Class 9 Science Chapter 4 "परमाणु की संरचना" (Structure of the Atom) ke complete Hindi notes — Thomson, Rutherford aur Bohr model, electron distribution, valency, atomic number, mass number, isotopes aur isobars, saath hi solved exercise questions.
Class 9 Science Chapter 4 "Parmanu Ki Sanrachna" (Structure of the Atom) blog thumbnail featuring a glowing atom illustration with an orange nucleus and three intersecting blue electron orbit rings, set against a dark navy-to-violet gradient background with a starry texture. The image displays an orange "CLASS 9 • CHAPTER 4" badge, bold white title text "Parmanu Ki Sanrachna" with the subtitle "Structure of the Atom," and a tag line reading "Thomson • Rutherford • Bohr Model." The bottom of the
अध्याय 4 : परमाणु की संरचना (Structure of the Atom)
पदार्थ परमाणुओं और अणुओं से मिलकर बने हैं। प्रश्न उठता है — (i) एक तत्व का परमाणु दूसरे तत्व के परमाणु से भिन्न क्यों होता है? (ii) क्या परमाणु वास्तव में अविभाज्य होते हैं (जैसा डाल्टन ने कहा) या इसके भीतर और छोटे कण भी होते हैं? इस अध्याय में हम अवपरमाणुक कणों और परमाणु के विभिन्न मॉडलों के बारे में पढ़ेंगे।
? 4.1 पदार्थों में आवेशित कण
क्रियाकलाप A: सूखे बालों पर कंघी कीजिए। कंघी कागज़ के टुकड़ों को आकर्षित करती है।
क्रियाकलाप B: काँच की छड़ को सिल्क से रगड़कर हवा भरे गुब्बारे के पास लाइए — गुब्बारा छड़ की ओर आकर्षित होता है।
वस्तुओं को रगड़ने से उनमें विद्युत आवेश आ जाता है — इससे पता चला कि परमाणु विभाज्य है और आवेशित कणों से बना है।
इलेक्ट्रॉन (e⁻) — खोजकर्ता जे. जे. टॉमसन
प्रोटॉन (p⁺) — ई. गोल्डस्टीन ने 1886 में धनावेशित 'केनाल किरणें' खोजीं, जिनसे प्रोटॉन का पता चला। प्रोटॉन का आवेश e⁻ के बराबर पर विपरीत, द्रव्यमान e⁻ से लगभग 2000 गुना अधिक।
कण
प्रतीक
द्रव्यमान
आवेश
इलेक्ट्रॉन
e⁻
नगण्य
−1
प्रोटॉन
p⁺
1 इकाई
+1
प्रश्न 1: केनाल किरणें क्या हैं? ? धनावेशित विकिरण, जिनकी खोज ई. गोल्डस्टीन ने 1886 में की; इन्हीं से प्रोटॉन की खोज हुई।
प्रश्न 2: यदि परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन हो तो आवेश होगा या नहीं? ? नहीं। e⁻(−1) व p⁺(+1) का आवेश बराबर व विपरीत है, अतः परमाणु उदासीन होगा।
? 4.2 परमाणु की संरचना
डाल्टन के अनुसार परमाणु अविभाज्य व अविनाशी था — लेकिन e⁻ और p⁺ की खोज ने इसे गलत साबित किया। यह जानना ज़रूरी हुआ कि ये कण परमाणु में कैसे व्यवस्थित हैं। जे. जे. टॉमसन ने पहला मॉडल दिया।
4.2.1 टॉमसन का परमाणु मॉडल
परमाणु = धनावेशित गोला, जिसमें इलेक्ट्रॉन क्रिसमस केक के मेवों/तरबूज़ के बीज की तरह धँसे हैं।
धन आवेश = ऋण आवेश (परिमाण में) ⇒ परमाणु उदासीन
⚠️ कमी: उदासीनता तो समझा दी, पर रदरफोर्ड जैसे प्रयोगों के परिणाम नहीं समझा सका।
