कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 2 — सजीव जगत में विविधता | संपूर्ण नोट्स हिंदी में

NCERT कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 2 "सजीव जगत में विविधता" के आसान भाषा में परिभाषा, डायग्राम, आवास, अनुकूलन और पाठ्यपुस्तक अभ्यास सहित पूर्ण नोट्स।

Jul 16, 2026 - 15:21
Updated: 13 hours ago
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यह हस्तलिखित नोटबुक स्टाइल कवर इमेज NCERT कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 2 "सजीव जगत में विविधता" का सारांश दर्शाती है। इसमें पाँच रंगीन कार्ड्स के ज़रिए अध्याय के मुख्य विषय दिखाए गए हैं — पौधों में विविधता (वृक्ष, झाड़ी, शाक, लता), पत्तियों का शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार (मूसला व झकड़ा), जंतु व उनके आवास, और जैव विविधता संरक्षण। यह चित्र विद्यार्थियों को अध्याय को आसान व आकर्षक ढंग से याद रखने में मदद करता है।

? अध्याय 2 — सजीव जगत में विविधता

NCERT कक्षा 6 | विज्ञान | संपूर्ण परिभाषा + डायग्राम नोट्स

? हर परिभाषा को आसान भाषा में समझो — साथ में चित्र भी! ?

1️⃣ विविधता (Variety/Diversity)

✏️ परिभाषा जब हमारे आस-पास एक ही तरह की चीज़ (जैसे पौधे या जंतु) के कई अलग-अलग रूप, आकार या प्रकार पाए जाते हैं, तो इसे विविधता कहते हैं। ? आसान भाषा में: जैसे हमारी कक्षा में सब बच्चे इंसान हैं, पर किसी के बाल छोटे हैं, किसी के लंबे — यही विविधता है, बस पौधों-जंतुओं में भी ऐसा ही होता है।

2️⃣ जैव विविधता (Biodiversity)

✏️ परिभाषा किसी विशेष क्षेत्र (जैसे जंगल, तालाब या पूरी पृथ्वी) में पाए जाने वाले सभी प्रकार के पौधों और जंतुओं की विविधता को उस क्षेत्र की जैव विविधता कहते हैं। ? आसान भाषा में: किसी बगीचे में जितने अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे और जीव-जंतु मिलें, वही उस बगीचे की जैव विविधता है।
? महत्व पौधे और जंतु एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं — जैसे पेड़ पक्षियों को घर व भोजन देते हैं, जंतु फल खाकर बीज फैलाते हैं और नए पौधे उगाने में मदद करते हैं।
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3️⃣ समूहन (Classification / Grouping)

✏️ परिभाषा पौधों या जंतुओं को उनकी समानताओं और भिन्नताओं के आधार पर अलग-अलग समूहों में बाँटने की प्रक्रिया को समूहन कहते हैं। ? आसान भाषा में: जैसे हम अपनी किताबों को विषय के अनुसार अलग रैक में रखते हैं, वैसे ही वैज्ञानिक पौधों-जंतुओं को उनकी विशेषताओं के अनुसार समूहों में रखते हैं।

