NCERT DESS 6-Month Certificate Programme 2026-27: सामाजिक विज्ञान पाठ्यचर्या निर्माण के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सामाजिक विज्ञान शिक्षा विभाग (DESS) द्वारा सत्र 2026-27 के लिए 'सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकें एवं अन्य पाठ्यचर्या सामग्री विकसित करना' विषय पर छह महीने के प्रमाणपत्र कार्यक्रम (SMCC) की घोषणा की गई है। यह कार्यक्रम शिक्षकों और शिक्षक-प्रशिक्षकों के लिए पाठ्यचर्या निर्माण के कौशल को बेहतर बनाने का एक राष्ट्रीय प्रयास है।

Sep 19, 2026 - 11:55
Updated: 22 hours ago
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NCERT DESS SMCC 2026-27 कार्यक्रम की पूरी जानकारी
NCERT के सामाजिक विज्ञान शिक्षा विभाग (DESS) द्वारा आयोजित छह महीने के प्रमाणपत्र कार्यक्रम (SMCC 2026-27) के तहत शिक्षकों को पाठ्यपुस्तक और पाठ्यचर्या सामग्री निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे स्कूली शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण संसाधनों का विकास हो सके।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सामाजिक विज्ञान शिक्षा विभाग (DESS) ने सत्र 2026-27 के लिए "सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकें एवं अन्य पाठ्यचर्या सामग्री विकसित करना" विषय पर छह माह के प्रमाणपत्र कार्यक्रम (SMCC 2026-27) की घोषणा की है। यह कार्यक्रम सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक चलेगा और इसमें कार्यरत सामाजिक विज्ञान शिक्षकों तथा शिक्षक-प्रशिक्षकों को पाठ्यपुस्तक और पाठ्यचर्या सामग्री निर्माण की व्यवस्थित ट्रेनिंग दी जाएगी। आवेदन के लिए DESS ने गूगल फॉर्म जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 13 सितंबर 2026 निर्धारित थी।

क्यों शुरू किया गया यह कार्यक्रम

NCERT राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, मॉडल सिलेबस, पाठ्यपुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्री तैयार करने का राष्ट्रीय स्तर पर उत्तरदायित्व निभाता है। DESS के अनुसार, अब तक अधिकांश पाठ्यपुस्तक और पाठ्यचर्या सामग्री लेखक यह कौशल औपचारिक प्रशिक्षण के बजाय कार्यस्थल पर काम करते-करते सीखते रहे हैं, जबकि उनकी मूल शैक्षणिक पृष्ठभूमि प्रायः किसी अन्य विषय की होती है। इसी कमी को दूर करने के लिए यह कार्यक्रम डिज़ाइन किया गया है, ताकि सामाजिक विज्ञान की गुणवत्तापूर्ण पाठ्यचर्या सामग्री तैयार करने वालों की एक प्रशिक्षित राष्ट्रीय टीम खड़ी हो सके।

यह कार्यक्रम भारत सरकार की स्कूली शिक्षा में कौशल विकास पहल (Skill Development Initiative) का हिस्सा है। NCERT का कहना है कि इससे राज्य शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषदों (SCERT), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के साथ-साथ निजी प्रकाशकों द्वारा तैयार की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इसे देश में सामाजिक विज्ञान पाठ्यचर्या निर्माण को व्यवसायिक रूप देने की दिशा में पहला संगठित प्रयास बताया गया है। इससे पहले सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक इस कार्यक्रम का पहला बैच सफलतापूर्वक चलाया जा चुका है, और 2026-27 सत्र इसी पहल की अगली कड़ी है।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2023 के अनुरूप देशभर में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। कक्षा 9 और 11 से शुरू होकर आने वाले वर्षों में अन्य कक्षाओं की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकें भी नए ढांचे में तैयार की जानी हैं, जिसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को अलग-अलग खानों में बांटने के बजाय आपस में जोड़कर पढ़ाने पर जोर दिया गया है। ऐसे में प्रशिक्षित सामग्री-निर्माताओं की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है, और DESS का यह कार्यक्रम इसी जरूरत को पूरा करने के मकसद से लाया गया है।

