NCERT कक्षा 10 गणित अध्याय 2 — बहुपद: शून्यकों का अर्थ, गुणांक सम्बन्ध और सम्पूर्ण हल
NCERT कक्षा 10 गणित अध्याय 2 बहुपद — शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ, α+β और αβ सूत्र, द्विघात और घन बहुपद। अभ्यास 2.1 व 2.2 के सभी प्रश्नों का चरणबद्ध हल हिंदी में।
NCERT कक्षा 10 गणित का अध्याय 2 — बहुपद (Polynomials) में तीन मुख्य विषय हैं: बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ, शून्यकों और गुणांकों का सम्बन्ध (α+β = −b/a, αβ = c/a), और द्विघात बहुपद बनाना। इस पृष्ठ पर अभ्यास 2.1 और 2.2 के सभी प्रश्नों का चरणबद्ध हल हिंदी में दिया गया है — एक भी प्रश्न या उप-भाग छूटा नहीं है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कक्षा | 10 |
| विषय | गणित (Mathematics) |
| अध्याय | 2 — बहुपद (Polynomials) |
| पाठ्यपुस्तक | NCERT (पुनर्मुद्रण 2026-27) |
| कुल अभ्यास | 2 (अभ्यास 2.1 और 2.2) |
| कुल प्रश्न | 3 (1 + 2) |
| मुख्य सूत्र | α+β = −b/a, αβ = c/a (द्विघात); α+β+γ = −b/a आदि (घन) |
| परीक्षा महत्व | बोर्ड परीक्षा में 5–8 अंक |
← अध्याय 1 — वास्तविक संख्याएँ | अध्याय 3 — दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म →
इस अध्याय को कैसे पढ़ें? पहले 2.2 (ज्यामितीय अर्थ) पढ़ें — ग्राफ से शून्यक समझें। फिर 2.3 का सूत्र (α+β और αβ) याद करें। अभ्यास 2.2 Q1 में गुणनखंड करके शून्यक निकालें और सत्यापित करें। Q2 में सीधे x² − (α+β)x + αβ सूत्र लगाएं।
2.1 परिचय — बहुपद के प्रकार और डिग्री
यदि p(x) एक बहुपद है, तो x की उच्चतम घात को उस बहुपद की डिग्री (Degree) कहते हैं। डिग्री के आधार पर बहुपदों के नाम इस प्रकार हैं:
| बहुपद का प्रकार | डिग्री | सामान्य रूप | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| रैखिक (Linear) | 1 | ax + b (a ≠ 0) | 2x − 3, √3x + 5 |
| द्विघात (Quadratic) | 2 | ax² + bx + c (a ≠ 0) | x² − 3x − 4, 2x² + 5x − 2 |
| घन (Cubic) | 3 | ax³ + bx² + cx + d (a ≠ 0) | x³ − 4x, 3x³ − 2x² + x − 1 |
बहुपद का शून्यक (Zero of a polynomial): किसी वास्तविक संख्या k को बहुपद p(x) का शून्यक कहते हैं यदि p(k) = 0।
उदाहरण: p(x) = x² − 3x − 4 में p(−1) = 1 + 3 − 4 = 0 और p(4) = 16 − 12 − 4 = 0। अतः −1 और 4 इस बहुपद के शून्यक हैं।
रैखिक बहुपद ax + b का शून्यक = −b/a (अचर पद / x का गुणांक का ऋण)।
2.2 बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ क्या है?
किसी बहुपद p(x) का शून्यक वह x-मान होता है जहाँ y = p(x) का ग्राफ x-अक्ष को काटता है। अर्थात् शून्यक = उन बिंदुओं के x-निर्देशांक जहाँ ग्राफ x-अक्ष से मिलता है।
रैखिक बहुपद का ग्राफ कैसा होता है?
