NCERT कक्षा 10 गणित अध्याय 4 — द्विघात समीकरण: गुणनखंड विधि, द्विघाती सूत्र और विविक्तकर सहित सम्पूर्ण हल

NCERT कक्षा 10 गणित अध्याय 4 द्विघात समीकरण — गुणनखंड विधि, विविक्तकर D=b²−4ac और मूल प्रकृति। अभ्यास 4.1, 4.2 व 4.3 के सभी प्रश्नों का चरणबद्ध हल हिंदी में।

Jun 29, 2026 - 13:05
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class 10th 4th chapter
NCERT कक्षा 10 गणित अध्याय 4 द्विघात समीकरण — गुणनखंड विधि, विविक्तकर D=b²−4ac और मूल प्रकृति। अभ्यास 4.1, 4.2 व 4.3 के सभी प्रश्नों का चरणबद्ध हल हिंदी में।

NCERT कक्षा 10 गणित का अध्याय 4 — द्विघात समीकरण (Quadratic Equations) बोर्ड परीक्षा में हर वर्ष प्रश्न आने वाला अध्याय है। इसमें तीन मुख्य भाग हैं: द्विघात समीकरण की पहचान, गुणनखंड विधि (Factorisation) से मूल निकालना, और विविक्तकर (Discriminant) b² − 4ac से मूलों की प्रकृति जानना। इस पृष्ठ पर अभ्यास 4.1, 4.2 और 4.3 के सभी प्रश्नों का चरणबद्ध हल हिंदी में दिया गया है।

विवरण जानकारी
कक्षा 10
अध्याय 4 — द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)
पाठ्यपुस्तक NCERT (पुनर्मुद्रण 2026-27)
कुल अभ्यास 3 (अभ्यास 4.1, 4.2, 4.3)
मुख्य सूत्र x = (−b ± √(b²−4ac)) / 2a  |  D = b²−4ac
हल विधियाँ गुणनखंड विधि, द्विघाती सूत्र
परीक्षा महत्व बोर्ड में 6–10 अंक

← अध्याय 3 — रैखिक समीकरण युग्म  |  अध्याय 5 — समांतर श्रेढ़ी →

इस अध्याय को कैसे पढ़ें? पहले 4.2 (परिभाषा) में द्विघात समीकरण पहचानना सीखें। फिर 4.3 (गुणनखंड विधि) से मूल निकालना सीखें। अंत में 4.4 (विविक्तकर) — D > 0, D = 0, D < 0 का नियम याद करें। शब्द समस्याओं में "माना x" → समीकरण → हल → उत्तर — यह क्रम कभी न भूलें।

4.2 द्विघात समीकरण क्या है और कैसे पहचानें?

x चर में द्विघात समीकरण वह समीकरण है जिसे ax² + bx + c = 0 (a ≠ 0) रूप में लिखा जा सके — जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएं हैं। यही इसका मानक रूप (Standard Form) है।

पहचान की trick: दोनों पक्षों को सरल करें → सभी पद बाईं ओर लाएं → यदि x² पद आए और a ≠ 0 हो → द्विघात। यदि x² समाप्त हो जाए → द्विघात नहीं। यदि x³ बचे → घन समीकरण, द्विघात नहीं।

अभ्यास 4.1 — सम्पूर्ण हल

प्रश्न 1: जाँच करें कि निम्नलिखित द्विघात समीकरण हैं या नहीं

(i) (x + 1)² = 2(x − 3)

बायाँ पक्ष: x² + 2x + 1

x² + 2x + 1 = 2x − 6 → x² + 2x + 1 − 2x + 6 = 0 → x² + 7 = 0

यह ax² + bx + c = 0 के रूप में है (a=1, b=0, c=7)।

✓ हाँ, द्विघात समीकरण है।

(ii) x² − 2x = (−2)(3 − x)

दायाँ पक्ष: −6 + 2x

x² − 2x = −6 + 2x → x² − 4x + 6 = 0

✓ हाँ, द्विघात समीकरण है।

(iii) (x − 2)(x + 1) = (x − 1)(x + 3)

बायाँ: x² − x − 2    दायाँ: x² + 2x − 3

x² − x − 2 = x² + 2x − 3 → x² समाप्त → −3x + 1 = 0 (रैखिक)

✗ नहीं, द्विघात समीकरण नहीं है।

(iv) (x − 3)(2x + 1) = x(x + 5)

बायाँ: 2x² + x − 6x − 3 = 2x² − 5x − 3    दायाँ: x² + 5x

2x² − 5x − 3 = x² + 5x → x² − 10x − 3 = 0

✓ हाँ, द्विघात समीकरण है।

(v) (2x − 1)(x − 3) = (x + 5)(x − 1)

