NCERT AI Module 2026: कक्षा 9 से 12 के लिए Computational Thinking और AI मॉड्यूल की पूरी जानकारी
यह लेख NCERT द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए Computational Thinking (CT) और Artificial Intelligence (AI) परिचयात्मक मॉड्यूल की सरल और स्पष्ट जानकारी देता है। इसमें मॉड्यूल की मुख्य विशेषताएं, बिना कंप्यूटर के सीखने के तरीके, और NEP 2020 से इसके संबंध को विस्तार से समझाया गया है।
NCERT AI Module 2026 को लेकर 23 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने माध्यमिक स्तर यानी कक्षा 9 से 12 के लिए Computational Thinking (CT) और Artificial Intelligence (AI) पर एक परिचयात्मक मॉड्यूल विकसित किया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की परिकल्पना के अनुरूप है।
इस लेख में हम सरल भाषा में बताएंगे कि मॉड्यूल में क्या पुष्ट है और क्या अभी स्पष्ट नहीं है। अधिक शिक्षा समाचार के लिए आप Aapbiti शिक्षा समाचार पेज भी देख सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Highlights)
- NCERT ने कक्षा 9 से 12 के लिए CT और AI पर परिचयात्मक मॉड्यूल विकसित किया है, घोषणा की तारीख 23 अक्टूबर 2026।
- मॉड्यूल उन छात्रों के लिए है जिन्हें AI का पूर्व ज्ञान नहीं है।
- सीखना गतिविधि आधारित है और डिजिटल उपकरणों के साथ या बिना संभव है।
- डेटा प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर है।
- प्रेस विज्ञप्ति में इसे अनिवार्य घोषित करने या लागू होने की तारीख का उल्लेख नहीं है।
इस लेख की जानकारी का आधार
लेख का मुख्य आधार NCERT की 23 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति है। अतिरिक्त संदर्भ के लिए CBSE परिपत्र, शिक्षा मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति और कुछ समाचार रिपोर्टें देखी गई हैं। हमने मॉड्यूल की पूरी पाठ्य-सामग्री की स्वतंत्र समीक्षा नहीं की है, इसलिए अध्याय या मूल्यांकन के बारे में कोई दावा नहीं किया गया है।
NCERT AI Module 2026 क्या है?
यह कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार किया गया एक परिचयात्मक (introductory) मॉड्यूल है। परिचयात्मक का अर्थ है कि यह विषय की शुरुआती समझ देने के लिए है, किसी उन्नत कोर्स के रूप में नहीं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इसे ऐसे छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिन्हें AI की पहले से जानकारी नहीं है।
मॉड्यूल Computational Thinking को समस्या हल करने के एक व्यवस्थित तरीके के रूप में पेश करता है। साथ ही यह छात्रों को समझाता है कि AI कैसे काम करता है, उसके उपयोग क्या हैं, उससे क्या संभावनाएं हैं और उसकी सीमाएं क्या हैं।
आज स्कूली छात्रों के लिए AI की समझ क्यों जरूरी है
छात्र आज सर्च, अनुवाद, वीडियो सुझाव और चैटबॉट जैसे कई साधनों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से अनेक में AI की भूमिका होती है। नतीजों की जांच करना सीखकर वे समझदार उपयोगकर्ता बन सकते हैं। यह सामान्य शैक्षिक तर्क है, प्रेस विज्ञप्ति का कथन नहीं।
क्या पुष्ट है और क्या नहीं
- प्रेस विज्ञप्ति से पुष्ट: मॉड्यूल का नाम, लक्षित कक्षाएं (9 से 12), उद्देश्य, सीखने का तरीका, नैतिक और सुरक्षित AI उपयोग पर जोर और NEP 2020 से जुड़ाव।
- मीडिया रिपोर्टों में उल्लेख: कई समाचार रिपोर्टों में इसे 20 घंटे का मॉड्यूल बताया गया है, जो IIT मद्रास और IIT जोधपुर के सहयोग से बना है। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है, इसलिए इसे रिपोर्टों पर आधारित मानें।
- अभी स्पष्ट नहीं: प्रेस विज्ञप्ति में परीक्षा पैटर्न, अंक, अनिवार्यता और लागू करने की समय-सारणी का जिक्र नहीं है।
Computational Thinking (CT) क्या है?
