ऊतक (Tissues) कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 6 नोट्स – परिभाषाएँ, चित्र और अभ्यास के उत्तर

कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 6 ऊतक (Tissues) के हस्तलिखित शैली के नोट्स। इसमें पादप ऊतक (विभज्योतक, स्थायी ऊतक) और जंतु ऊतक (एपिथीलियमी, संयोजी, पेशीय, तंत्रिका) की आसान परिभाषाएँ हैं। हर परिभाषा के साथ NCERT किताब के चित्र हैं, और अभ्यास के सभी 15 प्रश्नों के उत्तर भी हैं।

Sep 24, 2026 - 06:16
Updated: 10 hours ago
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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 6 ऊतक (Tissues) के नोट्स का कवर, जिसमें तंत्रिका ऊतक (न्यूरॉन), पेशीय ऊतक और रक्त के चित्र दिख रहे हैं
विज्ञान · कक्षा 9 · अध्याय 6
ऊतक (Tissues)
? परिभाषाएँ + चित्र + अभ्यास के उत्तर
1ऊतक क्या है? (Tissue)
ऊतक (Tissue)वे कोशिकाएँ जो आकृति (संरचना) में एक समान होती हैं तथा किसी कार्य को एक साथ संपन्न करती हैं, समूह में एक ऊतक का निर्माण करती हैं। उदाहरण: रक्त, फ़्लोएम, पेशी।
श्रम विभाजन (Division of labour)बहुकोशिक जीवों में अलग-अलग कार्य कोशिकाओं के विशिष्ट समूह करते हैं। एक कोशिकीय जीव (अमीबा) में सभी कार्य एक ही कोशिका करती है।
आधार पौधे जंतु
गति स्थिर (गति नहीं करते) भोजन, साथी, आश्रय की खोज में चलते हैं
ऊतक सहारा देने वाले ऊतक प्रायः मृत अधिकांश ऊतक जीवित
ऊर्जा कम उपयोग अधिक उपयोग
वृद्धि कुछ निश्चित क्षेत्रों में सीमित एकरूप (हर जगह)
? क्रियाकलाप 6.1: जार-1 की प्याज़ की जड़ लंबी होती है। जार-2 में जड़ का ऊपरी (शीर्ष) भाग काटने पर वृद्धि रुक जाती है, क्योंकि वृद्धि वाला विभज्योतक हट गया।
2पादप ऊतक (Plant Tissues)
पादप ऊतकपौधों के ऊतक दो प्रकार के होते हैं: (i) विभज्योतक (वृद्धि करने वाले) और (ii) स्थायी ऊतक।
(क) विभज्योतक (Meristematic Tissue)
विभज्योतक (Meristem)पौधों के वृद्धि वाले क्षेत्रों में पाए जाने वाला विभाजित (विभाजन-क्षम) ऊतक।
✦कोशिकाएँ अत्यधिक क्रियाशील, घना कोशिकाद्रव्य, पतली कोशिका भित्ति, स्पष्ट केंद्रक।
✦रसधानी (vacuole) नहीं होती।
✦नई बनी कोशिकाएँ बढ़कर परिपक्व होकर स्थायी ऊतक के घटक बन जाती हैं।
शीर्षस्थ (Apical)जड़ों एवं तनों के वृद्धि वाले सिरे (शीर्ष) पर; लंबाई में वृद्धि करता है।
पार्श्व (कैंबियम) (Lateral / Cambium)तने व मूल की परिधि (मोटाई) में वृद्धि करता है।
अंतर्विष्ट (Intercalary)पत्ती के आधार / कुछ पौधों में पर्वसंधियों (nodes) के पास स्थित।
(ख) स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
विभेदीकरण (Differentiation)विभज्योतक की कोशिकाओं का विभाजित होने की शक्ति खोकर एक विशिष्ट कार्य के लिए स्थायी रूप और आकार ले लेना।
स्थायी ऊतक (Permanent tissue)विभेदीकरण से बने ऊतक जो विभाजित नहीं होते। ये सरल और जटिल दो प्रकार के होते हैं।
3सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue)