y = ax + b (a ≠ 0) का ग्राफ एक सीधी रेखा होती है जो x-अक्ष को ठीक एक बिंदु पर काटती है। इसलिए रैखिक बहुपद का ठीक एक शून्यक होता है।
द्विघात बहुपद का ग्राफ — परवलय (Parabola)
y = ax² + bx + c का ग्राफ परवलय (Parabola) के आकार का होता है। यदि a > 0 तो परवलय ऊपर खुलता है (U आकार); यदि a < 0 तो नीचे खुलता है (∩ आकार)।
| स्थिति | ग्राफ की स्थिति | शून्यकों की संख्या |
|---|---|---|
| Case I | ग्राफ x-अक्ष को दो अलग बिंदुओं पर काटता है | 2 अलग शून्यक |
| Case II | ग्राफ x-अक्ष को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करता है | 1 शून्यक (दोनों बराबर) |
| Case III | ग्राफ x-अक्ष को बिल्कुल नहीं काटता | कोई शून्यक नहीं |
इस प्रकार, द्विघात बहुपद के अधिकतम 2 शून्यक हो सकते हैं।
घन बहुपद का ग्राफ
घन बहुपद y = ax³ + bx² + cx + d का ग्राफ x-अक्ष को अधिकतम 3 बिंदुओं पर काट सकता है। अतः घन बहुपद के अधिकतम 3 शून्यक होते हैं।
सामान्य नियम: n डिग्री के बहुपद के अधिकतम n शून्यक होते हैं।
अभ्यास 2.1 — सम्पूर्ण हल
प्रश्न 1: y = p(x) के ग्राफों से p(x) के शून्यकों की संख्या ज्ञात करें (Fig. 2.10)
शून्यकों की संख्या = ग्राफ द्वारा x-अक्ष को काटने वाले बिंदुओं की संख्या।
| ग्राफ | ग्राफ की स्थिति | शून्यकों की संख्या |
|---|---|---|
| (i) | ग्राफ x-अक्ष को बिल्कुल नहीं काटता | 0 |
| (ii) | ग्राफ x-अक्ष को ठीक एक बिंदु पर काटता / स्पर्श करता है | 1 |
| (iii) | ग्राफ x-अक्ष को तीन बिंदुओं पर काटता है | 3 |
| (iv) | ग्राफ x-अक्ष को दो बिंदुओं पर काटता है | 2 |
| (v) | ग्राफ x-अक्ष को चार बिंदुओं पर काटता है | 4 |
| (vi) | ग्राफ x-अक्ष को तीन बिंदुओं पर काटता है | 3 |
स्मरण सूत्र: जितनी बार ग्राफ x-अक्ष को काटे या स्पर्श करे — उतने शून्यक।
2.3 शून्यकों और गुणांकों का सम्बन्ध — सबसे जरूरी सूत्र
यदि α और β द्विघात बहुपद ax² + bx + c के शून्यक हों, तो:
- शून्यकों का योग: α + β = −b/a = −(x का गुणांक) / (x² का गुणांक)
- शून्यकों का गुणनफल: αβ = c/a = (अचर पद) / (x² का गुणांक)
यदि α, β और γ घन बहुपद ax³ + bx² + cx + d के शून्यक हों, तो:
- α + β + γ = −b/a
- αβ + βγ + γα = c/a
- αβγ = −d/a
दिए हुए शून्यकों से द्विघात बहुपद बनाने का सूत्र:
p(x) = x² − (α+β)x + αβ = x² − (शून्यकों का योग)x + (शून्यकों का गुणनफल)
अभ्यास 2.2 — सम्पूर्ण हल
प्रश्न 1: निम्नलिखित द्विघात बहुपदों के शून्यक ज्ञात करें और शून्यकों तथा गुणांकों के बीच सम्बन्ध सत्यापित करें
(i) x² − 2x − 8
मध्य पद विभाजन: x² − 4x + 2x − 8 = x(x−4) + 2(x−4) = (x−4)(x+2)
शून्यक: x = 4 और x = −2
सत्यापन: a = 1, b = −2, c = −8
शून्यकों का योग = 4 + (−2) = 2 = −(−2)/1 = −b/a ✓
शून्यकों का गुणनफल = 4 × (−2) = −8 = −8/1 = c/a ✓
(ii) 4s² − 4s + 1
मध्य पद विभाजन: 4s² − 2s − 2s + 1 = 2s(2s−1) − 1(2s−1) = (2s−1)(2s−1) = (2s−1)²
शून्यक: s = 1/2 और s = 1/2 (दोनों बराबर)
सत्यापन: a = 4, b = −4, c = 1
शून्यकों का योग = 1/2 + 1/2 = 1 = −(−4)/4 = 1 ✓
शून्यकों का गुणनफल = 1/2 × 1/2 = 1/4 = 1/4 = c/a ✓
(iii) 6x² − 3 − 7x अर्थात् 6x² − 7x − 3
मध्य पद विभाजन: गुणनफल = 6×(−3) = −18, योग = −7 → पद: −9x और +2x
= 6x² − 9x + 2x − 3 = 3x(2x−3) + 1(2x−3) = (3x+1)(2x−3)
शून्यक: x = −1/3 और x = 3/2
