कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 8 जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा नोट्स | Class 6 Science Chapter 8 Notes in Hindi
इस पोस्ट में NCERT कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) के अध्याय 8 "जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा" के हैंडरिटन स्टाइल नोट्स दिए गए हैं। इसमें वाष्पीकरण, संघनन, पिघलना, हिमीकरण, आर्द्रता, शीतलन प्रभाव और जल चक्र की आसान परिभाषाएँ, पुस्तक के चित्र, सभी क्रियाकलाप (8.1 से 8.11) और अभ्यास के प्रश्न 1 से 10 के हल शामिल हैं। परीक्षा की तैयारी और रिवीजन के लिए उपयोगी।
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कक्षा 6 • विज्ञान (जिज्ञासा) • अध्याय 8 • Handwritten Notes ✍️
जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
? शुरुआत — बर्फ और जल
शिकंजी में बर्फ देखकर थिरव ने सोचा — क्या बर्फ और जल अलग पदार्थ हैं? आवी बोली कि ये दोनों एक ही पदार्थ हैं। जाँच के लिए जल को फ्रीजर में रखकर देखा जा सकता है कि वह बर्फ बनता है या नहीं।
क्रियाकलाप 8.1: कप में बर्फ का टुकड़ा रखकर मेज पर रखा → बर्फ धीरे-धीरे जल में बदल गई। निष्कर्ष: बर्फ और जल एक ही पदार्थ के दो रूप हैं।
? अवस्थाकिसी पदार्थ के भिन्न रूप (ठोस, द्रव, गैस) को उसकी अवस्था कहते हैं। बर्फ व जल एक ही पदार्थ की दो अवस्थाएँ हैं।
- जल बहता है पर बर्फ नहीं बहती।
- जल छलकता है पर बर्फ नहीं छलकती।
- बर्फ को हाथ में पकड़ सकते हैं, जल को नहीं।
? 8.1 जल के विलुप्त होने की जाँच — वाष्पीकरण
वर्षा के बाद खेल के मैदान के गड्ढों का जल शाम तक कम हो गया। थिरव का विचार था कि जल नहीं रिसा; आवी को लगा कि मिट्टी ने सोख लिया होगा। बर्तनों की सतह से भी जल सूख जाता है — इसे जाँचने के लिए क्रियाकलाप 8.2 किया गया।
क्रियाकलाप 8.2:
- स्टील की प्लेट/थाली में एक चम्मच जल लें (चित्र 8.1)।
- देखें कि जल प्लेट के दूसरी ओर रिसता है या नहीं।
- नियमित अंतराल पर देखें जब तक जल पूरी तरह विलुप्त न हो जाए।
?निष्कर्ष: स्टील की प्लेट से जल नहीं रिसता, फिर भी जल गायब हो गया — वह जलवाष्प बनकर हवा में चला गया।
चित्र 8.1 — स्टील की प्लेट पर एक चम्मच जल
? जलवाष्पजल की गैसीय अवस्था को जलवाष्प कहते हैं। यह अदृश्य होती है और हमारे आस-पास की वायु में सदैव विद्यमान रहती है।
? वाष्पीकरण / वाष्पनजल (द्रव) के वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को वाष्पीकरण या वाष्पन कहते हैं। यह कमरे के सामान्य तापमान पर भी निरंतर होता रहता है।
उदाहरण: गीले कपड़े सूखना, पोंछा लगा फर्श सूखना, पसीना सूखना, बर्तन सूखना, गर्म तवे पर छिड़का जल उड़ना, हैंड सैनिटाइजर का विलुप्त होना।
?क्या आप जानते हैं? जलवाष्प अदृश्य होती है। भाप में जल की छोटी-छोटी बूँदें होती हैं, इसलिए भाप दिखाई देती है। गरम तवे पर जल भाप बनकर उड़ता है।
✅गड्ढों के जल का कारण: सही उत्तर (ग) — भूमि में रिसाव और वाष्पीकरण, दोनों। धूप में प्रमुख कारण वाष्पीकरण है।
✏️आइए, चित्र बनाएँ: जल का क्या होता है — नामांकन व शीर्षक सहित रेखाचित्र (सूर्य ➜ जल से वाष्पीकरण ➜ वायु में जलवाष्प) बनाएँ।
? 8.2 एक और रहस्य — संघनन
ठंडे जल व बर्फ वाले काँच के गिलास की बाहरी सतह पर जल की बूँदें दिखाई देती हैं। ये कहाँ से आईं?
