कक्षा 8 की संस्कृत पुस्तक "दीपकम्" का पंद्रहवाँ पाठ "शब्दरूपाणि" संज्ञा-शब्दों के रूप-परिवर्तन (Declension) पर आधारित एक संदर्भ-अध्याय है। इस लेख में सबसे महत्वपूर्ण शब्द-रूपों की पूरी तालिकाएँ, याद रखने की तरकीबें और अभ्यास सरल भाषा में दिए गए हैं।
पाठ का उद्देश्य क्या है?
इस पाठ का उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना है कि संस्कृत में संज्ञा-शब्द (नाम-पद) तीन लिंगों (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग), तीन वचनों (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) और आठ विभक्तियों के अनुसार कैसे बदलते हैं। यह "शब्दरूप" तालिकाएँ याद करना संस्कृत वाक्य बनाने और समझने की नींव है — बिना शब्दरूप जाने वाक्य में सही विभक्ति का प्रयोग करना कठिन है।
शब्दरूप याद करने की मूल बातें
हर शब्दरूप तालिका में 8 विभक्तियाँ (प्रथमा से सम्बोधन तक) और 3 वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) होते हैं — यानी कुल 24 रूप। शब्द जिस स्वर या व्यंजन पर समाप्त होता है, उसी के अनुसार शब्दरूप की श्रेणी तय होती है — जैसे "राम" अकारान्त पुल्लिंग है, "बालिका" आकारान्त स्त्रीलिंग है, "फल" अकारान्त नपुंसकलिंग है।
1. राम शब्द (अकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
रामः |
रामौ |
रामाः |
| द्वितीया |
रामम् |
रामौ |
रामान् |
| तृतीया |
रामेण |
रामाभ्याम् |
रामैः |
| चतुर्थी |
रामाय |
रामाभ्याम् |
रामेभ्यः |
| पञ्चमी |
रामात् |
रामाभ्याम् |
रामेभ्यः |
| षष्ठी |
रामस्य |
रामयोः |
रामाणाम् |
| सप्तमी |
रामे |
रामयोः |
रामेषु |
| सम्बोधन |
हे राम |
हे रामौ |
हे रामाः |
2. बालिका शब्द (आकारान्त स्त्रीलिंग)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
बालिका |
बालिके |
बालिकाः |
| द्वितीया |
बालिकाम् |
बालिके |
बालिकाः |
| तृतीया |
बालिकया |
बालिकाभ्याम् |
बालिकाभिः |
| चतुर्थी |
बालिकायै |
बालिकाभ्याम् |
बालिकाभ्यः |
| पञ्चमी |
बालिकायाः |
बालिकाभ्याम् |
बालिकाभ्यः |
| षष्ठी |
बालिकायाः |
बालिकयोः |
बालिकानाम् |
| सप्तमी |
बालिकायाम् |
बालिकयोः |
बालिकासु |
| सम्बोधन |
हे बालिके |
हे बालिके |
हे बालिकाः |
3. फल शब्द (अकारान्त नपुंसकलिंग)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
फलम् |
फले |
फलानि |
| द्वितीया |
फलम् |
फले |
फलानि |
| तृतीया |
फलेन |
फलाभ्याम् |
फलैः |
| चतुर्थी |
फलाय |
फलाभ्याम् |
फलेभ्यः |
| पञ्चमी |
फलात् |
फलाभ्याम् |
फलेभ्यः |
| षष्ठी |
फलस्य |
फलयोः |
फलानाम् |
| सप्तमी |
फले |
फलयोः |
फलेषु |
| सम्बोधन |
हे फल |
हे फले |
हे फलानि |
4. हरि शब्द (इकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
हरिः |
हरी |
हरयः |
| द्वितीया |
हरिम् |
हरी |
हरीन् |
| तृतीया |
हरिणा |
हरिभ्याम् |
हरिभिः |
| चतुर्थी |
हरये |
हरिभ्याम् |
हरिभ्यः |
| पञ्चमी |
हरेः |
हरिभ्याम् |
हरिभ्यः |
| षष्ठी |
हरेः |
हर्योः |
हरीणाम् |
| सप्तमी |
हरौ |
हर्योः |
हरिषु |
| सम्बोधन |
हे हरे |
हे हरी |
हे हरयः |
5. नदी शब्द (ईकारान्त स्त्रीलिंग)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
नदी |
नद्यौ |
नद्यः |
| द्वितीया |
नदीम् |
नद्यौ |
नदीः |
| तृतीया |
नद्या |
नदीभ्याम् |
नदीभिः |
| चतुर्थी |
नद्यै |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