बायाँ: 2x² − 7x + 3    दायाँ: x² + 4x − 5

2x² − 7x + 3 = x² + 4x − 5 → x² − 11x + 8 = 0

✓ हाँ, द्विघात समीकरण है।

(vi) x² + 3x + 1 = (x − 2)²

दायाँ: x² − 4x + 4

x² + 3x + 1 = x² − 4x + 4 → x² समाप्त → 7x − 3 = 0 (रैखिक)

✗ नहीं, द्विघात समीकरण नहीं है।

(vii) (x + 2)³ = 2x(x² − 1)

बायाँ: x³ + 6x² + 12x + 8    दायाँ: 2x³ − 2x

x³ + 6x² + 12x + 8 = 2x³ − 2x → −x³ + 6x² + 14x + 8 = 0

x³ पद बचा → घन समीकरण (degree 3)

✗ नहीं, द्विघात समीकरण नहीं है।

(viii) x³ − 4x² − x + 1 = (x − 2)³

दायाँ: x³ − 6x² + 12x − 8

x³ − 4x² − x + 1 = x³ − 6x² + 12x − 8

x³ समाप्त: −4x² + 6x² − x − 12x + 1 + 8 = 0 → 2x² − 13x + 9 = 0

✓ हाँ, द्विघात समीकरण है।

प्रश्न 2: निम्नलिखित स्थितियों को द्विघात समीकरण के रूप में व्यक्त करें

(i) आयताकार भूखण्ड का क्षेत्रफल 528 m², लंबाई = 2 × चौड़ाई + 1

माना चौड़ाई = x मीटर → लंबाई = (2x + 1) मीटर

x(2x + 1) = 528 → 2x² + x − 528 = 0

समीकरण: 2x² + x − 528 = 0

(ii) दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों का गुणनफल 306 है

माना पूर्णांक x और x + 1

x(x + 1) = 306 → x² + x − 306 = 0

समीकरण: x² + x − 306 = 0

(iii) रोहन की माँ उससे 26 वर्ष बड़ी हैं। 3 वर्ष बाद उनकी आयुओं का गुणनफल 360 होगा।

माना रोहन की वर्तमान आयु = x वर्ष → माँ की आयु = x + 26

(x + 3)(x + 26 + 3) = 360 → (x + 3)(x + 29) = 360

x² + 32x + 87 = 360 → x² + 32x − 273 = 0

(iv) रेलगाड़ी 480 km की दूरी एकसमान गति से तय करती है। गति 8 km/h कम होती तो 3 घंटे अधिक लगते।

माना गति = x km/h

480/(x−8) − 480/x = 3

480x − 480(x−8) = 3x(x−8)

3840 = 3x² − 24x → x² − 8x − 1280 = 0

4.3 गुणनखंड विधि से द्विघात समीकरण कैसे हल करें?

द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 को दो रैखिक गुणनखंडों में बाँटें — प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखें — मूल प्राप्त होंगे।

मध्य पद विभाजन की trick: ax² + bx + c में — दो संख्याएं ढूंढें जिनका गुणनफल = a × c और योग = b हो। उन्हें मध्य पद की जगह रखें → समूह में गुणनखंड करें।

अभ्यास 4.2 — सम्पूर्ण हल

प्रश्न 1: गुणनखंड विधि से निम्नलिखित द्विघात समीकरणों के मूल ज्ञात करें

(i) x² − 3x − 10 = 0

गुणनफल = 1×(−10) = −10, योग = −3 → पद: −5x और +2x

= x² − 5x + 2x − 10 = x(x−5) + 2(x−5) = (x−5)(x+2) = 0

मूल: x = 5 और x = −2

(ii) 2x² + x − 6 = 0

गुणनफल = 2×(−6) = −12, योग = 1 → पद: +4x और −3x

= 2x² + 4x − 3x − 6 = 2x(x+2) − 3(x+2) = (2x−3)(x+2) = 0

मूल: x = 3/2 और x = −2

(iii) √2 x² + 7x + 5√2 = 0

गुणनफल = √2 × 5√2 = 10, योग = 7 → पद: +2x और +5x

= √2 x² + 2x + 5x + 5√2 = √2 x(x+√2) + 5(x+√2) = (√2 x+5)(x+√2) = 0

√2 x + 5 = 0 → x = −5/√2 = −5√2/2    x + √2 = 0 → x = −√2

मूल: x = −5√2/2 और x = −√2

(iv) 2x² − x + 1/8 = 0

दोनों पक्ष × 8: 16x² − 8x + 1 = 0

= (4x)² − 2×4x×1 + 1² = (4x−1)² = 0

मूल: x = 1/4 और x = 1/4 (समान मूल)

