UDISE+ Student Registry Rules 2026-27: DCF की Last Date 30 सितंबर, पूरी जानकारी

शिक्षा मंत्रालय ने UDISE+ को Student Registry Model बनाया, अब सिर्फ नए Admissions के लिए Fresh Data Entry जरूरी। जानें DCF 2026-27 Deadline और AWES Schools के लिए नया नियम।

Aug 11, 2026 - 03:05
Updated: 4 hours ago
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UDISE+ 2026-27 छात्र पंजीकरण नियम, DCF 2026-27, कक्षा 1–12 और 30 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से जुड़ी आधिकारिक फीचर्ड इमेज।
UDISE+ 2026-27 के तहत छात्र रजिस्ट्री नियमों और DCF 2026-27 प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को इस ग्राफिक में दर्शाया गया है। इसमें कक्षा 1 से 12 के लिए छात्र डेटा अपडेट, स्कूलों द्वारा की जाने वाली डेटा एंट्री, 30 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि और आधिकारिक दिशा-निर्देशों को सरल, स्पष्ट और आधुनिक डिज़ाइन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक अर्ध-सरकारी (D.O.) पत्र जारी कर सूचित किया है कि UDISE+ पोर्टल अब पूरी तरह स्टूडेंट रजिस्ट्री मॉडल पर काम करेगा, जिसमें कक्षा 1 से 12 तक पहले से नामांकित छात्रों के लिए हर साल दोबारा डेटा एंट्री की जरूरत नहीं होगी। 14 जुलाई 2026 को जारी इस पत्र के साथ डेटा कैप्चर फॉर्मेट (DCF) 2026-27 भी संलग्न किया गया है, जिसे भरकर 30 सितंबर 2026 तक जमा करना अनिवार्य होगा। पत्र में आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी (AWES) से संबद्ध विद्यालयों के डेटा प्रमाणन की प्रक्रिया में भी बदलाव की जानकारी दी गई है।

पत्र किसने और कब जारी किया

यह डी.ओ. पत्र (D.O. No. 23-6/2026-Stats) शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सांख्यिकी शाखा के उप महानिदेशक डॉ. पंकज के.पी. श्रेयस्कर द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी किया गया है। डी.ओ. यानी डेमी-ऑफिशियल पत्र भारत सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधे और प्राथमिकता के आधार पर संप्रेषण के लिए इस्तेमाल होने वाला औपचारिक माध्यम है, जो सामान्य कार्यालय ज्ञापन की तुलना में अधिक तेज़ी से कार्रवाई सुनिश्चित करता है। पत्र नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 कार्यालय से भेजा गया और इसकी प्रतियां दो श्रेणियों को दी गई हैं। पहली प्रति सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव (स्कूल शिक्षा) को भेजी गई, जबकि दूसरी प्रति दिल्ली कैंट स्थित आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी (AWES) के डायरेक्टर स्कूल्स (MD AWES) को भेजी गई है। पत्र में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से यह अनुरोध भी किया गया है कि वे 2026-27 सत्र के UDISE+ डेटा को यथाशीघ्र प्रमाणित करें और अंतिम रूप दें। उल्लेखनीय है कि UDISE+ देश के करीब 14.7 लाख स्कूलों और लगभग 24.7 करोड़ छात्रों से जुड़ा डेटा रखता है, जिस कारण इसे दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा डेटाबेस में गिना जाता है, और इसमें किया गया कोई भी प्रक्रियागत बदलाव सीधे स्कूल स्तर तक असर डालता है।

UDISE+ अब कैसे काम करेगा: प्रोग्रेशन-आधारित रजिस्ट्री मॉडल

पत्र के अनुसार, UDISE+ अब एक स्टूडेंट रजिस्ट्री के रूप में काम करता है, जिसका सीधा अर्थ है कि पोर्टल पर हर साल छात्रों की पूरी जानकारी नए सिरे से दर्ज करने की जरूरत खत्म हो गई है। कक्षा 1 से कक्षा 12 तक जो छात्र किसी विद्यालय में पहले से नामांकित हैं, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके लिए केवल अगली कक्षा में प्रमोशन यानी प्रोग्रेशन दर्ज करना होगा। नए सिरे से डेटा एंट्री केवल उन्हीं छात्रों के लिए आवश्यक होगी जो चालू सत्र में किसी विद्यालय में पहली बार प्रवेश ले रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार इससे स्कूलों और राज्य शिक्षा विभागों पर डेटा एंट्री का बोझ काफी कम होगा, डेटा समय पर पूरा होने में मदद मिलेगी, और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को API के माध्यम से नवीनतम यूनिट-स्तरीय यानी हर स्कूल के स्तर की जानकारी तक पहुंच मिलेगी, जिसका उपयोग योजना निर्माण, निगरानी और नीतिगत निर्णयों में किया जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि UDISE+ में स्टूडेंट रजिस्ट्री आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली सबसे पहले शैक्षणिक सत्र 2022-23 में शुरू की गई थी। 14 जुलाई 2026 का यह पत्र इसी व्यवस्था को 2026-27 सत्र के लिए औपचारिक रूप से आगे बढ़ाता है और राज्यों को इसके अनुरूप काम तुरंत शुरू करने का निर्देश देता है। उत्तराखंड सहित कई राज्यों में इस सत्र के लिए RTE के तहत प्रवेश प्रक्रियाएं अभी चल रही हैं, ऐसे में नए प्रवेश लेने वाले हर छात्र का डेटा UDISE+ पर समय पर दर्ज करना विद्यालयों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

