परमाणु एवं अणु - कक्षा 9 विज्ञान नोट्स | Atoms and Molecules Class 9

कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 3 "परमाणु एवं अणु" के पूरे नोट्स — रासायनिक संयोजन के नियम, डाल्टन का सिद्धांत, अणु, आयन, संयोजकता, रासायनिक सूत्र व मोल अवधारणा सहित, मुफ्त PDF व अभ्यास प्रश्नों के साथ।

Jul 20, 2026 - 16:18
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"परमाणु एवं अणु" कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 3 का कवर इमेज — इसमें तीन बॉक्स दिखाए गए हैं: पहले बॉक्स में परमाणु की संरचना (केंद्र में नाभिक, चारों ओर कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन), दूसरे बॉक्स में जल के अणु (H₂O) की बंध संरचना, और तीसरे बॉक्स में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा Na⁺ व Cl⁻ आयनों का निर्माण। यह इमेज नोटबुक थीम (क्रीम बैकग्राउंड, हिंदी टाइपोग्राफी) से मेल खाती है।
कक्षा 9 · विज्ञान · अध्याय 3
परमाणु एवं अणु
(Atoms and Molecules) — हस्तलिखित नोट्स
?️ अध्याय का सार-मानचित्र
रासायनिक संयोजन के नियम परमाणु व अणु आयन, संयोजकता व सूत्र मोल अवधारणा
↓ प्रत्येक भाग नीचे विस्तार से ↓
✏️ 1. रासायनिक संयोजन के नियम
लॉव्वाइए एवं जोज़ेफ ल. प्राउस्ट ने बहुत अधिक प्रायोगिक कार्यों के पश्चात् रासायनिक संयोजन के निम्नलिखित दो नियम प्रतिपादित किए —
  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)
  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions)
(क) द्रव्यमान संरक्षण का नियम
इस नियम के अनुसार, "किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश।" अर्थात् अभिकारकों (reactants) का कुल द्रव्यमान सदैव उत्पादों (products) के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।
✎ नोट: यदि 3g कार्बन को 8g ऑक्सीजन में जलाया जाए, तो 11g कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बनती है। अर्थात् अभिकारकों का द्रव्यमान (3+8=11g) = उत्पाद का द्रव्यमान (11g)। इसी प्रकार 5.3g सोडियम कार्बोनेट, 6g एसेटिक अम्ल से अभिक्रिया करता है, तो कुल द्रव्यमान अभिक्रिया से पहले व बाद में समान (11.3g) ही रहता है।
(ख) स्थिर अनुपात का नियम
इसे निश्चित अनुपात का नियम भी कहते हैं। इसके अनुसार, "किसी भी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान के अनुपात में विद्यमान होते हैं", चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से क्यों न प्राप्त किया गया हो।
✎ नोट: शुद्ध जल चाहे किसी भी स्रोत से प्राप्त हो, उसमें हाइड्रोजन व ऑक्सीजन सदैव 1:8 के द्रव्यमान अनुपात में ही होते हैं।
✏️ 2. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (1808)
उपरोक्त दोनों नियमों की व्याख्या हेतु जॉन डाल्टन ने द्रव्य की परमाणुक प्रकृति के आधार पर एक सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसे डाल्टन का परमाणु सिद्धांत कहते हैं। इसकी मुख्य विवेचनाएँ निम्न प्रकार हैं —
  • सभी द्रव्य (चाहे तत्व, यौगिक या मिश्रण हों) सूक्ष्म कणों से बने होते हैं, जिन्हें परमाणु कहते हैं।
  • परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं, जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं न ही उनका विनाश होता है।
  • दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
  • भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक निर्मित करते हैं।
  • भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।
  • किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।
✎ नोट: आगे चलकर वैज्ञानिकों ने खोज की कि परमाणु को इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन व न्यूट्रॉन में विभाजित किया जा सकता है — अतः "परमाणु अविभाज्य है" वाली बात अब पूर्णतः सत्य नहीं मानी जाती, परंतु रासायनिक अभिक्रियाओं की दृष्टि से यह सिद्धांत आज भी उपयोगी है।
Nucleus (p+, n)
चित्र: परमाणु की आंतरिक संरचना — केंद्र में नाभिक, चारों ओर कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन
✏️ 3. परमाणु कितने बड़े होते हैं?
