कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 3 नोट्स — विद्युत: परिपथ एवं उनके घटक (Handwritten Notes)

NCERT कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 3 "विद्युत — परिपथ एवं उनके घटक" के हस्तलिखित नोट्स, सभी परिभाषाएँ, परिपथ आरेख (चित्र सहित), चालक-विद्युतरोधी की सूची और सभी 11 अभ्यास प्रश्नों के हल — मुफ्त में पढ़ें।

Aug 08, 2026 - 19:27
Updated: 15 hours ago
0 14
chapter3-featured-image
NCERT कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 3 "विद्युत — परिपथ एवं उनके घटक" का फीचर्ड इमेज — जिसमें एक चमकता हुआ बल्ब (तंतु सहित), विद्युत सेल/बैटरी, स्विच और LED के चित्र एक विद्युत परिपथ की पृष्ठभूमि में दर्शाए गए हैं, साथ ही "हस्तलिखित नोट्स", "सभी अभ्यास प्रश्न हल" और "परिपथ आरेख सहित" के बैज हैं।

कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 3 नोट्स — विद्युत: परिपथ एवं उनके घटक (Handwritten Style Notes)

NCERT कक्षा 7 विज्ञान (जिज्ञासा) अध्याय 3 के हस्तलिखित शैली नोट्स — सभी परिभाषाएँ, आरेख, उदाहरण व अभ्यास प्रश्नों के हल सहित।

कहानी की शुरुआत — निहाल और उसके सहपाठी भाखड़ा नंगल बाँध की यात्रा से पहले विद्युत के उपयोगों पर एक प्रस्तुति तैयार करते हैं। घर, विद्यालय, नगर व इंटरनेट से जानकारी जुटाकर वे विद्युत के उपयोगों को अलग-अलग शीर्षकों में वर्गीकृत करते हैं — यहीं से यह अध्याय शुरू होता है।

3.0 विद्युत के उपयोग — वर्गीकरण

  • पाक-क्रिया में — केतली, मिक्सर, टोस्टर, ओवन, माइक्रोवेव
  • प्रकाश-व्यवस्था में — बल्ब, LED, ट्यूब लाइट
  • परिवहन में — रेलगाड़ी, कार, लिफ्ट, चलसोपान
  • ऊष्मन-शीतलन में — पंखा, गीजर, रेफ्रिजरेटर, AC
  • मनोरंजन में — दूरदर्शन, रेडियो
  • संचार में — मोबाइल फोन, इंटरनेट

विद्युत उत्पादन की विधियाँ — पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, गिरते जल (जल-विद्युत), कोयला व प्राकृतिक गैस से।

⚠️ सावधानी — विद्युत उपकरणों पर लगा संकट सूचक चिह्न लापरवाही से हो सकने वाली विद्युत क्षति की चेतावनी देता है। घर/विद्यालय के विद्युत-प्रदाय के साथ कभी प्रयोग न करें; प्रयोगों में केवल टॉर्च/घड़ी जैसी छोटी सेल-बैटरी का ही उपयोग करें।

3.1 टॉर्च-लाइट

टॉर्च में एक लैंप और एक स्विच होता है। स्विच की जिस स्थिति में लैंप दीप्त हो जाता है, उसे 'ऑन' स्थिति कहते हैं; और जिस स्थिति में लैंप दीप्त नहीं होता, उसे 'ऑफ' स्थिति कहते हैं। टॉर्च के भीतर दो या दो से अधिक विद्युत सेल होते हैं।

3.2.1 विद्युत सेल

? विद्युत ऊर्जा के जिस सुवाह्य (आसानी से ले जाने योग्य) स्रोत के दो सिरे होते हैं — एक धनात्मक (+, धातु की उभरी टोपी वाला) और दूसरा ऋणात्मक (−, धातु की चकती वाला) — उसे विद्युत सेल कहते हैं।

+ CELL धनात्मक ऋणात्मक

3.2.2 बैटरी

? दो या दो से अधिक सेलों को, एक सेल के धनात्मक सिरे को अगले सेल के ऋणात्मक सिरे से जोड़कर बनाए गए संयोजन को बैटरी कहते हैं।

? रोचक तथ्य — 'बैटरी' शब्द बोलचाल में एकल सेल के लिए भी प्रयोग होता है, जैसे मोबाइल फोन की "बैटरी"। अधिक सेल जोड़ने से परिपथ को अधिक समय तक और/या अधिक परिमाण में ऊर्जा मिलती है।