(v) 100x² − 20x + 1 = 0

= (10x)² − 2×10x×1 + 1² = (10x−1)² = 0

मूल: x = 1/10 और x = 1/10 (समान मूल)

प्रश्न 2: Example 1 की समस्याएं हल करें

(i) जॉन और जीवंती — कुल 45 कंचे, 5-5 खोने पर गुणनफल 124

समीकरण (Section 4.2 से): x² − 45x + 324 = 0

गुणनफल = 324, योग = −45 → −36 और −9 (36×9=324, 36+9=45)

= (x−36)(x−9) = 0 → x = 36 या x = 9

यदि जॉन के पास 36 कंचे थे → जीवंती के पास 9; खोने के बाद: 31 और 4 → 31×4 = 124 ✓

यदि जॉन के पास 9 कंचे थे → जीवंती के पास 36; खोने के बाद: 4 और 31 → 4×31 = 124 ✓

जॉन के पास 36 (या 9) और जीवंती के पास 9 (या 36) कंचे थे।

(ii) खिलौना उद्योग — x² − 55x + 750 = 0

गुणनफल = 750, योग = −55 → −25 और −30

= (x−25)(x−30) = 0 → x = 25 या x = 30

उस दिन 25 या 30 खिलौने बने।

प्रश्न 3: दो संख्याओं का योग 27 और गुणनफल 182 है — संख्याएं ज्ञात करें

माना संख्याएं x और 27−x

x(27−x) = 182 → 27x − x² = 182 → x² − 27x + 182 = 0

गुणनफल = 182, योग = −27 → −14 और −13

(x−14)(x−13) = 0 → x = 14 या x = 13

संख्याएं: 13 और 14

प्रश्न 4: दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांक जिनके वर्गों का योग 365 है

माना पूर्णांक x और x+1

x² + (x+1)² = 365 → x² + x² + 2x + 1 = 365 → 2x² + 2x − 364 = 0 → x² + x − 182 = 0

गुणनफल = −182, योग = 1 → +14 और −13

(x+14)(x−13) = 0 → x = 13 (धनात्मक) या x = −14 (अस्वीकार)

पूर्णांक: 13 और 14 (सत्यापन: 169 + 196 = 365 ✓)

प्रश्न 5: समकोण त्रिभुज में ऊँचाई = आधार − 7, कर्ण = 13 cm

माना आधार = x cm → ऊँचाई = (x−7) cm

पाइथागोरस प्रमेय से: x² + (x−7)² = 13²

x² + x² − 14x + 49 = 169 → 2x² − 14x − 120 = 0 → x² − 7x − 60 = 0

गुणनफल = −60, योग = −7 → −12 और +5

(x−12)(x+5) = 0 → x = 12 (धनात्मक) या x = −5 (अस्वीकार)

आधार = 12 cm, ऊँचाई = 12−7 = 5 cm

त्रिभुज की भुजाएं: 5 cm और 12 cm (सत्यापन: 25+144=169=13² ✓)

प्रश्न 6: मृदभांड उद्योग — प्रत्येक वस्तु का मूल्य = 2×वस्तुएं + 3, कुल मूल्य = ₹90

माना उत्पादित वस्तुएं = x

प्रत्येक का मूल्य = ₹(2x + 3)

x(2x + 3) = 90 → 2x² + 3x − 90 = 0

D = 9 + 720 = 729 = 27²

x = (−3 ± 27)/4 → x = 24/4 = 6 या x = −30/4 (अस्वीकार)

x = 6, मूल्य = 2(6)+3 = ₹15

वस्तुएं = 6, प्रत्येक का मूल्य = ₹15

4.4 मूलों की प्रकृति — विविक्तकर (Discriminant) D = b² − 4ac

द्विघाती सूत्र: x = (−b ± √(b²−4ac)) / 2a

यहाँ D = b² − 4ac को विविक्तकर (Discriminant) कहते हैं।

D का मान मूलों की प्रकृति मूलों की संख्या
D > 0 दो भिन्न वास्तविक मूल 2 अलग-अलग
D = 0 दो बराबर वास्तविक मूल 1 (दोहरा)
D < 0 कोई वास्तविक मूल नहीं 0