? पौधों के समूह — ऊँचाई और तने के आधार पर

✏️ परिभाषा वृक्ष (Tree): वे पौधे जो बहुत ऊँचे होते हैं और जिनका तना मोटा, कठोर, भूरे रंग का और काष्ठीय (लकड़ी जैसा) होता है। शाखाएँ तने के ऊपरी भाग से निकलती हैं। उदाहरण — आम का पेड़
✏️ परिभाषा झाड़ी (Shrub): वे पौधे जो वृक्षों जितने ऊँचे नहीं होते। इनके कई पतले, कठोर, भूरे काष्ठीय तने होते हैं जो भूमि के निकट से ही शाखाओं के रूप में निकलते हैं। उदाहरण — गुलाब का पौधा
✏️ परिभाषा शाक (Herb): छोटे आकार के पौधे जिनका तना कोमल और हरा होता है। उदाहरण — टमाटर का पौधा
✏️ परिभाषा आरोही लता (Climber): ऐसे पौधे जिनका तना दुर्बल (कमज़ोर) होता है और ऊपर चढ़ने के लिए किसी सहारे की ज़रूरत होती है। उदाहरण — अंगूर की बेल, मनीप्लांट
✏️ परिभाषा विसर्पी लता (Creeper): ऐसे पौधे जिनका तना दुर्बल होता है और वे भूमि की सतह पर फैलकर बढ़ते हैं। उदाहरण — कद्दू की बेल, तरबूज़ की बेल
वृक्ष (Tree)
मोटा तना, ऊँचा
झाड़ी (Shrub)
कई पतले तने
शाक (Herb)
कोमल हरा तना
आरोही लता (Climber)
सहारे से ऊपर चढ़ना
विसर्पी लता (Creeper)
ज़मीन पर फैलना

? शिरा-विन्यास (Venation)

✏️ परिभाषा पत्तियों पर मौजूद पतली रेखाओं को शिराएँ (Veins) कहते हैं, और इन शिराओं के पैटर्न को शिरा-विन्यास कहते हैं। ? यह पत्ती का "नक्शा" जैसा होता है जो पूरी पत्ती में फैला रहता है।
✏️ परिभाषा जालिकारूपी शिरा-विन्यास: जब पत्ती में मोटी मध्य शिरा के दोनों ओर शिराओं का जाल जैसा पैटर्न बनता है। उदाहरण — गुड़हल की पत्ती
✏️ परिभाषा समांतर शिरा-विन्यास: जब पत्ती की शिराएँ एक-दूसरे के समानांतर (एक जैसी दिशा में) चलती हैं। उदाहरण — केले और घास की पत्ती
जालिकारूपी शिरा-विन्यास
(गुड़हल)
समांतर शिरा-विन्यास
(केला/घास)

? जड़ों के प्रकार (Types of Roots)

✏️ परिभाषा मूसला जड़ (Tap root): एक मोटी मुख्य जड़ जिससे छोटी-छोटी पतली पार्श्व (साइड) जड़ें निकलती हैं। उदाहरण — सरसों, गुड़हल, चना, मूली
✏️ परिभाषा झकड़ा/रेशेदार जड़ (Fibrous root): समान मोटाई की कई पतली जड़ों का गुच्छा, जो तने के आधार से सीधे निकलता है (कोई एक मुख्य जड़ नहीं होती)। उदाहरण — घास, गेहूँ, मक्का, लेमन घास
मूसला जड़
(एक मुख्य जड़)
झकड़ा/रेशेदार जड़
(जड़ों का गुच्छा)
⭐ महत्वपूर्ण संबंध याद रखें — जालिकारूपी शिरा-विन्यास ➜ मूसला जड़  |  समांतर शिरा-विन्यास ➜ झकड़ा जड़

? बीजपत्र के आधार पर (Cotyledons)

✏️ परिभाषा बीजपत्र (Cotyledon): बीज के अंदर मौजूद वह भाग जिसमें बीज को अंकुरित होते समय भोजन/पोषण मिलता है।
✏️ परिभाषा द्विबीजपत्री पौधे (Dicot): जिन पौधों के बीज में दो बीजपत्र होते हैं। इनमें जालिकारूपी शिरा-विन्यास और मूसला जड़ पाई जाती है। उदाहरण — चना
✏️ परिभाषा एकबीजपत्री पौधे (Monocot): जिन पौधों के बीज में केवल एक पतला बीजपत्र होता है। इनमें समांतर शिरा-विन्यास और झकड़ा जड़ पाई जाती है। उदाहरण — मक्का, गेहूँ
द्विबीजपत्री बीज (चना)
2 बीजपत्र
एकबीजपत्री बीज (मक्का)
1 बीजपत्र
?‍? वैज्ञानिक से परिचय — जानकी अम्माल (1897–1984)
भारतीय वनस्पतिशास्त्री थीं। इन्होंने भारत के पौधों की समृद्ध जैव विविधता का प्रलेखन (documentation) और संरक्षण करने में सहायता की, और 'साइलेंट वैली बचाओ' आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