सरल ऊतकएक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने, एक जैसे दिखने वाले ऊतक। ये तीन प्रकार के हैं:
पैरेन्काइमा (Parenchyma)एपिडर्मिस के नीचे; पतली भित्ति वाली जीवित, ढीली कोशिकाएँ, बीच में काफ़ी रिक्त स्थान। कार्य: भोजन का भंडारण।
✦क्लोरेन्काइमा: क्लोरोफ़िल युक्त → प्रकाश संश्लेषण (हरित ऊतक)।
✦ऐरेन्काइमा: जलीय पौधों में हवा की बड़ी गुहिकाएँ → पौधे जल में तैरते हैं।
कॉलेन्काइमा (Collenchyma)जीवित, लंबी, कोनों पर अनियमित रूप से मोटी कोशिकाएँ, बहुत कम स्थान। कार्य: लचीलापन तथा यांत्रिक सहारा (पत्ती, तने के पर्णवृंत में)।
स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)मृत, लंबी व पतली कोशिकाएँ; लिग्निन से भित्ति बहुत मोटी, भीतर कोई स्थान नहीं। कार्य: कठोरता व मज़बूती (नारियल का रेशेदार छिलका, तने, बीज-फलों के छिलके)।
4रक्षी ऊतक (Protective Tissue)
एपिडर्मिस (Epidermis)पौधे की सबसे बाहरी परत; प्रायः एक कोशिका मोटी, अछिन्न (बिना अंतरकोशिकीय स्थान), बाहर मोम जैसी जल-प्रतिरोधी परत। जल-क्षय, यांत्रिक आघात, कवक-प्रवेश से रक्षा।
✦जड़ की एपिडर्मिस: बाल जैसे प्रवर्ध → पानी सोखने की क्षमता बढ़ती है।
✦मरुस्थलीय पौधों में बाहर क्यूटिन (जल अवरोधक रसायन) का लेप।
स्टोमेटा (रंध्र) (Stomata / Guard cells)पत्ती की एपिडर्मिस में छोटे छिद्र, जिन्हें दो सेम/वृक्क के आकार की रक्षी कोशिकाएँ घेरे रहती हैं। कार्य: गैसों का आदान-प्रदान और वाष्पोत्सर्जन।
कॉर्क (छाल) (Cork)वृद्ध वृक्षों में द्वितीयक विभज्योतक की पट्टी से बनी मृत कोशिकाओं की परतें; बिना अंतरकोशिकीय स्थान; भित्ति पर सुबरिन → हवा व पानी के लिए अभेद्य।
5जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)
जटिल ऊतक (Complex tissue)एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने ऊतक जो साथ मिलकर एक इकाई की तरह कार्य करते हैं। उदाहरण: ज़ाइलम और फ़्लोएम (इन्हें संवहन ऊतक कहते हैं; मिलकर संवहन बंडल बनाते हैं)।
ज़ाइलम (Xylem)ट्रैकीड (वाहिनिका), वाहिका, ज़ाइलम पैरेन्काइमा, ज़ाइलम फ़ाइबर (रेशे) से बना। ट्रैकीड व वाहिका मृत, नलिकाकार → पानी व खनिज लवण का ऊर्ध्वाधर संवहन। पैरेन्काइमा भोजन-संग्रह, फ़ाइबर सहारा।
फ़्लोएम (Phloem)पाँच अवयव: चालनी कोशिकाएँ, चालनी नलिका, साथी कोशिकाएँ, फ़्लोएम पैरेन्काइमा, फ़्लोएम रेशे। पत्तियों से भोजन को पौधे के सभी भागों तक पहुँचाता है। रेशों को छोड़कर सभी कोशिकाएँ जीवित।
6जंतु ऊतक (Animal Tissues)
जंतु ऊतकचार प्रकार के: एपिथीलियमी, संयोजी, पेशीय, तंत्रिका ऊतक।
(क) एपिथीलियमी ऊतक (Epithelial Tissue)
एपिथीलियम (Epithelium)शरीर व उसके अंगों/गुहिकाओं को ढकने या बाह्य रक्षा देने वाला ऊतक। कोशिकाएँ सटी हुई, अनवरत परत; बीच में चिपकाने वाला पदार्थ कम, स्थान बहुत कम; नीचे रेशेदार आधार झिल्ली। पदार्थों के आदान-प्रदान का नियमन करता है।
प्रकार संरचना स्थान / कार्य
सरल शल्की अत्यंत पतली, चपटी, कोमल परत रक्त नलिका अस्तर, कूपिका (पदार्थ संवहन), आहारनली व मुँह का अस्तर