सत्यापन: a = 6, b = −7, c = −3
शून्यकों का योग = −1/3 + 3/2 = −2/6 + 9/6 = 7/6 = −(−7)/6 = 7/6 ✓
शून्यकों का गुणनफल = (−1/3) × (3/2) = −1/2 = −3/6 = c/a ✓
(iv) 4u² + 8u
= 4u(u + 2) — सीधे उभयनिष्ठ 4u निकालें
शून्यक: u = 0 और u = −2
सत्यापन: a = 4, b = 8, c = 0
शून्यकों का योग = 0 + (−2) = −2 = −8/4 = −2 ✓
शून्यकों का गुणनफल = 0 × (−2) = 0 = 0/4 = 0 ✓
(v) t² − 15
a² − b² = (a−b)(a+b) सर्वसमिका से:
t² − 15 = (t − √15)(t + √15)
शून्यक: t = √15 और t = −√15
सत्यापन: a = 1, b = 0, c = −15
शून्यकों का योग = √15 + (−√15) = 0 = −0/1 = 0 ✓
शून्यकों का गुणनफल = √15 × (−√15) = −15 = −15/1 = c/a ✓
(vi) 3x² − x − 4
मध्य पद विभाजन: गुणनफल = 3×(−4) = −12, योग = −1 → पद: −4x और +3x
= 3x² − 4x + 3x − 4 = x(3x−4) + 1(3x−4) = (x+1)(3x−4)
शून्यक: x = −1 और x = 4/3
सत्यापन: a = 3, b = −1, c = −4
शून्यकों का योग = −1 + 4/3 = −3/3 + 4/3 = 1/3 = −(−1)/3 = 1/3 ✓
शून्यकों का गुणनफल = (−1) × (4/3) = −4/3 = −4/3 = c/a ✓
प्रश्न 2: दिए गए शून्यकों के योग और गुणनफल के आधार पर द्विघात बहुपद ज्ञात करें
विधि: p(x) = x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − (α+β)x + αβ
(i) योग = 1/4, गुणनफल = −1
p(x) = x² − (1/4)x + (−1) = x² − x/4 − 1
गुणनखंड-मुक्त रूप (×4): 4x² − x − 4
(ii) योग = √2, गुणनफल = 1/3
p(x) = x² − √2 x + 1/3
गुणनखंड-मुक्त रूप (×3): 3x² − 3√2 x + 1
(iii) योग = 0, गुणनफल = √5
p(x) = x² − 0·x + √5 = x² + √5
(iv) योग = 1, गुणनफल = 1
p(x) = x² − 1·x + 1 = x² − x + 1
(v) योग = −1/4, गुणनफल = 1/4
p(x) = x² − (−1/4)x + 1/4 = x² + x/4 + 1/4
गुणनखंड-मुक्त रूप (×4): 4x² + x + 1
(vi) योग = 4, गुणनफल = 1
p(x) = x² − 4x + 1 = x² − 4x + 1
Aapbiti News Experts ki Salah
बोर्ड परीक्षा के लिए विशेष सुझाव:
- अभ्यास 2.1 में केवल ग्राफ देखकर x-अक्ष से कटाव के बिंदु गिनने हैं — कोई गणना नहीं होती। "x-अक्ष को k बिंदुओं पर काटता है, अतः k शून्यक हैं" — यही पूरा उत्तर है।
- सत्यापन में हमेशा दोनों सम्बन्ध (योग और गुणनफल) दोनों पक्षों से लिखें और अंत में ✓ लगाएं — परीक्षक इसी की जांच करता है।
- Q1(iv) 4u² + 8u में c = 0 है, इसलिए गुणनफल = 0 आता है — घबराएं नहीं, यह सही है।
- Q2 में k(x² − Sx + P) लिखें जहाँ k कोई भी वास्तविक संख्या हो — "एक" उत्तर के लिए k=1 लें।
- Q1(v) t² − 15 में b=0 है → शून्यकों का योग = 0 → ±√15 शून्यक बनते हैं।
- घन बहुपद (α+β+γ, αβγ) का सूत्र सिलेबस में है पर आमतौर पर इसके प्रश्न Example में आते हैं। Exam के लिए द्विघात सूत्र अधिक महत्वपूर्ण है।
अध्याय 2 सारांश — त्वरित दोहराई
| अवधारणा | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| बहुपद का शून्यक | वह k जहाँ p(k) = 0 | ग्राफ में: x-अक्ष कटाव का x-निर्देशांक |
| रैखिक ax+b | ठीक 1 शून्यक = −b/a |
| द्विघात ax²+bx+c | अधिकतम 2 शून्यक | ग्राफ = परवलय |
| घन ax³+bx²+cx+d | अधिकतम 3 शून्यक |
| α+β (द्विघात) | −b/a = −(x का गुणांक)/(x² का गुणांक) |
| αβ (द्विघात) | c/a = (अचर पद)/(x² का गुणांक) |
| बहुपद बनाना | x² − (α+β)x + αβ |
| α+β+γ (घन) | −b/a |
| αβγ (घन) | −d/a |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: बहुपद के शून्यक और बहुपद की मूल (root) में क्या अंतर है?