प्रश्न: टॉमसन मॉडल के आधार पर परमाणु के उदासीन होने का तथ्य स्पष्ट कीजिए। ? इस मॉडल में धन आवेश और ऋण आवेश (e⁻) परिमाण में समान होते हैं, अतः दोनों संतुलित होकर परमाणु उदासीन बनाते हैं।
4.2.2 रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल
अल्फा (α) कण प्रकीर्णन प्रयोग: तेज़ गति से चल रहे α कणों को सोने की पतली पन्नी (1000 परमाणु मोटी) पर टकराया गया। α कण = द्विआवेशित हीलियम कण (धनावेशित, द्रव्यमान 4u)।
(iii) प्रत्येक 12000 में से 1 कण 180° पर वापस लौट आया
चित्र 4.2 : α कणों का प्रकीर्णन (हरा=सीधे निकले, लाल=थोड़ा विक्षेपित, नीला=180° लौटा)
निष्कर्ष:
परमाणु का अधिकतर भाग खाली है
धनावेशित भाग बहुत कम है
धन आवेश व द्रव्यमान परमाणु के भीतर बहुत छोटे आयतन में सीमित हैं — नाभिक की त्रिज्या परमाणु की त्रिज्या से 10⁵ गुना छोटी है
रदरफोर्ड के नाभिकीय मॉडल के लक्षण:
(i) परमाणु का केंद्र धनावेशित — नाभिक; लगभग संपूर्ण द्रव्यमान यहीं
(ii) इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वृत्तीय मार्ग में चक्कर लगाते हैं
(iii) नाभिक का आकार परमाणु से बहुत छोटा है
⚠️ कमी: वृत्तीय मार्ग में घूमता आवेशित e⁻ त्वरित होगा ⇒ ऊर्जा विकिरित करेगा ⇒ नाभिक से टकरा जाएगा ⇒ परमाणु अस्थिर होगा। पर परमाणु स्थायी होते हैं — इसलिए यह मॉडल स्थिरता नहीं समझा सका।
प्रश्न 1: रदरफोर्ड मॉडल में नाभिक में कौन-सा अवपरमाणुक कण है? ? प्रोटॉन।
प्रश्न 2: क्या α कण प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अलावा दूसरी धातु की पन्नी से संभव है? ? हाँ, बशर्ते वह धातु आघातवर्ध्य (malleable) हो ताकि उसकी पतली पन्नी बन सके।
4.2.3 बोर का परमाणविक मॉडल
रदरफोर्ड मॉडल की कमी दूर करने हेतु नील्स बोर ने प्रस्तुत किया:
(i) इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं — विविक्त कक्षा — में ही चक्कर लगाते हैं
(ii) इन कक्षाओं में घूमते समय ऊर्जा का विकिरण नहीं होता
इन कक्षाओं (कोशों) को ऊर्जा-स्तर कहते हैं — नाम: K, L, M, N... या संख्या n = 1, 2, 3, 4...
चित्र 4.3 : परमाणु में ऊर्जा स्तर (K सबसे भीतर, N सबसे बाहर)
4.2.4 न्यूट्रॉन
1932 में जे. चैडविक ने न्यूट्रॉन (n) खोजा — अनावेशित, द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर। हाइड्रोजन को छोड़कर सभी परमाणुओं के नाभिक में होता है। परमाणु का द्रव्यमान = नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन + न्यूट्रॉन का द्रव्यमान।
प्रश्न 1: परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें। ? इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन।
प्रश्न 2: हीलियम परमाणु का द्रव्यमान 4u है और नाभिक में 2 प्रोटॉन हैं — न्यूट्रॉन कितने होंगे? ? A = p+n ⇒ 4 = 2+n ⇒ n = 2
गुण
इलेक्ट्रॉन
प्रोटॉन
न्यूट्रॉन
प्रतीक
e⁻
p⁺
n
आविष्कारक
जे.जे. टॉमसन
ई. गोल्डस्टीन/रदरफोर्ड
जे. चैडविक
द्रव्यमान
नगण्य
1 इकाई
1 इकाई
आवेश
−1
+1
0
? 4.3 विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन कैसे वितरित होते हैं?