? जंतुओं के समूह — गति के आधार पर

✏️ परिभाषा विभिन्न जंतु एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए शरीर के अलग-अलग अंगों का उपयोग करते हैं — जैसे टाँगें (चलना/कूदना), पंख (उड़ना), पख़/फिन (तैरना)।
जंतु गति का प्रकार प्रयुक्त अंग
चींटी चलना टाँगें
बकरी चलना, कूदना टाँगें
कबूतर चलना, उड़ना पैर और पंख
मछली तैरना पख (फिन)
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4️⃣ 2.3 विभिन्न परिवेश में पौधे और जंतु

?️ अनुकूलन (Adaptation)

✏️ परिभाषा पौधों और जंतुओं की वे विशिष्ट (खास) शारीरिक विशेषताएँ या आदतें जो उन्हें किसी विशेष क्षेत्र (जैसे गरम मरुस्थल या ठंडे पहाड़) में जीवित रहने में सक्षम बनाती हैं, अनुकूलन कहलाती हैं। ? आसान भाषा में: जैसे सर्दियों में हम गरम स्वेटर पहनते हैं, वैसे ही जानवरों-पौधों के शरीर में प्राकृतिक "स्वेटर" जैसी विशेषताएँ होती हैं जो मौसम के अनुसार बदलती हैं।
? गरम मरुस्थल का ऊँट — लंबे पैर व चौड़े खुर (रेत में न धँसने के लिए), एक कूबड़, कम पसीना।
? ठंडे मरुस्थल (लद्दाख) का ऊँट — छोटे पैर, दो कूबड़, लंबे बाल (ठंड से बचाव)।
? देवदार वृक्ष (पर्वतीय क्षेत्र) — शंक्वाकार (कोन जैसी) आकृति व झुकी शाखाएँ — बर्फ फिसल जाती है, टिकती नहीं।
? नागफनी (मरुस्थल) — मोटे व मांसल तने जिनमें जल संग्रहित रहता है — गरमी सहन करने में मदद।
गरम मरुस्थल का ऊँट
लंबे पैर, 1 कूबड़
ठंडे मरुस्थल का ऊँट
छोटे पैर, 2 कूबड़
देवदार वृक्ष
शंक्वाकार आकृति
नागफनी
मोटा मांसल तना

? आवास (Habitat)

✏️ परिभाषा वह स्थान जहाँ कोई पौधा या जंतु रहता है और जो उसे जीवित रहने के लिए भोजन, जल, वायु व आश्रय देता है, उसे उसका आवास कहते हैं।
✏️ परिभाषा थलीय आवास (Terrestrial Habitat): भूमि/स्थल पर स्थित आवास। उदाहरण — वन, घास के मैदान, मरुस्थल, पर्वतीय क्षेत्र
✏️ परिभाषा जलीय आवास (Aquatic Habitat): जल में स्थित आवास। उदाहरण — तालाब, झील, नदियाँ, महासागर
✏️ परिभाषा उभयचर जंतु (Amphibians): वे जंतु जो जल और थल — दोनों जगह रह सकते हैं। उदाहरण — मेंढक
? थलीय आवास — वन, घास के मैदान, मरुस्थल, पर्वतीय क्षेत्र (उदा. शेर, ऊँट)
? जलीय आवास — तालाब, झील, नदियाँ, महासागर (उदा. मछली)
? उभयचर — जल व थल दोनों (उदा. मेंढक, मगरमच्छ)
⭐ ध्यान दें — यदि आवास नष्ट हो जाए (habitat destruction), तो पौधे-जंतु अपने घर, भोजन व संसाधनों से वंचित हो जाते हैं, जिससे जैव विविधता की हानि होती है।
? वैज्ञानिक से परिचय — सालिम अली (1896–1987)
'भारत का पक्षी पुरुष' (Bird Man of India) कहे जाते हैं। इन्होंने पूरे भारत की यात्रा करके पक्षियों की विविधता का अवलोकन किया और 10 खंडों की पुस्तक शृंखला लिखी। 1976 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

