Class 6 Science Chapter 4 – चुंबकों को जानें (Notes in Hindi)

NCERT Class 6 Science अध्याय 4 "चुंबकों को जानें" के पूर्ण हिंदी नोट्स — चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थ, चुंबक के ध्रुव, दिक्सूचक, आकर्षण-प्रतिकर्षण, चुंबकों के प्रकार और सभी अभ्यास प्रश्नों के हल सहित।

Aug 13, 2026 - 19:31
Updated: 17 hours ago
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NCERT Class 6 Science अध्याय 4 "चुंबकों को जानें" के पूर्ण हिंदी नोट्स — चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थ, चुंबक के ध्रुव, दिक्सूचक, आकर्षण-प्रतिकर्षण, चुंबकों के प्रकार और सभी अभ्यास प्रश्नों के हल सहित।

अध्याय 4 — चुंबकों को जानें

(Class 6 Science — पूर्ण नोट्स | परिभाषाएँ, चित्र व अभ्यास हल)

रेशमा एक कहानी लिख रही थी जिसमें नाविक तूफानी रात में दिशा भूल गए। इसी से उसे चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास) के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। इसी जिज्ञासा से हम भी चुंबकों को समझेंगे।

4.1 चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थ

? चुंबकीय पदार्थ (Magnetic Substances): वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं, चुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
उदाहरण — लोहा, निकेल, कोबाल्ट।

? अचुंबकीय पदार्थ (Non-magnetic Substances): वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते, अचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
उदाहरण — लकड़ी, प्लास्टिक, काँच, रबर, कागज़।

प्राचीन काल में मिलने वाले प्राकृतिक चुंबक चुंबक पत्थर कहलाते थे। आजकल हमारे पास लोहे से बने कृत्रिम चुंबक भी उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग आकार के होते हैं।

✏️ चुंबकों के आकार (चित्र सहित):

N S छड़ चुंबक N S U-आकार चुंबक वलय चुंबक

4.2 चुंबक के ध्रुव

जब छड़ चुंबक को लोहरेतन (लोहे के छोटे कण) के पास लाया जाता है, तो लोहरेतन चुंबक के सिरों पर सबसे अधिक चिपकता है। चुंबक के इन दो सिरों को ध्रुव कहते हैं।

चुंबक चित्र: लोहरेतन चुंबक के दोनों सिरों (ध्रुवों) पर सबसे अधिक चिपकता है

? उत्तरी ध्रुव: स्वतंत्र रूप से लटके चुंबक का जो सिरा उत्तर दिशा की ओर इंगित करता है, उसे उत्तरी ध्रुव (N) कहते हैं।

? दक्षिणी ध्रुव: स्वतंत्र रूप से लटके चुंबक का जो सिरा दक्षिण दिशा की ओर इंगित करता है, उसे दक्षिणी ध्रुव (S) कहते हैं।

महत्वपूर्ण नियम: एक ध्रुव वाला चुंबक प्राप्त करना संभव नहीं है। चुंबक को कितने भी टुकड़ों में तोड़ दें, हर टुकड़े में उत्तरी और दक्षिणी दोनों ध्रुव मौजूद रहते हैं।
चुंबकीय ध्रुव सदैव जोड़े में होते हैं — अकेला उत्तरी या अकेला दक्षिणी ध्रुव नहीं होता।

4.3 दिशाएँ ज्ञात करना

स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है, क्योंकि पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है। इसी गुण के आधार पर चुंबकीय दिक्सूचक बनाया गया है।

? चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास): दिशा ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त वह छोटा यंत्र, जिसमें सुई के आकार का एक स्वतंत्र रूप से घूमने वाला चुंबक होता है और जो सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा को इंगित करता है, चुंबकीय दिक्सूचक कहलाता है।

N S W E चित्र: चुंबकीय दिक्सूचक — लाल सिरा हमेशा उत्तर (N) दिशा दिखाता है

पहले भारत में नौसंचालन के लिए मछली के आकार का चुंबकीय लोहे का टुकड़ा तेल के बर्तन में तैराया जाता था, जिसे मत्स्य-यंत्र कहा जाता था।

4.4 चुंबकों के बीच आकर्षण और प्रतिकर्षण

? आकर्षण: जब दो चुंबकों के असमान ध्रुव (N-S) पास लाए जाते हैं, तो वे एक-दूसरे को पास खींचते हैं — इसे आकर्षण कहते हैं।