कार्यक्रम की संरचना: तीन चरण, चार पाठ्यक्रम

SMCC 2026-27 छह महीने का कार्यक्रम है, जिसे तीन चरणों में बांटा गया है। पहला और तीसरा चरण ऑनलाइन मोड में तथा दूसरा चरण फेस-टू-फेस (प्रत्यक्ष) मोड में आयोजित होगा। गूगल फॉर्म में दी गई जानकारी के अनुसार, चयनित प्रतिभागियों को कुल तीन सप्ताह NCERT परिसर में उपस्थित होकर तथा शेष छह सप्ताह ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा करना होगा।

चरण अवधि माध्यम
चरण 1 सितंबर-अक्टूबर 2026 ऑनलाइन
चरण 2 नवंबर-दिसंबर 2026 फेस-टू-फेस (प्रत्यक्ष)
चरण 3 जनवरी-फरवरी 2027 ऑनलाइन

पूरा कार्यक्रम 20 क्रेडिट का है, जो चार समान भार वाले पाठ्यक्रमों में बंटा है। प्रत्येक पाठ्यक्रम 5 क्रेडिट का है।

पाठ्यक्रम विषय-वस्तु क्रेडिट
पाठ्यक्रम 1 स्कूली सामाजिक विज्ञान शिक्षा: दृष्टिकोण निर्माण 5
पाठ्यक्रम 2 ज्ञानमीमांसा और सामाजिक विज्ञान (Epistemology and Social Sciences) 5
पाठ्यक्रम 3 पाठ्यचर्या संसाधनों का विकास एवं शिक्षणशास्त्रीय सरोकार 5
पाठ्यक्रम 4 सामाजिक विज्ञान में अधिगम एवं मूल्यांकन 5

पहला पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को स्कूली स्तर पर सामाजिक विज्ञान पढ़ाने और समझने के व्यापक दृष्टिकोण से परिचित कराता है। दूसरे पाठ्यक्रम में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र जैसे विषयों में ज्ञान किस प्रकार बनता और परखा जाता है, इस पर काम होगा। तीसरा पाठ्यक्रम सीधे तौर पर पाठ्यपुस्तक, वर्कबुक और अन्य शिक्षण सामग्री तैयार करने की तकनीकों तथा उससे जुड़े शिक्षणशास्त्रीय सवालों पर केंद्रित है। चौथा पाठ्यक्रम बताता है कि सामाजिक विज्ञान में विद्यार्थियों के सीखने का आकलन किस तरह किया जाए, ताकि मूल्यांकन केवल याद की गई जानकारी जांचने तक सीमित न रहकर समझ और तर्कशक्ति को भी परख सके।

प्रतिभागियों को क्या-क्या करना होगा

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों से निबंध लेखन, सारांश तैयार करना, पाठ्यपुस्तक विश्लेषण, ड्राफ्ट अध्याय लेखन, वर्कशीट और मॉडल प्रश्नपत्र बनाना तथा पोस्टर तैयार करने जैसे कार्य करवाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को स्कूलों में जाकर कक्षा-आधारित शोध (क्लासरूम रिसर्च) भी करना होगा, ताकि सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा जा सके।

मूल्यांकन प्रक्रिया कैसी होगी

प्रमाणपत्र देने का आधार पोर्टफोलियो मूल्यांकन होगा। इसमें कक्षा में सहभागिता, सौंपे गए असाइनमेंट, कोर्स के अंत में होने वाली परीक्षा और प्रस्तुतियां (प्रेजेंटेशन) शामिल हैं। कार्यक्रम की कक्षाएं मुख्यतः NCERT के संकाय सदस्य लेंगे, जो प्रतिभागियों के मेंटर की भूमिका भी निभाएंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के उन पाठ्यपुस्तक लेखकों को भी विशेष व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने पहले NCERT के साथ काम किया है।

