कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 8 द्रव्य की प्रकृति: तत्व, यौगिक और मिश्रण नोट्स (चित्र सहित हल)
इस पोस्ट में NCERT जिज्ञासा कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 8 "द्रव्य की प्रकृति: तत्व, यौगिक और मिश्रण" के हस्तलिखित शैली के नोट्स हैं। इसमें मिश्रण (समरूप व विषमरूप), मिश्रधातु, शुद्ध पदार्थ, तत्व, यौगिक और खनिज की परिभाषाएँ, पाठ के चित्र और सभी 12 अभ्यास प्रश्नों के हल दिए गए हैं।
कक्षा 8 विज्ञान (जिज्ञासा) — अध्याय 8
द्रव्य की प्रकृति : तत्व, यौगिक और मिश्रण
द्रव्य की प्रकृति : तत्व, यौगिक और मिश्रण
✍ हस्तलिखित नोट्स
? इसी कक्षा के अन्य अध्यायों के नोट्स
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द्रव्य = प्रत्येक वह वस्तु जिसमें द्रव्यमान होता है और जो स्थान घेरती है। सभी द्रव्य सूक्ष्म कणों से बने हैं (विस्तार से पढ़ें: द्रव्य की कणीय प्रकृति — अध्याय 7 नोट्स)। प्रकाश, ऊष्मा, विद्युत, विचार व भावनाएँ द्रव्य नहीं हैं।
8.1 मिश्रण क्या हैं?
मिश्रण — दो या दो से अधिक पदार्थों को मिलाने पर, जहाँ प्रत्येक पदार्थ अपने गुणधर्म बनाए रखता है। उदा. पोहा, सलाद, चीनी का घोल, सूप, शिकंजी।
घटक — मिश्रण बनाने वाले विशिष्ट पदार्थ। घटक आपस में रासायनिक अभिक्रिया नहीं करते।
विषमरूप मिश्रण — जिसके घटक नग्न आँखों या आवर्धक यंत्र से अलग-अलग दिखते हैं। उदा. अंकुरित सलाद, रेत+जल, तेल+जल, गंदला जल।
समरूप मिश्रण — जिसके घटक समान रूप से वितरित होते हैं, सूक्ष्मदर्शी से भी भेद नहीं किया जा सकता। उदा. चीनी+जल, वायु, समुद्री जल, सिरका+जल।
मिश्रधातु — धातुओं (या धातु+अल्प अधातु) का समरूप मिश्रण। स्टेनलेस स्टील = लोहा+निकेल+क्रोमियम+कार्बन; पीतल = ताँबा+जस्ता; काँसा = ताँबा+टिन। (प्राचीन नाम: मिश्रलोह; काँसा = ताम्र 4 भाग + वंग 1 भाग; ग्रंथ: चरकसंहिता, सुश्रुतसंहिता, रसरत्नसमुच्चय)
8.1.1 वायु — नाइट्रोजन (लगभग 78%), ऑक्सीजन, आर्गन, CO₂ व जलवाष्प का समरूप मिश्रण। ऑक्सीजन जीवन व दहन में सहायक; नाइट्रोजन दहन में सहायक नहीं।
क्रियाकलाप 8.1: गिलास में जल + थोड़ा कैल्सियम ऑक्साइड (क्विक लाइम) → कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (ऊष्मा मुक्त) → छानने पर रंगहीन चूने का जल। वायु के संपर्क में रखने पर दूधिया हो जाता है ⇒ वायु में CO₂ है।
कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + CO₂ → कैल्सियम कार्बोनेट (सफेद, अघुलनशील) + जल
क्रियाकलाप 8.2: काला पत्रक खुली खिड़की/वाटिका में कुछ घंटे रखने पर उस पर धूल के कण जम जाते हैं ⇒ धूल वायु का अभिन्न अंग नहीं, प्रदूषक है।
एक सोपान ऊपर: प्रमुख प्रदूषक — धूल, कालिख, CO, ओजोन, NO₂, SO₂। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) से वायु की गुणवत्ता मापी जाती है।
8.1.2 मिश्रण के प्रकार (तालिका 8.1 पूर्ण)
| क्र. | प्रकार | उदाहरण | समरूप/विषमरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | गैस+गैस | वायु | समरूप |
| 2 | गैस+द्रव | सोडा जल / जल में घुली ऑक्सीजन | समरूप / समरूप |
| 3 | ठोस+गैस | वायु में कार्बन कण (धुआँ) | विषमरूप |
| 4 | द्रव+द्रव | जल में सिरका / तेल और जल | समरूप / विषमरूप |
| 5 | ठोस+द्रव | रेत और जल / समुद्री जल | विषमरूप / समरूप |
| 6 | ठोस+ठोस | बेकिंग पाउडर / मिश्रधातु | विषमरूप / समरूप |
पृथक्करण — मिश्रण के घटकों को अलग करना। विज्ञान में मूल उद्देश्य शुद्ध पदार्थ प्राप्त करना है।
8.2 शुद्ध पदार्थ क्या हैं?
