कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 4 — विद्युत का चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव
कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 4 "विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव" के आसान हैंडरिटन नोट्स — विद्युत-चुंबक, तापीय प्रभाव, सेल-बैटरी की पूरी जानकारी व सभी NCERT प्रश्नों के हल सहित।
कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 4 "विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव" के आसान हैंडरिटन नोट्स — विद्युत-चुंबक, तापीय प्रभाव, सेल-बैटरी की पूरी जानकारी I
अध्याय 4
विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव
कक्षा 8 · विज्ञान नोट्स
⚡ 1. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव
क्रियाकलाप में देखा गया — जब तार में धारा प्रवाहित होती है तो पास रखी चुंबकीय दिक्सूचक (कम्पास) की सुई विक्षेपित हो जाती है। धारा रोकने पर सुई वापस अपनी प्रारंभिक दिशा में आ जाती है।
परिभाषा
? चुंबकीय क्षेत्र किसे कहते हैं?
चुंबक अथवा धारावाही तार के चारों ओर का वह क्षेत्र, जिसमें रखी चुंबकीय दिक्सूचक की सुई विक्षेपित हो जाती है अर्थात् चुंबकीय प्रभाव अनुभव किया जा सके, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है।
? उदाहरण : किसी छड़ चुंबक के पास कम्पास लाने पर उसकी सुई घूम जाती है — यह इस बात का प्रमाण है कि चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र मौजूद है।
परिभाषा
? विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव किसे कहते हैं?
जब किसी चालक (जैसे तार) से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है — इस परिघटना को विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं।
? उदाहरण : बैटरी से जुड़े सीधे तार के पास चुंबकीय दिक्सूचक रखकर स्विच ऑन करने पर सुई विक्षेपित हो जाती है; स्विच ऑफ करते ही सुई वापस अपनी दिशा में आ जाती है।
✦यह खोज 1820 में वैज्ञानिक हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड (डेनमार्क) ने की थी।
✦सिद्ध हुआ — विद्युत एवं चुंबकत्व परस्पर संबद्ध परिघटनाएँ हैं।
चित्र 4.1 — धारावाही तार के पास चुंबकीय दिक्सूचक का विक्षेपण (ऑर्स्टेड का प्रयोग)
✎ 1.1 विद्युत-चुंबक (Electromagnet)
परिभाषा
? विद्युत-चुंबक किसे कहते हैं?
एक धारावाही कुंडली (coil), जो चुंबक की भाँति व्यवहार करती है और लोहे/स्टील की वस्तुओं को आकर्षित करती है, विद्युत-चुंबक कहलाती है। इसे अधिक प्रबल बनाने हेतु कुंडली के अंदर लोहे का क्रोड (iron core) डाला जाता है।
? उदाहरण : लोहे की कील पर तार लपेटकर उसे बैटरी से जोड़ने पर वह कील कागज़ की क्लिपों को अपनी ओर खींच लेती है, परंतु बैटरी हटाते ही क्लिप गिर जाते हैं।
चित्र 4.2 — कील पर कुंडली लपेटकर बना विद्युत-चुंबक
प्रबलता बढ़ाने के तरीके :
✦कुंडली में फेरों (turns) की संख्या बढ़ाकर
✦प्रवाहित धारा का परिमाण बढ़ाकर (अधिक सेल जोड़कर)
✦कुंडली के अंदर लोहे का क्रोड डालकर
⚠ धारा की दिशा उलटने पर विद्युत-चुंबक के ध्रुव (N-S) भी उलट जाते हैं। धारा रोकते ही चुंबकीय गुण समाप्त हो जाता है — यही स्थायी चुंबक से मुख्य अंतर है।
एक अत्यंत प्रबल विद्युत-चुंबक, जिसे क्रेन से लटकाकर धारा ऑन/ऑफ करके लोहे व स्टील की भारी वस्तुओं को उठाया तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है, उत्थापक विद्युत-चुंबक कहलाता है।
? उदाहरण : कबाड़खाने (scrap yard) में क्रेन से लटका विद्युत-चुंबक पुरानी गाड़ियों व लोहे के टुकड़ों को उठाकर छाँटने में उपयोग होता है — धारा ऑफ करते ही वस्तुएँ नीचे गिर जाती हैं।
व्यावहारिक उपयोग : विद्युत-चुंबक, विद्युत घंटी, विद्युत मोटर, विद्युत पंखा, लाउडस्पीकर आदि में।
? 2. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव
परिभाषा
? विद्युत धारा का तापीय प्रभाव किसे कहते हैं?