कार्यक्रम सलाहकार समिति में कौन शामिल

DESS के अनुसार कार्यक्रम की निगरानी के लिए एक सलाहकार समिति बनाई गई है, जिसमें देश के जाने-माने शिक्षाविद और सामाजिक विज्ञान विशेषज्ञ शामिल हैं। इनमें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज मुंबई की पूर्व डीन प्रो. दिशा नवानी, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी बेंगलुरु के प्रो. अमन मदान, भोपाल स्थित एकलव्य संस्था के पूर्व निदेशकों तथा हैदराबाद और पटना के SCERT से जुड़े शिक्षाविद शामिल हैं। कार्यक्रम की अगुवाई DESS की विभागाध्यक्ष प्रो. गौरी श्रीवास्तव और कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एम.वी. श्रीनिवासन कर रहे हैं।

आवेदन के लिए पात्रता की शर्तें

यह कार्यक्रम केवल कार्यरत सामाजिक विज्ञान शिक्षकों और पाठ्यचर्या निर्माण से जुड़े शिक्षक-प्रशिक्षकों के लिए है, जो जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे हों। पात्रता की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं।

वर्ग न्यूनतम अनुभव शैक्षणिक योग्यता
स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में सामाजिक विज्ञान विषय पढ़ाने वाले शिक्षक 2 वर्ष स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर सामाजिक विज्ञान विषय का अध्ययन
DIET/SCERT में कार्यरत शिक्षक-प्रशिक्षक 5 वर्ष (शिक्षण, शोध या सामग्री विकास) स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर सामाजिक विज्ञान विषय का अध्ययन

किन विषयों में आवेदन कर सकते हैं

आवेदन फॉर्म में प्रतिभागियों से यह भी पूछा गया है कि वे कार्यक्रम के दौरान किस सामाजिक विज्ञान विषय पर काम करना चाहते हैं। इसके लिए इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र — इन पांच विषयों में से एक चुनना होता है।

आवेदन प्रक्रिया और चयन कैसे होगा

इच्छुक शिक्षकों और शिक्षक-प्रशिक्षकों को DESS द्वारा जारी गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना विवरण भेजना अनिवार्य था। फॉर्म में नाम, लिंग, जन्मतिथि, राज्य, वर्तमान पदनाम, पढ़ाए जाने वाले विषय व कक्षाएं, संस्थान का पता, स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर पढ़े गए पेपर, कार्य-अनुभव, पिछले दो वर्षों में की गई व्यावसायिक विकास गतिविधियां, सामाजिक श्रेणी (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य, सामान्य-EWS, दिव्यांग) तथा लगभग 200 शब्दों में यह लिखना होता था कि वे इस कार्यक्रम में क्यों भाग लेना चाहते हैं और उनकी इससे क्या अपेक्षाएं हैं।

DESS ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त आवेदनों में से उम्मीदवारों को विभिन्न मानदंडों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन साक्षात्कार भी लिए जा सकते हैं। चयनित प्रतिभागियों के मामले में NCERT उनके संस्थान, DIET या SCERT को पत्र लिखकर तीनों चरणों में भाग लेने के लिए डेप्यूटेशन (प्रतिनियुक्ति) की व्यवस्था करेगा, जिसमें फेस-टू-फेस चरण भी शामिल है।

आवेदन की अंतिम तिथि क्या थी

DESS द्वारा जारी आधिकारिक ब्रोशर के अनुसार विवरण भेजने की अंतिम तिथि 13 सितंबर 2026 रखी गई थी। यह तिथि अब बीत चुकी है, इसलिए मौजूदा चक्र के लिए ऑनलाइन फॉर्म से नया आवेदन भेजना संभव नहीं है। जिन शिक्षकों ने तय तिथि तक अपना विवरण भेज दिया था, उनके आवेदनों पर शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। जो शिक्षक इस बार आवेदन नहीं कर पाए, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे कार्यक्रम से जुड़ी अगली सूचना के लिए NCERT की आधिकारिक वेबसाइट और DESS के संपर्क माध्यमों पर नजर बनाए रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इस कार्यक्रम के लिए कोई फीस देनी होती है?