शुद्ध (सामान्य अर्थ) — मिलावट रहित उत्पाद (जैसे दूध, घी, हल्दी)।
मिलावट — उत्पाद में सस्ते/निम्न स्तर के पदार्थ मिलाने की अवैध प्रक्रिया; गुणवत्ता घटती है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
शुद्ध पदार्थ (वैज्ञानिक) — वह द्रव्य जिसे किसी भी भौतिक प्रक्रिया द्वारा अन्य प्रकार के द्रव्यों से अलग नहीं किया जा सकता; इसमें एक ही प्रकार के कण होते हैं। जो उत्पाद एक से अधिक पदार्थों से बना हो वह अशुद्ध है।
एक सोपान ऊपर: दूध, डिब्बाबंद फलों का रस, मृदा = मिश्रण; बेकिंग सोडा, चीनी = शुद्ध पदार्थ (यौगिक)।
8.3 शुद्ध पदार्थों के प्रकार
बर्फ ⇄ जल ⇄ वाष्प में जल के कण समान रहते हैं। क्रियाकलाप 8.3 (निदर्शन): 9V बैटरी को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की बूँदों वाले जल में रखें, जल से भरी दो परखनलियाँ टर्मिनलों पर उलटी रखें → 10–15 मिनट में गैस के बुलबुले एकत्र होते हैं (एक में आयतन दोगुना)। (सावधानी: शिक्षक की देखरेख में, लिथियम-आयन बैटरी नहीं)
✎ हाइड्रोजन: जलती तीली पास लाने पर फट् ध्वनि के साथ जलती है।
✎ ऑक्सीजन: जलती मोमबत्ती की लौ अधिक प्रदीप्त हो जाती है।
✎ ये गैसें जलवाष्प नहीं हैं (जलवाष्प संघनित होकर जल बन जाती)।
जल → हाइड्रोजन + ऑक्सीजन (रासायनिक परिवर्तन)
8.3.1 तत्व
तत्व — ऐसा शुद्ध पदार्थ जिसे और सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता; सभी पदार्थों के निर्माण खंड। उदा. हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, सोना, चाँदी, सल्फर, कार्बन।
परमाणु — तत्व का समान कण; एक तत्व के परमाणु दूसरे तत्व से भिन्न होते हैं।
अणु — अधिकांश तत्वों के परमाणु अकेले नहीं रहते; दो या अधिक परमाणु मिलकर स्थायी कण (अणु) बनाते हैं। उदा. H₂, O₂।
| वर्ग | विवरण / उदाहरण |
|---|---|
| धातु | सोना, चाँदी, मैग्नीशियम, लोहा, ऐलुमिनियम |
| अधातु | कार्बन, सल्फर, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन |
| उपधातु | धातु व अधातु के मध्यवर्ती गुण — सिलिकॉन, बोरॉन |
एक सोपान ऊपर: ज्ञात तत्व 118, अधिकांश ठोस • कक्ष ताप पर 11 तत्व गैस (सब अधातु: O₂, He, N₂ आदि) • केवल 2 तत्व द्रव — पारा (धातु) व ब्रोमीन (अधातु) • गैलियम व सीजियम ठोस हैं पर लगभग 30°C पर द्रव हो जाते हैं • मोबाइल फोन में 45+ तत्व (ऐलुमिनियम, ताँबा, सिलिकॉन, कोबाल्ट, लीथियम, सोना, चाँदी आदि) प्रयुक्त होते हैं।
8.3.2 यौगिक