भीतरी कोश पूरा भरे बिना अगला कोश नहीं भरता (कोश क्रमानुसार भरते हैं)
? क्रियाकलाप 4.2: स्थायी परमाण्विक मॉडल बनाएँ और पहले 18 तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास दिखाएँ (नीचे चित्र देखें)।
चित्र 4.4 : पहले अठारह तत्वों की परमाण्विक संरचना
H (1)
He (2)
Li (3)
Be (4)
B (5)
C (6)
N (7)
O (8)
F (9)
Ne (10)
Na (11)
Mg (12)
Al (13)
Si (14)
P (15)
S (16)
Cl (17)
Ar (18)
प्रश्न 1: कार्बन और सोडियम के इलेक्ट्रॉन-वितरण लिखिए। ? कार्बन (Z=6): K=2, L=4 ⇒ (2,4) | सोडियम (Z=11): K=2, L=8, M=1 ⇒ (2,8,1)
प्रश्न 2: अगर परमाणु का K और L कोश भरा है, तो इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होगी? ? K(2) + L(8) = 10 इलेक्ट्रॉन
? 4.4 संयोजकता
सबसे बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन = संयोजी इलेक्ट्रॉन। बाह्यतम कोश पूर्ण (8 इलेक्ट्रॉन — अष्टक) वाले तत्व रासायनिक रूप से निष्क्रिय होते हैं (संयोजकता = 0, जैसे उत्कृष्ट गैसें — He में 2, बाकी में 8)।
अष्टक प्राप्त करने के लिए त्यागे/ग्रहण/साझा किए गए इलेक्ट्रॉनों की संख्या = संयोजकता।
H, Li, Na — बाह्यतम कोश में 1 e⁻ ⇒ त्याग सकते हैं ⇒ संयोजकता 1
Mg — बाह्यतम में 2 e⁻ ⇒ संयोजकता 2; Al — 3 e⁻ ⇒ संयोजकता 3
F — बाह्यतम में 7 e⁻; 7 त्यागने से आसान है 1 ग्रहण करना (8−7=1) ⇒ संयोजकता 1
O — बाह्यतम में 6 e⁻ ⇒ 2 ग्रहण करना आसान (8−6=2) ⇒ संयोजकता 2
प्रश्न: क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे? ? क्लोरीन (Z=17): 2,8,7 ⇒ 8−7=1 ⇒ संयोजकता 1 सल्फर (Z=16): 2,8,6 ⇒ 8−6=2 ⇒ संयोजकता 2 मैग्नीशियम (Z=12): 2,8,2 ⇒ 2 e⁻ त्यागना आसान ⇒ संयोजकता 2
सारणी 4.1 — पहले अठारह तत्वों का संयोजन
तत्व
प्रतीक
परमाणु संख्या
प्रोटॉन
न्यूट्रॉन
इलेक्ट्रॉन
K
L
M
N
संयोजकता
हाइड्रोजन
H
1
1
-
1
1
-
-
-
1
हीलियम
He
2
2
2
2
2
-
-
-
0
लीथियम
Li
3
3
4
3
2
1
-
-
1
बेरिलियम
Be
4
4
5
4
2
2
-
-
2
बोरॉन
B
5
5
6
5
2
3
-
-
3
कार्बन
C
6
6
6
6
2
4
-
-
4
नाइट्रोजन
N
7
7
7
7
2
5
-
-
3
ऑक्सीजन
O
8
8
8
8
2
6
-
-
2
फ्लोरीन
F
9
9
10
9
2
7
-
-
1
नियॉन
Ne
10
10
10
10
2
8
-
-
0
सोडियम
Na
11
11
12
11
2
8
1
-
1
मैग्नीशियम
Mg
12
12
12
12
2
8
2
-
2
ऐलुमिनियम
Al
13
13
14
13
2
8
3
-
3
सिलिकॉन
Si
14
14
14
14
2
8
4
-
4
फॉस्फोरस
P
15
15
16
15
2
8
5
-
3,5
सल्फर
S
16
16
16
16
2
8
6
-
2
क्लोरीन
Cl
17
17
18
17
2
8
7
-
1
आर्गन
Ar
18
18
22
18
2
8
8
-
0
? 4.5 परमाणु संख्या (Z) व द्रव्यमान संख्या (A)
4.5.1 परमाणु संख्या (Atomic Number, Z)
Step 1 — परिभाषा: परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या ही उस परमाणु की परमाणु संख्या कहलाती है। इसे Z से दर्शाते हैं।
Step 2 — सूत्र: Z = प्रोटॉनों की संख्या (p) (उदासीन परमाणु में प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन, अतः Z = p = e भी लिख सकते हैं)
Step 3 — उदाहरण: हाइड्रोजन के नाभिक में केवल 1 प्रोटॉन होता है ⇒ Z (H) = 1 कार्बन के नाभिक में 6 प्रोटॉन होते हैं ⇒ Z (C) = 6
4.5.2 द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A)
Step 1 — परिभाषा: परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहते हैं। इसे A से दर्शाते हैं। (प्रोटॉन+न्यूट्रॉन को न्यूक्लियॉन भी कहते हैं, क्योंकि परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान इन्हीं में होता है — e⁻ का द्रव्यमान नगण्य है)