? प्रतिकर्षण: जब दो चुंबकों के समान ध्रुव (N-N या S-S) पास लाए जाते हैं, तो वे एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं — इसे प्रतिकर्षण कहते हैं।

समान ध्रुव → प्रतिकर्षण  |  विपरीत ध्रुव → आकर्षण

याद रखें: लोहे की छड़ (चुंबक नहीं) चुंबक के दोनों ध्रुवों से आकर्षित होती है — इसलिए प्रतिकर्षण ही यह पहचानने का पक्का तरीका है कि कोई वस्तु चुंबक है या नहीं।

एक और प्रयोग से पता चलता है कि चुंबकीय प्रभाव लकड़ी, कार्डबोर्ड, प्लास्टिक व काँच जैसे अचुंबकीय पदार्थों के आर-पार भी जा सकता है।

चुंबकों को सुरक्षित कैसे रखें?

? गरम मत करो ? गिराओ मत ? हथौड़े से मत पीटो ? मोबाइल/रिमोट के पास मत रखो

✅ जोड़ों में इस प्रकार रखो कि दोनों चुंबकों के विपरीत ध्रुव एक ही तरफ हों, बीच में लकड़ी का टुकड़ा हो और सिरों पर नर्म लोहे के टुकड़े हों।

? सारांश (मुख्य बिंदु)

★ चुंबक के दो ध्रुव होते हैं — उत्तरी और दक्षिणी।
★ चुंबकीय ध्रुव सदैव जोड़ों में रहते हैं; एकल ध्रुव संभव नहीं।
★ चुंबकीय पदार्थ चुंबक से आकर्षित होते हैं; अचुंबकीय पदार्थ नहीं होते।
★ स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक व दिक्सूचक की सुई सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरते हैं।
★ समान ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं, विपरीत ध्रुव आकर्षित करते हैं।

✍️ अभ्यास प्रश्न-हल (आइए, और अधिक सीखें)

प्रश्न 1. निम्नलिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए —
(क) दो चुंबकों के विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को __________ करते हैं, जबकि समान ध्रुव एक-दूसरे को __________ करते हैं।
(ख) वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं, उन्हें __________ कहते हैं।
(ग) चुंबकीय दिक्सूचक की सुई __________ दिशा में ही ठहरती है।
(घ) चुंबक में सर्वदा __________ ध्रुव होते हैं।

उत्तर:
(क) आकर्षित, प्रतिकर्षित
(ख) चुंबकीय पदार्थ
(ग) उत्तर-दक्षिण
(घ) दो (उत्तरी व दक्षिणी)

प्रश्न 2. निम्नलिखित कथन सत्य (✓) हैं या असत्य (✗) —
(क) किसी चुंबक को टुकड़ों में तोड़कर एक ध्रुव प्राप्त किया जा सकता है।
(ख) चुंबक के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
(ग) जब किसी छड़ चुंबक को लोहरेतन के पास लाया जाता है, तो अधिकांश लोहरेतन उसके बीच में चिपक जाता है।
(घ) स्वतंत्र रूप से लटका हुआ छड़ चुंबक हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा की ओर इंगित करता है।

उत्तर: (क) असत्य ✗   (ख) सत्य ✓   (ग) असत्य ✗   (घ) सत्य ✓

प्रश्न 3. स्तंभ I में विभिन्न स्थितियाँ दर्शाई गई हैं, जिनमें एक चुंबक का कोई एक ध्रुव दूसरे चुंबक के किसी ध्रुव के निकट स्थित होता है। स्तंभ II में विभिन्न स्थितियों के लिए उनके बीच होने वाली अंतःक्रिया दर्शाई गई है। रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

स्तंभ I स्तंभ II
N - N प्रतिकर्षण
N - S आकर्षण
S - N आकर्षण
S - S प्रतिकर्षण

प्रश्न 4. अथर्व ने एक प्रयोग किया जिसमें उसने एक छड़ चुंबक लिया और उसे स्टील की पिनों के ढेर पर घुमाया। आपके अनुसार तालिका में दिए गए अवलोकनों के समुच्चय में से कौन-सा विकल्प संभवतः उसका वास्तविक अवलोकन है?