Computational Thinking यानी किसी समस्या को इस तरह सोचकर हल करना कि उसका समाधान साफ, क्रमबद्ध और परखा जा सके। इसे अक्सर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग से जोड़ दिया जाता है, लेकिन यह केवल कोडिंग नहीं है। यह सोचने की एक विधि है जिसका उपयोग गणित, विज्ञान, भाषा और रोजमर्रा के फैसलों में भी हो सकता है। CT के आमतौर पर माने जाने वाले चरण ये हैं:
- समस्या को छोटे भागों में बांटना: बड़ी समस्या को आसान टुकड़ों में तोड़ना।
- पैटर्न पहचानना: समानताओं और दोहराव को ढूंढना।
- जरूरी जानकारी पर ध्यान देना: गैर-जरूरी बातों को छोड़कर मुख्य बिंदु चुनना।
- चरणबद्ध हल बनाना: क्रम से लिखे निर्देश, जिन्हें एल्गोरिदम कहते हैं।
- जांचना और सुधारना: हल को परखना और गलती मिलने पर बेहतर करना।
रोजमर्रा के उदाहरण
ये उदाहरण समझाने के लिए दिए गए हैं, ये मॉड्यूल की गतिविधियां नहीं हैं।
- परीक्षा की तैयारी: पूरा पाठ्यक्रम एक साथ पढ़ना कठिन लगता है। उसे अध्यायों और फिर विषयों में बांटकर रोज का लक्ष्य तय करना समस्या को छोटे भागों में बांटना है। पिछले साल के प्रश्नों में दोहराए जाने वाले विषय पहचानना पैटर्न पहचानना है।
- स्कूल का रास्ता: निकलने का समय और रास्ता तय करना एल्गोरिदम जैसा है। जाम मिले तो रास्ता बदलना हल को सुधारना है।
Artificial Intelligence (AI) क्या है?
Artificial Intelligence ऐसी कंप्यूटर प्रणालियों को कहते हैं जो डेटा से सीखकर पैटर्न पहचानती हैं और उसके आधार पर अनुमान, सुझाव या जवाब देती हैं। उदाहरण: कीबोर्ड में अगला शब्द सुझाना, भाषा अनुवाद और वीडियो ऐप के सुझाव।
पारंपरिक कंप्यूटर प्रोग्राम में प्रोग्रामर हर स्थिति के लिए नियम लिखता है। कई AI प्रणालियों में नियम पहले से पूरी तरह लिखे नहीं होते, बल्कि प्रणाली बहुत से उदाहरणों से पैटर्न सीखती है।
अवसर और सीमाएं
AI तेजी से जानकारी छांट सकता है और काम आसान बना सकता है। लेकिन वह हमेशा सही नहीं होता। वह गलत या अधूरा जवाब आत्मविश्वास से दे सकता है, प्रशिक्षण डेटा में कमी होने पर पक्षपात दिखा सकता है और इंसान की तरह समझकर नहीं सोचता। इसलिए प्रेस विज्ञप्ति में AI की संभावनाओं के साथ उसकी सीमाओं को समझाने पर भी जोर दिया गया है।
NCERT के नए मॉड्यूल की प्रमुख विशेषताएं
नीचे की तालिका में वही विशेषताएं हैं जिनका उल्लेख प्रेस विज्ञप्ति में मिलता है।
| विशेषता | प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विवरण |
|---|---|
| लक्षित स्तर | माध्यमिक स्तर, कक्षा 9 से 12 |
| किनके लिए | जिन छात्रों को AI का पूर्व ज्ञान नहीं है |
| मुख्य फोकस | आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, समस्या समाधान और उभरती तकनीकों का जिम्मेदार उपयोग |
| CT का परिचय | समस्या हल करने के व्यवस्थित तरीके के रूप में |
| AI की समझ | AI कैसे काम करता है, उसके उपयोग, संभावनाएं और सीमाएं |
| सीखने का तरीका | अनुभव और गतिविधि आधारित: चर्चा, व्यावहारिक अभ्यास, प्रयोग और चिंतन |
| उपकरण | गतिविधियां डिजिटल उपकरणों के साथ या बिना, ताकि अलग-अलग स्कूलों में सार्थक भागीदारी हो सके |
| नैतिक और सुरक्षित उपयोग | डेटा प्राइवेसी, गलत सूचना, निष्पक्षता, डिजिटल सुरक्षा और AI से मिली जानकारी का सावधानी से सत्यापन |
कक्षा 9 से 12 के छात्रों को क्या फायदा होगा?