क्रियाकलाप 8.3:
- काँच के गिलास में ठंडा जल लें, बर्फ के टुकड़े डालें (चित्र 8.2)।
- पाँच मिनट बिना हिलाए रखें और अवलोकन करें।
- अवलोकन व प्रश्न तालिका 8.1 में लिखें; बाहरी सतह को छूकर देखें।
?छोटी बूँदें जमा होकर आपस में मिलती हैं और बड़ी बूँदें बन जाती हैं। धातु के पात्र में भी यही देखा जा सकता है।
चित्र 8.2 — काँच का गिलास जिसमें ठंडा जल व बर्फ के टुकड़े हैं
| संभावित कारण (चित्र 8.4) | जाँच / तर्क |
|---|---|
| बर्फ गिलास से निकलकर पिघल गई | बर्फ गिलास के भीतर है, बाहर नहीं आ सकती। |
| गिलास से जल रिस गया | गिलास में जल का स्तर कम नहीं हुआ। (स्तर जाँच के लिए संकरी बोतल उपयोगी) |
| वायु का जलवाष्प ठंडी सतह पर जल बना | सही कारण — संघनन (क्रियाकलाप 8.4 से सिद्ध) |
? संघननवायु में उपस्थित जलवाष्प के ठंडी सतह के संपर्क में आकर द्रव (जल की बूँदों) में बदलने की प्रक्रिया को संघनन कहते हैं।
क्रियाकलाप 8.4 (मापन): जल व बर्फ से आधा भरा गिलास लें, स्टील की छोटी प्लेट से ढकें और डिजिटल तराजू पर तौलें। हर 5 मिनट पर 30 मिनट तक पाठ्यांक अंकित करें (तालिका 8.2)।
| समय (मिनट) | 0 | 5 | 10 | 15 | 20 | 25 | 30 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| द्रव्यमान | प्रारंभिक | ↑ | ↑ | ↑ | ↑ | ↑ | सबसे अधिक |
⚖️निष्कर्ष: तराजू का पाठ्यांक बढ़ गया क्योंकि वायु से जलवाष्प संघनित होकर गिलास पर जमा हुई। इससे सिद्ध होता है कि गिलास से जल नहीं रिसा।
?संशोधन: गिलास में जल के स्तर को स्थायी मार्कर/पारदर्शी टेप से चिह्नित करें। स्तर नीचे नहीं जाता, फिर भी बाहर अतिरिक्त जल जमा होता है → जल रिस नहीं रहा, संघनन से बन रहा है।
पौधे पर ओस की बूँदें
संघनन के अन्य उदाहरण:
- सुबह पौधों पर ओस की बूँदें (रात में सतह ठंडी)।
- आधे भरे बर्तन में जल उबालकर स्टील की प्लेट से ढकने पर प्लेट की भीतरी सतह पर बूँदें।
- बादल बनना, कोहरा बनना।
? आर्द्रतावायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं। इसके दैनिक आँकड़े समाचार-पत्रों में दिए जाते हैं।
❗और भी जानें: वायुमंडलीय जल जनित्र मशीनें आर्द्र वायु को ठंडा करके जलवाष्प के संघनन से पीने योग्य जल बनाती हैं।
??☁️ 8.3 जल की विभिन्न अवस्थाएँ
जल की तीनों अवस्थाएँ दैनिक जीवन में दिखती हैं — ठोस (बर्फ), द्रव (जल) और गैस (जलवाष्प)। गर्म करने पर बर्फ ➜ जल ➜ जलवाष्प।
बर्फ (ठोस)
➜
जल (द्रव)
➜
जलवाष्प (गैस)
? ठोसऐसी अवस्था जिसमें पदार्थ का निश्चित आकार होता है; वह किसी भी पात्र में रखने पर अपना आकार बनाए रखता है, बहता व फैलता नहीं। जैसे बर्फ, पत्थर, लकड़ी, बर्तन।
