उत्तराखंड निःशुल्क Geriatric Care प्रशिक्षण 2026 | समाज कल्याण विभाग | अंतिम तिथि 30 जून

उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग ने अटल वयो अभ्युदय योजना 2026-27 के तहत Geriatric Care (वृद्धजन देखभाल) में 3 माह का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम निकाला है। कुल 30 सीटें उपलब्ध हैं। 18 से 35 वर्ष के उत्तराखंड निवासी, जो इंटरमीडिएट पास हों, आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान आवास एवं भोजन निःशुल्क मिलेगा और उपरांत रोजगार में सहायता भी प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है।

Jun 24, 2026 - 12:53
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Geriatric Care Free Training 2026 Uttarakhand - Social Welfare Department, 30 seats, 3 months residential course, apply by June 30 2026
उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग ने अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 3 माह का निःशुल्क वृद्धजन देखभाल (Geriatric Care) प्रशिक्षण निकाला है। 30 सीटें, आवास-भोजन मुफ्त, अंतिम तिथि 30 जून 2026।

अगर आप उत्तराखंड के युवा हैं, 18 से 35 साल की उम्र में हैं और बुजुर्गों की सेवा-देखभाल में कुछ सार्थक करना चाहते हैं — तो समाज कल्याण विभाग की यह सूचना आपके काम की है। निदेशालय समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड ने अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत वर्ष 2026–27 में Geriatric Care (वृद्धजन देखभाल) में तीन माह का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। कुल 30 सीटें हैं। प्रशिक्षण के दौरान आवास और भोजन दोनों मुफ्त मिलेंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है — यानी समय बहुत सीमित है।

अटल वयो अभ्युदय योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत देश भर में बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ता तैयार किए जाते हैं। उत्तराखंड में इसे समाज कल्याण विभाग लागू कर रहा है। Geriatric Care यानी वृद्धावस्था में स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक जीवन में सहायता — यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें देशभर में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।

प्रशिक्षण की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
प्रशिक्षण का प्रकार Geriatric Care — वृद्धजन देखभाल
अवधि 03 माह
शुल्क निःशुल्क (पूरी तरह मुफ्त)
कुल सीटें 30
आवास एवं भोजन प्रशिक्षण अवधि में निःशुल्क
प्रशिक्षण स्थान हल्द्वानी, नैनीताल
आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026
रोजगार सहायता प्रशिक्षण उपरांत रोजगार दिलाने में विभागीय सहायता

पात्रता — कौन कर सकता है आवेदन?

  • आवेदक उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
  • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: इंटरमीडिएट (12वीं पास)
  • आयु सीमा: 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच
  • आवेदक की वृद्धजनों की देखभाल में रुचि होनी चाहिए।

जरूरी शर्तें — आवेदन से पहले ध्यान से पढ़ें

इस प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले ये बातें जरूर समझ लें:

  • प्रशिक्षण की पूरी तीन माह की अवधि पूर्ण करना अनिवार्य है।
  • यदि कोई अभ्यर्थी प्रशिक्षण बीच में छोड़ता है, तो विभाग प्रशिक्षण पर हुए पूर्ण खर्च की वसूली कर सकता है।
  • प्रशिक्षण के बाद विभाग रोजगार दिलाने में सहायता करेगा — लेकिन यह सरकारी स्थायी नौकरी की गारंटी नहीं है। रोजगार अनुबंध (Contract) आधारित हो सकता है। अभ्यर्थी इसे ध्यान में रखकर ही आवेदन करें।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है। A-4 साइज के कागज पर संलग्न प्रारूप के अनुसार आवेदन पत्र लिखें और 30 जून 2026 तक रजिस्टर्ड / स्पीड पोस्ट द्वारा नीचे दिए गए पते पर भेजें।

आवेदन पत्र में निम्नलिखित जानकारी भरनी होगी:

  • नाम
  • लिंग (M/F)
  • जन्म तिथि
  • शैक्षिक योग्यता
  • आधार नंबर
  • मोबाइल नंबर एवं वैकल्पिक मोबाइल नंबर
  • पत्राचार का पूरा पता
  • हस्ताक्षर एवं पासपोर्ट साइज फोटो

आधिकारिक विज्ञप्ति एवं आवेदन प्रारूप यहां देखें: Geriatric Care Training Notification PDF — समाज कल्याण विभाग उत्तराखंड

Geriatric Care में करियर — आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत

भारत तेजी से एक "बूढ़े होते देश" की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2026 में देश की 60 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या लगभग 14 करोड़ से ऊपर है और संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार वर्ष 2050 तक यह संख्या 30 करोड़ से अधिक हो जाएगी। इतनी बड़ी वृद्ध आबादी की देखभाल के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति की मांग उसी अनुपात में बढ़ रही है।