3.2.3 विद्युत लैंप

? तापदीप्त लैंप के काँच के बल्ब के मध्य लगा वह पतला तार जो धारा प्रवाहित होने पर गर्म होकर प्रकाश उत्सर्जित करता है, तंतु (Filament) कहलाता है।

? वह विद्युत लैंप जिसमें तंतु नहीं होता, जिसके दो टर्मिनल होते हैं (लंबा तार = धनात्मक, छोटा तार = ऋणात्मक) और जिसमें धारा केवल एक ही दिशा में प्रवाहित हो सकती है, प्रकाश उत्सर्जक डायोड अर्थात LED कहलाता है।

तंतु तापदीप्त लैंप + लंबा − छोटा

✅ उदाहरण — LED तभी दीप्तिमान होगी जब उसका धन टर्मिनल (लंबा तार) बैटरी के धन टर्मिनल से और ऋण टर्मिनल (छोटा तार) बैटरी के ऋण टर्मिनल से जुड़े। उल्टा जोड़ने पर LED नहीं जलेगी, पर तापदीप्त लैंप में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

3.2.5 विद्युत परिपथ

? जब लैंप का एक सिरा सेल के एक टर्मिनल से और दूसरा सिरा सेल के दूसरे टर्मिनल से जुड़कर धारा के प्रवाह के लिए एक संपूरित (पूर्ण) पथ बनाता है, तो इस व्यवस्था को विद्युत परिपथ कहते हैं।

परिपथ में धारा की दिशा सदैव सेल के धनात्मक टर्मिनल से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर होती है।

सेल लैंप बंद परिपथ → लैंप दीप्त

? रोचक तथ्य — कभी-कभी सेल से जुड़ा होने पर भी लैंप नहीं जलता, तब उसे "फ्यूज हो गया" कहते हैं (प्रायः तंतु टूटने के कारण)।

3.2.6 विद्युत स्विच

? जिस सरल युक्ति की सहायता से किसी परिपथ को पूर्ण (ऑन) या भंग (ऑफ) किया जा सकता है, उसे विद्युत स्विच कहते हैं।

  • 'ऑन' स्थिति — परिपथ बंद, धारा प्रवाहित, लैंप दीप्त
  • 'ऑफ' स्थिति — परिपथ खुला, धारा नहीं बहती, लैंप बुझा

3.3 परिपथ आरेख

? प्रतीकों (symbols) का उपयोग करके बनाए गए विद्युत परिपथ के चित्र को परिपथ आरेख कहते हैं।

? नीचे हर घटक का मानक प्रतीक (चित्र सहित) दिया गया है —

  • +
    विद्युत सेल
  • +
    बैटरी
  • विद्युत लैंप
  • LED
  • स्विच 'ऑन'
  • स्विच 'ऑफ'
  • तार

? नीचे इन्हीं प्रतीकों से बने दो पूर्ण परिपथ आरेख दिए गए हैं (जैसे चित्र 3.14 में)—

+ स्विच
तापदीप्त लैंप वाला परिपथ आरेख
+ स्विच
LED वाला परिपथ आरेख

3.4 विद्युत चालक एवं विद्युतरोधी

? वे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत-धारा सरलता से प्रवाहित हो जाती है, विद्युत के चालक अथवा सुचालक कहलाते हैं।

? वे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत-धारा प्रवाहित नहीं हो सकती, विद्युतरोधी अथवा विद्युत के कुचालक कहलाते हैं।

  • चालक के उदाहरण — चाँदी, ताँबा, सोना, एल्युमिनियम, लोहा (तार बनाने में मुख्यतः ताँबा प्रयुक्त, क्योंकि यह सस्ता व प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है)। मानव शरीर भी विद्युत का चालक है।
  • विद्युतरोधी के उदाहरण — प्लास्टिक, रबर, काँच, लकड़ी, कागज़, मोम, चीनी मिट्टी।
  • छड़ी (लकड़ी) — विद्युतरोधी
  • पैमाना (प्लास्टिक) — विद्युतरोधी
  • चूड़ी (काँच) — विद्युतरोधी
  • चाबी (धातु) — चालक
  • इरेज़र (रबर) — विद्युतरोधी
  • कागज़ की पट्टी — विद्युतरोधी
  • मोमबत्ती (मोम) — विद्युतरोधी