परमाणु बहुत छोटे होते हैं — किसी भी वस्तु, जिसकी हम कल्पना या तुलना कर सकते हैं, उससे भी छोटे। लाखों परमाणुओं को एक के ऊपर एक चट्टे के रूप में रखा जाए, तो बड़ी कठिनाई से कागज़ की एक शीट जितनी मोटी परत बन पाएगी। परमाणु त्रिज्या को नैनोमीटर (nm) में मापा जाता है। 10⁻⁹ m = 1 nm तथा 1 m = 10⁹ nm
त्रिज्या (मीटर में) उदाहरण
10⁻¹⁰ हाइड्रोजन परमाणु
10⁻⁹ जल अणु
10⁻⁸ हीमोग्लोबिन अणु
10⁻⁴ रेत का कण
10⁻³ चींटी
10⁻¹ सेब
परमाणु की तुलना
1 करोड़ परमाणुओं को एक सीध में रखने पर भी बाल (hair) जितनी मोटाई भी नहीं बन पाती
परमाणु त्रिज्या का मान लगभग 10⁻¹⁰ मीटर होता है
(अत्यंत सूक्ष्म — नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता)
✏️ 4. तत्वों के प्रतीक (Symbols of Elements)
प्रत्येक तत्व को एक विशिष्ट प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है। बर्ज़ीलियस के सुझाव अनुसार तत्व के अंग्रेज़ी/लैटिन नाम के पहले अक्षर को बड़े अक्षर (Capital) में तथा आवश्यकता पड़ने पर दूसरे अक्षर को छोटे अक्षर (small) में लिखा जाता है। IUPAC तत्वों के प्रतीकों का अनुमोदन करता है।
तत्व प्रतीक तत्व प्रतीक
हाइड्रोजन H सोडियम (Natrium) Na
ऑक्सीजन O पोटैशियम (Kalium) K
कार्बन C लोहा (Ferrum) Fe
नाइट्रोजन N चाँदी (Argentum) Ag
कैल्शियम Ca सोना (Aurum) Au
मैग्नीशियम Mg ताँबा (Cuprum) Cu
✏️ 5. परमाणु द्रव्यमान इकाई (Atomic Mass Unit — u)
किसी परमाणु का द्रव्यमान इतना कम होता है कि उसे ग्राम/किलोग्राम में मापना असुविधाजनक है। अतः कार्बन-12 (¹²C) समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग को परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) मानकर अन्य परमाणुओं के द्रव्यमान की तुलना की जाती है।
✎ नोट: हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान लगभग 1u, ऑक्सीजन का 16u, कार्बन का 12u होता है।
✏️ 6. अणु (Molecule)
दो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह, जो आपस में रासायनिक बंध द्वारा जुड़े होते हैं तथा जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकते हैं, वे अणु कहलाते हैं।
(क) तत्वों के अणु — परमाणुकता (Atomicity)
  • किसी तत्व के अणु एक ही प्रकार के परमाणुओं द्वारा संरचित होते हैं।
  • अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या को परमाणुकता कहते हैं।
  • अनेक तत्वों के अणु उसी तत्व के केवल एक परमाणु द्वारा निर्मित होते हैं (जैसे — आर्गन, हीलियम)।
परमाणुकता उदाहरण
एकपरमाणुक (Monoatomic) हीलियम (He), आर्गन (Ar)
द्विपरमाणुक (Diatomic) ऑक्सीजन (O₂), हाइड्रोजन (H₂), नाइट्रोजन (N₂)
त्रिपरमाणुक (Triatomic) ओज़ोन (O₃)
चतुष्परमाणुक (Tetra-atomic) फॉस्फोरस (P₄)
बहुपरमाणुक (Poly-atomic) सल्फर (S₈)
He O₂ O₃ P₄ S₈
चित्र: परमाणुकता के उदाहरण — He, O₂, O₃, P₄, S₈
(ख) यौगिकों के अणु
भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु जब एक निश्चित अनुपात में संयोग करते हैं, तो यौगिक के अणु बनते हैं। जैसे — जल (H₂O), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), अमोनिया (NH₃) आदि।
O H H
चित्र: जल के अणु (H₂O) की संरचना
✏️ 7. आयन (Ion)
अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह पाते। परमाणु एवं अणु आयन बनाते हैं। ये आयन उचित संख्या में संयुक्त होकर वह द्रव्य बनाते हैं जिसे हम देख सकते हैं, अनुभव कर सकते हैं अथवा छू सकते हैं। धातु एवं अधातु युक्त यौगिक आवेशित कणों से बने होते हैं। इन आवेशित कणों को आयन कहते हैं।