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UDISE plus 2026-27 student registry model graphic showing fresh data entry required only for new admissions

मुख्य बिंदु एक नजर में

  • UDISE+ अब पूर्ण रूप से स्टूडेंट रजिस्ट्री मॉडल पर आधारित, कक्षा 1 से 12 तक लागू।
  • पहले से नामांकित छात्रों के लिए केवल प्रमोशन/प्रोग्रेशन दर्ज करना होगा, नए सिरे से एंट्री नहीं।
  • नई डेटा एंट्री केवल नए प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए आवश्यक होगी।
  • डेटा कैप्चर फॉर्मेट (DCF) 2026-27 पत्र के साथ संलग्न, तुरंत भरना शुरू करने का निर्देश।
  • डेटा एंट्री पूरी करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय की गई है।
  • राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को API के जरिये यूनिट-स्तरीय डेटा तक पहुंच मिलेगी।
  • AWES से संबद्ध स्कूलों का डेटा अब AWES की अपनी तीन-स्तरीय व्यवस्था से प्रमाणित होगा।

डेटा कैप्चर फॉर्मेट (DCF) 2026-27 और समय-सीमा

डेटा कैप्चर फॉर्मेट यानी DCF वह मानक प्रपत्र है जिसके जरिए हर मान्यता प्राप्त विद्यालय — सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी — अपनी बुनियादी जानकारी, छात्र नामांकन, शिक्षक विवरण और भवन व सुविधाओं से जुड़ा डेटा UDISE+ पोर्टल पर दर्ज करता है। सामान्यतः DCF में स्कूल प्रोफाइल, भवन एवं बुनियादी ढांचा, शिक्षक विवरण, छात्र नामांकन और परीक्षा परिणाम जैसे कई खंड (sections) शामिल होते हैं, जिन्हें हर विद्यालय को चरणबद्ध तरीके से भरना होता है। पत्र में शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से DCF 2026-27 भरने का काम तुरंत शुरू करने और इसे 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का स्पष्ट अनुरोध किया है। नीचे दी गई तालिका में पत्र की मुख्य जानकारी संक्षेप में दी गई है:

विवरण जानकारी
पत्र संख्या D.O. No. 23-6/2026-Stats
जारी करने की तिथि 14 जुलाई 2026
जारीकर्ता डॉ. पंकज के.पी. श्रेयस्कर, उप महानिदेशक (सांख्यिकी), स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
मुख्य विषय UDISE+ स्टूडेंट रजिस्ट्री मॉडल और DCF 2026-27
डेटा एंट्री की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026
लागू कक्षाएं कक्षा 1 से कक्षा 12
प्रभावित पक्ष सभी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश, स्कूल शिक्षा विभाग, AWES स्कूल

आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी (AWES) के स्कूलों के लिए नया प्रावधान

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी (AWES) से संबद्ध स्कूलों का डेटा अब सीधे AWES की अपनी तीन-स्तरीय आंतरिक व्यवस्था द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। AWES भारतीय सेना के तत्वावधान में वर्ष 1983 में स्थापित एक पंजीकृत सोसायटी है, जो देशभर में 137 से अधिक आर्मी पब्लिक स्कूलों का संचालन करती है और जिसका मुख्यालय दिल्ली कैंट स्थित शंकर विहार में है। यह बदलाव इस बात को भी रेखांकित करता है कि AWES द्वारा संचालित स्कूलों का प्रशासनिक ढांचा राज्यों के सामान्य स्कूली शिक्षा तंत्र से अलग है और सेना की अपनी क्षेत्रीय कमान व्यवस्था के तहत काम करता है, जिस कारण इनके डेटा-सत्यापन की व्यवस्था भी स्वतंत्र रखी गई है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले शेष विद्यालयों — यानी गैर-AWES विद्यालयों — का डेटा DCF 2026-27 के अनुसार पहले की तरह रिपोर्ट करना जारी रखेंगे। पत्र की एक प्रति सीधे AWES के डायरेक्टर स्कूल्स (MD AWES) को भी भेजी गई है, ताकि यह नई प्रमाणन व्यवस्था तय समय पर लागू हो सके।

AWES Army Welfare Education Society schools certification update graphic for academic year 2026-27