? द्रवऐसी अवस्था जिसमें पदार्थ बहता है, उसका निश्चित आकार नहीं होता (पात्र का आकार ले लेता है) पर आयतन स्थिर रहता है। जैसे जल, दूध, तेल।
? गैसऐसी अवस्था जिसमें पदार्थ का न निश्चित आकार होता है, न निश्चित आयतन; वह उपलब्ध पूरे स्थान में फैल जाता है। जैसे जलवाष्प, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड।
क्रियाकलाप 8.5 — तालिका 8.3 (जल की अवस्थाओं की तुलना):
| गुण | बर्फ (ठोस) | जल (द्रव) | जलवाष्प (गैस) |
|---|---|---|---|
| आकार | निश्चित, पात्र बदलने पर भी वही | निश्चित नहीं, पात्र का आकार ले लेता है | निश्चित नहीं, सारे स्थान में फैल जाती है |
| बहने की क्षमता | नहीं बहती | बहता है | बहती/फैलती है |
| प्रसारण (फैलने) की क्षमता | नहीं फैलती | फैलता है (आयतन स्थिर रखते हुए) | समस्त उपलब्ध स्थान में फैल जाती है |
?रसोई की गंध: खाना पकने की सुगंध गैस की तरह वायु में फैलकर रसोई के बाहर नाक तक पहुँचती है। मोम, तेल, घी भी तीनों अवस्थाओं में मिलते हैं।
| पदार्थ की अवस्था | उदाहरण |
|---|---|
| ठोस | पत्थर, लकड़ी, बर्तन, पुस्तक, बर्फ |
| द्रव | जल, दूध, तेल, नारियल तेल (गर्मी में), शहद, सिरका, रस |
| गैस | ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प, हवा |
? 8.4 जल की अवस्थाओं में परिवर्तन
अवस्था बदलने के लिए ऊष्मा देनी (गर्म करना) या ऊष्मा लेनी (ठंडा करना) पड़ती है। बर्फ ➜ जल और जल ➜ जलवाष्प के लिए ऊष्मा की आपूर्ति चाहिए; जल ➜ बर्फ के लिए ठंडा वातावरण (फ्रीजर) चाहिए।
? पिघलनाठोस के द्रव अवस्था में बदलने की प्रक्रिया (ऊष्मा देने पर)। जैसे बर्फ का जल बनना, मोमबत्ती के मोम का पिघलना।
? हिमीकरण (जमना)द्रव के ठोस अवस्था में बदलने की प्रक्रिया (ठंडा करने पर)। जैसे जल का फ्रीजर में बर्फ बनना, सर्दियों में नारियल तेल का जमना, द्रव मोम का ठोस होना।
क्रियाकलाप 8.6 — चित्र 8.5 पूरा करें (उत्तर सहित):
चित्र 8.5 (रिक्त, पुस्तक से)
क — ठोस
(बर्फ)
(बर्फ)
1 पिघलना (ऊष्मा दें) ➜
⬅ 3 जमना / हिमीकरण (ठंडा करें)
ख — द्रव
(जल)
(जल)
2 वाष्पित होना (ऊष्मा दें) ➜
⬅ 4 संघनित होना (ठंडा करें)
ग — गैस
(जलवाष्प)
(जलवाष्प)
| चिह्न | उत्तर |
|---|---|
| क / ख / ग | ठोस / द्रव / गैस |
| 1 | पिघलना |
| 2 | वाष्पित होना |
| 3 | जमना |
| 4 | संघनित होना |
?️ 8.5 वाष्पन की गति — तीव्र या धीमा
वाष्पीकरण की तीव्रता को प्रभावित करने वाली परिस्थितियाँ:
| कारक | प्रभाव | उदाहरण |
|---|---|---|
| खुला क्षेत्रफल (संपर्क का क्षेत्र) | अधिक क्षेत्रफल ➜ तीव्र वाष्पन | प्लेट में फैला जल ढक्कन के जल से जल्दी उड़ता है |
| तापमान / धूप | अधिक तापमान ➜ तीव्र | धूप में कपड़े जल्दी सूखते हैं |