Step 2 — सूत्र: A = प्रोटॉन (p) + न्यूट्रॉन (n)
Step 3 — उदाहरण: कार्बन में 6 प्रोटॉन व 6 न्यूट्रॉन होते हैं ⇒ A = 6+6 = 12 ऐलुमिनियम में 13 प्रोटॉन व 14 न्यूट्रॉन होते हैं ⇒ A = 13+14 = 27
4.5.3 तत्व को दर्शाने का तरीका
द्रव्यमान संख्या (A) को तत्व के प्रतीक के बाईं ओर ऊपर (superscript) तथा परमाणु संख्या (Z) को प्रतीक के बाईं ओर नीचे (subscript) लिखा जाता है — जैसे:
AZतत्व का प्रतीक
उदाहरण — नाइट्रोजन (A=14, Z=7):
147N
⭐ सभी ज़रूरी सूत्र एक साथ
A = p + n
Z = p = e (उदासीन परमाणु में)
n = A − p
p = A − n
पूरा हल किया उदाहरण: सोडियम (Na) — Z=11, A=23। इसके p, e, n ज्ञात कीजिए। ? प्रोटॉन (p) = Z = 11 | इलेक्ट्रॉन (e) = Z = 11 | न्यूट्रॉन (n) = A−p = 23−11 = 12
प्रश्न 1: यदि परमाणु में e⁻=8 और p⁺=8 हैं तो (a) परमाणु संख्या? (b) आवेश? ? (a) Z=8 (b) p=e ⇒ आवेश शून्य (उदासीन)
प्रश्न 2: सारणी 4.1 से ऑक्सीजन व सल्फर की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। ? ऑक्सीजन: 8+8=16; सल्फर: 16+16=32
? 4.6 समस्थानिक (Isotopes)
Step 1 — परिभाषा: एक ही तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या (Z) समान होती है, पर द्रव्यमान संख्या (A) भिन्न-भिन्न होती है — उन्हें समस्थानिक कहते हैं।
Step 2 — पहचान कैसे करें: चूँकि Z (= प्रोटॉन संख्या) समान है, इसलिए ये एक ही तत्व हैं। पर A भिन्न है, यानी इनमें न्यूट्रॉनों की संख्या अलग-अलग है (क्योंकि A = p+n, और p दोनों में बराबर है)।
Step 3 — उदाहरण: हाइड्रोजन के 3 समस्थानिक (तीनों का Z=1, पर A अलग है):
Step 4 — गुण: समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं (क्योंकि प्रोटॉन/इलेक्ट्रॉन संख्या व संयोजकता समान है), पर भौतिक गुण भिन्न होते हैं (क्योंकि द्रव्यमान अलग है)।
Step 5 — औसत परमाणु द्रव्यमान कैसे निकालें: किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान = उसके सभी समस्थानिकों के प्रतिशत के आधार पर औसत द्रव्यमान।
उदाहरण: क्लोरीन दो समस्थानिकों 35u व 37u में 3:1 अनुपात (यानी 75% व 25%) में पाया जाता है। औसत द्रव्यमान = (35×75/100) + (37×25/100) = 26.25 + 9.25 = 35.5 u
Step 6 — उपयोग: यूरेनियम समस्थानिक — परमाणु भट्टी का ईंधन; कोबाल्ट समस्थानिक — कैंसर उपचार; आयोडीन समस्थानिक — घेंघा रोग का इलाज।
4.6.1 समभारिक (Isobars)
Step 1 — परिभाषा: भिन्न-भिन्न तत्वों के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या (Z) भिन्न-भिन्न होती है, पर द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है — उन्हें समभारिक कहते हैं।
Step 2 — पहचान कैसे करें: चूँकि Z अलग है, ये अलग-अलग तत्व हैं (समस्थानिक जैसे एक तत्व के नहीं)। पर दोनों के A बराबर हैं — यानी दोनों के नाभिकों में न्यूक्लियॉन (p+n) की कुल संख्या बराबर है।
Step 3 — उदाहरण: कैल्सियम (Z=20) और आर्गन (Z=18) — दोनों की द्रव्यमान संख्या 40 है:
4020Ca (कैल्सियम, Z=20) और 4018Ar (आर्गन, Z=18)
समस्थानिक
समभारिक
परमाणु संख्या (Z)
समान
भिन्न
द्रव्यमान संख्या (A)
भिन्न
समान
प्रश्न 1: H, D, T में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कण सारणीबद्ध कीजिए। ?