अभ्यास 4.3 — सम्पूर्ण हल

प्रश्न 1: मूलों की प्रकृति ज्ञात करें; यदि वास्तविक हों तो मूल भी ज्ञात करें

(i) 2x² − 3x + 5 = 0

a = 2, b = −3, c = 5

D = (−3)² − 4×2×5 = 9 − 40 = −31 < 0

कोई वास्तविक मूल नहीं।

(ii) 3x² − 4√3 x + 4 = 0

a = 3, b = −4√3, c = 4

D = (−4√3)² − 4×3×4 = 48 − 48 = 0

दो बराबर वास्तविक मूल: x = −b/2a = 4√3/(2×3) = 4√3/6 = 2/√3 = 2√3/3

मूल: 2√3/3 और 2√3/3 (दोनों बराबर)

(iii) 2x² − 6x + 3 = 0

a = 2, b = −6, c = 3

D = (−6)² − 4×2×3 = 36 − 24 = 12 > 0

दो भिन्न वास्तविक मूल: x = (6 ± √12) / (2×2) = (6 ± 2√3) / 4 = (3 ± √3) / 2

मूल: x = (3+√3)/2 और x = (3−√3)/2

प्रश्न 2: k का मान ज्ञात करें ताकि समीकरण के दो बराबर मूल हों

(i) 2x² + kx + 3 = 0 के दो बराबर मूल हों

बराबर मूलों के लिए: D = 0

k² − 4×2×3 = 0 → k² − 24 = 0 → k² = 24 → k = ±2√6

k = 2√6 या k = −2√6

(ii) kx(x − 2) + 6 = 0 के दो बराबर मूल हों

kx² − 2kx + 6 = 0 (मानक रूप)

a = k, b = −2k, c = 6

D = 0: (−2k)² − 4×k×6 = 0 → 4k² − 24k = 0 → 4k(k−6) = 0

k = 0 या k = 6

k = 0 पर a = 0 → द्विघात नहीं → अमान्य

k = 6

प्रश्न 3: क्या आयताकार आम्र-बाग की लंबाई दोगुनी चौड़ाई हो और क्षेत्रफल 800 m² हो, संभव है?

माना चौड़ाई = x मीटर → लंबाई = 2x मीटर

क्षेत्रफल: 2x × x = 800 → 2x² = 800 → x² − 400 = 0

D = 0 − 4×1×(−400) = 1600 > 0 → दो वास्तविक मूल संभव

x = √400 = 20 (धनात्मक) या x = −20 (अस्वीकार)

हाँ, संभव है। चौड़ाई = 20 मीटर, लंबाई = 40 मीटर।

प्रश्न 4: क्या निम्नलिखित स्थिति संभव है? दो मित्रों की आयुओं का योग 20 वर्ष। 4 वर्ष पहले उनकी आयुओं का गुणनफल 48।

माना आयु x और 20−x

4 वर्ष पहले: (x−4) और (20−x−4) = (x−4)(16−x)

(x−4)(16−x) = 48

16x − x² − 64 + 4x = 48 → −x² + 20x − 64 = 48 → −x² + 20x − 112 = 0

x² − 20x + 112 = 0

D = (−20)² − 4×1×112 = 400 − 448 = −48 < 0

नहीं, यह स्थिति संभव नहीं है। (कोई वास्तविक मूल नहीं)

प्रश्न 5: क्या 80 मीटर परिमाप और 400 m² क्षेत्रफल वाला आयताकार पार्क बनाना संभव है?

माना लंबाई = l, चौड़ाई = b

l + b = 40 (अर्ध-परिमाप) → l = 40 − b

l × b = 400 → (40−b)b = 400 → 40b − b² = 400 → b² − 40b + 400 = 0

D = (−40)² − 4×1×400 = 1600 − 1600 = 0

b = 40/2 = 20 मीटर → l = 40 − 20 = 20 मीटर

हाँ, संभव है। l = b = 20 मीटर (वर्गाकार पार्क)।

Aapbiti News Experts ki Salah

  • अभ्यास 4.1 में समीकरण को सरल जरूर करें — पहले देखने में जो लगे वह जरूरी नहीं सही हो (जैसे Q1(iii) और Q1(vi) में x² समाप्त हो जाता है)।
  • गुणनखंड विधि में मध्य पद विभाजन ही परीक्षा में सबसे तेज तरीका है — गुणनफल और योग याद रखें।
  • अभ्यास 4.3 में हमेशा पहले D निकालें, फिर प्रकृति लिखें, फिर मूल निकालें — यह क्रम परीक्षा में अंक दिलाता है।
  • Q2 (Ex 4.3) में बराबर मूलों के लिए D = 0 रखना है — यह सबसे common board question है।
  • शब्द समस्याओं (Q3, Q4, Q5 Ex 4.2) में ऋणात्मक मूल को "context" देखकर अस्वीकार करें — दूरी, आयु, लंबाई ऋणात्मक नहीं हो सकती।
  • Ex 4.3 Q3, Q4, Q5 में "संभव है / नहीं है" का निर्णय D के चिन्ह से होता है — D ≥ 0 → संभव; D < 0 → असंभव।