| वायु की गति | तेज हवा ➜ तीव्र | तेज हवा या पंखे में कपड़े जल्दी सूखते हैं |
| आर्द्रता / नमी | अधिक आर्द्रता ➜ धीमा | बरसात में कपड़े देर से सूखते हैं |
क्रियाकलाप 8.7: बोतल के ढक्कन और प्लेट में समान मात्रा में जल लें, पास-पास रखें और पूर्ण वाष्पीकरण का समय नोट करें (तालिका 8.4)।
| जल का खुला क्षेत्र | पूर्ण वाष्पीकरण में समय |
|---|---|
| कम (बोतल का ढक्कन) | अधिक समय लगता है |
| अधिक (प्लेट) | कम समय लगता है |
?नियंत्रित अन्वेषण: जो स्थिति समान रखी (जैसे जल की मात्रा), जो स्थिति बदली (क्षेत्रफल), जो मापा (पूर्ण वाष्पन का समय) — हर अन्वेषण में ये तीनों तय करें (तालिका 8.5)।
चित्र 8.6 — सूर्य के प्रकाश एवं छाया में जल का वाष्पीकरण
क्रियाकलाप 8.8:
- दो समान बोतलों के ढक्कन लें, समान मात्रा में जल भरें।
- एक को धूप में, दूसरे को छाया में रखें।
- हर 15 मिनट पर देखें, पूर्ण वाष्पन का समय अंकित करें।
- तेज पवन या बरसात वाले दिन दोहराएँ।
?निष्कर्ष: धूप वाले ढक्कन का जल तीव्रता से वाष्पित होता है। हवा तेज हो तो वाष्पन तेज; आर्द्रता अधिक हो तो धीमा।
☔बरसात में वायु में जलवाष्प पहले से अधिक होती है, इसलिए दिन अधिक आर्द्र होते हैं। बरसात में कपड़े जल्दी सुखाने के लिए: पंखे के नीचे फैलाएँ, खुले फैलाकर रखें, निचोड़कर सुखाएँ।
❄️ 8.6 शीतलन प्रभाव
मिट्टी के मटके का जल ठंडा क्यों रहता है? मटके की सतह से जल बाहर रिसता है और वाष्पित होता है; वाष्पन के लिए आवश्यक ऊष्मा जल/मटके से ली जाती है, इसलिए भीतर का जल ठंडा हो जाता है।
? शीतलन प्रभाववाष्पीकरण के दौरान आस-पास की वस्तु/सतह से ऊष्मा लेने के कारण उत्पन्न ठंडक को शीतलन प्रभाव कहते हैं।
उदाहरण: मटका/सुराही का ठंडा जल, पंखे के नीचे पसीना सूखने पर ठंडक, हैंड सैनिटाइजर लगाने पर ठंडा लगना, गर्मी में छत व फर्श पर जल छिड़कना।
क्रियाकलाप 8.9 — पॉट-इन-पॉट कूलर:
- भिन्न आकार के दो मिट्टी के गमले लें।
- बड़े गमले के निचले हिस्से में रेत की परत भरें।
- छोटे गमले को बड़े के अंदर रखें; मध्य के रिक्त स्थान में रेत भरें।
- रेत में जल डालें; छोटे गमले को ढक्कन या गीली जूट की बोरी से ढकें।
- 4–5 घंटे बाद फल-सब्जियाँ रखकर एक सप्ताह तक ताजगी देखें; रेत नम रखने को जल छिड़कते रहें।
चित्र 8.7 — गमलों से बना (पॉट-इन-पॉट) कूलर
चित्र 8.8 — सुराही
?सुराही मिट्टी का पात्र है; इसकी सतह से जल रिसकर वाष्पित होता है, इसलिए गर्मी में जल ठंडा रहता है।
?रेत की जगह बेहतर शीतलन के लिए गीला कपड़ा, चारकोल, मिट्टी के कंकड़ या नारियल का रेशा आदि भी प्रयोग कर सकते हैं।
☁️ 8.7 बादल हमें वर्षा कैसे देते हैं?