  • धनायन (Cation) — धनावेशित आयन, जैसे Na⁺, Ca²⁺, Al³⁺
  • ऋणायन (Anion) — ऋणावेशित आयन, जैसे Cl⁻, O²⁻
  • बहुपरमाणुक आयन (Poly-atomic ion) — वे आयन जिनमें एक से अधिक परमाणु होते हैं, समूह के रूप में आवेश वहन करते हैं। जैसे — CO₃²⁻, SO₄²⁻, NH₄⁺
Na (11 e-) loses e- Na+ cation gains e- Cl- anion
चित्र: इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा Na⁺ व Cl⁻ आयनों का निर्माण (NaCl)
सामान्य धनायन संकेत सामान्य ऋणायन संकेत
सोडियम Na⁺ क्लोराइड Cl⁻
पोटैशियम K⁺ आयोडाइड I⁻
कैल्शियम Ca²⁺ ऑक्साइड O²⁻
अमोनियम NH₄⁺ हाइड्रॉक्साइड OH⁻
एल्युमिनियम Al³⁺ नाइट्रेट NO₃⁻
कार्बोनेट CO₃²⁻
सल्फेट SO₄²⁻
✏️ 8. संयोजकता (Valency)
किसी तत्व के परमाणु के बाह्य कक्षा (सबसे बाहरी कोश) में उपस्थित इलेक्ट्रॉन की संख्या को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं। यह किसी तत्व की संयोजन क्षमता को दर्शाती है।
तत्व/मूलक संयोजकता
हाइड्रोजन (H), सोडियम (Na), क्लोरीन (Cl) 1
ऑक्सीजन (O), कैल्शियम (Ca), मैग्नीशियम (Mg) 2
नाइट्रोजन (N), एल्युमिनियम (Al) 3
कार्बन (C) 4
✏️ 9. रासायनिक सूत्र लिखने के नियम
  • यौगिक बनाने वाले तत्वों/मूलकों के संकेत साथ-साथ लिखे जाते हैं।
  • धातु का संकेत सामान्यतः पहले तथा अधातु/मूलक का संकेत बाद में लिखा जाता है।
  • प्रत्येक परमाणु/मूलक की संयोजकता को क्रॉस करके परस्पर अदला-बदली (Criss-cross) कर ली जाती है।
  • यदि संयोजकता संख्या समान हो तो उसे सामान्यतया नहीं लिखा जाता; असमान होने पर संख्या को निचले दाईं ओर उपलिपि (subscript) में लिखते हैं।
  • बहुपरमाणुक मूलक जब एक से अधिक संख्या में आए तो उसे कोष्ठक में रखकर संख्या लिखी जाती है, जैसे — Ca(OH)₂, Al₂(SO₄)₃
✏️ 10. आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass)
किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग होता है। यह अणु का सापेक्ष द्रव्यमान है, जिसे परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) द्वारा व्यक्त किया जाता है।
✎ उदाहरण:
H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 2×1 + 1×16 = 18 u
NaCl का सूत्र द्रव्यमान = 1×23 + 1×35.5 = 58.5 u
HNO₃ का आण्विक द्रव्यमान = 1×1 + 1×14 + 3×16 = 63 u
✏️ 11. सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass)
आयनिक यौगिकों (जैसे NaCl) में स्वतंत्र अणु नहीं होते, अपितु आयनों का त्रि-आयामी संरचना में एक निश्चित अनुपात में विन्यास होता है। ऐसे यौगिकों के लिए 'सूत्र इकाई द्रव्यमान' शब्द का प्रयोग होता है, जिसकी गणना विधि आण्विक द्रव्यमान के समान ही है — सूत्र में उपस्थित सभी परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग।
✏️ 12. मोल अवधारणा (Mole Concept)
परमाणु/अणु इतने सूक्ष्म होते हैं कि प्रयोगशाला में प्रयुक्त पदार्थ की मात्रा में कणों की संख्या गिनना असंभव है। अतः रसायनज्ञ 'मोल' नामक इकाई का प्रयोग करते हैं।
  • 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (परमाणु/अणु/आयन) — इसे आवोगाद्रो संख्या (Nₐ) कहते हैं।
  • किसी तत्व का ग्राम परमाणु द्रव्यमान (मोलर द्रव्यमान) वह द्रव्यमान है जिसमें 6.022×10²³ परमाणु उपस्थित होते हैं।
  • मोलर द्रव्यमान (g) = परमाणु/आण्विक द्रव्यमान का संख्यात्मक मान, परंतु इकाई ग्राम में।