अध्याय 4 सारांश — त्वरित दोहराई

अवधारणा मुख्य बात
मानक रूप ax² + bx + c = 0 (a ≠ 0)
मूल = शून्यक बहुपद के शून्यक और समीकरण के मूल एक ही हैं
गुणनखंड विधि मध्य पद विभाजन → (px+q)(rx+s) = 0 → मूल
द्विघाती सूत्र x = (−b ± √(b²−4ac)) / 2a
D = b²−4ac > 0 दो भिन्न वास्तविक मूल
D = 0 दो बराबर वास्तविक मूल = −b/2a
D < 0 कोई वास्तविक मूल नहीं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: द्विघात समीकरण की मूल (root) और शून्यक (zero) में क्या अंतर है?

कोई नहीं — दोनों एक ही हैं। जब ax² + bx + c को बहुपद मानकर उसका मान शून्य करें तो x का मान "शून्यक" कहलाता है। जब ax² + bx + c = 0 को समीकरण मानें तो उसका हल "मूल" कहलाता है। NCERT में यह स्पष्ट लिखा है — "बहुपद के शून्यक और समीकरण के मूल एक ही हैं।"

प्रश्न: गुणनखंड विधि तब काम नहीं करती जब मूल अपरिमेय हों — क्या करें?

तब द्विघाती सूत्र (Quadratic Formula) उपयोग करें: x = (−b ± √D) / 2a जहाँ D = b²−4ac। यह सूत्र हर स्थिति में काम करता है — जब D ≥ 0 हो। यदि D < 0 हो तो कोई वास्तविक मूल नहीं।

प्रश्न: "दो बराबर मूल" का मतलब एक ही मूल है क्या?

तकनीकी रूप से दो मूल होते हैं पर दोनों का मान बराबर (−b/2a) होता है। इन्हें "संपाती मूल" (Coincident Roots) भी कहते हैं। जैसे (x−3)² = 0 में x = 3, 3 — दो मूल हैं पर दोनों 3 हैं।

प्रश्न: Brahmagupta, Sridharacharya और Al-Khwarizmi का योगदान क्या था?

ब्रह्मगुप्त (C.E. 598-665) ने ax² + bx = c रूप के समीकरण का स्पष्ट सूत्र दिया। श्रीधराचार्य (C.E. 1025) ने पूर्ण वर्ग विधि (Completing the Square) से द्विघाती सूत्र निकाला — जिसे आज भी "श्रीधराचार्य सूत्र" कहते हैं। अल-ख्वारिज्मी (C.E. 800) ने विभिन्न प्रकार के द्विघात समीकरणों का अध्ययन किया।

प्रश्न: शब्द समस्याओं में ऋणात्मक मूल कब अस्वीकार करते हैं?

जब चर की वास्तविक प्रासंगिक (contextual) व्याख्या ऋणात्मक न हो सके — जैसे: लंबाई/चौड़ाई, दूरी, आयु, संख्या, गति — ये सभी ऋणात्मक नहीं हो सकतीं। लेकिन यदि x एक पूर्णांक (integer) हो जो ऋणात्मक भी हो सकता है, तो दोनों मूल मान्य हो सकते हैं।

प्रश्न: क्या हर द्विघात समीकरण के दो मूल होते हैं?

हर द्विघात समीकरण में अधिकतम दो वास्तविक मूल हो सकते हैं। D > 0 → 2 अलग; D = 0 → 1 (दोहरा); D < 0 → 0 वास्तविक मूल (काल्पनिक मूल होते हैं जो कक्षा 10 में नहीं पढ़ाए जाते)।

इस अध्याय का कोई भी प्रश्न या Step समझ न आए — नीचे Comment में लिखें। NCERT Solutions के अन्य अध्यायों के लिए हमारा मुख्य पेज देखें। अध्याय 3 — रैखिक समीकरण युग्म का हल भी Aapbiti पर उपलब्ध है।

Shakti Rao Mani

Shakti Rao Mani शिक्षा नीति, सरकारी योजनाओं और उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा तंत्र पर विशेष रूप से लिखते हैं। Aapbiti के Education Unit से जुड़े हैं और अभिभावकों व छात्रों तक सटीक एवं उपयोगी जानकारी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

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