यौगिक — दो या अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बना पूर्णतया नया शुद्ध पदार्थ। इसके गुण घटक तत्वों के गुणों से भिन्न होते हैं और घटकों को भौतिक विधि से अलग नहीं किया जा सकता।
✎ जल — H : O परमाणु = 2 : 1 (H आग का ईंधन, O दहन-सहायक, पर जल आग बुझाता है)।
✎ सोडियम क्लोराइड (नमक) — सोडियम (नरम धातु) + क्लोरीन (हानिकारक गैस) = 1 : 1; जीवन के लिए आवश्यक। घुला नमक वाष्पीकरण से जल से अलग होता है, पर घटक तत्वों में भौतिक विधि से नहीं।
क्रियाकलाप 8.4 (शिक्षक की उपस्थिति में): क्वथन नली में एक चम्मच चीनी धीरे-धीरे गरम करें → भूरी → काली (कार्बन/चारकोल); नली के ऊपरी भाग में जल की बूँदें। ⇒ चीनी विघटित होकर कार्बन + जल देती है; जल में H व O हैं, अतः चीनी यौगिक है (C, H, O)।
क्रियाकलाप 8.5 (निदर्शन): 5.6 g लौह चूर्ण (Fe) + 3.2 g सल्फर (S) — हवादार स्थान में, गैस न सूँघें।
| प्रयोग | प्रतिदर्श ‘अ’ (मिश्रण) | प्रतिदर्श ‘ब’ (यौगिक) |
|---|---|---|
| स्वरूप: रंग | काले व पीले कण मिले-जुले | एकसमान काला |
| बनावट | विषमरूप, दोनों अलग दिखते | सर्वत्र एकसमान |
| चुंबकीय परीक्षण | लोहे के कण चुंबक से चिपकते हैं | कोई प्रभाव नहीं |
| तनु HCl डालने पर | बुलबुले; रंगहीन गंधहीन गैस (H₂), ‘फट्’ ध्वनि से जलती; सल्फर पीला ठोस बचता है | रंगहीन गैस (H₂S), सड़े अंडे जैसी गंध; फट् ध्वनि नहीं |
अ: आयरन + तनु HCl → आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस (सल्फर अभिक्रिया नहीं करता)
ब: आयरन सल्फाइड + तनु HCl → आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन सल्फाइड
बनना: आयरन + सल्फर (गरम करने पर) → आयरन सल्फाइड। ‘ब’ पर चुंबक का प्रभाव नहीं क्योंकि लोहा अब स्वतंत्र नहीं, यौगिक में संयुक्त है।
ब: आयरन सल्फाइड + तनु HCl → आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन सल्फाइड
बनना: आयरन + सल्फर (गरम करने पर) → आयरन सल्फाइड। ‘ब’ पर चुंबक का प्रभाव नहीं क्योंकि लोहा अब स्वतंत्र नहीं, यौगिक में संयुक्त है।
8.4 तत्वों, यौगिकों व मिश्रणों का उपयोग
✎ वायु = मिश्रण; जल = यौगिक; लोहा, एलुमिनियम तत्व — पुल, भवन, वाहन।
✎ रसायनज्ञ यौगिक बनाना सीखकर जीवन-रक्षक दवाएँ, वैक्सीन व उर्वरक बनाते हैं।
✎ अभियंता स्टेनलेस स्टील जैसी मिश्रधातु बनाते हैं जो शुद्ध लोहे से अधिक सुदृढ़ व टिकाऊ है। लकड़ी, स्टील, कंक्रीट मिश्रण हैं।
ग्रैफीन एरोजेल: कार्बन से बना, पृथ्वी का सबसे हल्का पदार्थ; अत्यधिक छिद्रदार, अवशोषण क्षमता उच्च — समुद्र/भूमि पर तेल रिसाव साफ करने व ऊर्जा बचाने वाले लेपों में उपयोगी।
8.5 खनिज क्या हैं?