?️ जैव विविधता संरक्षण (Conservation)

✏️ परिभाषा संरक्षण (Conservation): पौधों, जंतुओं और उनके आवासों को नुकसान से बचाने तथा सुरक्षित रखने के कार्य को संरक्षण कहते हैं।
? भारत में चलाई गई संरक्षण परियोजनाएँबाघ परियोजना (Project Tiger) — 1973 में बंगाल टाइगर की घटती संख्या बचाने के लिए शुरू।
चीता पुनर्वास परियोजना — 2022 में चीते को भारत में फिर से बसाने के लिए शुरू।
• गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र में गोडावण (Great Indian Bustard) के आवासों को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया।
✏️ परिभाषा पवित्र उपवन (Sacred Groves): परंपरागत रूप से स्थानीय समुदाय द्वारा संरक्षित अबाधित (untouched) वन क्षेत्र, जहाँ पेड़ काटना या जीव-जंतु को हानि पहुँचाना वर्जित (मना) है। ? ये कई औषधीय व दुर्लभ पौधों-जंतुओं का घर होते हैं।
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? चैप्टर का माइंड मैप

सजीव जगत में विविधता
? पौधों में विविधता
? जंतुओं में विविधता
?️ समूहन के आधार
? शिरा-विन्यास व जड़ें
? द्विबीजपत्री/एकबीजपत्री
?️ अनुकूलन व आवास
?️ संरक्षण
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? पाठ्यपुस्तक अभ्यास (आइए, और अधिक सीखें)