क्रम: जल का वाष्पीकरण ➜ जलवाष्प वायु के साथ ऊपर उठती है (जलवाष्प वायु से हल्की) ➜ ऊँचाई पर वायु ठंडी ➜ संघनन से छोटी जलकणिकाएँ बनती हैं (प्रायः धूल के कणों के आस-पास) ➜ बादल दिखाई देते हैं ➜ कणिकाएँ मिलकर बड़ी बूँदें ➜ भारी होकर नीचे गिरती हैं = वर्षा।
वाष्पीकरण
➜
ऊपर उठना
➜
ठंडी वायु में संघनन
➜
बादल
➜
वर्षा / ओले / हिम
? बादलवायु में तैरती छोटी-छोटी जलकणिकाओं का समूह, जो ऊँचाई पर जलवाष्प के संघनन से बनता है।
? वर्षाबादलों में बनी बड़ी व भारी जल की बूँदों का नीचे गिरना। विशेष परिस्थितियों में ये ओले या हिम के रूप में भी गिरती हैं।
क्रियाकलाप 8.10 (सामूहिक): 1 लीटर की खाली बोतल में लगभग 1 कप जल डालें, ढक्कन कसकर बंद करें, 2–3 मिनट बोतल को जल्दी-जल्दी दबाएँ-छोड़ें और ऊपर का स्थान देखें। फिर समाचार-पत्र का छोटा टुकड़ा जलाकर बोतल में डालें और दोहराएँ।
⚠️अवलोकन: जल के ऊपर धुँधलापन (बादल) दिखता है। जलते कागज के अदृश्य धूल-कणों के चारों ओर जलवाष्प संघनित होकर बादल बनाती है। सावधानी: कागज जलाते समय बड़ों की निगरानी में सावधानी रखें।
?क्या आप जानते हैं? जैसे हल्की गैसों से भरा गुब्बारा वायु में ऊपर जाता है, वैसे ही जलवाष्प वायु से हल्की होने के कारण ऊपर उठती है।
? जल चक्र (Water Cycle)
चित्र 8.9 — जल की अवस्थाओं एवं गति में परिवर्तन
क्रियाकलाप 8.11 — चित्र 8.9 तीरांकित करें:
| चित्र का भाग | उत्तर / क्रिया |
|---|---|
| समुद्र/महासागर, झील, नदी | जल का संग्रह; ऊपर तीर = वाष्पीकरण |
| भू-जल | भूमि के नीचे जल का संग्रह |
| बादल | संघनन से बने |
| नीचे की ओर तीर | वर्षा (या हिम) |
| पर्वत की चोटी | हिम गिरना/जमना; पिघलकर नदी में बहना |
| नदी ➜ समुद्र | जल का बहकर महासागर में जाना |
? जल चक्रजल का महासागरों व पृथ्वी की सतह से वाष्पित होकर वायु में जाना, फिर वर्षा, ओलों या हिम के रूप में लौटना और अंततः बहकर महासागरों में चले जाना — इस सतत चक्रण को जल चक्र कहते हैं।
वाष्पीकरण
➜
संघनन (बादल)
➜
वर्षा / हिम
➜
नदी–भू-जल बहाव
➜
महासागर
?जल संरक्षण: पृथ्वी के जल का बहुत छोटा भाग ही पौधों, जानवरों व मनुष्यों के उपयोग योग्य है; अधिकांश जल महासागरों में है। बढ़ती जनसंख्या से जल की माँग बढ़ रही है, इसलिए जल का बुद्धिमानी से उपयोग करें, व्यर्थ न बहाएँ और जलाशयों को प्रदूषण से बचाएँ।
? प्रमुख शब्द एक नज़र में
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| वाष्पीकरण / वाष्पन | द्रव का वाष्प (गैस) में बदलना |
| संघनन | जलवाष्प का द्रव (जल) में बदलना |
| पिघलना | ठोस का द्रव में बदलना |
| हिमीकरण | द्रव का ठोस में बदलना |
| ठोस / द्रव / गैस | पदार्थ की तीन अवस्थाएँ |
| जलवाष्प | जल की गैसीय अवस्था |
| आर्द्रता | वायु में जलवाष्प की मात्रा |
| जल चक्र | पृथ्वी की सतह व वायुमंडल के मध्य जल का चक्रण |
| शीतलन प्रभाव | वाष्पीकरण से उत्पन्न ठंडक |
| अवलोकन करना | ध्यान से देखकर बातें नोट करना |
| प्रश्न करना | अवलोकन से उठे प्रश्न पूछना |
| पूर्वानुमान लगाना | प्रयोग से पहले परिणाम का अनुमान लगाना |
| कारण बताना | किसी घटना के संभावित कारण सोचना |
| प्रयोग / अन्वेषण करना | कारण की जाँच के लिए क्रियाकलाप करना |
| अंकित करना | अवलोकन/आँकड़े लिखकर दर्ज करना |
| जाँच करना / चर्चा करना | साक्ष्य से परखना; मित्रों से विचार साझा करना |
सारांश:
- जल का वाष्प अवस्था में बदलना वाष्पीकरण, जलवाष्प का द्रव में बदलना संघनन कहलाता है।
- जल ठोस, द्रव और गैस — तीन अवस्थाओं में पाया जाता है; तापन व शीतलन से अवस्था बदलती है।
- वाष्पीकरण की गति: संपर्क का क्षेत्र, तापमान, नमी (आर्द्रता), वायु की गति पर निर्भर।
- वाष्पीकरण से शीतलन प्रभाव उत्पन्न होता है।
- संघनित जलवाष्प से बादल बनते हैं; बूँदें मिलकर वर्षा, हिम या ओले के रूप में गिरती हैं।
? अभ्यास (आइए, और अधिक सीखें) — हल सहित
1
प्र. निम्नलिखित में से कौन संघनन का उत्तम वर्णन करता है?