मॉड्यूल के घोषित उद्देश्य आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, समस्या समाधान और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग हैं। इनके आधार पर ये संभावित लाभ हो सकते हैं, गारंटीशुदा परिणाम नहीं:
- तार्किक सोच और समस्या हल करने की क्षमता में सुधार।
- डिजिटल तकनीक के बारे में बेहतर जागरूकता।
- AI टूल के जवाबों को परखने की आदत।
- आगे की पढ़ाई और तकनीक से जुड़े करियर के लिए आधार।
कक्षा 9 के छात्र नई किताबों और पाठ्यक्रम के बारे में हमारा लेख NCERT कक्षा 9 की नई किताब भी पढ़ सकते हैं।
स्कूलों में AI की पढ़ाई कैसे हो सकती है?
गतिविधि आधारित शिक्षा में छात्र सुनने के बजाय करके सीखते हैं। नीचे दिए गए उदाहरण केवल सुझाव हैं और ये आधिकारिक मॉड्यूल की पुष्ट गतिविधियां नहीं हैं।
- चरणबद्ध निर्देश लिखना: चाय बनाने या पौधे में पानी देने जैसे काम के निर्देश क्रम से लिखना और साथी से उन्हें जांचवाना।
- सुझाव प्रणाली पर चर्चा: वीडियो या शॉपिंग ऐप आपको सुझाव कैसे दिखाते हैं, इस पर कक्षा में बातचीत।
- AI जवाब की जांच: किसी AI उत्तर की तुलना पाठ्यपुस्तक या भरोसेमंद संदर्भ सामग्री से करना और अंतर लिखना।
शिक्षक शिक्षण-विधियों के प्रशिक्षण के लिए NCERTX पर शिक्षक कोर्स की जानकारी भी देख सकते हैं।
बिना कंप्यूटर के भी Computational Thinking कैसे सीख सकते हैं?
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गतिविधियां डिजिटल उपकरणों के साथ या उनके बिना कराई जा सकती हैं। इसका अर्थ है कि जिन स्कूलों में कंप्यूटर या इंटरनेट सीमित है, वहां भी सार्थक भागीदारी संभव है। CT की मूल बात सोचने का तरीका है, मशीन नहीं। इसलिए छात्र ये तरीके अपना सकते हैं:
- कागज पर समस्या को भागों में बांटकर चित्र या फ्लो-चार्ट बनाना।
- समूह चर्चा में अलग-अलग हल सुनना और तुलना करना।
- किसी काम की योजना कदम-दर-कदम लिखना और फिर उसमें सुधार करना।
AI का सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल क्यों जरूरी है?
प्रेस विज्ञप्ति में नैतिक और सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर है, जिसमें डेटा प्राइवेसी, गलत सूचना, निष्पक्षता, डिजिटल सुरक्षा और AI द्वारा बनाई गई जानकारी का आलोचनात्मक सत्यापन शामिल है। इसमें यह भी दोहराया गया है कि मानवीय विवेक, रचनात्मकता और नैतिक जिम्मेदारी सीखने के केंद्र में रहती है।
छात्रों के लिए व्यावहारिक सावधानियां
ये सामान्य सुझाव हैं, आधिकारिक निर्देश नहीं।
- निजी जानकारी साझा न करें: पासवर्ड, OTP, आधार या बैंक विवरण और पहचान पत्र की फोटो किसी AI टूल या ऐप में अनावश्यक रूप से न डालें।
- जांचकर भरोसा करें: जरूरी जानकारी को पाठ्यपुस्तक, सरकारी वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोत से मिलाएं।
- बिना सोचे आगे न भेजें: संदिग्ध फोटो, वीडियो या संदेश साझा करने से पहले जांचें।
NEP 2020 और AI Education का क्या संबंध है?
NEP 2020 में स्कूली शिक्षा में गणित और Computational Thinking पर अधिक जोर देने की बात कही गई है। लोकसभा के एक उत्तर में भी इसका उल्लेख है कि नीति AI जैसी तकनीकों के लिए कौशल-आधारित कार्यबल और गणितीय व कम्प्यूटेशनल सोच को महत्व देती है। नीति का दस्तावेज शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
वहीं, NEP 2020 ने इसी विशेष मॉड्यूल को अनिवार्य नहीं किया है। प्रेस विज्ञप्ति केवल यह कहती है कि मॉड्यूल नीति की परिकल्पना के अनुरूप है। शिक्षा मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में AI और CT को कक्षा 3 से शुरू करने की घोषणा की थी, और CBSE ने अप्रैल 2026 में कक्षा 3 से 8 का पाठ्यक्रम जारी किया।
क्या यह मॉड्यूल सभी स्कूलों में अनिवार्य होगा?