स्तरित शल्की कई परतों में व्यवस्थित त्वचा; कटने-फटने से रक्षा
स्तंभाकार लंबी कोशिकाएँ आँत का भीतरी अस्तर (अवशोषण व स्राव)
पक्ष्माभी स्तंभाकार सतह पर बाल जैसे पक्ष्माभ (Cilia) श्वास नली; गति से श्लेष्मा आगे बढ़ाकर साफ़
घनाकार घन जैसी कोशिकाएँ वृक्कीय नलिका, लार ग्रंथि की नली (यांत्रिक सहारा)
ग्रंथिल एपिथीलियम का भीतर मुड़कर बहुकोशिक ग्रंथि बनाना स्राव (जैसे लार, पसीना)
(ख) संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
संयोजी ऊतक (Connective tissue)कोशिकाएँ आपस में कम जुड़ी और अंतरकोशिकीय आधात्री (matrix) में धँसी होती हैं। आधात्री जैली-सी, तरल, सघन या कठोर हो सकती है।
रक्त (Blood)तरल आधात्री प्लाज़्मा; इसमें RBC, WBC, प्लेटलेट्स निलंबित। गैसें, पचा भोजन, हॉर्मोन, उत्सर्जी पदार्थ एक भाग से दूसरे तक ले जाता है।
अस्थि (Bone)पंजर बनाती है, शरीर को आकार, मांसपेशियों व अंगों को सहारा। कठोर आधात्री कैल्सियम व फ़ॉस्फ़ोरस की।
स्नायु (Ligament)अस्थि को अस्थि से जोड़ता है; लचीला और मज़बूत, आधात्री कम।
कंडरा (Tendon)मांसपेशी को अस्थि से जोड़ता है; मज़बूत, सीमित लचीलेपन वाला रेशेदार ऊतक।
उपास्थि (Cartilage)कोशिकाओं के बीच पर्याप्त स्थान, ठोस आधात्री (प्रोटीन व शर्करा); अस्थि-जोड़ों को चिकना बनाती है; नाक, कान, कंठ, श्वास नली में।
एरिओलर ऊतक (Areolar tissue)त्वचा व मांसपेशी के बीच, रक्त नलिका, नसों व अस्थि मज्जा के चारों ओर; खाली जगह भरता, आंतरिक अंगों को सहारा, ऊतकों की मरम्मत।
वसामय ऊतक (Adipose tissue)त्वचा के नीचे आंतरिक अंगों के बीच; कोशिकाएँ वसा की गोलिकाओं से भरी; वसा-संग्रह व ऊष्मीय कुचालक।
(ग) पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
पेशीय ऊतक (Muscular tissue)लंबी कोशिकाओं (पेशीय रेशे) का बना; सिकुड़ने वाली प्रोटीन के संकुचन-प्रसार से गति कराता है।
लक्षण रेखित (कंकाल) चिकनी हृदय (कार्डिक)
आकार लंबी, बेलनाकार, शाखारहित लंबी, सिरे नुकीले (तर्कुरूपी) बेलनाकार, शाखाओं वाली
केंद्रक अनेक (बहुनाभीय) एक एक
केंद्रक स्थिति परिधि पर मध्य में मध्य में
धारियाँ हैं नहीं हैं
प्रकार ऐच्छिक अनैच्छिक अनैच्छिक
स्थान हाथ-पैर (अस्थि से जुड़ी) आहारनली, रक्त नलिका, मूत्रवाहिनी, फेफड़ों की श्वसनी, पलक हृदय
(घ) तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)
तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue)उत्तेजना के प्रति अति शीघ्र प्रतिक्रिया करने वाली कोशिकाओं (न्यूरॉन) का ऊतक; मस्तिष्क, मेरुरज्जु व तंत्रिकाएँ इसी से बनी हैं।
न्यूरॉन (Neuron)तंत्रिका कोशिका: कोशिकाकाय (केंद्रक + कोशिकाद्रव्य), एक लंबा प्रवर्ध एक्सॉन (तंत्रिकाक्ष), अनेक छोटे शाखित प्रवर्ध डेंड्राइट्स। 1 मीटर तक लंबी हो सकती है।
तंत्रिका स्पंदन (Nerve impulse)तंत्रिका रेशे से गुज़रने वाली संवेदना; तंत्रिका अंत से अगली कोशिका के डेंड्राइट में जाती है।
7अभ्यास के उत्तर ✍️
प्र.1ऊतक को परिभाषित करें।
उ.