| पञ्चमी |
नद्याः |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
| षष्ठी |
नद्याः |
नद्योः |
नदीनाम् |
| सप्तमी |
नद्याम् |
नद्योः |
नदीषु |
| सम्बोधन |
हे नदि |
हे नद्यौ |
हे नद्यः |
6. गुरु शब्द (उकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
गुरुः |
गुरू |
गुरवः |
| द्वितीया |
गुरुम् |
गुरू |
गुरून् |
| तृतीया |
गुरुणा |
गुरुभ्याम् |
गुरुभिः |
| षष्ठी |
गुरोः |
गुर्वोः |
गुरूणाम् |
| सप्तमी |
गुरौ |
गुर्वोः |
गुरुषु |
| सम्बोधन |
हे गुरो |
हे गुरू |
हे गुरवः |
7. राजन् शब्द (नकारान्त पुल्लिंग — विशेष)
| विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
| प्रथमा |
राजा |
राजानौ |
राजानः |
| द्वितीया |
राजानम् |
राजानौ |
राज्ञः |
| तृतीया |
राज्ञा |
राजभ्याम् |
राजभिः |
| षष्ठी |
राज्ञः |
राज्ञोः |
राज्ञाम् |
| सप्तमी |
राज्ञि |
राज्ञोः |
राजसु |
| सम्बोधन |
हे राजन् |
हे राजानौ |
हे राजानः |
8. माला शब्द-रूप श्रेणी (त्वरित पहचान तालिका)
| अन्त्य वर्ण |
लिंग |
उदाहरण शब्द |
| अ-कारान्त |
पुल्लिंग |
राम, बालक, छात्र, वृक्ष |
| आ-कारान्त |
स्त्रीलिंग |
बालिका, लता, रमा, सीता |
| अ-कारान्त |
नपुंसकलिंग |
फल, ज्ञान, वन, पुस्तक |
| इ-कारान्त |
पुल्लिंग |
हरि, कवि, मुनि, रवि |
| ई-कारान्त |
स्त्रीलिंग |
नदी, देवी, मति |
| उ-कारान्त |
पुल्लिंग |
गुरु, साधु, शत्रु, भानु |
| न्-कारान्त (विशेष) |
पुल्लिंग |
राजन्, आत्मन् |
अभ्यासात् जायते सिद्धिः — अभ्यास एवं हल
अभ्यास 1: सही रूप चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए
| अपूर्ण वाक्य |
सही रूप |
| ______ (राम) वनं गच्छति। (प्रथमा एकवचन) |
रामः |
| अहं ______ (बालिका) पश्यामि। (द्वितीया एकवचन) |
बालिकाम् |
| सः ______ (गुरु) नमति। (द्वितीया एकवचन) |
गुरुम् |
| बालकाः ______ (फल) खादन्ति। (द्वितीया बहुवचन) |
फलानि |
| ______ (नदी) जलं निर्मलम् अस्ति। (प्रथमा एकवचन) |
नदी |
अभ्यास 2: विभक्ति और वचन पहचानिए
| शब्द-रूप |
विभक्ति एवं वचन |
| रामेण |
तृतीया एकवचन |
| बालिकाभ्यः |
चतुर्थी/पञ्चमी बहुवचन |
| हरयः |
प्रथमा बहुवचन |
| गुरोः |
पञ्चमी/षष्ठी एकवचन |
| फलेषु |
सप्तमी बहुवचन |
परीक्षा हेतु त्वरित सुझाव
- राम, बालिका, फल — इन तीन मूल शब्दरूपों को सबसे पहले पूरी तरह कंठस्थ करें, क्योंकि बाकी सभी शब्द इन्हीं के पैटर्न पर चलते हैं।
- द्वितीया-तृतीया-चतुर्थी-पञ्चमी के द्विवचन रूप अक्सर एक जैसे होते हैं (जैसे रामाभ्याम्) — यह पैटर्न याद रखें, समय बचेगा।
- राजन् जैसे नकारान्त शब्द "विशेष" श्रेणी में आते हैं और इनके रूप सामान्य पैटर्न से अलग होते हैं — इन्हें अलग से याद करें।
- रोज़ एक शब्दरूप बोलकर (जोर से) 24 रूप दोहराने का अभ्यास करें — यह सबसे प्रभावी तरीका है।
Naina Saini
"Naina Saini is an Editorial Intern at Aapbiti, specializing in publishing and managing education-focused news articles. Operating under the direct mentorship and guidance of Shakti Rao Mani, the Product Owner of aapbiti.com, Naina is dedicated to delivering accurate, timely, and engaging academic updates. Her role focuses on keeping readers informed about educational trends, exams, admissions, and key academic policies."
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