण करें। आवश्यक परिस्थिति: सूर्य का प्रकाश। यह वियोजन (प्रकाशीय) अभिक्रिया है, जिसमें ऊर्जा प्रकाश के रूप में अवशोषित होती है। इसी सिद्धांत का उपयोग श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफी में होता है।

बार-बार दोहराए गए (Repeatedly Asked) महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न — विषयवार

  • मैग्नीशियम रिबन साफ़ करने का कारण (लगभग हर वर्ष पूछा गया)।
  • Fe + H2O → Fe3O4 + H2 तथा अन्य समीकरणों को संतुलित करना।
  • संक्षारण व विकृतगंधिता रोकने के उपाय।
  • रेडॉक्स अभिक्रिया की पहचान व उपचयित/अपचयित पदार्थ बताना (Fe2O3+2Al→Al2O3+2Fe जैसे उदाहरण से)।
  • श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया सिद्ध करना।
  • AgCl/AgBr का प्रकाश में वियोजन तथा श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफी में उपयोग।
  • द्विविस्थापन/अवक्षेपण अभिक्रिया के उदाहरण एवं संतुलित समीकरण (BaCl2 + Na2SO4)।
  • Assertion-Reason प्रकार के प्रश्न (उपचयन, ऊष्माक्षेपी/ऊष्माशोषी आधारित)।

11. आगामी परीक्षा हेतु संभावित प्रश्न (Expected Questions)

नीचे दिए गए प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न व NCERT पाठ्यपुस्तक के महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर तैयार किए गए हैं — इनके आने की पूरी संभावना है।

1 अंक (MCQ / अति लघु उत्तरीय)

  • रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है — किस नियम पर आधारित है?
  • दो ऊष्माक्षेपी व दो ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के उदाहरण दीजिए।
  • Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 — इस अभिक्रिया का प्रकार पहचानिए।
  • (aq), (s), (l), (g) संकेतों का क्या अर्थ है?
  • फेरस सल्फेट के क्रिस्टल का रंग गर्म करने पर क्यों बदलता है?

2-3 अंक

  • संयोजन व वियोजन अभिक्रिया में अंतर स्पष्ट करते हुए एक-एक उदाहरण दीजिए।
  • रेडॉक्स अभिक्रिया किसे कहते हैं? MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2 में उपचयित व अपचयित पदार्थ पहचानिए।
  • अवक्षेपण अभिक्रिया को उदाहरण सहित समझाइए।
  • दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रिया के दो दुष्प्रभाव लिखिए तथा इन्हें रोकने के उपाय बताइए।
  • प्रकाशीय वियोजन अभिक्रिया क्या है? इसका एक व्यावहारिक उपयोग लिखिए।

5 अंक (दीर्घ उत्तरीय)

  • क्रियाकलाप द्वारा दिखाइए कि लोहा कॉपर सल्फेट के विलयन में से कॉपर को विस्थापित करता है। चित्र, प्रेक्षण व समीकरण दीजिए।
  • Fe + H2O → Fe3O4 + H2 समीकरण को हिट एंड ट्रायल विधि से चरणबद्ध संतुलित कीजिए।
  • संयोजन, वियोजन, विस्थापन व द्विविस्थापन अभिक्रियाओं को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।
  • मैग्नीशियम के वायु में दहन की क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए — चित्र, प्रेक्षण, समीकरण व अभिक्रिया का प्रकार दीजिए।

12. त्वरित पुनरावृत्ति चार्ट (Quick Revision)

अभिक्रिया का प्रकार सामान्य रूप पहचान उदाहरण
संयोजन A + B → AB दो पदार्थ मिलकर 1 उत्पाद CaO + H2O → Ca(OH)2
वियोजन AB → A + B 1 पदार्थ टूटकर 2+ उत्पाद CaCO3 → CaO + CO2
विस्थापन A + BC → AC + B अधिक क्रियाशील तत्व द्वारा विस्थापन Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu
द्विविस्थापन AB + CD → AD + CB आयनों का आदान-प्रदान, अवक्षेप Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 + 2NaCl
रेडॉक्स उपचयन + अपचयन साथ-साथ O2 का योग/ह्रास CuO + H2 → Cu + H2O
याद रखें: उपचयन = ऑक्सीजन ↑ या हाइड्रोजन ↓  |  अपचयन = ऑक्सीजन ↓ या हाइड्रोजन ↑  |  ऊष्माक्षेपी = ऊष्मा निकलती है  |  ऊष्माशोषी = ऊष्मा सोखी जाती है
? और अधिक फ्री नोट्स, क्विज़ व एक्टिविटी के लिए विज़िट करें — Bhanu Classes Bhogpur — Free Notes & Quiz
? मूल पाठ्यपुस्तक (NCERT) यहाँ देखें — NCERT Textbooks

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