जब किसी चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो चालक द्वारा धारा-प्रवाह में उत्पन्न प्रतिरोध (resistance) के कारण वह गर्म हो जाता है — इस परिघटना को विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं।
? उदाहरण : विद्युत इस्त्री (प्रेस) के अंदर लगा तार धारा प्रवाहित होने पर गर्म हो जाता है, जिसकी ऊष्मा से कपड़ों की सिलवटें दूर होती हैं।
निक्रोम (Nichrome) तार का उपयोग तापन उपकरणों में क्यों?
✦ताँबे की तुलना में निक्रोम अधिक प्रतिरोध उत्पन्न करता है
✦अधिक प्रतिरोध ⇒ अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है
✦उच्च ताप पर भी आसानी से पिघलता / ऑक्सीकृत नहीं होता
उत्पन्न ऊष्मा निम्न पर निर्भर करती है :
✦तार के पदार्थ पर
✦तार की मोटाई पर (पतला तार ⇒ अधिक गर्म)
✦तार की लंबाई पर
✦धारा के परिमाण पर (अधिक सेल ⇒ अधिक धारा ⇒ अधिक ऊष्मा)
✦धारा प्रवाह की समय-अवधि पर
परिभाषा
? तापन अवयव (Heating Element) किसे कहते हैं?
किसी विद्युत उपकरण में लगी वह छड़ अथवा कुंडली, जिसमें धारा प्रवाहित करके ऊष्मा उत्पन्न की जाती है, तापन अवयव कहलाती है।
? उदाहरण : विद्युत केतली (kettle) के तले में लगी निक्रोम की कुंडली — यही उसका तापन अवयव है, जो पानी को गर्म करती है।
तापीय प्रभाव पर आधारित घरेलू उपकरण :
✦विद्युत कक्ष-तापक (Room heater), विद्युत हीटर
✦विद्युत इस्त्री (Iron), विद्युत केतली (Kettle)
✦जल-तापक निमज्जन छड़ (Immersion rod), हेयर ड्रायर
⚠ तार को अधिक देर स्पर्श न करें; घरेलू स्विचबोर्ड में निर्धारित धारा वहन-क्षमता वाले तार/प्लग/सॉकेट का ही प्रयोग करें (अतितापन से आग लगने का खतरा)।
? 3. सेल एवं बैटरी
✎ 3.1 वोल्टीय सेल (Voltaic / Galvanic Cell)
परिभाषा
? वोल्टीय सेल किसे कहते हैं?
काँच अथवा प्लास्टिक के पात्र में विद्युत-अपघट्य द्रव में डुबोई गई दो भिन्न-भिन्न धातुओं की छड़ों (इलेक्ट्रोड) से बनी वह युक्ति, जिसमें रासायनिक अभिक्रिया द्वारा विद्युत धारा उत्पन्न होती है, वोल्टीय सेल कहलाती है। इसे गैल्वेनिक सेल भी कहते हैं।
? उदाहरण : ताँबे व जस्ते की दो छड़ों को नींबू के रस में डुबोकर एवं दोनों को तार से LED से जोड़कर एक साधारण वोल्टीय सेल बनाया जा सकता है, जिससे LED जल उठती है।
परिभाषा
? विद्युत-अपघट्य (Electrolyte) किसे कहते हैं?
वह द्रव अथवा विलयन, जिसमें सेल के इलेक्ट्रोड डुबाए जाते हैं और जो विद्युत धारा प्रवाहित होने में सहायता करता है, विद्युत-अपघट्य कहलाता है। यह प्रायः किसी दुर्बल अम्ल या लवण का विलयन होता है।
? उदाहरण : नींबू का रस तथा नमक का जलीय विलयन — दोनों ही अच्छे विद्युत-अपघट्य का कार्य करते हैं।
नोट : नींबू के रस/लवण के विलयन में ताँबे व लोहे के इलेक्ट्रोड डालकर भी सरल वोल्टीय सेल बनाया जा सकता है।
✎ 3.2 शुष्क सेल (Dry Cell)
परिभाषा
? शुष्क सेल किसे कहते हैं?
वह सेल, जिसमें विद्युत-अपघट्य द्रव के रूप में न होकर गाढ़ी लेई (paste) के रूप में होता है, शुष्क सेल कहलाता है। इसमें जस्ते का पात्र ऋणात्मक इलेक्ट्रोड तथा धातु की टोपी से ढकी कार्बन छड़ धनात्मक इलेक्ट्रोड का कार्य करती है। यह केवल एक बार उपयोग होने वाला (non-rechargeable) सेल है।
? उदाहरण : टॉर्च, दीवार-घड़ी अथवा रिमोट में लगने वाला सामान्य पेंसिल सेल (AA/AAA बैटरी) शुष्क सेल का ही उदाहरण है।
चित्र 4.3 — शुष्क सेल की आंतरिक संरचना
✎ 3.3 पुनः आवेशनीय बैटरी (Rechargeable Battery)
परिभाषा
? पुनः आवेशनीय बैटरी किसे कहते हैं?