तार, स्विच, प्लग व सॉकेट के संयोजी भाग चालकों से बनते हैं; उनके आवरण (कवर) रबर/प्लास्टिक जैसे विद्युतरोधी पदार्थ से बनते हैं ताकि विद्युत-आघात से बचाव हो।

? सेल/बैटरी से मिलने वाली विद्युत धारा, जो छोटी युक्तियों को शक्ति देती है, दिष्ट धारा (D.C.) कहलाती है।

? शक्ति संयंत्रों से दीवार के सॉकेट तक पहुँचने वाली, बड़े उपकरण चला सकने वाली धारा, प्रत्यावर्ती धारा (A.C.) कहलाती है।

⚠️ सावधानी — हमारा शरीर विद्युत का चालक है; शरीर में से प्रवाहित विद्युत-धारा गंभीर क्षति, यहाँ तक कि मृत्यु का भी कारण बन सकती है। गीले हाथों से प्लग/स्विच न छुएँ और क्षतिग्रस्त उपकरण उपयोग में न लाएँ।

संक्षेप में

  • विद्युत सेल विद्युत ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत है; इसके धन (+) और ऋण (−) दो टर्मिनल होते हैं।
  • तापदीप्त लैंप में तंतु धारा प्रवाहित होने पर गर्म होकर प्रकाश देता है।
  • LED में धारा केवल एक ही दिशा में बहती है — धन (लंबा तार) व ऋण (छोटा तार) सही क्रम में जुड़ने पर ही यह जलती है।
  • स्विच परिपथ को पूर्ण या भंग करने वाली युक्ति है।
  • बंद परिपथ में धारा सेल के धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर बहती है।
  • प्रतीकों से बना परिपथ चित्र "परिपथ आरेख" कहलाता है।
  • जिन पदार्थों से धारा आसानी से बहे — चालक/सुचालक कहलाते हैं; न बहे — विद्युतरोधी/कुचालक कहलाते हैं।

आइए, और अधिक सीखें (अभ्यास प्रश्न-उत्तर)

प्र.1 — असत्य कथन का चयन कीजिए।

उत्तर: कथन (i) "परिपथ में स्विच धारा का स्रोत होता है" असत्य है — धारा का स्रोत विद्युत सेल/बैटरी होती है, स्विच केवल परिपथ को पूर्ण या भंग करता है।

प्र.2 — सिरों 'क' एवं 'ख' के मध्य कौन-सा पदार्थ जोड़ने पर लैंप दीप्तिमान नहीं होगा?

उत्तर: प्लास्टिक, रबर, लकड़ी या काँच जैसा विद्युतरोधी पदार्थ जोड़ने पर लैंप दीप्तिमान नहीं होगा, क्योंकि इनमें से होकर धारा प्रवाहित नहीं हो सकती।

प्र.3 — श्रेणीक्रम में जुड़े दो लैंपों में से एक का तंतु टूट जाए, तो क्या दूसरा लैंप जलेगा?

उत्तर: नहीं। दोनों लैंप एक ही पथ (single loop) में जुड़े हैं; एक तंतु टूटते ही परिपथ में अंतराल बन जाता है और धारा का प्रवाह पूरी तरह रुक जाता है, इसलिए कोई भी लैंप नहीं जलेगा।

प्र.4 — संयोजी तारों से विद्युतरोधी आवरण न हटाया जाए, तो क्या लैंप जलेगा?

उत्तर: नहीं। आवरण स्वयं कुचालक है — जब तक धातु का भाग उघड़कर सीधे संपर्क में नहीं आता, परिपथ अधूरा रहेगा और लैंप नहीं जलेगा।

प्र.5 — प्रतीकों का उपयोग करके साधारण टॉर्च का परिपथ आरेख बनाइए।

उत्तर: बैटरी (दो सेल प्रतीक श्रेणी में), लैंप का प्रतीक (⊗) और स्विच प्रतीक को तार-रेखाओं से जोड़कर एक बंद आयताकार पथ बनाया जाता है (ऊपर दिया गया विद्युत-परिपथ आरेख देखें)।

प्र.6 — दो स्विच S₁, S₂ द्वारा L₁, L₂ नियंत्रित हैं। अलग-अलग स्थितियों में कौन-से लैंप जलेंगे?