सूत्र: मोलों की संख्या (n) = दिया गया द्रव्यमान (g) ÷ मोलर द्रव्यमान (g/mol)
✎ नोट: 12g कार्बन (C) में 1 मोल अर्थात् 6.022×10²³ परमाणु उपस्थित होंगे, क्योंकि कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12u है।
1 mole of any substance 6.022 × 10²³ particles (Avogadro's Number, Nₐ)
? अभ्यास कार्य (Exercise)
प्रश्न 1. 0.24 g ऑक्सीजन एवं बोरॉन युक्त यौगिक के नमूने में विश्लेषण द्वारा यह पाया गया कि उसमें 0.096 g बोरॉन एवं 0.144 g ऑक्सीजन है। उस यौगिक के प्रतिशत संघटन का भारात्मक रूप में परिकलन कीजिए।
उत्तर: बोरॉन = (0.096/0.24) × 100 = 40% ; ऑक्सीजन = (0.144/0.24) × 100 = 60%
प्रश्न 2. 3.0 g कार्बन 8.00 g ऑक्सीजन में जलकर 11.00 g CO₂ निर्मित करता है। जब 3.00 g कार्बन को 50.00 g O₂ में जलाएँ तो कितने (g) CO₂ का निर्माण होगा? आपका उत्तर रासायनिक संयोजन के किस नियम पर आधारित होगा?
उत्तर: यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम पर आधारित है। 3.0 g कार्बन के साथ केवल 8.00 g ऑक्सीजन ही संयोग करती है, अतः केवल 11.00 g CO₂ ही प्राप्त होगी — शेष 42 g ऑक्सीजन बिना अभिक्रिया किए बच जाएगी।
प्रश्न 3. बहुपरमाणुक आयन क्या होते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे आयन जिनमें एक से अधिक परमाणु होते हैं, 'बहुपरमाणुक आयन' कहलाते हैं। जैसे — CO₃²⁻, SO₄²⁻, NH₄⁺, OH⁻ आदि।
प्रश्न 4. निम्नलिखित के रासायनिक सूत्र लिखिए —
मैग्नीशियम क्लोराइड MgCl₂
कैल्शियम क्लोराइड CaCl₂
कॉपर नाइट्रेट Cu(NO₃)₂
एल्युमिनियम क्लोराइड AlCl₃
कैल्शियम कार्बोनेट CaCO₃
प्रश्न 5. निम्नलिखित यौगिकों में विद्यमान तत्वों के नाम दीजिए —
बुझा हुआ चूना CaO
हाइड्रोजन ब्रोमाइड HBr
बेकिंग पाउडर (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) NaHCO₃
पोटैशियम सल्फेट K₂SO₄
प्रश्न 6. निम्नलिखित पदार्थों के मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए —
पदार्थ सूत्र मोलर द्रव्यमान
एथाइन C₂H₂ 26 u
सल्फर अणु S₈ 256 u
फॉस्फोरस अणु P₄ 124 u
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल HCl 36.5 u
नाइट्रिक अम्ल HNO₃ 63 u
प्रश्न 7 (अतिरिक्त). 1 मोल जल के अणुओं में कुल परमाणुओं की संख्या कितनी होगी?
उत्तर: 1 अणु H₂O में 3 परमाणु (2 हाइड्रोजन + 1 ऑक्सीजन) होते हैं। अतः 1 मोल जल में कुल परमाणु = 3 × 6.022×10²³ = 1.8066×10²⁴ परमाणु।
प्रश्न 8 (अतिरिक्त). 16 g ऑक्सीजन में कितने मोल तथा कितने परमाणु उपस्थित होंगे? (ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u)
उत्तर: मोलों की संख्या = 16/16 = 1 मोल ; परमाणुओं की संख्या = 1 × 6.022×10²³ = 6.022×10²³ परमाणु
— समाप्त ?️ —
? अधिक अभ्यास व संदर्भ
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? Bhanu Classes Bhogpur — Free Notes & Quiz (aapbiti.com)
कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 1 "हमारे आस-पास के पदार्थ" के नोट्स पढ़ने के लिए:
? हमारे आस-पास के पदार्थ — Class 9 Chapter 1 Notes
कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 2 "पदार्थ शुद्ध हैं" के नोट्स पढ़ने के लिए:
? पदार्थ शुद्ध हैं — Class 9 Chapter 2 Notes
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? NCERT Official Textbooks (ncert.nic.in)

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