? पूरी NCERT पाठ्यपुस्तक (मूल स्रोत) यहाँ देखें: NCERT आधिकारिक वेबसाइट
1. गेहूँ और राजमा के बीज — जड़ों व शिरा-विन्यास में अंतर?
उत्तर: गेहूँ एकबीजपत्री है — झकड़ा जड़, समांतर शिरा-विन्यास। राजमा द्विबीजपत्री है — मूसला जड़, जालिकारूपी शिरा-विन्यास।
2. आवास के आधार पर समूह बनाएँ — घोड़ा, डॉल्फिन, मेंढक, भेड़, मगरमच्छ, गिलहरी, व्हेल, केंचुआ, कबूतर, कछुआ
उत्तर:
क (जलीय): डॉल्फिन, व्हेल
ख (थलीय): घोड़ा, भेड़, गिलहरी, केंचुआ, कबूतर
ग (उभयचर/दोनों): मेंढक, मगरमच्छ, कछुआ
3. मूली किस प्रकार की जड़ है? पत्तियों में कौन-सा शिरा-विन्यास?
उत्तर: मूली एक मूसला जड़ है (यह रूपांतरित होकर मोटी हो जाती है)। इसके पौधे की पत्तियों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास पाया जाता है क्योंकि यह द्विबीजपत्री पौधा है।
4. पर्वतीय बकरी और मैदानी बकरी में समानता/अंतर और कारण?
उत्तर: दोनों में टाँगें व सींग जैसी समानताएँ हैं। पर्वतीय बकरी के बाल लंबे व घने होते हैं (ठंड से बचाव हेतु अनुकूलन), जबकि मैदानी बकरी के बाल छोटे होते हैं क्योंकि वहाँ मौसम अपेक्षाकृत गरम रहता है।
5. गाय, तिलचट्टा, कबूतर, चमगादड़, व्हेल, कछुआ, मछली, टिड्डा, छिपकली — किसी अन्य विशेषता पर दो समूह बनाएँ।
उत्तर (उदाहरण — उड़ने की क्षमता के आधार पर):
उड़ने वाले: कबूतर, चमगादड़, तिलचट्टा, टिड्डा
न उड़ने वाले: गाय, व्हेल, कछुआ, मछली, छिपकली
6. वनों की कटाई से परिवेश पर प्रभाव और समाधान?
उत्तर: वनों की कटाई से पौधों-जंतुओं के आवास नष्ट होते हैं, जैव विविधता घटती है, वर्षा-चक्र प्रभावित होता है और मिट्टी का कटाव बढ़ता है। समाधान: वृक्षारोपण करना, वनों का सीमित व सतत उपयोग करना, संरक्षित क्षेत्र बनाना, लोगों में जागरूकता फैलाना।
7. फ्लोचार्ट विश्लेषण — 'क' और 'ख' के उदाहरण (पत्तियाँ + जालिकारूपी शिरा-विन्यास)
उत्तर: क (पत्तियाँ + जालिकारूपी शिरा-विन्यास): गुड़हल, चना, गुलाब — द्विबीजपत्री पौधे।
ख (पत्तियाँ लेकिन जालिकारूपी नहीं यानी समांतर शिरा-विन्यास): घास, गेहूँ, मक्का — एकबीजपत्री पौधे।
8. "गुड़हल का पौधा एक झाड़ी है" — संजय कौन से प्रश्न पूछ सकता है?
उत्तर: क्या इसका तना कठोर व काष्ठीय है? क्या शाखाएँ भूमि के निकट से निकलती हैं? क्या यह वृक्ष जितना ऊँचा नहीं है? — इन प्रश्नों के उत्तर हाँ में मिलने पर झाड़ी होने की पुष्टि होती है। (वास्तव में गुड़हल एक झाड़ी है ✅)
9. समूह क (द्विबीजपत्री, मूसला जड़) व ख (एकबीजपत्री, झकड़ा जड़) के उदाहरण व समानताएँ
उत्तर:
समूह क उदाहरण: चना, गुड़हल, गुलाब — इनमें जालिकारूपी शिरा-विन्यास भी होता है।
समूह ख उदाहरण: गेहूँ, मक्का, घास — इनमें समांतर शिरा-विन्यास भी होता है।
10. बत्तख के पंजों में भिन्नता व उपयोग?
उत्तर: बत्तख के पंजों में झिल्लीयुक्त (webbed) संरचना होती है, जबकि कबूतर के पंजे साधारण होते हैं। झिल्लीयुक्त पंजे बत्तख को पानी में तैरने में सहायता करते हैं।

✅ मुख्य शब्द व उनकी एक-पंक्ति परिभाषा (Quick Revision)

विविधता — एक ही प्रकार की वस्तु के कई अलग रूप।
जैव विविधता — किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी पौधों-जंतुओं की विविधता।
समूहन — समानता-भिन्नता के आधार पर वर्गीकरण।
वृक्ष/झाड़ी/शाक — ऊँचाई व तने के आधार पर पौधों के समूह।
आरोही/विसर्पी लता — सहारे से चढ़ने वाले / ज़मीन पर फैलने वाले दुर्बल तने वाले पौधे।
शिरा-विन्यास — पत्ती की शिराओं का पैटर्न (जालिकारूपी/समांतर)।
मूसला/झकड़ा जड़ — एक मुख्य जड़ / जड़ों का गुच्छा।
बीजपत्र — बीज का पोषण देने वाला भाग (द्विबीजपत्री = 2, एकबीजपत्री = 1)।
अनुकूलन — विशेष क्षेत्र में जीवित रहने योग्य बनाने वाली विशेषताएँ।
आवास — वह स्थान जहाँ जीव रहता है (थलीय/जलीय/उभयचर)।
पवित्र उपवन — समुदाय द्वारा संरक्षित अबाधित वन क्षेत्र।

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