DESS के आधिकारिक ब्रोशर में कोर्स फीस को लेकर अलग से कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। चूंकि चयनित प्रतिभागियों को उनके संस्थान, DIET या SCERT के माध्यम से डेप्यूटेशन पर भेजा जाता है, इसलिए फीस, आवास और अन्य खर्च से जुड़ी शंकाओं का समाधान सीधे dess.training@ciet.nic.in पर ईमेल भेजकर लिया जा सकता है।

उत्तराखंड के शिक्षकों के लिए इसका क्या महत्व है?

उत्तराखंड सहित सभी राज्यों के SCERT और DIET से जुड़े शिक्षक-प्रशिक्षक इस कार्यक्रम के लिए पात्रता की शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं। राज्य स्तर पर सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकें और सहायक सामग्री तैयार करने वाली टीमों के लिए इस तरह का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कौशल विकास और गुणवत्ता सुधार, दोनों दृष्टि से उपयोगी माना जा रहा है।

क्या यह कार्यक्रम हर साल आयोजित होता है?

अब तक की जानकारी के अनुसार DESS ने यह कार्यक्रम लगातार दो सत्रों — 2025-26 और 2026-27 — के लिए चलाया है। आगामी सत्रों में इसकी निरंतरता को लेकर आधिकारिक घोषणा NCERT की वेबसाइट पर समय-समय पर जारी की जाती है, इसलिए इच्छुक शिक्षकों को वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

संपर्क और अन्य जरूरी जानकारी

कार्यक्रम से जुड़ी किसी भी जानकारी या शंका के समाधान के लिए DESS ने ईमेल आईडी dess.training@ciet.nic.in जारी की है। कार्यक्रम का पूरा आधिकारिक ब्रोशर NCERT की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जबकि आवेदन के लिए गूगल फॉर्म का लिंक भी वहीं साझा किया गया था।

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Frequently Asked Questions

नहीं, आधिकारिक ब्रोशर में आयु सीमा को लेकर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं है, मुख्य शर्त निर्धारित शिक्षण या शोध का अनुभव है।

हाँ, पोर्टफोलियो मूल्यांकन के तहत कोर्स के अंत में लिखित परीक्षा, प्रस्तुतियां (Presentations) और ड्राफ्ट प्रोजेक्ट/असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है।

पात्रता मानदंडों के अनुसार यह कार्यक्रम मुख्य रूप से कार्यरत शिक्षकों और DIET/SCERT के प्रशिक्षकों के लिए है, बशर्ते वे न्यूनतम अनुभव और विषय की शर्तें पूरी करते हों।

डेप्यूटेशन पर आने वाले प्रतिभागियों के यात्रा और अन्य भत्तों का नियम उनके मूल संस्थान (जैसे SCERT/DIET) के सेवा नियमों के अधीन होता है।

नहीं, यह पूरी तरह से डिस्टेंस लर्निंग नहीं है क्योंकि इसमें नवंबर-दिसंबर के दौरान NCERT परिसर में आकर फेस-टू-फेस (प्रत्यक्ष) कक्षाओं में शामिल होना अनिवार्य है।
Naina Saini

"Naina Saini is an Editorial Intern at Aapbiti, specializing in publishing and managing education-focused news articles. Operating under the direct mentorship and guidance of Shakti Rao Mani, the Product Owner of aapbiti.com, Naina is dedicated to delivering accurate, timely, and engaging academic updates. Her role focuses on keeping readers informed about educational trends, exams, admissions, and key academic policies."

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