उत्तर:
(i) S₂ ऑन, S₁ ऑफ → कोई लैंप नहीं जलेगा (मुख्य परिपथ ही S₁ से खुला है)।
(ii) S₂ ऑफ, S₁ ऑन → केवल L₂ जलेगा।
(iii) S₁ व S₂ दोनों ऑन → L₁ तथा L₂ दोनों जलेंगे।
(iv) S₁ व S₂ दोनों ऑफ → कोई लैंप नहीं जलेगा।

प्र.7 — स्विच बंद करने पर भी लैंप नहीं जला। संभावित कारण व दोष पता लगाने की विधि?

उत्तर — संभावित कारण: सेल खर्च हो चुका हो, तंतु टूटा (फ्यूज़) हो, तारों पर आवरण न हटाया गया हो, कोई जोड़ ढीला हो, स्विच खराब हो, LED के टर्मिनल उलटे जुड़े हों, या तार बीच से टूटा हो।
पता लगाने की विधि: एक विद्युत चालन परीक्षण-यंत्र (continuity tester) बनाकर हर घटक — सेल, तार, स्विच, लैंप — को अलग-अलग जाँचें कि कौन-सा भाग धारा प्रवाहित होने दे रहा है।

प्र.8 — किस व्यवस्था में स्विच 'ऑन' करने पर भी बल्ब/LED नहीं जलेगा?

उत्तर: जिस व्यवस्था में LED के टर्मिनल उलटे (धन टर्मिनल बैटरी के ऋण से, और ऋण टर्मिनल बैटरी के धन से) जुड़े हों, वहाँ LED नहीं जलेगी, क्योंकि LED में धारा केवल एक निश्चित दिशा में ही बह सकती है।

प्र.9 — बैटरी पर '+' व '−' चिह्न न पढ़े जा सकें, तो टर्मिनल पहचानने की विधि सुझाइए।

उत्तर: बैटरी के टर्मिनलों को एक LED से जोड़कर देखें — LED केवल तभी जलेगी जब उसका लंबा (धन) तार बैटरी के धनात्मक टर्मिनल से जुड़ा हो। इस प्रकार जिस टर्मिनल से LED का धन तार जोड़ने पर LED जले, वही बैटरी का धनात्मक टर्मिनल कहलाता है।

प्र.10 — छः सेलों में से कार्यरत सेल पहचानने की विधि सुझाइए।

उत्तर — (i) आवश्यक वस्तुएँ: एक कार्यरत लैंप/LED, लैंप-धारक, दो तार के टुकड़े।
(ii) कार्यविधि: प्रत्येक सेल को बारी-बारी से लैंप के साथ परीक्षण-परिपथ में जोड़ें।
(iii) पहचान: जिस सेल को जोड़ने पर लैंप जले — वह सेल कार्यरत कहलाता है; जिस पर न जले — वह सेल खराब/डिस्चार्ज कहलाता है।

प्र.11 — तान्या ने ऐसी LED (जिसे जलाने हेतु श्रेणीक्रम में दो सेलों की आवश्यकता है) के साथ परिपथ बनाया। क्या लैंप जलेगा? सही विन्यास बताइए।

उत्तर: दिए गए विन्यास में LED नहीं जलेगी, क्योंकि टर्मिनल गलत क्रम में जुड़े हैं। सही विन्यास — दोनों सेलों को श्रेणीक्रम में इस प्रकार जोड़ें कि एक सेल का धन टर्मिनल दूसरे सेल के ऋण टर्मिनल से जुड़े, फिर बैटरी के अंतिम धन टर्मिनल को LED के लंबे तार (+) से और अंतिम ऋण टर्मिनल को LED के छोटे तार (−) से जोड़ें।

अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ (संक्षेप)

  • 2 दिन बिजली न आने पर कौन-से दैनिक कार्य प्रभावित होंगे — इसकी सूची बनाना।
  • सौर-पैनल को स्रोत बनाकर खिलौने के पंखे को चलाने का परिपथ बनाना।
  • दुकान पर उपलब्ध विभिन्न सेलों की पहचान व उनका उपयोग नोट करना।
  • घर की वस्तुओं को — केवल विद्युतरोधी / केवल चालक / आंशिक दोनों — तीन श्रेणियों में बाँटना।

संबंधित लिंक

Comments (0)

User