ऐसी बैटरी, जिसे बार-बार आवेशित (charge) करके पुनः उपयोग में लाया जा सकता है, पुनः आवेशनीय बैटरी कहलाती है। समय के साथ बार-बार आवेशन से इनका धीरे-धीरे क्षरण होता जाता है।
? उदाहरण : मोबाइल फोन व लैपटॉप में लगी Li-ion बैटरी को हम रोज़ चार्जर से जोड़कर बार-बार आवेशित कर सकते हैं।
✎ त्वरित तुलना (Quick Table)
उपकरण/परिघटना
आधारित सिद्धांत
उदाहरण
विद्युत-चुंबक
चुंबकीय प्रभाव
क्रेन, विद्युत घंटी, मोटर
हीटर / इस्त्री / केतली
तापीय प्रभाव
निक्रोम तार
वोल्टीय / शुष्क सेल
रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
टॉर्च, घड़ी
⭐ 4. स्मरणीय बिंदु
✦धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बनता है — विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव।
✦चुंबक जैसा व्यवहार करने वाली धारावाही कुंडली = विद्युत-चुंबक; प्रबल बनाने हेतु लोहे का क्रोड लगाया जाता है।
✦चालकों में धारा प्रवाह से ऊष्मा उत्पन्न होना = विद्युत धारा का तापीय प्रभाव।
✦सेल/बैटरी — भीतर होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं से विद्युत धारा उत्पन्न करने वाली युक्ति।
✦पुनः आवेशनीय बैटरियों को बार-बार चार्ज करके प्रयोग किया जा सकता है।
? 5. पाठ्य-पुस्तक के सभी अभ्यास प्रश्न — हल सहित
(जिज्ञासा बनाए रखें — पृष्ठ 58-61)
? Q1. रिक्त स्थान भरिए — (i) वोल्टीय सेल में प्रयुक्त होने वाला विलयन ______ कहलाता है। (ii) एक धारावाही कुंडली ______ की भाँति व्यवहार करती है।
✎ उत्तर : (i) विद्युत-अपघट्य (Electrolyte) (ii) चुंबक
? Q2. सही विकल्प चुनिए (सत्य/असत्य) — (i) शुष्क सेल, वोल्टीय सेल की तुलना में कम सुवाह्य है। (ii) कुंडली तभी विद्युत-चुंबक बनती है जब कुंडली से विद्युत धारा प्रवाहित होती है। (iii) एक सेल के उपयोग से बना विद्युत-चुंबक, दो सेलों की बैटरी से बने उसी विद्युत-चुंबक की अपेक्षा अधिक कागज-क्लिपों को आकर्षित करता है।
✎ उत्तर : (i) असत्य — शुष्क सेल वोल्टीय सेल से अधिक सुवाह्य है। (ii) सत्य (iii) असत्य — दो सेलों की बैटरी अधिक धारा देती है, इसलिए वह अधिक क्लिप आकर्षित करेगी, एक सेल वाला कम।
? Q3. निक्रोम के तार में अल्प समय के लिए धारा प्रवाहित की जाती है — (i) तार गरम हो जाता है (ii) नीचे रखे दिक्सूचक की सुई विक्षेपित हो जाती है। सही विकल्प चुनिए।
✎ उत्तर : (ग) विकल्प (i) और (ii) दोनों सही हैं — धारा प्रवाह से तार में तापीय प्रभाव (गर्म होना) और चुंबकीय प्रभाव (दिक्सूचक का विक्षेपण) दोनों एक साथ होते हैं।
? Q4. स्तंभ 'क' का मिलान स्तंभ 'ख' से कीजिए — (i) वोल्टीय सेल (ii) विद्युत इस्त्री (iii) निक्रोम तार (iv) विद्युत-चुंबक
✎ उत्तर : (i) → रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा विद्युत उत्पन्न करती है। (ii) → विद्युत तापन हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है। (iii) → विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर कार्य करता है। (iv) → विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर कार्य करता है।
? Q5. विद्युत-तापन युक्तियों में निक्रोम तार का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह — (i) विद्युत का सुचालक है (ii) निश्चित परिमाण धारा हेतु अधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है (iii) ताँबे से सस्ता है (iv) विद्युत का कुचालक है।