उत्तर: (घ) जलवाष्प का उसकी द्रव अवस्था में परिवर्तन।
(क) वाष्प बनना वाष्पीकरण है; (ख) द्रव से गैस भी वाष्पीकरण है; (ग) बादल बनना संघनन का परिणाम है, परिभाषा नहीं।
(क) वाष्प बनना वाष्पीकरण है; (ख) द्रव से गैस भी वाष्पीकरण है; (ग) बादल बनना संघनन का परिणाम है, परिभाषा नहीं।
2
प्र. किस प्रक्रिया में वाष्पीकरण अति महत्वपूर्ण है? (क) रंग भरना (ख) कागज पर लिखना
(क) रंग भरना → (ii) पानी के रंगों से। जल वाष्पित होने पर ही रंग सूखकर कागज पर टिकता है (ऐक्रेलिक रंग भी जल-आधारित हैं, पर मुख्य उत्तर (ii))। क्रेयॉन व पेंसिल रंगों में सूखने की आवश्यकता नहीं।
(ख) कागज पर लिखना → (ii) स्याही वाले पेन से। स्याही का द्रव वाष्पित होकर सूखता है, तब लिखावट टिकती है। पेंसिल में स्याही नहीं होती।
(ख) कागज पर लिखना → (ii) स्याही वाले पेन से। स्याही का द्रव वाष्पित होकर सूखता है, तब लिखावट टिकती है। पेंसिल में स्याही नहीं होती।
3
प्र. प्लास्टिक की घास के आस-पास का स्थान प्राकृतिक घास की तुलना में कम ठंडा क्यों लगता है?
प्राकृतिक घास की पत्तियों व नम मिट्टी से जल निरंतर वाष्पित होता रहता है, जिससे शीतलन प्रभाव उत्पन्न होता है। प्लास्टिक की घास में जल नहीं होता, इसलिए वाष्पीकरण नहीं होता; वह धूप की ऊष्मा सोखकर और गर्म हो जाती है। अतः प्राकृतिक घास के पास अधिक ठंडक लगती है।
4
प्र. जल के अतिरिक्त अन्य द्रव पदार्थों के उदाहरण दीजिए जो वाष्पित होते हैं।
स्पिरिट/अल्कोहल, हैंड सैनिटाइजर, इत्र (परफ्यूम), नेल पॉलिश रिमूवर (एसीटोन), पेट्रोल, मिट्टी का तेल, दूध (इसका जल वाष्पित होता है), पेंट का थिनर।
5
प्र. पंखे की हवा गीले कपड़ों को सुखाने में कैसे सहायक है, जबकि वाष्पन को ऊष्मा चाहिए, ठंडी वायु नहीं?