कोशिकाओं का वह समूह जिसमें कोशिकाओं की संरचना तथा कार्य एक समान होते हैं, ऊतक कहलाता है।
प्र.2कितने प्रकार के तत्व मिलकर ज़ाइलम ऊतक का निर्माण करते हैं? नाम बताएँ।
उ.
चार: (1) ट्रैकीड (वाहिनिका), (2) वाहिका, (3) ज़ाइलम पैरेन्काइमा, (4) ज़ाइलम फ़ाइबर (रेशे)।
प्र.3पौधों में सरल ऊतक जटिल ऊतक से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
उ.
सरल ऊतक जटिल ऊतक
एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने
सब कोशिकाएँ समान दिखती हैं कोशिकाएँ मिलकर एक इकाई की तरह कार्य करती हैं
पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा ज़ाइलम, फ़्लोएम
प्र.4कोशिका भित्ति के आधार पर पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा में भेद स्पष्ट करें।
उ.
ऊतक कोशिका भित्ति
पैरेन्काइमा पतली भित्ति; जीवित, बीच में रिक्त स्थान
कॉलेन्काइमा कोनों पर अनियमित रूप से मोटी; जीवित, बहुत कम स्थान
स्क्लेरेन्काइमा लिग्निन के कारण बहुत मोटी; मृत कोशिकाएँ, भीतर स्थान नहीं
प्र.5रंध्र के क्या कार्य हैं?
उ.
रंध्र (स्टोमेटा) (i) वायुमंडल से गैसों (O₂, CO₂) का आदान-प्रदान करते हैं और (ii) वाष्पोत्सर्जन (वाष्प रूप में पानी का निकलना) करते हैं।
प्र.6तीनों प्रकार के पेशीय रेशों में चित्र बनाकर अंतर स्पष्ट करें।
उ.
चित्र (a) रेखित, (b) चिकनी, (c) हृदय पेशी ऊपर दिए चित्र 6.11 में देखें। रेखित: धारियाँ, बहुनाभीय, शाखारहित। चिकनी: धारियाँ नहीं, एक केंद्रक, नुकीले सिरे। हृदय: धारियाँ, एक केंद्रक, शाखाओं वाली।
प्र.7कार्डिक (हृदयक) पेशी का विशेष कार्य क्या है?
उ.
हृदय की पेशियाँ जीवन भर लयबद्ध होकर प्रसार एवं संकुचन करती हैं, जिससे हृदय रक्त को पंप करता है।
प्र.8रेखित, अरेखित तथा कार्डिक पेशियों में शरीर में स्थित कार्य और स्थान के आधार पर अंतर स्पष्ट करें।
उ.
पेशी स्थान कार्य
रेखित हाथ-पैर आदि, अस्थियों से जुड़ी ऐच्छिक शारीरिक गति
अरेखित (चिकनी) आहारनली, रक्त नलिका, मूत्रवाहिनी, श्वसनी, पलक अनैच्छिक गति (भोजन का प्रवाह, नलिका का प्रसार-संकुचन)
कार्डिक हृदय लयबद्ध अनैच्छिक धड़कन
प्र.9न्यूरॉन का एक चिह्नित चित्र बनाएँ।
उ.