दोनों एक ही हैं। जब हम p(x) = 0 समीकरण के रूप में हल करते हैं तो उसके हल को "मूल (roots)" कहते हैं। जब p(x) को बहुपद के रूप में देखते हैं तो उसके उन x-मानों को जहाँ p(x) = 0 आता है, "शून्यक (zeroes)" कहते हैं। गणितीय अर्थ एक ही है।
प्रश्न: यदि द्विघात बहुपद का ग्राफ x-अक्ष को नहीं काटता तो शून्यक वास्तविक होते हैं या काल्पनिक?
ऐसी स्थिति में शून्यक वास्तविक (real) नहीं होते — वे काल्पनिक (complex) संख्याएँ होती हैं। कक्षा 10 के स्तर पर हम केवल वास्तविक शून्यकों की बात करते हैं। यदि ग्राफ x-अक्ष नहीं काटता, तो बहुपद के कोई वास्तविक शून्यक नहीं हैं।
प्रश्न: α+β = −b/a सूत्र याद करने का आसान तरीका क्या है?
ax² + bx + c में x का गुणांक है b और x² का गुणांक है a। योग = −(x का गुणांक)/(x² का गुणांक)। "ऊपर x वाला ऋण के साथ, नीचे x² वाला" — यह trick काम आती है। गुणनफल = अचर/(x² का गुणांक) = c/a में ऋण नहीं लगता।
प्रश्न: क्या किसी बहुपद के शून्यक ऋणात्मक (negative) हो सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल। उदाहरण: x² − 2x − 8 के शून्यक −2 और 4 हैं — एक ऋणात्मक और एक धनात्मक। x² + 7x + 10 के शून्यक −2 और −5 हैं — दोनों ऋणात्मक। शून्यक कोई भी वास्तविक संख्या हो सकती है।
प्रश्न: परवलय (Parabola) ऊपर खुलेगा या नीचे — यह कैसे पता करें?
ax² + bx + c में a का चिन्ह देखें: यदि a > 0 (धनात्मक) तो परवलय ऊपर खुलता है (U आकार, न्यूनतम बिंदु होता है)। यदि a < 0 (ऋणात्मक) तो परवलय नीचे खुलता है (∩ आकार, अधिकतम बिंदु होता है)।
प्रश्न: यदि दोनों शून्यक शून्य (zero) हों तो बहुपद कैसा होगा?
यदि α = 0 और β = 0 हों तो: योग = 0, गुणनफल = 0। बहुपद = x² − 0·x + 0 = x² होगा। इसे x = 0 रखने पर p(0) = 0 मिलता है — और x = 0 ही एकमात्र (दोहरा) शून्यक है।
प्रश्न: बहुपद की डिग्री और शून्यकों की संख्या में क्या सम्बन्ध है?
n डिग्री के बहुपद के अधिकतम n वास्तविक शून्यक हो सकते हैं। "अधिकतम" शब्द महत्वपूर्ण है — कम भी हो सकते हैं। जैसे x² + 1 द्विघात है पर इसका कोई वास्तविक शून्यक नहीं (क्योंकि x² + 1 कभी 0 नहीं होता वास्तविक x के लिए)।
इस अध्याय का कोई भी प्रश्न या Step समझ न आए — नीचे Comment में लिखें। NCERT Solutions के अन्य अध्यायों के लिए हमारा NCERT Solutions पेज देखें। कक्षा 10 अध्याय 1 — वास्तविक संख्याएँ का हल भी Aapbiti पर उपलब्ध है।
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