खनिज — पृथ्वी पर पाए जाने वाले प्राकृतिक ठोस पदार्थ जिनका निश्चित रासायनिक संघटन होता है। अधिकांशतः यौगिक, कदाचित शुद्ध तत्व।
मूल खनिज — जो यौगिक नहीं, शुद्ध तत्व हैं — सोना, चाँदी, ताँबा, सल्फर, कार्बन।
चट्टानें खनिजों का मिश्रण होती हैं। उदा. क्वार्ट्ज, कैल्साइट, अभ्रक, पाइरॉक्सीन, ओलीवाइन, टैल्क (टैल्कम पाउडर)। सीमेंट = कैल्साइट + क्वार्ट्ज + ऐलुमिना + आयरन ऑक्साइड।
ढोकरा कला (बिहार/ओडिशा की जनजातीय कला): मोम का साँचा → उस पर मृदा का लेप → सूखने पर मोम पिघलाकर निकालते हैं → खोखले स्थान में पिघला पीतल/काँसा भरते हैं। तत्वों, यौगिकों व मिश्रणों का उपयोग।
स्मरणीय बिंदु (तुलना)
| आधार | तत्व | यौगिक | मिश्रण |
|---|---|---|---|
| घटक | एक ही प्रकार के परमाणु | 2+ तत्व, निश्चित अनुपात | 2+ पदार्थ, कोई भी अनुपात |
| गुण | स्वयं के | घटकों से भिन्न | घटकों के गुण बने रहते हैं |
| पृथक्करण | सरल पदार्थ में नहीं टूटता | रासायनिक विधि से | भौतिक विधि से |
| शुद्धता | शुद्ध | शुद्ध | अशुद्ध |
| उदा. | Fe, O₂, Au | जल, NaCl, चीनी | वायु, पीतल, सलाद |
अपनी जिज्ञासा बनाए रखें — हल प्रश्नोत्तर
प्र.1 ‘अ’+‘ब’→‘स’; अ, ब को सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता।
उत्तर: सही कथन (घ) — ‘अ’ और ‘ब’ तत्व हैं, ‘स’ यौगिक है तथा इसका संघटन निश्चित है। (तत्व टूटते नहीं; तत्वों से बना यौगिक निश्चित अनुपात में बनता है।)
प्र.2 अभिकथन: वायु मिश्रण है। कारण: मिश्रण तब बनता है जब पदार्थ बिना रासायनिक परिवर्तन के मिलते हैं।
उत्तर: (क) — दोनों सत्य हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्र.3 जल के गुण O₂ व H₂ से भिन्न हैं — पुष्टि।
उत्तर: जल आग को बुझाता है, जबकि हाइड्रोजन स्वयं ईंधन (‘फट्’ ध्वनि से जलती) है और ऑक्सीजन दहन में सहायक है। जल का विद्युत अपघटन करने पर ही H₂ व O₂ मिलती हैं, भौतिक विधि से नहीं। अतः जल यौगिक है और उसके गुण घटक तत्वों से भिन्न हैं।
प्र.4 किसमें सभी उदाहरण सही मेल खाते हैं?