विकल्प स्थिति 'क' स्थिति 'ख' स्थिति 'ग'
(i) 10 2 10
(ii) 10 10 2
(iii) 2 10 10
(iv) 10 10 10

उत्तर: विकल्प (i) — 10, 2, 10। क्योंकि चुंबक के सिरों (क, ग) पर सबसे अधिक व मध्य भाग (ख) पर सबसे कम पिनें आकर्षित होती हैं।

प्रश्न 5. रेशमा ने बाजार से तीन एकसमान धातु की छड़ें खरीदीं। इनमें से दो छड़ें चुंबक थीं और एक लोहे का टुकड़ा था। बिना किसी अन्य सामग्री का उपयोग किए, वह कैसे पहचानेगी कि तीनों में से कौन-सी दो छड़ें चुंबक हो सकती हैं?

उत्तर: किसी एक छड़ का सिरा दूसरी छड़ के मध्य भाग के पास लाएँ। यदि आकर्षण होता है, तो हाथ में पकड़ी छड़ चुंबक है (क्योंकि चुंबक का सिरा लोहे को उसकी लंबाई में कहीं भी आकर्षित करता है, जबकि मध्य भाग स्वयं कमज़ोर होता है)। इसी प्रक्रिया को शेष छड़ों पर दोहराकर दो चुंबकों की पहचान की जा सकती है।

प्रश्न 6. आपको एक चुंबक दिया गया है जिस पर ध्रुवों की पहचान अंकित नहीं है। आप एक अन्य चुंबक जिस पर ध्रुव अंकित हैं की सहायता से दिए गए चुंबक के ध्रुवों का पता कैसे लगा सकते हैं?

उत्तर: ज्ञात चुंबक के किसी एक ध्रुव को अज्ञात चुंबक के सिरे के पास लाएँ। यदि प्रतिकर्षण होता है, तो दोनों सिरे समान ध्रुव के हैं (यह निश्चित तरीका है, क्योंकि प्रतिकर्षण केवल समान ध्रुवों में ही होता है)। इस प्रकार अज्ञात चुंबक के दोनों ध्रुवों की पहचान की जा सकती है।

प्रश्न 7. एक छड़ चुंबक पर उसके ध्रुवों को दर्शाने के लिए कोई चिह्न अंकित नहीं है। आप किसी अन्य चुंबक का उपयोग किए बिना यह कैसे पता लगाएँगे कि उसका उत्तरी ध्रुव किस छोर पर स्थित है?

उत्तर: चुंबक को धागे से बाँधकर स्वतंत्र रूप से लटकाएँ और विरामावस्था में आने दें। जो सिरा उत्तर दिशा (सूर्योदय व सूर्यास्त की दिशा से अनुमानित उत्तर-दक्षिण रेखा) की ओर इंगित करता है, वही उत्तरी ध्रुव है।

प्रश्न 8. यदि पृथ्वी स्वयं एक चुंबक है तो क्या आप चुंबकीय दिक्सूचक से दिशा देखकर पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों का अनुमान लगा सकते हैं?

उत्तर: हाँ। चूँकि दिक्सूचक का उत्तरी ध्रुव सदैव भौगोलिक उत्तर की ओर इंगित करता है और विपरीत ध्रुव ही आकर्षित करते हैं, इसलिए पृथ्वी का चुंबकीय दक्षिणी ध्रुव भौगोलिक उत्तर के पास तथा चुंबकीय उत्तरी ध्रुव भौगोलिक दक्षिण के पास स्थित है।

प्रश्न 9. एक मिस्त्री पेंचकस की सहायता से एक यंत्र की मरम्मत कर रहा था लेकिन स्टील के पेंच बार-बार नीचे गिर रहे थे। इस अध्याय में आपने जो सीखा है, उसके आधार पर मिस्त्री की समस्या को हल करने का उपाय सुझाइए।

उत्तर: पेंचकस (स्क्रूड्राइवर) की नोक को चुंबक से रगड़कर चुंबकीय बना लें। इससे नोक स्टील के पेंचों को अपनी ओर आकर्षित कर पकड़ लेगी और पेंच बार-बार नीचे नहीं गिरेंगे।

प्रश्न 10. दो वलय चुंबक, 'क' और 'ख', एक स्केल पर एक-दूसरे के ऊपर व्यवस्थित हैं। यह देखा गया है कि चुंबक 'क' नीचे की ओर नहीं जाता है। इसका संभावित कारण क्या हो सकता है? किसी भी चुंबक को बिना धकेले चुंबक 'क' को चुंबक 'ख' के संपर्क में लाने का उपाय सुझाइए।