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSSO) की रिपोर्टों से स्पष्ट है कि भारत में Geriatric Care यानी वृद्धजन देखभाल के क्षेत्र में प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की भारी कमी है। अस्पताल, वृद्धाश्रम, Home Care एजेंसियां और निजी परिवार — सभी जगह ऐसे लोगों की तलाश है जो बुजुर्गों की देखभाल वैज्ञानिक तरीके से कर सकें। इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रशिक्षित युवाओं को निजी अस्पतालों, NGO, सरकारी योजनाओं और होम केयर कंपनियों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

समाज कल्याण विभाग का यह प्रशिक्षण उसी राष्ट्रीय जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। तीन माह का यह प्रमाणित प्रशिक्षण आपके रेज़्यूमे में एक महत्वपूर्ण योग्यता के रूप में जुड़ेगा जो आने वाले वर्षों में और अधिक मूल्यवान होती जाएगी।

प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा?

यह प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक नहीं है — इसमें व्यावहारिक कौशल पर जोर दिया जाता है। Geriatric Care कार्यक्रमों में सामान्यतः निम्नलिखित विषय शामिल होते हैं:

  • स्वास्थ्य निगरानी: बुजुर्गों का रक्तचाप, रक्त शर्करा और नाड़ी की नियमित जांच करना, असामान्य स्थिति में तत्काल सूचना देना।
  • पोषण एवं आहार प्रबंधन: वृद्धावस्था में आहार संबंधी जरूरतें, दवाओं के साथ खानपान का तालमेल, कुपोषण की पहचान।
  • शारीरिक सहायता एवं फिजियोथेरेपी की बुनियादी जानकारी: चलने-फिरने में मदद, गिरने से बचाव, बिस्तर पर लंबे समय से लेटे रोगियों की देखभाल।
  • मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक सहयोग: अकेलेपन, अवसाद और भूलने की बीमारी (Dementia) के लक्षणों को समझना और उचित व्यवहार करना।
  • आपातकालीन प्रबंधन: प्राथमिक उपचार, CPR की बुनियादी जानकारी और अस्पताल पहुंचने से पहले की तैयारी।
  • दस्तावेजीकरण: देखभाल से जुड़े रिकॉर्ड बनाना, दवाओं का हिसाब रखना और परिवार को नियमित अपडेट देना।

ये कौशल न केवल सरकारी रोजगार में बल्कि स्वरोजगार के तौर पर भी काम आते हैं। गांव-कस्बों में बुजुर्गों के घर जाकर Home Care सेवा देना एक उभरता हुआ व्यवसाय है।

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में यह प्रशिक्षण क्यों और ज्यादा जरूरी है?

उत्तराखंड की एक कड़वी सच्चाई है — पलायन। पहाड़ी जिलों से युवा आबादी रोजगार की तलाश में मैदानों और महानगरों की ओर जा रही है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा भुगत रहे हैं गांव में अकेले रह गए बुजुर्ग। टिहरी, पौड़ी, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर जैसे जिलों में ऐसे गांव हैं जहां केवल वृद्ध दंपत्ति या अकेली वृद्धा माताएं रह रही हैं।

इन इलाकों में अस्पताल दूर हैं, डॉक्टर कम हैं और परिवार के सदस्य पास नहीं हैं। ऐसे में एक प्रशिक्षित Geriatric Care कार्यकर्ता न केवल रोजगार पाता है बल्कि समाज की एक असली जरूरत पूरी करता है

राज्य सरकार की यह पहल उसी दिशा में एक कदम है — स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करके उन्हें अपने ही क्षेत्र में टिकाए रखना और बुजुर्गों को उनके घर के पास ही देखभाल उपलब्ध कराना। RTE Admissionउत्तराखंड में सरकार की ऐसी अन्य सामाजिक योजनाओं की जानकारी के लिए aapbiti.com पर नजर रखें।

पता और संपर्क जानकारी

निदेशक, समाज कल्याण, उत्तराखंड
मानपुर पूरब, रामपुर रोड, हल्द्वानी (नैनीताल) — 263139

उत्तराखंड सरकार की अन्य छात्रवृत्ति एवं प्रशिक्षण योजनाओं की ताजा जानकारी के लिए पढ़ें: SCERT मेधावी छात्रवृत्ति 2026 — उत्तराखंड और उत्तराखंड के युवाओं के लिए अन्य सरकारी अवसर।

Shakti Rao Mani

Shakti Rao Mani शिक्षा नीति, सरकारी योजनाओं और उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा तंत्र पर विशेष रूप से लिखते हैं। Aapbiti के Education Unit से जुड़े हैं और अभिभावकों व छात्रों तक सटीक एवं उपयोगी जानकारी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

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