✎ उत्तर : (ii) किसी निश्चित परिमाण की विद्युत धारा के लिए अधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है — क्योंकि निक्रोम का प्रतिरोध ताँबे से अधिक होता है, इसलिए समान धारा पर अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है।
? Q6. विद्युत-तापन युक्तियाँ (जैसे हीटर) पारंपरिक तापन विधियों (लकड़ी/चारकोल जलाना) से अधिक सुविधाजनक क्यों मानी जाती हैं? समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए कारण बताइए।
✎ उत्तर : • स्विच द्वारा तुरंत ऑन/ऑफ नियंत्रण संभव है, जबकि लकड़ी/चारकोल जलाने-बुझाने में समय व श्रम लगता है। • धुआँ व हानिकारक गैसें उत्पन्न नहीं होतीं, इसलिए वायु प्रदूषण नहीं होता। • पेड़ों की कटाई (वनोन्मूलन) नहीं करनी पड़ती, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है। • स्वच्छ, सुरक्षित तथा उपयोग में सरल है — तापमान नियंत्रित किया जा सकता है।
? Q7. चित्र 4.4(क) में कुंडली के समीप रखे दिक्सूचक की सुई में विक्षेपण होता है तो — (i) धारा का पथ दर्शाने हेतु आरेख पर तीर बनाइए। (ii) दिक्सूचक सुई क्यों घूमती है, स्पष्ट कीजिए। (iii) बैटरी के सिरे उल्टे करने पर विक्षेप पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
✎ उत्तर : (i) धारा सेल के धनात्मक (+) सिरे से चलकर तार/कुंडली से होते हुए ऋणात्मक (−) सिरे तक प्रवाहित होगी। (ii) कुंडली में धारा प्रवाहित होने से चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है और कुंडली चुंबक की भाँति व्यवहार करने लगती है, जिससे दिक्सूचक सुई विक्षेपित होकर घूम जाती है। (iii) धारा की दिशा उलट जाएगी, जिससे कुंडली के ध्रुव (उत्तर-दक्षिण) भी बदल जाएँगे और विक्षेपण पहले की विपरीत दिशा में होगा।
? Q8. सुमना अपने उत्थापक विद्युत-चुंबक का स्विच ऑफ करना भूल जाती है। कुछ समय बाद कील क्लिपों को नहीं उठा पाती, परंतु तार अब भी गरम है। ऐसा क्यों?
✎ उत्तर : लंबे समय तक धारा प्रवाहित रहने से सेल कमज़ोर (discharge) हो जाता है, जिससे धारा का परिमाण घट जाता है और चुंबकीय क्षेत्र बहुत कमज़ोर हो जाता है (क्लिप नहीं उठा पाता)। परंतु तार में अब भी कुछ धारा व प्रतिरोध के कारण तापीय प्रभाव (गर्मी) बना रहता है।
? Q9. चित्र 4.12 (क) और (ख) में से किस चित्र में स्विच ऑन होने पर एल.ई.डी. दीप्त होगी? — (क) में नींबू का रस तथा (ख) में शुद्ध जल भरा है।
✎ उत्तर : चित्र (क) में एल.ई.डी. दीप्त होगी, क्योंकि नींबू का रस एक विद्युत-अपघट्य है (आयन उपस्थित)। शुद्ध जल (ख) कुचालक है (मुक्त आयन बहुत कम), इसलिए परिपथ पूर्ण नहीं होगा।
? Q10. नेहा कुंडली के भीतर से लोहे की कील निकाल देती है (केवल तार की कुंडली रह जाती है)। क्या कुंडली अभी भी दिक्सूचक सुई को विक्षेपित करेगी? विक्षेपण अधिक होगा या कम?
✎ उत्तर : हाँ, कुंडली अब भी विक्षेपित करेगी क्योंकि धारावाही तार स्वयं चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। परंतु विक्षेपण पहले की तुलना में कम होगा, क्योंकि लौह क्रोड चुंबकीय क्षेत्र को अधिक प्रबल बनाता था।
? Q11. चित्र 4.13 में लोहा, ताँबा, ऐलुमिनियम एवं निक्रोम की चार समान कुंडलियाँ हैं। धारा प्रवाहित करने पर दिक्सूचक सुइयाँ किन परिपथों में विक्षेप दर्शाएँगी?
✎ उत्तर :सभी चारों परिपथों में — क्योंकि लोहा, ताँबा, ऐलुमिनियम व निक्रोम चारों विद्युत के सुचालक हैं। चुंबकीय प्रभाव तार के पदार्थ पर नहीं, केवल धारा प्रवाहित होने पर निर्भर करता है।
स्रोत : जिज्ञासा — कक्षा 8 विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, अध्याय 4 ✍️
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