उत्तर: (iii) शुद्ध पदार्थ — CO₂, लोहा, ऑक्सीजन, चीनी (सब यौगिक/तत्व)। (i) गलत: जल यौगिक, वायु मिश्रण। (ii) गलत: खनिज मिश्रण नहीं (शुद्ध पदार्थ)। (iv) गलत: वायु व पीतल समरूप मिश्रण हैं।
प्र.5 लोहा+आर्द्र वायु→आयरन ऑक्साइड; Mg+O₂→MgO — वर्गीकरण।
उत्तर: तत्व: लोहा, मैग्नीशियम, ऑक्सीजन (एक ही प्रकार के परमाणु)। यौगिक: आयरन ऑक्साइड, मैग्नीशियम ऑक्साइड (दो तत्व निश्चित अनुपात में)। मिश्रण: आर्द्र वायु (कई गैसें + जलवाष्प)।
प्र.6 तालिका 8.3 में वर्गीकरण
उत्तर: तत्व: ऐलुमिनियम, सोना, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, हाइड्रोजन। यौगिक: कार्बन डाइऑक्साइड, मैग्नीशियम ऑक्साइड, आयरन सल्फाइड, ग्लूकोस, जल, सोडियम क्लोराइड, बेकिंग सोडा, जंग (जलयोजित आयरन ऑक्साइड)। मिश्रण: रेत, समुद्री जल, गंदला जल, वायु, फलों का रस। शुद्ध पदार्थ: सभी तत्व व यौगिक।
प्र.7 लौह चूर्ण + गंधक को गरम करने पर क्या बनता है?
उत्तर: काला आयरन सल्फाइड (यौगिक) बनता है। मूल मिश्रण में लोहा चुंबक से चिपकता था व अलग किया जा सकता था; यौगिक चुंबक से आकर्षित नहीं होता, घटक अलग नहीं हो सकते, एकसमान है और HCl से H₂S (सड़े अंडे की गंध) देता है। समीकरण: आयरन + सल्फर → आयरन सल्फाइड।
प्र.8 क्या कोई पदार्थ तत्व व यौगिक दोनों हो सकता है?
उत्तर: नहीं। तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं का बना होता है और सरल पदार्थों में नहीं टूटता; यौगिक दो या अधिक तत्वों के रासायनिक संयोजन से बनता है और उन्हीं में टूटता है। दोनों परिभाषाएँ परस्पर विरोधी हैं।
प्र.9 यदि जल, H₂ व O₂ का मिश्रण होता?
उत्तर: तब H₂ व O₂ अपने गुण बनाए रखते — H₂ ज्वलनशील व O₂ दहन-सहायक होने से जल आग बुझाने के बजाय भड़का सकता, पीने/खाना पकाने/सफाई योग्य न रहता, और हाइड्रोजन-ऑक्सीजन आसानी से अलग होकर विस्फोटक हो सकते थे। जीवन प्रभावित होता।
प्र.10 चित्र 8.24 — गैस (अ) की पहचान, समीकरण।
उत्तर: गैस (अ) = हाइड्रोजन। लौह चूर्ण + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस। जलती तीली लाने पर ‘फट्’ ध्वनि से पुष्टि होती है।
प्र.11 मात्र अधातुओं से बने दो यौगिक व उनके दो-दो उपयोग।
उत्तर: (1) जल (H+O) — पीने व खाना पकाने में; सफाई/स्नान व कृषि-सिंचाई में। (2) कार्बन डाइऑक्साइड (C+O) — सोडा जल/शीतल पेय में; अग्निशामक में (पौधों के प्रकाश संश्लेषण में भी)।
प्र.12 सोने को खनिज और धातु दोनों कैसे कह सकते हैं?
उत्तर: सोना प्रकृति में पाया जाने वाला ठोस शुद्ध तत्व है जिसका निश्चित संघटन है, अतः मूल खनिज है। साथ ही यह चमकीला, आघातवर्ध्य, तन्य व ऊष्मा-विद्युत का चालक है, अतः धातु भी है। खनिज = स्रोत के आधार पर, धातु = गुणों के आधार पर वर्गीकरण।
? मूल पाठ्यपुस्तक (PDF) पढ़ें: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक
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