न्यूरॉन का चिह्नित चित्र (केंद्रक, डेंड्राइट, तंत्रिकाक्ष, तंत्रिका अंत, कोशिकाकाय):
प्र.10निम्नलिखित के नाम लिखें:
उ.
✦(a) मुँह के भीतरी अस्तर का ऊतक: शल्की एपिथीलियम
✦(b) मनुष्य में पेशियों को अस्थि से जोड़ने वाला: कंडरा
✦(c) पौधों में भोजन का संवहन: फ़्लोएम
✦(d) शरीर में वसा का संचय: वसामय ऊतक
✦(e) तरल आधात्री सहित संयोजी ऊतक: रक्त
✦(f) मस्तिष्क में स्थित ऊतक: तंत्रिका ऊतक
प्र.11निम्नलिखित में ऊतक के प्रकार की पहचान करें:
उ.
त्वचा स्तरित शल्की एपिथीलियम
पौधे का वल्क रक्षी ऊतक (कॉर्क)
अस्थि संयोजी ऊतक
वृक्कीय नलिका अस्तर घनाकार एपिथीलियम
संवहन बंडल जटिल स्थायी (संवहन) ऊतक
प्र.12पैरेन्काइमा ऊतक किस क्षेत्र में स्थित होते हैं?
उ.
एपिडर्मिस के नीचे (पौधे के विभिन्न भागों की कॉर्टेक्स आदि में) कोशिकाओं की परतों के रूप में।
प्र.13पौधों में एपिडर्मिस की क्या भूमिका है?
उ.
✦पौधे के सभी भागों की रक्षा; बाहर मोम जैसी जल-प्रतिरोधी परत, जल-क्षय से बचाव।
✦यांत्रिक आघात व परजीवी कवक के प्रवेश से रक्षा।
✦जड़ों में बाल: जल अवशोषण; पत्ती में रंध्र: गैस-आदान-प्रदान व वाष्पोत्सर्जन।
प्र.14छाल (कॉर्क) किस प्रकार सुरक्षा ऊतक के रूप में कार्य करता है?
उ.
कॉर्क की कोशिकाएँ मृत होती हैं और बिना अंतरकोशिकीय स्थान के सघन परतों में जमी रहती हैं। इनकी भित्ति पर सुबरिन होता है जो इन्हें हवा व पानी के लिए अभेद्य बना देता है। इस प्रकार यह वृक्ष के भीतरी भागों की रक्षा करती है।
प्र.15तालिका पूर्ण करें:
उ.
स्थायी ऊतक
सरल जटिल
पैरेन्काइमा · कॉलेन्काइमा · स्क्लेरेन्काइमा ज़ाइलम · फ़्लोएम
प्रश्न (पाठ के बीच के)
प्रश्न उत्तर
ऊतक क्या है? समान संरचना व कार्य वाली कोशिकाओं का समूह।
ऊतकों का उपयोग? श्रम विभाजन: विशिष्ट कार्य अधिक दक्षता से; जैसे रक्त गति, पेशी गति।
सरल ऊतकों के कितने प्रकार? तीन: पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा।
शीर्षस्थ विभज्योतक कहाँ? जड़ों व तनों के वृद्धि वाले सिरे पर।
नारियल का रेशा? स्क्लेरेन्काइमा।
फ़्लोएम के घटक? चालनी कोशिकाएँ, चालनी नलिका, साथी कोशिकाएँ, फ़्लोएम पैरेन्काइमा, फ़्लोएम रेशे।
गति के लिए उत्तरदायी ऊतक? पेशीय ऊतक।
न्यूरॉन कैसा? केंद्रक वाला कोशिकाकाय, एक लंबा एक्सॉन और छोटे शाखित डेंड्राइट्स।
हृदय पेशी के 3 लक्षण? बेलनाकार, शाखाओं वाली, एक-केंद्रकीय (अनैच्छिक, लयबद्ध)।
एरिओलर ऊतक के कार्य? खाली जगह भरना, अंगों को सहारा, ऊतकों की मरम्मत।
~ The End ~ ⭐

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