स्पीशीज़
प्रोटॉन
न्यूट्रॉन
इलेक्ट्रॉन
H (प्रोटियम)
1
0
1
D (ड्यूटीरियम)
1
1
1
T (ट्राइटियम)
1
2
1
प्रश्न 2: समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। ? समस्थानिक: 126C व 146C — दोनों का विन्यास (2,4)। समभारिक: कैल्सियम (Z=20, विन्यास 2,8,8,2) और आर्गन (Z=18, विन्यास 2,8,8)।
? आपने क्या सीखा
✔ इलेक्ट्रॉन व प्रोटॉन की खोज — जे.जे. टॉमसन व ई. गोल्डस्टीन ✔ टॉमसन: धनावेशित गोले में e⁻ धँसे (नाभिक नहीं बताया) ✔ रदरफोर्ड: प्रकीर्णन प्रयोग से नाभिक की खोज; e⁻ रिक्त स्थान में घूमते हैं (स्थिरता नहीं समझा सका) ✔ बोर: e⁻ निश्चित कक्षाओं (K,L,M,N) में, ऊर्जा विकिरण नहीं होता — परमाणु स्थिर व कम क्रियाशील ✔ चैडविक ने न्यूट्रॉन खोजा — तीन अवपरमाणुक कण: e⁻ (ऋण), p⁺ (धन), n (उदासीन) ✔ अधिकतम e⁻ = 2n², बाहरी कोश में अधिकतम 8 ✔ संयोजकता = परमाणु की संयोजन शक्ति ✔ परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉन संख्या; द्रव्यमान संख्या (A) = न्यूक्लियॉन (p+n) संख्या ✔ समस्थानिक: Z समान, A भिन्न | समभारिक: A समान, Z भिन्न ✔ तत्वों को उनकी प्रोटॉन संख्या के आधार पर परिभाषित किया जा सकता है
✏️ अभ्यास (पूर्ण, हल सहित)
प्र.1 — इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए। ?
गुण
इलेक्ट्रॉन
प्रोटॉन
न्यूट्रॉन
प्रतीक
e⁻
p⁺
n
आविष्कारक
जे.जे. टॉमसन
गोल्डस्टीन/रदरफोर्ड
जे. चैडविक
द्रव्यमान
नगण्य
1 इकाई
1 इकाई
आवेश
−1
+1
0
प्र.2 — टॉमसन मॉडल की सीमाएँ? ? उदासीनता समझा दी, पर रदरफोर्ड के प्रयोग (180° विक्षेपण) जैसे परिणाम नहीं समझा सका — नाभिक की उपस्थिति नहीं बताई।
प्र.3 — रदरफोर्ड मॉडल की सीमाएँ? ? वृत्तीय मार्ग में घूमता e⁻ ऊर्जा खोकर नाभिक से टकरा जाएगा और परमाणु अस्थिर हो जाएगा — जबकि परमाणु स्थायी होते हैं। यह स्थिरता नहीं समझा सका।
प्र.4 — बोर मॉडल की व्याख्या कीजिए। ? (i) e⁻ केवल निश्चित विविक्त कक्षाओं में घूमते हैं (ii) इन कक्षाओं में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता — इससे परमाणु स्थिर रहता है।
प्र.5 — सभी मॉडलों की तुलना कीजिए। ? टॉमसन — धनावेशित गोला + धँसे e⁻ (नाभिक नहीं बताया)। रदरफोर्ड — धनावेशित नाभिक + रिक्त स्थान में घूमते e⁻ (स्थिरता नहीं बताई)। बोर — निश्चित कक्षाओं में e⁻, ऊर्जा विकिरण नहीं (सफल मॉडल)।
प्र.6 — पहले 18 तत्वों के इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम लिखिए। ? (i) अधिकतम e⁻ = 2n² (ii) बाहरी कोश में अधिकतम 8 e⁻ (iii) भीतरी कोश पूर्ण भरे बिना अगला कोश नहीं भरता।