प्रेस विज्ञप्ति में अनिवार्यता, सभी स्कूलों में लागू होने या किसी समय-सारणी का उल्लेख नहीं है। इसलिए उपलब्ध घोषणा के आधार पर इन विवरणों की पुष्टि नहीं होती।
CBSE के 9 अप्रैल 2026 के परिपत्र (Acad-18/2026) में लिखा है कि NCERT सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 हेतु CT और AI के मॉड्यूल उपलब्ध कराएगा, जिन्हें आंतरिक मूल्यांकन के लिए मॉड्यूल के रूप में पढ़ाया जाएगा। परिपत्र के अनुसार सत्र 2026-27 से कक्षा 9 के लिए पहले से चल रहे अन्य AI पाठ्यक्रम बंद किए जा रहे हैं, जबकि कक्षा 10 के छात्र पिछले सत्र की योजना पर ही चलेंगे।
यह परिपत्र CBSE से संबद्ध स्कूलों के लिए है। अन्य बोर्ड के स्कूलों की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए अपने बोर्ड या स्कूल से नवीनतम सूचना जरूर लें।
छात्रों और शिक्षकों को आगे क्या करना चाहिए?
ये सामान्य सुझाव हैं, कोई आधिकारिक निर्देश नहीं।
- छात्र: तार्किक सोच की पहेलियों और बुनियादी AI अवधारणाओं से शुरुआत कर सकते हैं, और AI से मिली जानकारी को जांचने की आदत डालें।
- शिक्षक: गतिविधि आधारित शिक्षण के तरीके आजमा सकते हैं और कंप्यूटर के बिना होने वाली गतिविधियां भी तैयार रख सकते हैं।
- अभिभावक: बच्चों को तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने और निजी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
- सभी पाठक: मॉड्यूल की उपलब्धता और लागू होने से जुड़ी जानकारी के लिए NCERT और अपने बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।
NCERT से जुड़ी अन्य खबरों के लिए कक्षा 9 की नई किताबों की खबर भी पढ़ें। कक्षा के अनुसार नोट्स के लिए NCERT Solutions पेज देखें।
महत्वपूर्ण बातें एक नजर में
- मॉड्यूल कक्षा 9 से 12 के लिए है और AI के पूर्व ज्ञान की जरूरत नहीं है।
- सीखना गतिविधि आधारित है और डिवाइस के साथ या बिना संभव है।
- 20 घंटे और IIT की भागीदारी मीडिया रिपोर्टों में है, प्रेस विज्ञप्ति में नहीं।
- प्रेस विज्ञप्ति में अनिवार्यता या लागू होने की तारीख नहीं बताई गई।
निष्कर्ष
NCERT AI Module 2026 स्कूली शिक्षा में AI को डर या आकर्षण के बजाय समझ के साथ अपनाने की कोशिश है। घोषणा का केंद्र Computational Thinking, AI की जागरूकता, समस्या समाधान, गतिविधि आधारित सीखना और तकनीक का जिम्मेदार उपयोग है। जब तक अनिवार्यता और क्रियान्वयन की आधिकारिक जानकारी नहीं आती, पाठकों को केवल पुष्ट बातों पर भरोसा करना चाहिए और अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोत देखते रहना चाहिए।
आधिकारिक स्रोत और संदर्भ
- NCERT प्रेस विज्ञप्ति, दिनांक 23-10-2026।
- NCERT वेबसाइट पर सूचीबद्ध मॉड्यूल की PDF (इस लेख में PDF की पूरी समीक्षा नहीं की गई है)।
- CBSE परिपत्र Acad-18/2026, दिनांक 9 अप्रैल 2026
- शिक्षा मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति (PIB), 1 अप्रैल 2026
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, शिक्षा मंत्रालय
- Free Press Journal की रिपोर्ट (20 घंटे के मॉड्यूल की जानकारी)
- Aapbiti के आधिकारिक सरकारी स्रोत
Comments (0)