पंखा हवा को ठंडा नहीं करता, वह वायु की गति बढ़ाता है। चलती हवा कपड़े के पास बने जलवाष्प को दूर ले जाती है और उसकी जगह कम आर्द्र वायु आती है, इसलिए वाष्पन तीव्र हो जाता है। वाष्पन के लिए ऊष्मा कपड़े के जल व आस-पास से मिलती है, इसलिए ठंडी हवा की आवश्यकता नहीं। साथ ही कपड़ा फैलाने से संपर्क का क्षेत्र भी अधिक होता है। वाष्पन से शरीर/कपड़े पर शीतलन प्रभाव भी होता है, जिससे हमें ठंडक लगती है।
6
प्र. नालियों के कीचड़ का ढेर 3–4 दिन छोड़ने से परिवहन लागत कम और कर्मचारियों की सुरक्षा क्यों बढ़ती है?
कीचड़ में बहुत जल होता है। ढेर खुला छोड़ने पर वाष्पीकरण से जल उड़ जाता है, कीचड़ का द्रव्यमान/आयतन घटकर हल्का और सूखा हो जाता है। हल्के पदार्थ को ढोना सस्ता है, इसलिए लागत कम होती है। गीले कीचड़ में दुर्गंध, फिसलन, रोगाणु व मच्छर अधिक होते हैं; सूखा कीचड़ संभालना आसान और कम हानिकारक है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ती है।
7
प्र. एक दिन घर की गतिविधियों का अवलोकन करें; वाष्पीकरण वाली गतिविधियाँ पहचानें।
वाष्पीकरण वाली गतिविधियाँ: कपड़े सुखाना, पोंछा लगा फर्श सूखना, बर्तन सूखना, बाल सुखाना, अनाज/पापड़/अचार धूप में सुखाना, पसीना सूखना, गीला तौलिया सूखना।
लाभ: समझ होने पर कपड़े धूप, खुली हवा में फैलाकर और तेज हवा में जल्दी सुखा सकते हैं; बरसात में पंखे का उपयोग; मटके से ठंडा जल; बर्तन ढककर रखने से जल का वाष्पन कम।
लाभ: समझ होने पर कपड़े धूप, खुली हवा में फैलाकर और तेज हवा में जल्दी सुखा सकते हैं; बरसात में पंखे का उपयोग; मटके से ठंडा जल; बर्तन ढककर रखने से जल का वाष्पन कम।
8
प्र. प्रकृति में जल ठोस अवस्था में किस प्रकार विद्यमान है?
बर्फ, हिम (snow), ग्लेशियर, हिमशैल (आइसबर्ग), ओले, पाला/तुषार, ध्रुवीय क्षेत्रों व ऊँचे पर्वतों की बर्फ की चादर के रूप में।
9
प्र. “जल हमारे अधिकार से पहले हमारी जिम्मेदारी है” — इस कथन पर विचार करें।
पृथ्वी पर उपयोग योग्य जल बहुत कम है, इसलिए जल पर अधिकार जताने से पहले उसे बचाना हमारा कर्तव्य है। जल की कमी से सभी जीव प्रभावित होते हैं। हमें नल बंद रखना, रिसाव ठीक करना, वर्षा जल संचयन, जलाशयों को प्रदूषण से बचाना और भावी पीढ़ी के लिए जल सुरक्षित रखना चाहिए।
10
प्र. धूप में खड़े दुपहिया वाहन की सीट गरम हो जाती है, उसे ठंडा कैसे करेंगे?
सीट पर गीला कपड़ा या गीली जूट की बोरी रखें — जल वाष्पित होकर शीतलन प्रभाव देगा। वाहन को छाया में पार्क करें या सीट-कवर से ढकें। हल्का जल छिड़ककर खुली हवा में छोड़ें।
?और भी सीखें (गतिविधियाँ): एक हाथ गीला करके दोनों हाथों पर फूँक मारें → गीला हाथ ठंडा लगेगा (वाष्पीकरण से शीतलन); जल चक्र पर चुनौती-कार्ड खेल बनाएँ; शिक्षक के साथ जल चक्र का अभिनय करें।
? कक्षा 6 विज्ञान के अन्य अध्याय के नोट्स
पिछले अध्यायों के नोट्स यहाँ से पढ़ें — ताप एवं उसका मापन (अध्याय 7) अवश्य देखें, क्योंकि वाष्पीकरण व संघनन ताप से जुड़े हैं।
✍️ सभी को शुभकामनाएँ — खूब पढ़ो, खूब सीखो! (स्रोत: NCERT कक्षा 6 विज्ञान, अध्याय 8)
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