प्र.7 — सिलिकॉन व ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता परिभाषित कीजिए। ? अंतिम कोश के e⁻ = संयोजी इलेक्ट्रॉन। अष्टक हेतु त्यागे/ग्रहण/साझा किए e⁻ = संयोजकता। सिलिकॉन (2,8,4): संयोजकता 4। ऑक्सीजन (2,6): संयोजकता 2 (8−6)।
प्र.8 — परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक, समभारिक — उदाहरण सहित; समस्थानिकों के 2 उपयोग। ? Z=प्रोटॉन संख्या (C: Z=6)। A=p+n (C: A=12)। समस्थानिक=Z समान, A भिन्न (¹²C, ¹⁴C)। समभारिक=A समान, Z भिन्न (Ca-40, Ar-40)। उपयोग: यूरेनियम — भट्टी ईंधन; कोबाल्ट — कैंसर उपचार।
प्र.9 — Na⁺ में K व L कोश पूर्ण भरे क्यों होते हैं? ? Na (Z=11): 2,8,1। 1 e⁻ त्यागने पर M कोश खाली हो जाता है; K(2) व L(8) पूर्ण भरे रह जाते हैं।
प्र.10 — ब्रोमीन के समस्थानिक 7935Br (49.7%) व 8135Br (50.3%) — औसत द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। ? = (79×49.7/100)+(81×50.3/100) = 39.263+40.743 = 80.006 u ≈ 80 u
प्र.11 — तत्व X का द्रव्यमान 16.2u है; समस्थानिक 168X और 188X का प्रतिशत ज्ञात कीजिए। ? मान लें ¹⁶X = a%, ¹⁸X = (100−a)% 16.2 = [16a+18(100−a)]/100 ⇒ 1620 = 1800−2a ⇒ a=90 ∴ ¹⁶X = 90%, ¹⁸X = 10%
प्र.12 — Z=3 वाले तत्व की संयोजकता व नाम? ? विन्यास 2,1 ⇒ 1 e⁻ त्यागकर स्थायी ⇒ संयोजकता 1। तत्व — लीथियम (Li)।
प्र.13 — X(p=6,n=6), Y(p=6,n=8) — द्रव्यमान संख्या व संबंध? ? X: A=12, Y: A=14। प्रोटॉन समान (6) ⇒ समस्थानिक (¹²C, ¹⁴C)।
प्र.14 — T/F बताइए: (a) टॉमसन ने कहा नाभिक में केवल न्यूक्लियॉन्स होते हैं — (F) यह रदरफोर्ड से संबंधित है; टॉमसन ने नाभिक का प्रस्ताव ही नहीं दिया। (b) e⁻+p⁺ मिलकर न्यूट्रॉन बनाते हैं, इसलिए अनावेशित — (F) न्यूट्रॉन स्वतंत्र कण है, चैडविक ने खोजा। (c) e⁻ का द्रव्यमान p⁺ का लगभग 1/2000 गुना — (T) (d) आयोडीन समस्थानिक टिंचर आयोडीन (दवा) बनाने में उपयोग — (F) यह मुख्यतः घेंघा रोग इलाज में प्रयुक्त होता है।
प्र.15 — रदरफोर्ड का प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था? ? (a) परमाणु केंद्रक ✔ (b)✘ (c)✘ (d)✘
प्र.16 — एक तत्व के समस्थानिक में होते हैं — ? (c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या ✔
प्र.17 — Cl⁻ में संयोजकता-इलेक्ट्रॉनों की संख्या — ? (b) 8 ✔ (विन्यास 2,8,7; 1 e⁻ ग्रहण करने पर बाह्यतम में 8)
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