उत्तराखंड: 811 लेक्चरर और प्राथमिक शिक्षक पदों पर जल्द होगी भर्ती, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की घोषणा

उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भवाली के जीजीआईसी परिसर में लेक्चरर के 811 रिक्त पदों और प्राथमिक शिक्षक भर्ती को जल्द शुरू करने की घोषणा की है। इस दौरे के दौरान उन्होंने भवाली स्कूल में आधुनिक स्मार्ट क्लास लैब, बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

Jul 28, 2026 - 14:52
Updated: 9 hours ago
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उत्तराखंड 811 लेक्चरर और प्राथमिक शिक्षक भर्ती समाचार ग्राफिक बैनर
यह उत्तराखंड शिक्षक भर्ती की घोषणा को प्रदर्शित करता एक न्यूज़ बैनर है। इस ग्राफिक में 811 लेक्चरर और प्राथमिक शिक्षकों की जल्द होने वाली भर्ती की खबर को मुख्य रूप से हाइलाइट किया गया है। •ai generated

उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को भवाली स्थित जीजीआईसी (राजकीय बालिका इंटर कॉलेज) परिसर में घोषणा की कि प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर के 811 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। मंत्री ने यह बात 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद कही।

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मंत्री की यह घोषणा उन हजारों बीएड और डीएलएड प्रशिक्षित युवाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से लेक्चरर, डीएलएड और प्राथमिक शिक्षक भर्तियों का इंतजार कर रहे थे। उत्तराखंड के कई राजकीय इंटर कॉलेजों में लेक्चरर के पद खाली होने के कारण विषयवार पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, विशेषकर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में यह समस्या अधिक गंभीर बनी हुई थी।

भवाली में मंत्री का दौरा और पौधरोपण कार्यक्रम

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सोमवार को भवाली के जीजीआईसी परिसर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने पारंपरिक कुमाऊंनी वेशभूषा में मंत्री का भव्य स्वागत किया। स्वागत के बाद मंत्री ने विद्यालय परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध संसाधनों तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चला रहा है और सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं तथा कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे अपनी मां के सम्मान में एक पौधा अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यालयों को हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाना भी है।

लेक्चरर के 811 पदों पर भर्ती जल्द

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर के 811 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। प्रदेश के विभिन्न राजकीय इंटर कॉलेजों में लंबे समय से लेक्चरर के पद खाली पड़े हैं, जिसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। मंत्री ने कहा कि विभाग रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहा है और इसी क्रम में यह भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

इसके साथ ही डॉ. रावत ने यह भी घोषणा की कि डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) और प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भी जल्द भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, ताकि बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित न हो।

भर्ती से जुड़ी मुख्य घोषणाएं

घोषणा विवरण
लेक्चरर भर्ती 811 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू
डीएलएड शिक्षक रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे
प्राथमिक शिक्षक रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे
विभाग माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा विभाग, उत्तराखंड

प्रदेश में शिक्षकों की कमी की स्थिति

उत्तराखंड के राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की समस्या नई नहीं है। पर्वतीय जिलों जैसे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के कई विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में छात्र-छात्राओं को कोचिंग या स्वाध्याय पर निर्भर रहना पड़ता है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर के इंटर कॉलेजों में लेक्चरर स्तर के सैकड़ों पद वर्षों से रिक्त चल रहे हैं, जिनमें विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जाती है।

शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर राजकीय विद्यालय में स्वीकृत पदों के सापेक्ष पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि विभाग चरणबद्ध तरीके से सभी रिक्त पदों को भरने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें लेक्चरर के साथ-साथ प्रवक्ता, सहायक अध्यापक और प्राथमिक शिक्षकों के पद भी शामिल हैं।

भवाली स्कूल के लिए नई सुविधाओं की घोषणा

शिक्षा मंत्री ने भवाली के इसी विद्यालय परिसर में एक अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास लैब स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने जीजीआईसी और प्राथमिक विद्यालय के लिए एक संयुक्त बहुउद्देशीय हॉल बनाए जाने की भी घोषणा की, जिससे छात्राओं को खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

मंत्री के अनुसार, स्मार्ट क्लास लैब से छात्राओं को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा, जबकि बहुउद्देशीय हॉल विद्यालय की विभिन्न सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित होगा। यह घोषणा विद्यालय के भौतिक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

शिक्षाविदों का मानना है कि स्मार्ट क्लास लैब जैसी सुविधाएं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए विशेष महत्व रखती हैं, जहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को डिजिटल संसाधनों और ई-लर्निंग सामग्री के माध्यम से आंशिक रूप से पूरा किया जा सकता है। इससे छात्राओं को एनसीईआरटी आधारित डिजिटल कंटेंट, वीडियो लेक्चर और इंटरैक्टिव अध्ययन सामग्री तक पहुंच मिल सकेगी।

पेपर लीक मामलों पर सख्त प्रावधान

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार की सख्ती को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने कड़े कानून बनाए हैं। नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की व्यवस्था की गई है।

मंत्री ने बताया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी गठित किए गए हैं, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।

पेपर लीक कानून के मुख्य बिंदु

प्रावधान विवरण
अधिकतम सजा 10 वर्ष तक की कैद
अधिकतम जुर्माना 10 करोड़ रुपये तक
सुनवाई व्यवस्था फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन
उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा

पेपर लीक मामले में क्या कार्रवाई हुई है?