राज्यों, स्कूलों और शिक्षा तंत्र के लिए इसके मायने

मंत्रालय का यह कदम UDISE+ को एक वार्षिक डेटा-संग्रह अभ्यास से आगे बढ़ाकर लगातार अद्यतन होने वाले डेटाबेस के रूप में स्थापित करने की दिशा में उठाया गया प्रयास माना जा सकता है। जब हर साल केवल नए प्रवेश और प्रमोशन का डेटा दर्ज करना होगा, तो स्कूलों और ब्लॉक व जिला स्तर के अधिकारियों का काफी समय बचेगा, जो अभी हर साल पूरे छात्र डेटा को दोबारा भरने में खर्च होता है। इसके साथ ही, राज्यों को API के जरिए यूनिट-स्तरीय डेटा तक तेज पहुंच मिलने से नामांकन, ड्रॉपआउट दर और शिक्षक-छात्र अनुपात जैसे संकेतकों पर आधारित योजना और निगरानी अधिक समय पर हो सकेगी। इसके अलावा, सटीक और अद्यतन UDISE+ डेटा का सीधा असर समग्र शिक्षा जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान और संसाधनों के आवंटन पर भी पड़ता है, क्योंकि इन योजनाओं की पात्रता और फंडिंग अक्सर स्कूल-स्तरीय आंकड़ों पर ही आधारित होती है।

हाल के महीनों में विद्यालयों के विलय (मर्जर) से जुड़े फैसले कई राज्यों में चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। ऐसे प्रशासनिक फैसलों के पीछे अक्सर UDISE+ जैसे डेटाबेस से मिलने वाले नामांकन और अधोसंरचना के आंकड़े ही आधार बनते हैं, इसलिए डेटा की सटीकता और समयबद्धता का महत्व और भी बढ़ जाता है। DCF के अंतर्गत रिपोर्ट होने वाला भवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा डेटा भी उतना ही अहम है, क्योंकि स्कूल-कॉलेजों में टूटी इमारतों और अधूरी सुविधाओं को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की खबरें भी हाल में सामने आई हैं।

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स्कूलों और राज्य शिक्षा विभागों को अब क्या करना चाहिए

शिक्षा मंत्रालय के इस पत्र के बाद राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्कूल शिक्षा विभागों के लिए सबसे जरूरी काम यही है कि वे बिना देरी किए DCF 2026-27 भरने का काम शुरू करें और सभी विद्यालयों से इसे 30 सितंबर 2026 से पहले पूरा करवाएं। विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्यों और नोडल शिक्षकों को चाहिए कि वे पहले से नामांकित छात्रों की प्रोग्रेशन और नए प्रवेश लेने वाले छात्रों की GP प्रोफाइल जैसी बुनियादी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करें, ताकि अंतिम तिथि के करीब पोर्टल पर अतिरिक्त दबाव न बने। पोर्टल पर लॉगिन और अन्य आधिकारिक जानकारी के लिए udiseplus.gov.in पर जाया जा सकता है। AWES से संबद्ध विद्यालयों को अपनी सोसायटी की तीन-स्तरीय प्रमाणन प्रक्रिया की नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित प्रशासनिक कार्यालय के संपर्क में रहना चाहिए।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर, 14 जुलाई 2026 का यह पत्र UDISE+ को एक अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद डेटा प्रणाली बनाने की दिशा में उठाया गया अगला कदम है। पहले से नामांकित छात्रों के लिए केवल प्रोग्रेशन दर्ज करने और नए प्रवेश के लिए ही फ्रेश एंट्री की व्यवस्था स्कूलों और राज्य शिक्षा विभागों, दोनों का काम आसान बनाती है, जबकि AWES स्कूलों के लिए अलग प्रमाणन व्यवस्था इस बात को स्वीकार करती है कि उनका प्रशासनिक ढांचा राज्यों से अलग है। इसका सीधा असर आने वाले महीनों में स्कूलों की दैनिक कार्यप्रणाली और UDISE+ डेटा की गुणवत्ता, दोनों पर दिखेगा।

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Frequently Asked Questions

यह एक नई व्यवस्था है जिसके तहत पहले से नामांकित छात्रों के लिए हर साल दोबारा डेटा एंट्री की जरूरत नहीं होगी। स्कूलों को केवल उनकी अगली कक्षा में Progression दर्ज करनी होगी, जबकि नए Admission लेने वाले छात्रों के लिए ही Fresh Entry जरूरी होगी।

शिक्षा मंत्रालय के 14 जुलाई 2026 के पत्र (D.O. No. 23-6/2026-Stats) के अनुसार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को DCF 2026-27 भरकर 30 सितंबर 2026 तक पूरा करना है।

नहीं। कक्षा 1 से 12 तक जो छात्र पहले से नामांकित हैं, उनके लिए केवल Progression दर्ज करनी होगी। नई Data Entry केवल चालू सत्र में नया प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए ही जरूरी है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी (AWES) से संबद्ध स्कूलों का डेटा अब राज्य के सामान्य चैनल के बजाय सीधे AWES की अपनी तीन-स्तरीय आंतरिक व्यवस्था से Certify किया जाएगा।

Login और आधिकारिक जानकारी के लिए udiseplus.gov.in पर जाया जा सकता है। Student Progression की पूरी प्रक्रिया के लिए Aapbiti की UDISE+ Student Progression 2026-27 गाइड देखी जा सकती है।
Yash Kumar

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