उत्तर: चुंबक 'क' नीचे न जाने का कारण यह है कि दोनों वलय चुंबकों के समान ध्रुव आमने-सामने हैं, जिससे प्रतिकर्षण बल गुरुत्व बल को संतुलित कर रहा है। बिना धकेले जोड़ने के लिए किसी बाहरी चुंबक के विपरीत ध्रुव को चुंबक 'क' के पास लाकर उसे नीचे की ओर आकर्षित किया जा सकता है, जिससे वह पलटकर चुंबक 'ख' से जुड़ जाए।

प्रश्न 11. तीन छड़ चुंबकों को एक मेज पर L-आकार में व्यवस्थित किया गया है। एक सिरे (5) की ध्रुवता N दी गई है। अब बताइए कि चुंबकों के सिरों 1, 2, 3, 4 और 6 पर ध्रुवता N या S में से क्या-क्या है?

उत्तर: दिया गया है सिरा 5 = N। नियम: (i) एक ही चुंबक के दो सिरे सदैव विपरीत ध्रुव होते हैं, (ii) दो चुंबकों के स्पर्श करते सिरे परस्पर विपरीत ध्रुव होने चाहिए (क्योंकि विपरीत ध्रुव ही आकर्षित होकर जुड़ते हैं)। इस तर्क से:
सिरा 4 = S (सिरा 5, N के साथ एक ही चुंबक)
सिरा 6 = N (सिरा 4, S को स्पर्श कर रहा है)
सिरा 3 = S (सिरा 6, N के साथ एक ही चुंबक)
सिरा 2 = N (सिरा 3, S को स्पर्श कर रहा है)
सिरा 1 = S (सिरा 2, N के साथ एक ही चुंबक)

? और भी सीखें (करके देखें)

★ 3–4 भिन्न-भिन्न चुंबकों का उपयोग करके कुछ स्टील पिन या U-क्लिप उठाने का प्रयास करें और पता लगाएँ कि कौन-सा चुंबक अधिकतम संख्या में पिन या क्लिप उठाता है।
★ अपने शिक्षक की सहायता से एक 'फुदकता हुआ मेंढक' खिलौना बनाएँ — स्केल पर वलय चुंबकों को उनके समान ध्रुव आमने-सामने रखते हुए चिपकाएँ, ताकि मेंढक उछले।
★ मैग्लेव ट्रेन के बारे में पता लगाएँ और उसका मॉडल बनाने का प्रयास करें।
★ यह जानने का प्रयास करें कि अलग-अलग आकार के चुंबक बनाने की आवश्यकता क्यों है।
★ चिकित्सा के क्षेत्र में चुंबकों के उपयोग से संबंधित जानकारी एकत्रित करें।

? चुंबक कहता है: "मनुष्यों ने मुझे अपनी आवश्यकता के अनुरूप अलग-अलग आकार और आमाप में बनाया है। तथापि मेरे ध्रुव सदैव जोड़े में होते हैं, चाहे मेरा आकार और आमाप कुछ भी हो।"

चुंबकों के प्रकार (आकार के अनुसार)

छड़ चुंबक चकती (डिस्क) चुंबक बेलनाकार चुंबक वलय चुंबक गोलीय चुंबक
लंबी सीधी छड़ के आकार का चुंबक, दोनों सिरों पर N व S ध्रुव चपटे गोल चकते के आकार का चुंबक बेलन (सिलिंडर) के आकार का चुंबक छल्ले (रिंग) के आकार का चुंबक, बीच में छिद्र गेंद (गोले) के आकार का चुंबक

? प्रमुख शब्द (Key Terms)

आकर्षण प्रतिकर्षण छड़ चुंबक U आकार चुंबक वलय चुंबक चुंबकीय दिक्सूचक चुंबकीय पदार्थ अचुंबकीय पदार्थ उत्तरी ध्रुव दक्षिणी ध्रुव

? अन्य अध्यायों के नोट्स व स्रोत

अध्याय 1 — जिज्ञासा (नोट्स)
अध्याय 2 — सजीव जगत में विविधता (नोट्स)
अध्याय 3 — उचित आहार (नोट्स)
भानु क्लासेज़, भोगपुर — निःशुल्क नोट्स, क्विज़ व एक्टिविटी
NCERT — मूल पाठ्यपुस्तक (आधिकारिक स्रोत)

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