हाल ही में एक निजी कॉलेज में पेपर लीक मामले में शामिल प्रोफेसर और परीक्षा नियंत्रक को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की पेपर लीक के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। उत्तराखंड में बीते कुछ वर्षों में स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद राज्य सरकार ने उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत सख्त प्रावधान लागू किए। मंत्री डॉ. रावत ने दोहराया कि सरकार परीक्षाओं की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और भविष्य में भी दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और गणमान्य

भवाली में आयोजित इस कार्यक्रम में मंडल प्रभारी प्रकाश आर्या, सीईओ रणजीत सिंह नेगी, जिला शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा तथा विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रेखा आर्या सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं और शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया।

छात्रों और अभिभावकों के लिए इसका क्या मतलब है

शिक्षा मंत्री की इन घोषणाओं का सीधा लाभ प्रदेश के हजारों छात्र-छात्राओं और शिक्षक पद के लिए तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को मिलेगा। लेक्चरर, डीएलएड और प्राथमिक शिक्षकों के 811 से अधिक पदों पर भर्ती से जहां शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इसके अलावा पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे अभ्यर्थियों का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत होगा। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया न केवल विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करेगी, बल्कि प्रदेश के सरकारी शिक्षा तंत्र पर अभिभावकों और छात्रों के विश्वास को भी मजबूत करेगी। अभिभावक संगठनों ने भी मंत्री की इन घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा है कि समय पर भर्ती होने से विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

भर्ती से जुड़ी अधिसूचना कब आएगी?

शिक्षा मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही है, लेकिन अभी आधिकारिक अधिसूचना और आवेदन तिथियों की घोषणा नहीं हुई है। अभ्यर्थियों को उत्तराखंड शिक्षा विभाग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखनी चाहिए।

लेक्चरर भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता क्या होगी?

आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर ही सटीक योग्यता स्पष्ट होगी, लेकिन सामान्यतः राजकीय इंटर कॉलेजों में लेक्चरर पद के लिए संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री और बीएड अनिवार्य योग्यता मानी जाती है। कुछ पदों के लिए नेट/सेट अथवा राज्य पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना भी आवश्यक हो सकता है।

डीएलएड और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कौन आवेदन कर सकेगा?

प्राथमिक शिक्षक पद के लिए सामान्यतः डीएलएड अथवा बीटीसी उत्तीर्ण तथा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होते हैं। सटीक पात्रता शर्तें विभाग की आधिकारिक भर्ती विज्ञप्ति में स्पष्ट की जाएंगी।

पेपर लीक में शामिल पाए जाने पर क्या सजा मिलेगी?

नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थी अथवा संलिप्त व्यक्ति को अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी।

आगे क्या - अभ्यर्थियों के लिए जरूरी बातें

आधिकारिक भर्ती विज्ञप्ति जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन शुल्क से जुड़ी सभी जानकारियां संबंधित विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी। अभ्यर्थी अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखें ताकि अधिसूचना जारी होने पर आवेदन प्रक्रिया में देरी न हो। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

Frequently Asked Questions

शिक्षा मंत्री के अनुसार, प्राथमिक शिक्षकों और डीएलएड (D.El.Ed) प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के रिक्त पदों को भी जल्द भरा जाएगा।

सामान्यतः संबंधित विषय में स्नातकोत्तर (Post Graduation) और बीएड (B.Ed) की डिग्री होना अनिवार्य योग्यता मानी जाती है।

उत्तराखंड में पेपर लीक के दोषियों को अधिकतम 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जिसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।

भवाली स्कूल में एक अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास लैब स्थापित की जाएगी और खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक संयुक्त बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण किया जाएगा।
Naina Saini

"Naina Saini is an Editorial Intern at Aapbiti, specializing in publishing and managing education-focused news articles. Operating under the direct mentorship and guidance of Shakti Rao Mani, the Product Owner of aapbiti.com, Naina is dedicated to delivering accurate, timely, and engaging academic updates. Her role focuses on keeping readers informed about educational trends, exams, admissions, and key academic policies."

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